यह जरूरी नहीं,
कि
पुनर्जन्म (दूसरे जन्म)
के लिए
शरीर का त्याग किया जाय ।
की बार ,
बुरे विचारों को त्याग,
करने से
पुनर्जन्म मिल जाता है।
हमें अपने दिमाग से,
बुरे विचारों को त्याग देना,
निकाल देना चाहिए,
क्योंकि
यह हमारे लिए
बहुत ही अच्छा
विचार होगा।।
मोह इतना न करें,
कि
बुराईयां छिप जाये ।
और
घिरणा भी
इतना न करें,
कि
अच्छाईयां
देखी ही, न जाये।।
उलझनों से भरी
इस दुनिया में,
खुशहाल जिंदगी जीना,
किसी
कामयाबी से
कम नहीं है ।।

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