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मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

धन की खेती

 धन की खेती सब चुगे ।

रिश्ते बने हजार।।

सूखा पड़ा जब खेतों में।

उजड़ गया सब बाजार।।


जब तक आप की हांडी पक रहीं हैं।

हर कोई अपना चम्मच,

लेके खड़ा हुआ है।


हांडी ठंडी हुई नहीं।

     कि

लोग रास्ता ऐसे बदल लेंगे।।   

       जैसे 

कभी आप को जानते 

    ही नहीं थे ।

दुनिया की रीत यहीं है ।।


फसल कटी तों मेला।

बाक़ी सब अकेला ।।


बाप बड़ा ना भैया,   सबसे बड़ा रुपैया ।।


यही तों है,,,,,धन की खेती ?

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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