मनुष्य के पास,
सबसे बड़ी "पूंजी"है।
उसके
अच्छे विचार।
क्यों कि
धन और बल
किसी को भी
ग़लत राह पर लें जा सकता है ।
किन्तु अच्छे विचार
सदैव, ही अच्छे कार्य
के लिए प्रेरित किया जाता है ।।
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सबसे बड़ी "पूंजी"है।
उसके
अच्छे विचार।
क्यों कि
धन और बल
किसी को भी
ग़लत राह पर लें जा सकता है ।
किन्तु अच्छे विचार
सदैव, ही अच्छे कार्य
के लिए प्रेरित किया जाता है ।।
LOAN.....जो तुम को,
सुविधा देता है।
लेकिन
आजादी छीन लेता है ।
SAVING..... जिंदगी में...
चैन की नींद लाती है ।
LUXURY TIME..... कुछ पल का शौक,
लेकिन
सालों का कर्ज छोड़ जाती है ।
STARTUP...... आइडिया तुम्हारे।
रिक्स भी तुम्हारे।
सफल हुआ तों,
जिंदगी बदल जाएगी ।
PASSIVE INCOME..... असली पैसा वहीं ।
जो
सोते हुए भी,
कमाया जा सके ।
असली खेल, पैसे में है ।
अच्छे बनने का,
दिखावा मत करो ?
बस
दिल की "नीयत"
साफ रखो ?
क्यों कि.....
दुनिया को....
धोखा दिया जा,
सकता है।
पर
ईश्वर कों नहीं ।
दुनिया में सबसे ज्यादा उंचाई पर उड़ने वाला पक्षी बाज ।
लेकिन,
फिर भी...
छोटा पक्षी कौआ....
बार बार बाज की पीठ पर बैठ कर,
चोंच मारता रहता है ।
लेकिन बाज पलट कर,
उस कौआ को,,
जबाव नहीं देता है ।
और वह हवा में और उंचाई पर उड़ने लगता है ।
कौआ जैसे ही और उंचाई पर उड़ने की कोशिश,
करता है ।
कौआ की सांसें थमने लगतीं हैं।
और
कौआ नीचे गिरने लगता है ।
बाज को उंचाई पसंद है ।
जानते हो....
बाज.... कौआ को
पलट कर जवाब क्यों नहीं देता है।
क्यों कि....
बाज फालतू में
अपनी
एनर्जी बेस्ट
नहीं करना चाहता है ।
पृथ्वी पर ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है ।
जिसके पास कोई समस्या न हों ।।
और
पृथ्वी पर ऐसी कोई समस्या नहीं है ।
जिनका कोई समाधान न हो।।
समस्या के बारे में सोचने से,
बहाने मिलते हैं ।
समाधान के बारे में सोचने से,
रास्ते मिलते हैं ।
जिंदगी कों आसान नहीं,
बस खुद को मजबूत,,
बनाना पड़ता है।
उत्तम समय कभी नहीं आता है ।
समय कों उत्तम बनाना पड़ता है ।।
उस वक्त,जब मां ने मेरे पास
बैठ कर
मेरे बालों में उंगलियां फेरते हुए कहा ।
मैं पूरी जिंदगी.....
तेरे साथ नहीं रह पाऊंगी,
बेटा.....
उसकी आवाज कांप रहीं थी,
और
मेरी आवाज़ थम सी गई थी ।
वह बोली.....
बेटा तू अपना ध्यान रखना सीख ले ।
दुनिया बहुत बेरहम है ।
मां हर वक्त ढाल बनकर,
खड़ी नहीं रह सकतीं।
उस दिन
पहली बार समझ आया।
मां की ममता सिर्फ प्यार नहीं।
आने वाले अकेले पन की .....
ख़ामोश तैयारी भी है ।
वाणी में अजीब,
शक्ति होती है ।।
कड़वा बोलने वाले का,
शहद भी नहीं विकता है ।
और
मीठा बोलने वाले की,
मिर्च भी बिक जाती है ।।
केवल खुद पर रखना ।
जिस दिन....
यह दो चीजें
किसी और से
पाने की इच्छा करोंगे ।
तुम्हारे.....
दुःख का आरंभ,
वहीं से हों जायेगा.....?
मैं हूं,
कमरा है,
किताबें हैं,,
ख्वाब है,,,
जिम्मेदारी है,,,,
गाने हैं ।।
कैसे मान लूं,,,
कि
मैं अकेला हूं ।।
और
संत को "दासी"
मुश्किल में डाल,
देती हैं ।
प्यार देने से.....
बेटा बिगड़े ,
भेद देने से,
नारी ।
लोभ देने से ,
नोकर बिगड़े ।
धोखा देने से यारी ।।
गुण मिले तो,
गुरु बनाओ ।
चित मिलें तो चेला ।
मन मिलें तो मित्र बनाओ ।
वरना रहो, अकेला ।।
जब सब कुछ,
लगने लगें,,
खाली खाली....
तब समझ लेना,
तेरी बगिया...
का तू ही फूल
और
तू ही माली है ।।
कभी बहार
तो
कभी पतछड मिलेंगे ।
न डरना,
न
घबराना तुम ।
जिंदगी की नई कोपलें
बढ़ाना तुम ।
न टूटना,न रूठना तुम ।
न करना
कोई बहाना तुम ।
मैं हूं तो सब है ।
बस खुद को यह याद
दिलाना तुम ।।
घर आने पर,
दौड़ कर जो पास आएं ।
उसे कहते हैं बिटिया ।।
सब कुछ सह कर ,
अपनें दुःख छिपाए।
उसे कहते हैं बिटिया।।
पति की होकर,
जो पिता कों
न भूल पाएं।
उसे कहते हैं बिटिया ।।
मीलों दूर होकर भी,
जो
पास होने का एहसास
दिलाएं।।
उसे कहते हैं बिटिया ।।
कपटी से यारी,
लंबी बिमारी ।।
और
कर्ज की उधारी,
इंसान को जीते जी
मार देता है ।
पैर में चुभा काटा,
और
व्यापार में हुआ घाटा ,,
सभा में लगा चाटा,
इंसान कों
बहुत दर्द देता है ।।
ढलती जवानी,
दोगले की मेहरबानी,,
और
अय्याश रानी,
इंसान कों जीतें जी,
खत्म कर देती हैं ।।
क्लेश करने वाली लुगाई ,
कपटी भाई
और
इंस्पायर हुई दवाई,
जिंदगी के 12 बजा देती हैं ।
सच और झूठ
दोनों
एक साथ स्नान करने गये ।
दोनों ने कपड़े
नदी के किनारे उतार कर
रख दिया ।
झूठ नहा कर आया ,
और
सच के कपड़े पहन कर चला गया ।
सच आया तो कपड़े गायब.....!
तब से सच निवत्र है ।
इसलिए
सच से कोई
मिलना नहीं चाहता है।
झूठ सच के कपड़े पहन कर
सच के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
और लोग झूठ को ही
देखना मिलना पसंद करते हैं ।
लड़की के बाप से बोल.....
समधी जी .....आप बेटी की शादी पर
25 लाख रुपए खर्च कर रहे हो ।
मैं चाहता ह.....
25 लाख रुपए में बेटे के लिए कोई धंधा चालू करवा दू ।
और .........शादी हम कोर्ट में कर देते हैं ।
आपका पूरा पैसा बढ़ जाएगा ।
और मेरे पैसे से बच्चों को,
रोजगार भी मिल जाएगा।
लड़की का बाप बोला...
लोग क्या कहेंगे ?
लड़के के पिता ने कहा ......
लोग कुछ भी नहीं कहेंगे ।
बस चार दिन,
बातें करेंगे ,,
और
फिर चुप हो जाएंगे ।
काफी देर सोचने के बाद ।
लड़की का पिता बोला ।
ठीक है समधी जी ।
हम दस लाख रुपए लड़की के नाम,
एफ डी करा देता हूं ।
मुश्किल घड़ी में यह पैसा ।
दोनों के काम आएगा।
आप कोर्ट मैरिज की तैयारी करो ।
अब
आप
लोग बताए,,
क्या... दोनों समधी का फ़ैसला सही था ।
समय से पहले न पीटें ।
आप के शुभ चिंतक...
दुआ कम ,
नजर ज्यादा लगाते हैं।
सफलता को गुप्त रखना भी एक कला है ।
क्योंकि .....
हर हाथ प्रार्थना के लिए नहीं,
बल्कि.....
कुछ गिराने के लिए भी उठते हैं ।
जब सिर्फ बीज बोया है तो,
फल आने तक रूकें रहो ।
क्योंकि .....
ऊंचाई पर पहुंचने से पहले ही ,
हवाएं उखाड़ने की कोशिश करतीं हैं ।
परिश्रम इतना गुप्त हो ,
कि .....
मंजिल खुद गवाही दे ।
राजा ने....
अपनें दरबार में,
सभी लोगों को बुलाया
और
कहा........
मैं एक बड़ी परीक्षा,
लेना चाहता हूं।
जो भी इस परीक्षा में,
सफल होगा ...
उसे बड़ा इनाम मिलेगा ।
वहां पर बैठे सभी लोगों ने,
पुरस्कार की उम्मीद की ।
लेकिन....
राजा की परीक्षा का तरीका,
बहुत अजीब सा था ।
राजा ने कहा....
हमें कुछ ऐसा बताए,
जो हमारी समझ में आ जाएं।
और
उसे परेशान न करे ।।
चतुर मंत्री...... ने सोचा ।
और
फिर राजा के पास गया।
मंत्री ने कहा......
महराज ,
मैं एक एसी कहानी बताऊं गा ।।
जो आप को,
समझने में बिल्कुल भी,
मुश्किल नहीं होगी ।
और न ही
आप परेशान होंगे ।
मंत्री ने...... राजा को,
एक साधारण सी कहानी
सुनाई ।
जिसमें कोई जटिलता नहीं थी ।
राजा को.....
मंत्री की कहानी,
समझ आईं।
मंत्री की कहानी सुनकर,
राजा बहुत खुश हुआ ।।
चतुर मंत्री ने.... राजा को समझाया कि।
कभी भी अपनी ताक़त का ग़लत
इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ।
और
समझदारी से निर्णय लेना चाहिए ।।
इसके बाद।
राजा ने अपनी आदत बदल दी।
और
राज्य का सही तरीके से
संचालन शुरू कर दिया ।।
एक समय की बात है ।
एक हिरण और शेर सच्चे दोस्त थे ।।
हिरण बहुत ईमानदार था ।
और
शेर का सच्चा दोस्त था ।।
शेर बुढ़ापे में था ।
और
उसकी शक्ति कम हो रही थी ।।
हिरण ने.....
शेर का ,
पूरा ध्यान रखा ।
और
उसकी सेवा की ।।
शेर कों देख कर,
यह एहसास हुआ ।।
कि सच्चे दोस्त....
वहीं होते हैं ।
जो ...........
मुश्किल घड़ी में
साथ होते है ।
हिरन की ईमानदारी
और
मित्रता ने
शेर को एक नई
उम्मीद थी ।
दोस्ती का असली मतलब
ईमानदारी
और
एक दूसरे की
मदद करना ।।
बोलना सबको आता है।
किसी की जुबान,
बोलती है।
किसी की...
नियत बोलती हैं।
किसी का...
पैसा बोलता है।
किसी का...
समय बोलता है।
और
किसी का...
पद बोलता है।
परन्तु अन्त में.....
ईश्वर के सामने,
वस व्यक्ति का.....
कर्म बोलता है ।
दुनिया में,
भाग्यशाली वहीं है।
जिसके पास।
भोजन के साथ,
भूख है।
विस्तर के साथ
नींद हैं।
और
धन
के साथ..... है।।
होली रंग और उल्लास का त्योहार है।
जो मार्च महीने में मनाया जाता है।
यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रंग, संगीत और मिठाइयों के साथ ,
होली सभी के बीच प्रेम और खुशी कों बढ़ाता है।
यह हर साल मार्च महीने में मनाया जाता है।
होली पर लोगों रंग और पानी से खेलते हैं।
जंगल में एक चतुर लोमड़ी ने,सियार से किसान का खाना चुरानें को कहा।
लोमड़ी ने खाना खाया लेकिन सियार जाल में फस गया।
बाद में लोमड़ी खुद एक शिकारी के जाल में फस गई ।
अपने पुराने कर्म को याद कर, लोमड़ी ने समझा कि कर्म का फल हमेशा वापस लौटता है।
वहीं पर सियार जो आजाद था, लोमड़ी को संघर्ष करते हुए देखा।
इसमें लोमड़ी को एक सीख मिली कि,हर कर्म की सजा होती है।
उसने वादा किया कि अब वह ईमानदार रहेगी।
सियार ने उसे माफ कर दिया और अब वह दोस्त बन गए।
अच्छे कर्म हमेशा अच्छे फल लाते हैं।
जबकि
बुरे कर्म हमेशा दुख देते हैं।
अंत में लोमड़ी ने जन की कर्म का फल अनिवार्य होता है।।
धन की खेती सब चुगे ।
रिश्ते बने हजार।।
सूखा पड़ा जब खेतों में।
उजड़ गया सब बाजार।।
जब तक आप की हांडी पक रहीं हैं।
हर कोई अपना चम्मच,
लेके खड़ा हुआ है।
हांडी ठंडी हुई नहीं।
कि
लोग रास्ता ऐसे बदल लेंगे।।
जैसे
कभी आप को जानते
ही नहीं थे ।
दुनिया की रीत यहीं है ।।
फसल कटी तों मेला।
बाक़ी सब अकेला ।।
बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया ।।
यही तों है,,,,,धन की खेती ?
कोशिश,
यही होनी चाहिए कि।
हम सदैव समाधान का हिस्सा बनें।
समस्या का नही।।
कल ,
जो चाहिए था।
आज वहीं नहीं चाहिए।
बस यहीं समय की ताकत है ?
....................................
यह कहानी मैसी इधर-उधर चूमती है।
जिसकी बहन रेखा के मृत्यु के बाद।
उसकी दुनिया पूरी तरह बिखर जाती हैं।
उसके स्थिर जीवन में सब कुछ अस्त् व्याप्त हो जाता है।
कहानी तब आगे बढ़ती है ,जब मैसी की मां कहती हैं कि
रेखा हमेशा उसके साथ रहेगी। आत्मा के रूप में। लेकिन
मैसी को बहुत ही खालीपन महसूस होता है। इस खालीपन से
उबरने के लिए मैसी अपने मृत्यू बहन की आत्मा देखने लगी।
कहानी यह दर्शाती है कि...
अपनें विचार और भाव नाओ को किसी करीबी से साझा
करने से मन हल्का हो जाता है।और मानसिक रूप से शान्ति मिलती है।
हमारी यह जिंदगी हैं न,
यह आसान नहीं होती हैं।
लेकिन
हम जो मेहनत करतें हैं।
वह मेहनत इसे बेहतर बना देती हैं।
।। हमें हर सुबह।।
एक नया अवसर मिलता है।
कुछ अच्छा बनने का,
कुछ कर के दिखाने का ।
।। याद रखो ।।
जो समय के साथ चलता है।
समय की कीमत
सच्चा प्यार वहीं है,
जो समय और दूरी से कम न हो ।
प्यार इंसान को बेहतर बना देता है।
जहां प्यार होता है।
वहां डर नहीं होता है।।
प्यार जीवन की...
सबसे खूबसूरत सीख है।
रिश्ते...
खूबसूरत तब लगते हैं।
जब उसमें...
प्यार और भरोसा हो ।
प्यार वहीं है,
जो आप को,,
गिरने पर संभाले ।
सच्चा प्यार,,,,
इंसान को।
आत्म निर्भर बना देता है।
जो गिर कर भी उठें,
वहीं असली विजेता कहलाता हैं।
असफलता सबक देती हैं।
और
सफलता उसी सबक का परिणाम है।
याद रखना.....
जो मेहनत से भागता है।
वह मंजिल से बहुत दूर होता है।
ख्वाब देखने वाले सोते नहीं है।
बल्कि
मेहनत से जागते रहते हैं।
जब रास्ता मुश्किल हो तो,
हौसला
और मजबूत करो ।
ज़िन्दगी में गिरना,
हार नहीं
रूकना हार है।
याद रखो....
हिम्मत रखने वाले ही,
इतिहास लिखते हैं।
जो लोग....
सपनों की कीमत समझता है।
वहीं उसे पूरा करता है।
कामयाबी उन्हीं को मिलती हैं,
जो
मेहनत को पूजा मानते हैं।
जुनून और धैर्य
का
संगम ही सफलता है।
अगर डर लगता है,
तो वहीं करो ।
क्यों कि....डर के आगे जीत है।
सपनों को पूरा करने का "जुनून" ही
आप को खाश बनाता है।
सूरज डूबते ही ,
लोग बत्तियां जला लेते हैं ।
क्योंकि ...
दुनिया को ,
सूरज से नहीं ,,
उसकी रोशनी से ,,,
प्यार है ।।
जिस दिन तुम लोगों के काम आना बन्द हुए ।
उसी दिन...
वह तुम को ।
Replace करना शुरू कर देंगे ।।
अपनी वैल्यू ,
और
जरूर इतनी बढ़ाओ की...
तुम्हारी जगह ,
लेना...
किसी के लिए ,,
मुमकिन न हो...?
पेड़ पर ,
जब फल,,
लगता है तो ,,,
उसके रखवाले,,,,
बहुत हो जाते हैं ।।
लेकिन तूफान के समय,
उस पेड़ का सहारा,,
उसकी अपनी जड़ें होती है ।।
अपनी जगह.......?
.................................
कोशिश करना,
छोड़ो मत ,,
क्योंकि.....
दूसरा आदमी,,,
बैठा हुआ है।
आप के.....
छोड़े हुए ,
अवसरों का लाभ,,,
उठाने के लिए।।
सबसे खतरनाक,
गुस्सा ....उस व्यक्ति में पैदा
होता है।
जिसका दिल अच्छा होता है।।
आलोचना ...
में छिपा हुआ,,,,, सत्य
प्रशंसा में....
छिपा हुआ,,,,, झूठ
यदि मनुष्य
समझ जाये तो,,,
आधी समस्या का समाधान,
अपनें आप हों जायेगा।।
जो बदला जा सके,
उसे बदलों।
और जो.….
बदला न जा सके,
उसे स्वीकारो ।
और जो....
स्वीकारा न जा सके,
उससे दूर हो जाओ !
लेकिन....
स्वयं को खुश रखो ।
ईश्वर देता उसी को है।
जो बांटना जानता है।।
फिर चाहे...
धन हो, य खुशी ।।
हमेशा अकेले....
खड़े रहने का ,
साहस कीजिए ।
दुनिया ज्ञान देती है।
साथ नहीं।
मुस्कुराहट के साथ,
दिन की शुरुआत करें ।
यह आप के दिन को,
खुशहाल बनायेगा ?
Start your day,
With a smile 😊
It Will make,
Your day....
Happy 😁...
शिक्षा की जड़ें,
कड़वी होती है।
लेकिन....?
फल मीठा होता है....?
The roots of,
Education....
Can be better.
But the result is
Always sweet 🧁 🎂....?
जिंदगी का मकसद,
सिर्फ मुस्कुरा ना है...?
The purpose of life 🧬 is to smile.
इंसान की सोच ही उसे बादशाह बना देती हैं।
जरूरी नहीं कि उसके पास डिग्री हो...?
it is the person's thinking 🤔 that's makes ,
him a king. he doesn't have a need to
Degree......?
जब तक ,
आप की जेब मे पैसा है ।
लोग पूछेंगे,
ये भाई तू कैसा है ।
पैसा खत्म,
तो इज्जत खत्म ।
फिर तुम कौन,
और
मैं कौन ।
फिर कोई किसी को,
नहीं जानता है ।
क्यों कि...
इज्जत आप की नहीं,
आप के पैसों से होती हैं ।
जब आप झूठ बोलकर किसी की जिंदगी,
बर्बाद करते हैं तो उसे कर्ज समझिए।
यह आपको ब्याज सहित वापस मिलेगा।
किसी निर्दोष के आंसुओं पर अपनी,
सफलता का महल मत खड़ा करना,,
उन आंसुओं में वह तेजाब होता है,,
जो लोहे की सलाखों को भी ,,,
गलाने की ताकत रखता है ।।
फसल वही काटनी पड़ेगी,
जो बोई है ।
बबूल बोने वाला इंसान,
मीठे फल ,
खाने की ,,
उम्मीद नहीं कर सकता है।
एक ही डाल पर,
दो आम लगे हैं।
एक पका हुआ है।
दूसरा पकने का इंतजार कर रहा है।
प्राकृतिक सिखाती है।
किसी और की सफलता ,
हमारी हार नहीं होती है ।
एक दिन....
हमारा समय भी जरूर आएगा ।
इसीलिए कहा गया है...
समय के साथ चलो ।
वक्त रहते ही संभल जाओ ।
कहीं ऐसा ना हो कि...
समय निकल जाए ।
। और ।
तुम पीछे खड़े रहो
जिस प्रकार,
एक मोमबत्ती बिना आग के ,,
नहीं जल सकती ।
इस प्रकार व्यक्ति,
आध्यात्मिक जीवन के बिना अधूरा है ।।
हर छोटा बदलाव ,
कामयाबी का एक बड़ा हिस्सा होता है ।।
जो रातों को कोशिशें में गवा देते हैं।
वही सपनों की चिंगारी को हवा देते है ।।
पैसे से मूर्ति खरीदी जा सकती है ।
भगवान नहीं ।।
पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है ।
नींद नहीं ।।
पैसे से भोजन खरीदा जा सकता है ।
भूख नहीं ।।
पैसे से दवाइयां खरीदी जा सकती है ।
स्वास्थ्य नहीं। ।।
पैसे से किताब खरीदी जा सकती हैं।
ज्ञान नहीं ।।
पैसे से शस्त्र खरीदा जा सकता है।
हौसला नहीं ।।
पैसे से सुख-साधन खरीदें जा सकतें हैं ।
शान्ति नहीं ।।
इसलिए कहते हैं पैसा जीवन का साधन है ।।
अगर सहमत है तो कमेंट करें।।
बरसात हो रही थी।
अन्दर सरकारी स्कूलों में टीचर बच्चों को पढ़ा रहे थे।
पढ़ाते पढ़ाते कुछ घंटे के बाद,
टीचर...ने सोचा कि
चलों आज बच्चों से कुछ बातें करतें हैं।
तभी टीचर ने...अपनें जेब से। १००₹ का नोट निकाला,
और बच्चों से कहा...
अगर हम तुम को यह १००₹ का नोट दे दूं तो,
तुम लोग अपनें लिए क्या खरीदोगे।
बच्चों ने कहा...
गुरु जी... हम अपने लिए,
चाकलेट खरीदें गे।
हम मिठाई खरीदें गे।
हम खिलौना खरीदें गे ।
उसी में एक बच्चे ने कहा...
हम आपनी मां के लिए चस्मा खरीदें गे।
टीचर ने कहा... वह तो तुम्हारे पिता जी भी खरीद सकते हैं।
बच्चा खामोश हो गया।
टीचर ने कहा... क्या हुआ।
बच्चा ने कहा।
हमारे पिता जी नहीं है।
हमारी मां सिलाई का काम करती है।
औरों के घरों में जाकर,,,
झाड़ू पोंछा का काम करती है।
मेरी मां को कम दिखाई देता है।
बच्चे की बात सुनकर।
क्लास में खामोशी सी छा गई।
तभी टीचर ने... वह १००₹ का नोट उस बच्चे को दिया।
और कहां,,,
यह पैसा मैं तुम्हें उधार दे रहा हूं।
जिस दिन तुम बड़े आदमी बन जाना,,,
उस दिन यह पैसा हमें वापस कर देना ।
और अब आगे ।।।।
जैसे तैसे समय बीतता गया।
उस बच्चे ने खूब मेहनत की।
उसने हर क्लास में टाप किया।
और बीस साल बाद...
वहीं लड़का।।।।
कलेक्टर बना ।
कलेक्टर बनने के एक महीने बाद...
ठीक २० साल बाद...
वह लड़का १००₹ का नोट वापस करनें।
अपनें वहीं सरकारी स्कूलों में टीचर के पास जाता है।
और टीचर के चरणों को छू कर कहता है।
गुरु जी...
आप ने हमें पहचान।
हम वहीं लड़का हूं।
जिसे आप ने १००₹ चस्मा खरीदने के लिए दिया था।
आज हम वहीं १००₹ आप को वापस करनें के लिए आया हूं।
टीचर... उस लड़के को देख कर बहुत खुश हुआ।
१००₹ की कीमत कितनी बड़ी होती है।
टीचर का उधार दिया गया १००₹...
उस बच्चे की सोच बदल दी ।
समय का आइना क्या कहता है ।
अतीत में मत रोओ,
वह जा चुका है।
भविष्य के बारे में,
तनाव मत लो ।
वह अभी तक आया नहीं है।
वर्तमान में जियो ।
और
ज़िन्दगी को ,,
खूबसूरत बनाओ....?
Start your day...
With a smile,
It Will make your day ,,
happy ,
Muskurahat ke sath,
din ki shuruaat Karen ,,
yah aapke din Ko,,,
khushhal banaega....l
मुस्कुराहट के साथ,
दिन की शुरुआत करें।
यह आप के दिन को
खुशहाल बनाएगा ।।
तो कोई मसीहा तुम्हें नहीं आएगा,
जो तुमको करोड़ों रुपए देकर ,
अमीर बना दे।
तुम्हारा यह सपना
कि करोड़ों रुपए से भरा हुआ बैग,
मिल जाए और तुम रातों रात,
अमीर बन जाओ।
कभी भी पूरा नहीं होगा ।
यहां दूसरों को उठाने वाले कम,
और
जड काटने वाले बहुत मिल जाते हैं।
दुनिया तुम से ,
सब कुछ छीन सकती है।
मगर पड़ने का अधिकार नहीं छीन सकती है।
इसलिए अपना ,
और
अपने परिवार का ,,
भला चाहते हो
तो
पढ़ाई पर पूरा ध्यान दो ।
एक टारगेट चुनो ,,,,।
फालतू चीजों से
फालतू लोगों से
दूरी बनाकर
अपना लक्ष्य बनाओ ।
तभी उसने पानी में एक बिच्छू को जाते देखा ।
संत जी ,,, तुरन्त उठे ,
और
उस बिच्छू को जैसे ही हाथ की हथेली पर,
पानी से उठाया, वैसे ही बिच्छू ने,
संत जी को डंक मार दिया।
संत ने ,,, दूबारा बिच्छू को उठाया,
बिच्छू ने,,,, फिर संत को डंक मार दिया।
तभी व हां पास खड़ा हुआ शिष्य।
संत जी से बोला,,,,
यह आप को डंक मार रहा है।
और आप इसे पकड़ रहें हैं।
संत ने बड़ा सुन्दर जबाव दिया।
कि यदि हम भी इसके जैसे बन जायेंगे तो...
हममें और
इस बिच्छू में फर्क क्या रह जाएगा...?
दो आदमी
रेल की पटरियों के बीचोंबीच से
पैदल जा रहे थे ।
पहला आदमी...हे भगवान,
हमने तो इतनी सीढ़ीयां,
पहले कभी चढ़ी ही नहीं।
दूसरा आदमी...अरे सीढ़ीयां तो ठीक है,
मैं तो इस बात को लेकर,
हैरान हूं कि.....
हाथ से पकड़ने के लिए,,,
रेलिंग कितने नीचे लगी हुई है।
पिंटू साईकिल से बाजार जा रहा था ,
सामने से एक नौजवान आदमी आया,,
और पिंटू को रोका ।
पिंटू,,, ऐसे सामने से अचानक आ गया,
मरने का इरादा है क्या ।
विदेशी आदमी,,, मुझे ताजमहल जाना है।
तो जा न,,
ऐसे सबसे बताते फिरेगा तो ।
तू पहुंचे गा कब.....?
एक बाज को,
लोगों का खाना ,
चुरा कर खाने में,
बड़ा मज़ा आता था ?
एक दिन...
एक लोमड़ी अपने बच्चों के साथ,
भोजन की तलाश में जा रही थी।
तभी वहां बाज आया।
लोमड़ी ने बाज से कहा...
क्या तुम हमारे बच्चों की देखभाल करोगी।
जिससे हम , बेफिक्र होकर,,,
खाना ढूंढ कर ला सकूं।।
बाज ने कहा क्यों नहीं।
अगले ही पल ,,,
लोमड़ी जैसे ही खाना ढूंढने वहां से जाती है।
वैसे ही बाज लोमड़ी के बच्चे को
उठा कर ले चली जाती है।
लोमड़ी जब वापस आ कर देखतीं हैं ।
तो उसके बच्चे गायब थे।
लोमड़ी समझ गयी ,,,
हो न हो ।।।।
बाज ही हमारे बच्चों को लेकर गयी हैं।
लोमड़ी रोई और चिल्लाई।।।
और कहां,....
हे मेरे मालिक।।।।
अब तू ही इनके कर्म का हिसाब कर।
उधर कुछ समय बाद,,,
बाज पहले की तरह ,,
दूसरों का खाना जैसे ही चुरा कर ले भागा,,
इस बार खाना ,
काफी गर्म था।
बाज ने अपने पंजों में पकड़ ले भागा।।।
और
अपनें घोंसले में ,
जैसे ही गर्म खाना रखता है।
वैसे ही कुछ ही देर बाद,
उस बाज के
घोंसले में अचानक
आग लग जाती है।
और बाज तड़प कर
गिर जाता है
तभी
लोमड़ी बाज को
उठा ले जाती है।
बाज के क्रम की सजा
और
हिसाब
दोनों बाज को मिल जाती है।
कि
पुनर्जन्म (दूसरे जन्म)
के लिए
शरीर का त्याग किया जाय ।
की बार ,
बुरे विचारों को त्याग,
करने से
पुनर्जन्म मिल जाता है।
हमें अपने दिमाग से,
बुरे विचारों को त्याग देना,
निकाल देना चाहिए,
क्योंकि
यह हमारे लिए
बहुत ही अच्छा
विचार होगा।।
मोह इतना न करें,
कि
बुराईयां छिप जाये ।
और
घिरणा भी
इतना न करें,
कि
अच्छाईयां
देखी ही, न जाये।।
उलझनों से भरी
इस दुनिया में,
खुशहाल जिंदगी जीना,
किसी
कामयाबी से
कम नहीं है ।।
एक दिन बच्चों ने कहा....
मां मुझे कुछ पैसे दे दो ।
हमें कापी लेना है।
तब मां ने कहा....
जा पिता की जेब से ले ले ।
तभी वहां पड़ोसन खड़ी हो कर यह सारी बातें सुन रही थी।
और बोली,,,,
तुम्हारे पति को मरे हुए तीन साल हो गया।
फिर यह दूसरा पति कौन है।
तभी बच्चों की मां ने, चुपके से।
पड़ोसन का हाथ पकड़ कर ,
घर के अन्दर ले गयी,और खूंटी पर टंगे हुए।
अपनें पति के पैंट को दिखाकर कहतीं हैं।
आज तीन सालों से....
हमारे पति का पैंट इसी खूंटी पर टंगे हुए हैं।
हम जो भी बाहर से कमा कर लाते हैं।
हम अपने पति के पैंट में वह सारे पैसे रख देते हैं।
और जब भी हम सब को ....?
पैसों की जरूरत पड़ती है तो,
हम सब इन्हीं के जेब से पैसे निकाल लेता है।
हम ऐसा इसलिए करतें हैं,,,,
क्यो कि हमारे बच्चों को पिता की कमी महसूस न हो।
मां की इतनी बात सुनकर....?
पड़ोसन चुप हो गई।
दोस्त,,,,,
इस मां के लिए एक लाइक तो बनता है।
दोस्त अगर आप की संगत अच्छे हो,
तो बड़े से बड़ा काम आसानी से किया जा सकता है।
आइंस्टीन जहां जहां लेक्चर देने जाते थे
वहां वहां उनका ड्राइवर
भी साथ जाया करता था।
और उनका लेक्चर ,
बहुत ध्यान से सुनता,,
और उसे याद कर लेता था।
ऐसा करते-करते ,
उस ड्राइवर को
आइंस्टीन के.....
सारे लेक्चर याद हो गए ?
और फिर एक दिन?
उसे ड्राइवर में आइंस्टीन से कहा ।
सर हमें आपके सारे लेक्चर याद हो गएहै ।
तब आइंस्टीन ने कहा...
कल हम ऐसी जगह जा रहे हैं।
जहां हमें कोई भी व्यक्ति नहीं जानता है।
वहां तुम हमारे साथ चलना।
मैं तुम्हारे साथ ड्राइवर बन कर चलुंगा।
वहां जाकर उनका ड्राइवर,,,,
बहुत ही अच्छा सा लेक्चर देता है।
और लोग खूब तालियां बजाते हैं।
इसे कहते है,,,, संगत का असर ।।।✅
साथ में रहते-रहते
उस ड्राइवर ने वह सारी
बातें सीख लिया और वह
लेक्चरर देने योग्य बन गया,,,?
एक जंगल में बाजों का समूह रहता था।
उन बाजों में,
एक बूढ़ा बाज भी था।
जो उस समूह का सरदार था।
उस बूढ़े बाज ने... सभी बाजों को आदेश दे रखा था।
कि
आकाश में उड़ते समय अगर किसी को
खाने का समान दिखाई दे तो,
वह दूसरे बाजों को आकर बताएगा।
जिससे सभी को भर पेट भोजन मिल सके।
उन सभी के बीच में,,,
एक लालची बाज भी था।
एक दिन वह लालची बाज उड़ते उड़ते,
जंगल से दूर निकल गया।
जहां उसने बहुत ढेर सा खाने का भोजन देखा।
भोजन देखकर उस बाज के मन में ,
लालच आ गया। कि अब हम यह भोजन
किसी दूसरे बाज को नहीं बताऊंगा।
और रोज अकेले आ कर अपना भोजन कर जाऊंगा।
रोज वह बाज जाता,
और अकेले अपना पेट भर भोजन कर चला आता।
एक दिन वह लालची बाज रोड़ पर पड़े हुए,,,
भोजन को खा रहा था, और वह खाने में इतना
मगन हो गया कि,उसे दूसरों की आवाज
सुनाई न दी।
उधर से तेज रफ्तार ट्रक हारन बजाते हुए,,,
आईं और उस बाज को कुचला कर चली गई।
इस लिए कहा गया हे....
लालच बुरी बला है ।।।
भ
धनबाद के स्टेशन पर एक गाड़ी आकर रुक गई।
तभी उसमें से एक नौजवान आदमी गाड़ी से,
नीचे उतरता है।और कुली को ढूंढने लगा।
पर उस समय वहां पर एक भी कुली नहीं था।
अचानक उस नौजवान आदमी ने,
एक बूढ़े आदमी कों देखा,
और उसने उसे ही कुली समझ बैठा।
उसने उस बूढ़े आदमी से कहा,
मेरा सामान उड़ाओ और ले चलो।
उस बूढ़े आदमी ने, चुपचाप सामान उठाया
और उस नौजवान के पीछे चल दिया।
घर पहुंचकर कर उस नौजवान ने,
उस बूढ़े आदमी को पैसे देने लगा।
मगर बूढ़े आदमी ने पैसे लेने से मना कर दिया।
बूढ़े आदमी ने कहा....
मैं पैसा नहीं लूंगा।
मगर तुम हमको वचन दो।
तुम अपना काम खुद करोंगे।
तुम इस देश के भविष्य हो।
उस नौजवान ने वादा किया।
और उसी दिन से,
वह जवान।।।।
अपना काम खुद करने लगा ।
रामू नाम का एक आदमी था।
उसके पास एक गाय थी।
जो दूध देती थी।
जिससे दूध बेच कर ,रामू अपना जीवन व्यतीत करता था।
एक दिन रामू दूध बेचने गया।
तभी रामू की गाय ,
सामने वाली तालाब में,
घास खाने के लिए जाती है।
और उसी तालाब में डूबकर मर जातीं हैं।
रामू जब घर वापस आता है तो,
यह नजारा देख कर बहुत दुखी होता है।
अब वह तालाब के पास जाकर ,
बैठकर सोचने लगता है कि अब हमारी,
जीवन यापन कैसे करें।
तभी वह कहता है कि....
बैठने से कुछ नहीं होगा ।
अब हमें कुछ आगे करना होगा।
तब वह दूसरे दिन
उसी तालाब से,
मछलियां को पकड़ता और बाजार में,
लेजाकर बेचता।
जिससे रामू को डबल फायदा मिलने लगा।
जीवन में बेकार बैठने से अच्छा है।
कुछ न कुछ करते रहे।
जिससे अपनी जीविका चलाते रहे।।
अनार कली नाम की एक वेश्या थी ।
वह नाचना नहीं जानतीं थी ।
लेकिन फिर भी उसकी नाच बहुत प्रसिद्ध थी।
लोग उसके यहां दूर-दूर से नाच देखने आते थे।
जब लोग उसे नाचते के लिए,,,
अपनें घर ले जाते तो ।
अनारकली यही कहती कि,,,
नौ मन तेल का दीपक जलाएं ।
तभी हम नाचेंगे।
लोगों के पास
न तो नौ मन तेल होता
न ही अनार कली नाचती।
इस तरह उसे नाचना भी नहीं पड़ता था।
और फ्री में पैसे भी मिल जाए करते थे।
क्यों कि
उसे नाचना ही नहीं आता था।
इस तरह बहानों से छुटकारा मिल जाता।
और पैसा कमाने का मौका भी मिल जाता था ।
इसे कहते है,,,,,
असम्भव बहाने ।।।।।
सच्ची मित्रता ...
अच्छे स्वास्थ्य के समान होती है ।।
उसका महत्व...
तभी जान पाते हैं,,,
जब हम उसे खो देते हैं।।
श्रेष्ठा का आधार...
ऊंचे पद पर नहीं,,,
बल्कि
ऊंचे सोच पर निर्भर करती है।।
परेशानी में...
जो अनुभव
और
सीख मिलती है ।
वह सीख
दुनिया का
कोई भी
स्कूल नहीं दें सकता है।।
एक तालाब में बहुत सारे मेंढक रहते थे।
उसी तालाब के बीच में एक चिकना बड़ा सा खम्भा था।
एक दिन सभी तालाब के मेढकों ने सोचा कि....
चलो इस खम्भे पर चढ़ने की एक प्रतियोगिता कराई जाय।
जो इस खम्भे पर सबसे पहले चढ़ जायेगा,,,,
वहीं यहां का विजेता बनेगा।
तालाब के सभी मेंढक ने कहा ठीक है।
और दूसरे ही दिन प्रतियोगिता शुरू हुई।
चारों तरफ जोर जोर से आवाज आ रही थी।
सारे मेंढक उस खम्भे पर कुछ उंचाई पर चढ़ते,,,
और फिसल कर गिर जाते।
उसी बीच में एक छोटा मेंढक था।
जो बार बार उस खम्भे पर चढ़ता,
और फिसल जाता।
लेकिन उस मेंढक ने निरन्तर प्रयास जारी रखा।
और कोशिश करता रहा,,,
लेकिन उस मेंढक ने हार नहीं मानी।
वह छोटा मेंढक अथक प्रयास से,,,
आखिर में ,,,
उस खम्भे पर चढ़ने में सफलता प्राप्त कर ही ली।और वह विजेता बना।
दोस्त कोशिश करते रहना चाहिए।
क्या पता,,,,मेरी मंजिल
कब और कहां
मिल जाए।।
तब सभी मेंढक ने पूछा,,,,अरे तुम यह कैसे कर दिखाया।
तब उसी बीच से,,,,एक मेंढक ने कहा।
अरे यह बहरा है।
सुन नहीं सकता।
उस बहरे मेंढक कों लगा कि,,,,
तालाब के सभी मेंढक,,,,
हमारा हौसला बढ़ा रहे हैं।
इसी हौसला कों देख कर,
मैं धीरे धीरे,,
प्रयास करके इस खम्भे पर चढ गया।
किसी भी चीज को करने के लिए
खुद में विश्वास होना चाहिए,,
तभी आप कामयाब हो सकते हैं।।
एक आदमी था।
वह बहुत गरीब था।
वह दिन भर पत्थर तोड़ने का काम करता था।
एक दिन वह खड़ा हुआ,
और आकाश की तरफ देख कर बोला,,
हे भगवान,,,
काश किसी महल का राजा होता।
तभी भगवान प्रकट हुए।
और कहां,,
तथास्तु।
इस पल वह महल का राजा बन गया ।
कुछ समय बीतने के बाद,,
उसे तेज धूप का एहसास हआ।
उसने कहा।
हे भगवान।
काश मैं सूरज होता।
तो मैं बहुत तेज चमकता।
भगवान ने कहा ,,,
तथास्तु।
इस पल वह सूरज बन गय,,,
और तेजी से चमकने लगा।
तभी वहां अचानक बादल आ गए।
और सूरज को तेजी से ढक लिया।
उसने कहा बादल तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है।
काश मैं बादल होता।
भगवान ने कहा ,,,
तथास्तु।
उसी क्षण वह बादल बन गया।
और तेजी से हवा में उड़ने लग,,,
उड़ते उड़ते हुए एक पहाड़ से जाकर टकराया।
तब उसे एहसास हुआ कि,,
यह तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है।
काश मैं पहाड़ होता,,,,
भगवान ने कहा,,,,
तथास्तु।
तभी वह पहाड़ बन गय,,,,
और मजबूत चट्टान की तरह खड़ा रहा।
तभी वहां एक आदमी हथौड़े से पत्थर तोड़ने आया।
उसने देखा और कहा।
अरे यह क्या।
यह तो वही आदमी,,,,
जो कभी हथौड़े से पत्थर तोड़ा करता था।
आज पहाड़ बनकर खड़ा हुआ,,,,
दोस्तों,,,,
ईश्वर ने इंसान को बहुत खूबसूरत बनाया है।
कोई
काला है तो कोई गोरा है।
कोई सूरज की तरह चमक रहा है।
कोई चट्टान की तरह .....हुआ
एक समय की बात है।
किसी गांव में रामू नाम का आदमी रहता था।
उसके साथ उसकी मां भी रहती थी।
ग़रीबी से तंग आकर रामू ने फैसला किया कि...
अब हम शहर में जाकर काम करेंगे।
दूसरे दिन रामू अपनी मां को छोड़ कर शहर चला गया।
वहां रामू को काम मिल गया।
अब वह वहां कमाने लगा।
वहां रामू जितना पैसा कमाता ,
वह सारा पैसा अपनी मां को भेज देता था।
कुछ समय बीत जाने के बाद रामू घर आया।
रामू ने अपनी मां से पूछा,
मां ,, हमनें जो तुम को पैसे भेजें वह कहां है।
मां ने कहा,,,हमने भगवान को दे दिया।
मां की इतनी बात सुनकर,,,
रामू को जोर का ग़ुस्सा आ गया।
रामू ने कहा,,, क्या वह पैसा भगवान हमें वापस कर देंगे।
मां ने कहां,,, हां बेटा।
अगर तुम भगवान को खोज लेंगे तो।
मां की इतनी बात सुनकर,,,,
रामू दूसरे दिन भगवान को खोजने निकल पड़ा।
चलते चलते रास्ता में रामू को एक जंगल मिला।
रामू जंगल के बीच से होकर चला जा रहा था।
कि तभी अचानक,,,,
दौड़ता हुआ घोड़ा,,,
रामू के पास आया।
और बोला,,,,,
अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहे हो।।
रामू ने कहा,,,मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।
घोड़े ने कहा,,,अगर भगवान तुम को मिल जाए तो,,,
उन से पूछना,कि हम इतना थका और कमजोर क्यों रहता हूं।
रामू ने कहा ठीक है।
इतना कहकर रामू वहां से आगे बढ़ता जा रहा था।
तभी रास्ते में रामू को थोड़ा सा थकान महसूस हुआ।
और वह एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गया।
तभी उस पेड़ से आवाज आई।
अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहा है।
रामू ने कहा ,,,मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।
पेड़ ने,,,,रामू से कहा।
यदि तुम को भगवान मिल जाए तो।
उनसे कहना,,,,
हमारी जड़ें इतनी कमजोर क्यों है।
रामू ने कहा,,,, ठीक है।
रामू और आगे बढ़ता गया।
तभी रास्ते में रामू को एक संत बैठा हुआ मिलता है।
संत ने पूछा,,,अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहा है।
रामू ने कहा,,, मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।
तब रामू ने अपनी सारी बातें उस संत को बता दिया।
मां से किया वादा,,,
घोड़ा से किया गया वादा,,,,
पेड़ से किया गया वादा,,,,
अपनी सारी बातें रामू ने उस संत को बताईं।
तब संत ने कहा,,, भगवान अभी इस रास्ते से पैसा लेकर
तुम्हारे घर जा रहें हैं।
और रही बात,,,,
तुम ने जो घोड़ा और पेड़ से वादा किया,,,
तो तुम घोड़ा से जाकर कहना कि,,,,
जब तक तुम्हारे ऊपर कोई सवारी नहीं करेगा,,
तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।
और
च्पेड़ से जाकर कहना,,,णं
तुम्हारे जड़ के नीचे खजाना दबा हुआ है।
जब तक वह खजाना बाहर नहीं निकाला जायेगा।
तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।
संत की इतनी बात सुनकर रामू ने संत को प्रणाम किया।
और वहां से वापस घर की ओर चला।बच
पहले वह घोड़े के पास गया।
घोड़े से कहा,,, जब तक तुम पर कोई सवारी नहीं करेगा।
तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।
घोड़े ने कहा,,, तुम मेरी सवारी कर लो।
रामू ने घोड़े की सवारी की।
और पेड़ के पास गया।
बोला,,,, तुम्हारे जड़ के नीचे खजाना दबा हुआ है।
जब तक वह खजाना बाहर नहीं निकाला जायेगा,
तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।
पेड़ ने,,,,रामू से कहां,,
खजाना तुम ही खोदकर निकाला लो।
तब रामू ने खजाना को खोदा और बाहर निकाल लिया।
रामू ने खजाना को,,, घोड़े की पीठ पर रख कर घर की ओर चल दिया।
घर पहुंचकर मां ने पूछा,,, बेटा
क्या भगवान तुम को मिले।
रामू ने कहा हां मां,,,
हमें भगवान भी मिले
और पैसा भी मिला।
फिर रामू ने अपनी सारी बातें मां को बताया।
मां ने उस संत को प्रणाम किया।
और अब मां बेटे खुशी खुशी रहने लगे.......
शान्ति प्रिय लोग आनन्द मय ,
जीवन व्यतीत करते हैं।
क्यों की उन के मन में,
किसी प्रकार का
राग,,द्बेवश,, ईर्षा,,
यह बदलें की कोई
भावना नहीं होती है।।
एक आदमी ने,
अपनी पूरी जिंदगी में,
कंजूसी करके खूब धन कमाया,
और इकट्ठा किया।
उसने अपनी पूरी जिंदगी में,
सिर्फ पैसा कमाया।
खर्च नहीं किया।
जिंदगी भर केवल बचत किया।
कभी इंज्वॉय नहीं किया।
किसी दोस्त के साथ कभी घूमने नहीं गया।
केवल धन जुटाने में,
अपना पूरा जीवन गुजार दिया।
और एक दिन जब उसका आखिरी समय आया,
तो यमदूत उसे लेने आए।
यमदूत ने कहा,,,, चलो तुम्हारा आखिरी समय आगया।
कंजूस ने कहां,,,,मेरा सारा धन लें लो ।
पर हमें एक दिन का समय दे दो।
यमदूत ने कहा,,,नहीं, अब तुम्हारे पास समय नहीं है।
तुम को अब चलना ही होगा।
कंजूस ने कहां,,,, मुझे दस मिनट के समय दे दो।
यमदूत ने कहा,,, ठीक है।
कंजूस आदमी ने,,,एक कागज़ का टुकड़ा और पेन लिया।
फिर लिखना शुरू किया।
उसने कागज़ पर लिखा,,,हमने अपनी जिंदगी में बहुत धन
कमाया,पर उस धन से अपने लिए एक दिन का
समय नहीं खरीद सकता ।
इसलिए आप लोग
खूब धन कमाइए,
पर उस धन का उपयोग कीजिये।
अपनें परिवार के साथ उस धन को खर्च कीजिए।
इंज्वॉय कीजिए।
कुछ बचत कीजिए।
मगर अपने जीवन में,,,
हमारी तरह कंजूस बनकर मत रहिए गा।
क्या पता कब बुलाया आ जाय ।
और हमें
इस दुनिया को छोड़ कर जाना पड़ जाय।
इसलिए,,,,
समय रहते धन का उपयोग कीजिये।
परिवार के साथ खुश रहिए।
दोस्त के साथ मौज-मस्ती कीजिए।
इंज्वॉय कीजिए।
खुश रहिए।
मस्त रहिए।
इतना लिख कर
वह कंजूस आदमी
अपना सारा धन
यही छोड़ कर
दुनिया को अलविदा कह गए।
उलझनों से भरी
इस दुनिया में,
खुशहाल जिंदगी जीना,,
किसी कामयाबी से
कम नहीं है।
जिंदगी वही है जो,
जी रहे हैं।
यह करेंगे
वह करेंगे,
यह तो
एक ख्वाब है।।
जब आप परमात्म को
अपना दोस्त मानोगे....
तो जिंदगी में निराशा
आप को छू नहीं
पाएगी।
और कोई भी चीज
आपकों मुश्किल नहीं लगेगी।।
इतना ही नहीं,
पहाड़ जैसी जिंदगी
पानी की तरह
पिघल जायेगी।।
और सब कुछ
बहुत आसान हो
जायेगा।
कर्म करते रहिए,
जो भी होगा,,
अच्छा ही होगा।।
थोड़ा विलम्ब होगा,
पर सर्व श्रेष्ठ होगा ।।
जीवन में किसी को,
परखने का नही,
हमेशा समझने,
का प्रयास कीजिए।।
दुनिया बहुत बदल
गयी हैं।
मेरे दोस्त.....
यदि आप किसी से,
नाराज़ होंगे,
तो लोग आप को,
छोड़ना पसंद करेंगे,,
मनाना नहीं।।
आप जिस पर ध्यान केंद्रित करेंगे,वह चीज
हमेशा बड़ी होगी,,,,,
चाहे वह समस्या हो,
समाधान हो,,
यह लच्छ हो
हमारी जिंदगी
हमारे हाथ में है।।
वह हाथ
सदा ही पवित्र,
होते हैं।
जो,,,
प्रार्थना
से पहले
सेवा के लिए उठते हैं।।
जिंदगी वही है
जो जी रहे हैं।
यह करेंगे,
वह करेंगे,,
यह तो ख्वाब है।।
एक तालाब में पानीं कम था ।
उस तालाब में मछलियां और केकड़ा रहते थे।
अचानक से वहां एक बगुला जाता है।
उसकी नजर मछलियां पर पड़ती हैं।
वह तालाब के एक किनारे पर खड़े होकर,
मछलियां को पकड़ता और खा जाता।
ऐसा करते-करते कुछ समय बीत गया।
और एक दिन.....
तालाब का पानी अचानक से सूखनें लगा।
बगुला ने सोचा ... तालाब का पानी कम हो गया।
अब मछलियां को पकड़ कर खाने में मजा आ जायेगा
तब बगुला ने दिमाग लगाया।
और मछलियां से कहा...
इस तालाब का पानी कम हो गया है।
तुम सब हमारे पास आ जाओ।
हम तुम सब को एक एक कर ,
दूसरे तालाब में छोड़ दूंगा।
और तुम सब सच जाओ गे।
मछलियां बगुला की बात मान कर सब उसके पास आ गई।
बगुला अपनी चोंच में एक मछली को पकड़ता,
और दूर ले जाकर उसे खा लेता।
तब केकड़ा ने सोचा,,,,यह मछलियां को लेकर किधर जाता है
केकड़ा ने कहा...अरे बगुला चाचा ,उस तालाब में मुझे भी
लेकर चलो ना।
बगुला केकड़ा कों चोंच में पकड़ कर लेकर उड़ गया।
थोड़ी दूर जानें के। बाद,
केकड़ा ने जमीन पर देखा तो,
बहुत सारी हंडिया पड़ी हुई दिखाई दी।
केकड़ा समझ गया,,
हो न हो यह बगुला की चाल है।
तभी केकड़ा ने,,,अपने मजबूत हाथों से बगुला के गले पर
जोर से दबा दिया।
बगुला ऊपर से जमीन पर गिरा धड़ाम।
और केकड़ा वहां से भाग निकला।
और तालाब में जाकर सभी मछलियां और केकड़ा कों बता दिया।
दूसरे दिन,,,जैसे ही बगुला तालाब पर जाता है।
सभी मछलियां और केकड़ा
मिलकर उस बगुला को मार डालते हैं।
किसी भी विपरीत परिस्थितियों में,सभी पर विश्वास नहीं किया जा सकता है।
मन की भावना को,
संभालने वाला इंसान,,
हमेशा जिंदगी की ऊंचाईयों में,,,
सबसे ऊपर होता है।
जिंदगी में,
जिंदगी ढूंढना ही,,
जिंदगी हैं।।
रिश्तों का संबन्ध,
सिर्फ रक्तों से नहीं होता,,
जो मुसीबत में हाथ थाम ले,,,
उससे बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता है।।
एक सेठ था।
उसने एक अजगर पाल रखा था।
दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे।
साथ रहते रहते कुछ समय बीत गया।
और फिर एक दिन अचानक से...
उस अजगर ने खाना पीना छोड़ दिया।
और उस सेठ से लिपट कर रहने लगा।
यह देखकर कर सेठ परेशान हो गया।
फिर उसने एक बैध को बुलाया।
उसने अजगर कों देखा,
जाचा परखा और फिर सेठ से बोला,,,,
यह क्या आप से लिपट रहा है।
सेठ ने कहा,,,,हां यह आजकल हमसे बहुत लिपट रहा है।
बैध ने कहा,,, सेठ आप सावधान हो जाएं।
यह आप को खाने की तैयारी कर रहा है।
यह आप के शरीर की नाप ले रहा है।
जिससे ,,,
वह आप को खाने के बाद पचा सके।
इसलिए आप सावधान हो जाएं।
और इसे जंगल में छोड़ दें।
अगले पल सेठ ने,,,
बिना देर किए चुपचाप उस अजगर को,,,
जंगल में छोड़ दिया।।।
।।।। कमेंट करें।।।
एक आदमी अस्पताल में भर्ती हुआ।
वह कुछ दिनों तक भर्ती रहा।
और उस आदमी को,उसी अस्पताल के एक नर्स
से प्रेम हो गया।
उसने सोचा दिल की बात कह देनी चाहिए।
ढं
उसने जैसे ही नर्स को देखा और बोला आई लव यू
।यं
नर्स।।।।तुमने मेरा दिल चुरा लिया।
नर्स।।।।।।।चल हट छूटे।।।।
हमने तो तुम्हारी एक किडनी निकाली है।
यह सुनकर।।। आदमी। बेहोश।
अभी तक अस्पताल में भर्ती हैं।
मोहन आठ साल का लड़का था ।
जिसके पास एक गुड़िया थी ।
जिसका नाम पेनी था ।
वह हर रात पेनी को कहानी सुनाता ।
और उसके साथ सोता था ।
मोहन के जन्मदिन पर,
उसका भाई अमन मिलने आया ।
अमन को घर भी जाना था ।
अमन के घर जाते समय ,
मोहन ने पूछा... तुमको गिफ्ट में क्या चाहिए।
अमन थोड़ी देर चुप रहा,
फिर बोला... हमें तुम्हारी पेनी पसंद है।
क्या मैं उसे लें जा सकता हूं।
मोहन ने पेनी को गले लगाया, और फिर उसे
अपने दादी की बात याद आ गई।
खुशी बांटने से बढ़ती है।।
खुशी से मुस्कुराते हुए,पेनी अमन को दे दिया।
जिसे दोनों को अच्छा महसूस हुआ।
और दोनों खुश हो गये ।
,,,,,
।।।।। बांटने से प्यार बढ़ता है।।।।।
।।।।। यह सबको ख़ुशी देता है।।।।
मीठे शब्द और अच्छे व्यवहार ही,,,
इंसान को बादशाह बना देते हैं।
केवल पैसों से आदमी
धनवान नहीं होता है।।
असली धनवान वह है,,,
जिसके पास
अच्छी सोच,
मधुर व्यवहार,,
सुन्दर विचार है।।
दूसरों को नीचा वहीं
इंसान दिखा सकता है,,
जिसमें अहंकार होता है।
क्यों कि जिसमें संस्कार होता है।
वह दूसरों का सम्मान करता है।।
मनुष्य का सबसे बड़ा साथी,
उसका स्वस्थ्य होता है।
इसलिए जिंदगी में खुश रहिए।
आपने परिवार से प्रेम करते रहे।
जिस दिन स्वस्थ्य ने साथ छोड़ा,,,
उस दिन से मनुष्य....
हर रिश्ते पर बोझ बन जायेगा।
इसलिए अपने स्वस्थ्य का ख्याल रखें।
खुश रहो,,,, मस्त रहो।
कोई मतलब नही है गम में जीने का।
एक राजा था।
जिसके यहां बेटा पैदा नहीं हो रहा था।
तब राजा को एक तांत्रिक मिला।
तांत्रिक बोला.... अगर आप अपने नगर से, किसी एक छोटे बच्चों की बलि चढ़ा दे तो, आपके यहां बेटा पैदा हो जाएगा।
दूसरे दिन... राजा ने पूरे नगर में ऐलान करा दिया कि, जो अपने बेटे को हमारे यहां बलि चढ़ाने के लिए भेजेगा उसे हम ढेर सारे
सोने की मोहरी देंगे।
नगर में एक गरीब परिवार था, उसे परिवार में एक छोटा बेटा था। परिवार वालों ने कहा यह हमारे किसी कामकानहीं है
इसे राजा के यहां भेजदेते हैं।
परिवार वालोंने खुशी खुशी उसे लड़के को राजाके यहां भेज दिया।
उधर राजाके यहां बलि चढ़ाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
लङके को दरबार में पेश किया गया।
राजा ने कहा... बेटा तुम्हारी कोई आखिरी इच्छा।
तब लड़के ने कहा...
मुझे थोड़ी गीली मिट्टी लाकर दे दो ।
उस मिट्टी से लड़के ने,,,, छोटे-छोटे चार मकान बनाए।।
और तीन मकान को उसने अपने पैरों से घिरा दिया।
राजा ने पूछा तुमने। यह क्या किया।
लड़के ने जबाव दिया...
पहला मकान मेरे मां बाप का था। जिन्होंने हमें रोका नहीं।
इसलिए मैंने इसे गिरा दिया।
दूसरा मकान,,,,मेरे रिसते दार का है,, जिन्होंने हमारे पिता को ऐसा। करनें से रोका नहीं।
इसलिए मैंने इसे भी गिरा दिया।
तीसरा मकान... राजा आप क है।जिनको न्याय करना चाहिए
वह हुआ ही नहीं।
इसलिए मैंने तीसरे मकान को भी गिरा दिया।
चौथा मकान.....मेरे भगवान का है,, इसलिए मैं इनके सामने
हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया।
और बोला,,,,,,
भगवान अब तू ही देख और तू ही न्याय कर।
यह सुनकर राजा की आंखों में आसूं आ गया।
राजा ने कहा,,,,,यदि हम इस मासूम की बलि चढ़ा कर,
हमारे यहां बेटा पैदा हो भी गया तो वह किस काम का।
तब राजा सिंहासन से उठ कर उस लड़के को गले लगा लिया और। बोला आज से तू ही मेरा बेटा है।।
इस कहानी का मतलब है,,,, लोगों के सामने झुकने से कोई मतलब नहीं है।
अगर तुम को चुकाना है तो उस भगवान के सामने झुको
जहां से तुम को न्याय मिले।
एक आदमी के पास,
दो हीरा था ।
एक था नकली और दूसरा था असली हीरा । वह आदमी हीरा को लेकर एक जौहरी के पास जाता है ।
और कहता है,,,
अगर तुम इन दो हीरो में से असली हीरे की पहचान ,
बता दोगे तो मैं तुम्हें वहअसली हीरा दे दूंगा ।।
और अगर तुम यह पहचान नहीं बता सके तो तुमको इसके बराबर धन वापस करना पड़ेगा ।
जौहरी ने,,,, दोनों हीरे को लेकर, उसकी पहचान की
लेकिन वह हीरे की पहचान नहीं कर सका ।
बदले में जौहरी को हीरे के बराबर धन वापस करना पड़ा।
वहीं पास खड़ा अंधे व्यक्ति ने कह,,,
मैं बता सकता हूं, कि असली हीरा कौन सा है ।
उसे अंधे व्यक्तिने,,, हीरे को दोनों हाथों मैं लिए
और धूप में खड़ा हो गया।
थोड़ी सी देर बाद नकली हीरा गर्म हो गया।
उसने कहा यह नकली हीरा है और यह असली हीरा है।
और वह अंधा आदमी यह शर्त जीत गया।
और वह उसे हीरा मिल गया।
एक बार कुत्ते और गधा की दौड़ हुई ।
कुत्ता ने ग गधा से कहा््
इस दौड़ में गांवके बाहर, रखें हुए सिंहासन पर
जो पहले बैठेगा, वह इस गांव का राजा होगा ।
कुत्ताकहा,,,, मैं तो दौड़ कर पहले पहुंच ही जाऊंगा ।
इस रेस में गधाक्या दौड़ पाएगा ।
पर बेचारे कुत्ता को क्या मलूम ।
गांव के हर चौराहे पर , दूसरा कुत्ता उसका इतजार कर रहा है
ठीक वैसा ही हुआ,,,
दौड़ शुरू हुई,,, बेचारा गधा धरे-धीरे गांव के उसे छोड़ तक
सिंहासन परजा बैठा,,,,,
पर बेचारा कुत्ता,, जैसे-जैसे आगे बढ़ता जा रहा था
वैसे वैसे गांवके हर चौराहे, और हर मोड़ पर दूसरे कुत्ते ने उसेकुत्ते का रास्ता रोककर, सिंहासन तक जाने नहीं दिया
इसलिए बेचारा कुत्ता पीछे रह गया।
जैसे-तैसे कुत्ता सिंहासन तक पहुंचता है तो वह वहां देखा है कि गधा पहले से सिंहासन पर बैठा हुआ था
। यह देखकर कुत्ता मायूस होकर वापस चला जाता है।।
Kisi gaon Main ,
ek anpadh aadami tha !
Vo kam ki talash mein इधर-उधर bhatak Raha tha !
Tabhi Achanak se use ek school mein ghanta bajane ka kam Mil jata Hai...
Vah roj subah se School jata vahan ghanti bajata aur Ghar wapas aata !
Kuchh samay duty karne ke bad ek din vahan ke principal ka transfer ho jata hai
Naye principal aate Hain...
Vah sab ki yogyata puchna shuru karte Hain
Last mein jab anpadh aadami ka number aata hai to isase puchte Hain tumhari yogyata kitni hai...
Anpadh aadami bolata hai...
Sahab Main to anpadh hun padha likha nahin hun...
Apprecipal kahate Hain.....
Is school mein anpadhon ka koi Kam nahin Hai, aur use school se nikal Diya jata hai..
Bhai ab to berojgar ho gaya hai pet paalne ke liye kuchh Na kuchh to karna Hi padega !
Uske pass paise bhi nahin the !
Fir usne Jaise taise kuchh paison ka intejaam Kiya !
Aur ghar per samosa banaya tokri mein le jakar School ke samne bechna shuru kar diya!
Uske samose mein itna test tha ki देखते-देखते uska Sara samosa bik jata tha !
Uska testi samosa धीरे-धीरे pure Shahar mein mashhur Ho Gaya !
देखते-देखते usne Shahar mein Kai dukanen khol Li, aur ab vah bahut paise Wala Ho Gaya !
Aur ek din media... Uske pass jaati Hai aur puchti Hai !
Bhai tu to bahut paise Wala ho gaya hai !
Achcha chalo batao tum kitne padhe likhe Ho !
Usne kaha Sahab Main to anpadh hun !
Tab media ne poochha...
Yadi Tum padhe likhe hote to Kya karte !
Are Sahab... Agar Main padha likha hota to kahin ghanta Baja Raha hota ..!!
Ek bar ek bhediye nahin memna Ko dekha
Aur use khane ka prayas Kiya !
Memna Ne bhediye Ko dekha !
Aur vahan se teji se bhaga..
भागते-भागते vah Nadi ke kinare Ja pahuncha
Bhediya Ne mein Memna Se kaha..
Are bhai Tum bhago mat !
Nadi Ka bahav bahut tej hai !
Main tumhen apni peeth per bithakar,
Nadi paar kara dunga !
Memna bhediye ki chaal ko samajh nahin Paya, aur vah bhediye ki pet per baith Gaya
Bhediya jab memne ko bij Nadi per Le jakar pahuncha,
Bhediye ne 20 Nadi mein memna per hamla Kar Diya....
Aur memna Ko maar kar kha Gaya....
Naitik Gyan....
Isiliye kahate Hain Kisi ajnabi per Bharosa nahin karna chahie....?
Kisi Ko Dard dekar !
Khushiyan nahin milati !!
Dil dukhane walon Ko !
Kabhi duaaen nahin milati !!
Mat Karna ahankar kabhi !
Apne acche waqt Ka !!
Jindagi mein halat badalte !.
Jara Sa bhi der nahin lagti !!
Insan ko ahankar kabhi karna nahin chahie !
Kyunki jindagi mein waqt badalta kabhi bhi der nahin lagti !
Ek kandhe per Khushi aur dusre kandhe per Gam hota Hai !
Kabhi Gam ka palna Bhari hota Hai kabhi Khushi Ka palna Bhari hota Hai !!
Isliye apne aap per kabhi ahankar mat karo !
Swasth raho aur mast raho....!!
Ek raste Se tu bhi Apne gadhe ko lekar ja raha tha !
Ashcharya ki baat yah ki.....
Sare gadhe Apne ek Katar mein ja rahe the !
Usi raste Se ek Raja ja raha tha !
Raja Ne dekha ki...?
Dhobi ke sare gadhe ek Katar mein ja rahe hi rahe hain...!
Tabhi Raja use Dhobi ke pass gaya..
Aur bola...
Are bhai tumhare sare gadhe Katar mein kyon ja rahe hain !
Dhobi Ne bahut satik jawab Diya..
Jo bhi gadha is niyam ko todega...?
Main use Saja dunga...!
Yah sunkar Raja bahut chakit ho gaya !
Tab Raja ne Dhobi Se kaha..?
Kya Tum hamare yahan Aman kam kar sakte ho..?
Dhobi Ne kaha... Han kyon nahin Maharaj
Dusre din Raja Dhobi ko lekar Apne Desh Chala Gaya...?
Vahan Raja ne Dhobi ko nyayadhish ke pad per niyukt Kiya...?
Kuchh samay bechne ke bad...
Use Desh mein ek chori Hui ?
Chor ka pakad kar Raja ke pass laya Gaya..?
Raja ne kaha...
Are nyayadhish mahoday...
Is chor ko kya Saja Diya jaaye !
Nyayadhish Ne kaha chor ka hath Kat Diya jaaye...!
Tab Wazir Ne kaha yah bahut khas aadami hai aisa mat karo nyayadhish mahoday !
Apne aadesh Ne FIR kaha chor ka hath Kat liya jaaye...
Mujhe Ne FIR kaha yah bahut khas hai aisa mat kijiye naya Dushman...
Apne aadesh Ne kaha....
Chor ka hath aur Wazir ki juban donon Kat Li jaaye.....
Chor ka hath aur Wazir ki juban donon Kar Di gai....
Usi din se use Desh mein choriyan band Ho Gai.....
Teacher... Tum bade hokar kya karoge ?
Chhatra...... Shaadi karunga ?
Teacher... Oh ho... Kahane ka matlab, tum
Bade hokar kya hasil karogi...?
Chhatra... Dulhan
Teacher... Are matlab Bade hokar mummy
Papa ke liye kya karoge...?
Chhatra... Main Bahu launga..!
Teacher... Hramkhor, tumhare papa
Tumse kya chahte Hain...?
Chhatra... Pota chahte Hain..!
Teacher... He Bhagwan, are Teri jindagi
Ka kya maksad hai...?
Chhatra... Ham do hamare do..?
Chhatra ki itni baten sunkar teacher behosh Ho Gaya....?
Bhikhari... Kuchh khane ko de de beta ?
Main bahut lachar hun...?
Aadami... Dekhne mein to tu bahut ,
Tagade dikhai dete Ho...?
FIR lachar kisse Ho...?
Bhikhari... Apni aadat se hun Sahab...?
Gaon mein Ramu Naam Ka ladka Apne Dada Ji ke sath rahata tha !
Ram Apne Dada Ji ke sath ek din Ko aise Pali Lana Sikh raha tha !
Ek din Ramu ko aise Jaise Pani Ghar lekar aaya, vaise hi Ramu ke hath se ghada chhod Gaya aur Sara Pani jameen per gir Gaya !
UN Dinon garmi Ka Mausam tha Pani ki Sang jarurat thi isliye Ramu ko dobara Pani Lene Jana pada !
Jab dobara Pani lekar Ramu Ghar aaya to...
Ramu Ko Pani ki kimat ka ehsas hua ???
Note... Pani ki kimat ka ehsas Ramu ko hua
Meena naam ki ladki,
Gaon mein rahti thi !
Ek din aur raste Se Ja Rahi Thi !
Tabhi use raste mein Chhota Ghar pakshi Mila ..!
Mina Ne use Ghayal pakshi ko,
Apne hath se uthakar ghar Le I !
acchi Se dekhbhal ki..!
Meena ne pakshi ke liye...
Khane aur pani ka intejaam Kiya !
धीरे-धीरे ek din aur pakshi theek ho gaya !
Aur FIR ek din....
Mina Ne use bacchi ko ?
Khule Aasman mein udane ke liye chhod Diya...!
Dekhte hi dekhte Ho bacche hawa mein ud chalayen...?
Gaon walon Ko se ek acchi Sikh Mili ki pakshiyon per Daya karna chahie use acchi dekhbhal karna chahie uske liye khane pane ki vyavastha karni chahie...?
एक कीड़ा रास्ते में घायल होकर अपने परिवार से अलग हो गया और खो गया। एक मेहनती चींटी उसे उठाकर अपने घर ले गई और उसकी चोट पर दवाई लगायी । अब उसने उससे उसके घर पता पूछा और उसे उसके घर पहुंचा दिया। कीड़े ने कहा, “धन्यवाद, तुमने मुझे बचा लिया।” चींटी बोली, ” कभी कभी छोटी चीजें भी काम आती है।”
सीख: कभी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए ।
एक दिन चिड़िया का घोंसला पेड़ से गिर गया। चिड़िया रोने लगी। बंदर ने पूछा, “क्या हुआ?” चिड़िया ने कुछ बताया। बंदर ने कहा, “मत रो, मैं तुम्हारा घोंसला करूँगा , अभी लकड़ियां लाता हूं। ” बंदर कुछ टहनियाँ ले आया और चिड़िया ने अपना घोंसला फिर से बना लिया । तभी से दोनों अच्छे दोस्त बन गए।
शिक्षा : “हमेशा दूसरों की मदद करो, ताकि जब तुम्हे मदद की जरूरत हो तो तुम्हारी मदद करने वाला भी कोई हो। “
Ichchayen manushya ko ,
kabhi jeene nahin deti....
Aur manushya
Ichchaon ko ,
kabhi Marne nahin deta...more
.......................
.
Gaon ki ek aurat ne...!
Teji se a rahi hai ek bus ko !
Hath dekhkar roka !
Driver Ne Achanak break mara !
Aur poochho....
Tumko kahan jana hai !
Aurat Ne kaha....!
Hamen Jana kahin nahin Hai !
Mera baccha ro Raha Hai !
Jara apna haran Baja to...!
..........................................................
Ek school mein....
Teen dost rahte the !
Jinka Naam tha....
Hindi...
Angreji....
Ganit....
Ek din yah teenon dost ghumne nikale !
Tabhi Achanak Inka accident Ho Gaya !
Tab tab Hindi Ne kaha....
Bachao bachao
Angreji Ne kaha.....
Help me help me
To batao ganit mein kya kaha ?
................... comment..........................
Lajo gaon ke pass wale kuen mein Pani Bhar rahi thi !
Tabhi usne samne se ek bujurg aate hue dekha !
Vah bujurg dhire dhire lajo ke pass aaya aur bola !
Beti hamen thoda Pani milega!
Lajo Ne kaha... Han han Baba !
Tabhi lajo ne apne ghade se aur bujurg Ko Pani pilaya !
Pani pilakar aur bujurg धीरे-धीरे hai aage Nikal Gaya !
Idhar lajo ghade mein Pani lekar Ghar pahunchti Hai !
Tabhi dekhti Hai ki vah bujurg...
Uske pita ke Sath baithkar baten kar raha hota Hai !
Tabhi lajo ke pitaji bolate Hain...
Lo bhai Ram din a gaye Meri beti yahi Hai Meri Beti !
Tabhi vah bujurg bolata hai...
Bade Sundar Sanskar diye Hain aapane !
Aapki beti bahut Sushil aur guruwar Hai !
Tabhi Ram ne lajo ke pita ji se bolate Hain !
Bhai main aapse ek baat kahana chahta hun !
Lajo ke pitaji bolate Hain !
Theek hai Raat din bolo kya kahana chahte ho !
Dekh bhai main apne bete ka rishta tumhari beti se karna chahta hun !
Ismein tumhen Koi taklif to nahin Hai !
Nahin nahin bhai Ramdev !
Aapane to hamare munh ki baat hi chhin Li !
Itne Bade Ghar Se Meri beti Ka rishta aaya Hai Main to dhan Ho Gaya !
Meri beti ke to Bhagya khul gai !
Are beti kuchh meetha le aao bhai sahab kuchh munh meetha kar le !
Ab to rishta pakka ho hi gaya hai !
Beti dekh tere sasur ji baithe hue hain !
Tumhen rishta manjur to hai na beta !
Manjur to Hai babuji lekin main tumhen chhodkar nahin Jana chahti hun! Tumhare dekhbhal Kaun Karega pitaji!
Are beti tu iski chinta mat kar !
Main apni dekhbhal kar lunga !
Teri shaadi bhi to karna jaruri hai na !
Theek hai pitaji Jaise aapki Marji !
Dekho bhai ramdin...
Ladki ne han kar diya hai !
Ab agale mahine mein Koi tarikh nikal kar shaadi kar di jaaye !
देखते-देखते shaadi ka samay najdeek a Gaya !
Donon gharon mein shaadi ki taiyari puri ho chuki thi !
Aur FIR vah ghadi a gai !
Donon bacchon ki shaadi kar di gai !
Ladki Ka Naseeb khul gaya !
Uska Bhagya chamak Gaya!
Ek Bade Ghar mein uski shaadi ho gai !
Ladki bahut khush hai !
Yah hota Hai ladki Ka Naseeb.....
Ek bar phone ki ghanti sunkar,
Bunty ne phone uthaya ?
Dusri taraf se awaaz I...
Hello ... Tumhara fridge chal raha hai.
Bunty... han chal raha hai !
Aap kaun
Phone karne wala caller....
To fir pakad Lo Varna bhag jaega !
Caller Ne thodi der bad dobara phone kiya
Hello fridge hai ....
Bunty... gusse mein bola nahin Hai !
Phone karne wala caller...
Kaha tha
Pakad lo
Varna bhag jaega ..?
................................................
Ladka... Baba Koi naukari nahin lag rahi hai ?
Ladka... Maine engineering kar rakhi hai !
Baba ji... Mujhe Koi upay bataiye !
Baba... Beta kaun se branch hai !
Ladka.... Electrical branch hai Baba !
Baba... FIR to mujhe nahin pata beta !
Kyunki Main mechanical se tha ..?
...........................................................................
Patni Ne Pati se poochha....
Achcha yah batao,
Tum murkh Ho Ya Main ...?
Pati..... Shant Man Se...
Chai ka ghut lete hue bolo...!
Priya ... yah baat to sab jante Hain,..
Ki tum tivra buddhi ke samne Ho !
Isliye yah kabhi Hui nahin Sakta,
Tum Kisi murkh vyakti se Vivah karo ?
..............................................................................
Gaon ki Gali Se bhikhari Gujar raha tha !
Ek Ghar Ka darvaja khula hua tha!
Aur use Ghar ke andar ek badhiya baithi hui thi !
Use budhiya ko dekh kar bhikhari bolo !
Khane ke liye roti de do Amma....
Hamen bahut joron se bhookh lagi Hai !
Budhiya... Roti to bhi Bani nahin Hai !
Bad mein aana !
Bhikhari.... Theek hai Amma !
Yah Lo mera mobile number !
Jab roti Ban jaaye to,
Hamen mis call kar dena !
Yah sunkar budhiya ki bhosdi Gaye !
Vah kahan kam thi !
Badhiya boli....
Mis call kya karni...
Roti jab Ban jayegi tu....
Sidha Ham WhatsApp per Dal dungi ...
Tum vahin Se download karke...
Roti nikal kar kha lena !
Amma ji ki baten sunkar !
Bechara bhikhari !
Behosh Ho Gaya....
.........................
America ka ek vaigyanik Bharat ghumne aaya ?
Aur yahan bajar mein samosa khaya !
America ke vaigyanikon samosa bahut swadisht Laga ?
America jaate samay kuchh samosa Bharat se apne sath Le Gaya ?
Aur vahan jakar Apne baap Ko dikha kar bola !
Sar yah samosa hai !
Upar Se maida aur andar Se aalu bhara hua Hai !
Andar aalu kaise bhara yah pata nahin Laga Paya sar !
Uske bakwas sunane ke bad....
Baap Ne jamkar use ek chanta mara !
Aur bola....
Use baap Ne apna suitcase khola !
Usmein se usne ek jalebi nikaali !
Aur kahan...
10 sal pahle mein Bharat gaya tha !
Vahan humne Jalebi Khai thi ?
Upar Se maida hai...
Iske andar jeene kahan se ghus Gai Abhi Tak Main pata nahin Laga Paya !
Aur tu ek aur samasya lekar Chala aaya ?
............................................................................
..
Do berham beton ne apni Man Ko dhakka dekar kuen mein dhakel Diya ?
Piche khadi uski chhoti bahan yah sab najara dekh rahi thi ?
Tabhi vah दौड़ी-दौड़ी Apne papa ke pass gai !
Papa se ro ro kar boli...!
Papa papa mummy ko bacha lo !
Bhaiya Ne mummy ko kuen mein dhakel Diya !
Papa ne beti ki baton ko Suna Kar Diya !
Aur dusri biwi ki pyar mein Kho Gaye !
Beti roti Hai vahan Se wapas a rahi thi ?
Tabhi Achanak raste mein Radha Mili ?
Aur poochhne lagi...
Beta kya hua...
Ro ro kar Puri baten Radha ko bol diya !
Tabhi Radha daudi daudi..
Kuen ke pass gai ?
Rassi ke sahare Man Ko Bahar nikala ?
Mane ro ro ke Puri baten Radha Ko Bata Di
Tab dusre din gaon mein panchayat bulaegi,
Panchayat mein donon bete ko Saja sunai ?
................................................................................
Jaj.... Tumhen talaq kyon chahie...!
Pati... Jaj Sahab,
Meri patni mujhse lahsun chalo aati Hai !
Pyaj katwati hai...!
Aur bartan maja aati Hai !
Jaj... Ismein dikkat kya hai ?
Lahsun ko thoda garm kar liya karo !
Aasani se chhil jaega !
Pyaj ko kaatne Se pahle...
Fridge mein rakh diya karo !
Kaatne ke samay Aankhen nahin jalegi !
Bartan manjne se 10 minut pahle...!
Bhare hue tab mein Dal diya karo !
Aasani se saaf ho jaega...!
Pati..... Samajh gaya hujur !
Jaj Sahab..... Ji wapas de do meri ?
.......................................................................
Ek bar ki baat to ek jungle mein chhoti lomdi rahti Thi !
Jiska Naam Goli tha !
Goli ko apna dost chini ullu ke sath rahana bahut pasand tha !
Vah khelte kahaniyan sunate aur khoob Masti karte The !
Goli ek chalak bhalu ko bhi janti Thi Jo bahut hi Chatur tha !
Chatur hamesha dusron ka chidhata aur uska naam rakhta tha !
Aur uska majak udata tha !
Ek din Se todna chini ko chidhana shuru kar diya !
Vah use pagal ullu kahane Laga !
Aur ullu ke bare mein buri baten bolane Laga !
Goli Ko pata tha nahin kar raha hai ! Lekin vah Apne Dosti khona nahin chahti thi !
Goli ko ehsas hua ki vaise Kisi Janwar se dosti nahin rakhna chahti thi !
Jo dusron ko dukh pahunchayen !
Usne Chatur ke sath Apne Dosti khatm karne Ka faisla kar liya !
एक बार की बात है, जंगल में एक छोटी गिलहरी था जिसका नाम गोली था। गोली को अपनी दोस्त चीनी उल्लू के साथ समय बिताना बहुत पसंद था। वे खेलते, कहानियाँ सुनाते और खूब मस्ती करते। गोली एक चालाक लोमड़ी को भी जानती थी जिसका नाम चतुर था। चतुर हमेशा दूसरे जानवरों को चिढ़ाता, उनके नाम रखता और उनका मजाक उड़ाता था।
एक दिन, चतुर ने चीनी को चिढ़ाना शुरू कर दिया। वह उसे "पागल उल्लू" कहने लगा और उल्लुओं के बारे में बुरी बातें बोलने लगा। गोली को पता था कि चतुर अच्छा नहीं कर रहा है, लेकिन वह अपनी दोस्ती खोना नहीं चाहती थी। बाद में, गोली चीनी के घोंसले पर उससे मिलने गयी। चीनी उदास था और उसने गोली से कहा, "अब सबको लगता है कि मैं अच्छा नहीं हूँ, क्योंकि चतुर ने ऐसा कहा।"
गोली को एहसास हुआ कि वह ऐसे किसी से दोस्ती नहीं रखना चाहती जो दूसरों को दुख पहुँचाए। उसने चतुर के साथ अपनी दोस्ती खत्म करने का फैसला किया। उसने चीनी से वादा किया कि अब से वह हमेशा ऐसे दोस्तों को चुनेगी जो दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें।
Ek chhote se gaon mein Ramu Naam Ka ek ladka rahata tha!!
Vah hamesha Apne doston Se kitaben aur khilaune mangta rahata tha !!
Lekin jab bhi Koi khushbu se mangta Ramu Sahab mana kar deta tha !!
Ek din uske doston Ne use Khel mein Shamil nahin kiya !!
Ramu ko samajh mein nahin aaya uske sath Aisa kyon hua !!
Uske dadaji Ne use samjhaya ki dosti mein Dena bhi utna mahatvpurn hai jitna ki lena
Ramu ne apni galti samjhe aur apne doston Se mafi mangi!
Ramu ne apne khilaune aur kitaben apne doston ke sath bantana shuru kar diya !!
धीरे-धीरे Ramu ke dost Ramu ke kareeb fir se a gaye !!
Ramu sekha ki sacchi dosti mein dene ka bhav bhi jaruri hai !!
Naitik Gyan.... Dosti mein Lena Hi nahin Dena dekhna hai mahatvpurn hai !!
कितना है मुश्किल क्यों ना हो सच....
उसे अपनाना ही पड़ता है !!
कुछ बातें ऐसे होते हैं ,,,
जो अपने बस में नहीं होती !!
दिल को यह समझना पड़ता है !!
आसान नहीं है जिंदगी में...
सुकून के दो पल निकालना !!
भूलनी पड़ती है कई बातें,
कई उलझन को !!
सब कुछ...
सब्र से ,,,
सुलझाना पड़ता है !!
कितना मुश्किल है सच
जिसे अपना ना पड़ता है...!!!
व्यवहारिक दुनिया ,
में ...
लोग सत्य के लिए नहीं,
लाभ के लिए लड़ते हैं !!
इसलिए ...
यह उन्हीं के साथ खड़े होते हैं ,,,
जिसके पास ...
पैसा प्रचारक समर्थ और भीड़ हो !!
यही कारण है कि...
व्यावहारिक दृष्टि से ऐसा लगता है !!
की सत्य...
पीछे रह गया है ,,
और
शोर आगे बढ़ गया है !!
यह जीवन का दोष नहीं ...
भीड़ की प्रवृत्ति का दोष है !!
जिंदगी में ....
कभी भी किसी को ,,
कम मत समझिएगा
पूरी दुनिया को...
डूबने वाला,,,
ताकत रखने वाला,
समंदर...
तेल की एक बूंद को नहीं डुबो सकता !!
जिंदगी में...
हमेशा उतार-चढ़ाव लगा रहता है !
कभी दुख का पडला भारी होता है !
तो कभी
कभी सुख का पलड़ा भारी हो जाता है !
जिंदगी में
कभी दुख आए तो
कभी भी घबराना नहीं चाहिए !
हम उन लोगों में से हैं......
जो रिश्तो को,
दिलों में ....
संजोग कर रखते हैं !!
पर जब सामने वाला....
बदल जाए!!
तो बिना शोर किय....
खामोशी...
से पीछे हट जाते हैं !!
अब ना शिकवा रखते हैं !!
ना ही कोई आ स रखते हैं !!
बस अपनी ही दुनिया में....
थोड़ी सी,,,
शांति ढूंढ लेते हैं !!!
हम उन लोगों में से है !!
जहां रिश्ते को दिल... !!!
संभालते हैं !!!
पर जब सामने वाला...
बदल जाए तो...
बिना शोर की ए,
खामोशी से पीछे हट जाते हैं !!
अब तो ना शिकवा रखते हैं ना ही कोई आ स...
बस अपने ही दुनिया में ....
थोड़ी सी शांति ढूंढ लेते हैं //
जंग की तरह होती है !!
जैसे ,,,
लोहा अपने ही जंग से....
खत्म हो जाता है !!
ठीक वैसे ही...
इंसान की नफरत ही,,,
उसे कहीं का नहीं छोड़ती !!
जड़ से ही मिटा देती है !!
खुद के दम पर,
एक अलग पहचान बनाओ.....
दूसरों के बताए,
रास्ते पर ...
आप दूसरे नंबर पर ही रहेंगे !!
कभी पहले नंबर पर नहीं आ पाओगे !!
सफलता वक्त...
और
बलिदान मांगती है !!
वह कभी भी ...
प्लेट में
पड़ोसी हुई नहीं मिलती है !!
किसी काम की शुरुआत करना आसान है !!
लेकिन कठिन है उसमें निरंतर बनाए रखना !!
खराब हो तो...
उसका साथ निभाना !!
उसके लिए,
सहारा ...
और हिम्मत बानो !!
बुरा वक्त तो..
कुछ दिनों में,,
गुजर जाएगा !!
पर उस समय ,,,
मिला आपकी मदद की दुआ !!
पर वह ...
आपको
पूरी जिंदगी देता रहेगा !!!
मां अपने तोतले बेटे से कहा। बेटा आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत । वर्ना वह लोग भी मना कर देंगे। बेटा...