कपटी से यारी,
लंबी बिमारी ।।
और
कर्ज की उधारी,
इंसान को जीते जी
मार देता है ।
पैर में चुभा काटा,
और
व्यापार में हुआ घाटा ,,
सभा में लगा चाटा,
इंसान कों
बहुत दर्द देता है ।।
ढलती जवानी,
दोगले की मेहरबानी,,
और
अय्याश रानी,
इंसान कों जीतें जी,
खत्म कर देती हैं ।।
क्लेश करने वाली लुगाई ,
कपटी भाई
और
इंस्पायर हुई दवाई,
जिंदगी के 12 बजा देती हैं ।
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