एक समय की बात है ।
सच और झूठ
दोनों
एक साथ स्नान करने गये ।
दोनों ने कपड़े
नदी के किनारे उतार कर
रख दिया ।
झूठ नहा कर आया ,
और
सच के कपड़े पहन कर चला गया ।
सच आया तो कपड़े गायब.....!
तब से सच निवत्र है ।
इसलिए
सच से कोई
मिलना नहीं चाहता है।
झूठ सच के कपड़े पहन कर
सच के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
और लोग झूठ को ही
देखना मिलना पसंद करते हैं ।

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