कामयाबी का ढोल,
समय से पहले न पीटें ।
आप के शुभ चिंतक...
दुआ कम ,
नजर ज्यादा लगाते हैं।
सफलता को गुप्त रखना भी एक कला है ।
क्योंकि .....
हर हाथ प्रार्थना के लिए नहीं,
बल्कि.....
कुछ गिराने के लिए भी उठते हैं ।
जब सिर्फ बीज बोया है तो,
फल आने तक रूकें रहो ।
क्योंकि .....
ऊंचाई पर पहुंचने से पहले ही ,
हवाएं उखाड़ने की कोशिश करतीं हैं ।
परिश्रम इतना गुप्त हो ,
कि .....
मंजिल खुद गवाही दे ।

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