जब सब कुछ,
लगने लगें,,
खाली खाली....
तब समझ लेना,
तेरी बगिया...
का तू ही फूल
और
तू ही माली है ।।
कभी बहार
तो
कभी पतछड मिलेंगे ।
न डरना,
न
घबराना तुम ।
जिंदगी की नई कोपलें
बढ़ाना तुम ।
न टूटना,न रूठना तुम ।
न करना
कोई बहाना तुम ।
मैं हूं तो सब है ।
बस खुद को यह याद
दिलाना तुम ।।
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