एक आदमी ने,
अपनी पूरी जिंदगी में,
कंजूसी करके खूब धन कमाया,
और इकट्ठा किया।
उसने अपनी पूरी जिंदगी में,
सिर्फ पैसा कमाया।
खर्च नहीं किया।
जिंदगी भर केवल बचत किया।
कभी इंज्वॉय नहीं किया।
किसी दोस्त के साथ कभी घूमने नहीं गया।
केवल धन जुटाने में,
अपना पूरा जीवन गुजार दिया।
और एक दिन जब उसका आखिरी समय आया,
तो यमदूत उसे लेने आए।
यमदूत ने कहा,,,, चलो तुम्हारा आखिरी समय आगया।
कंजूस ने कहां,,,,मेरा सारा धन लें लो ।
पर हमें एक दिन का समय दे दो।
यमदूत ने कहा,,,नहीं, अब तुम्हारे पास समय नहीं है।
तुम को अब चलना ही होगा।
कंजूस ने कहां,,,, मुझे दस मिनट के समय दे दो।
यमदूत ने कहा,,, ठीक है।
कंजूस आदमी ने,,,एक कागज़ का टुकड़ा और पेन लिया।
फिर लिखना शुरू किया।
उसने कागज़ पर लिखा,,,हमने अपनी जिंदगी में बहुत धन
कमाया,पर उस धन से अपने लिए एक दिन का
समय नहीं खरीद सकता ।
इसलिए आप लोग
खूब धन कमाइए,
पर उस धन का उपयोग कीजिये।
अपनें परिवार के साथ उस धन को खर्च कीजिए।
इंज्वॉय कीजिए।
कुछ बचत कीजिए।
मगर अपने जीवन में,,,
हमारी तरह कंजूस बनकर मत रहिए गा।
क्या पता कब बुलाया आ जाय ।
और हमें
इस दुनिया को छोड़ कर जाना पड़ जाय।
इसलिए,,,,
समय रहते धन का उपयोग कीजिये।
परिवार के साथ खुश रहिए।
दोस्त के साथ मौज-मस्ती कीजिए।
इंज्वॉय कीजिए।
खुश रहिए।
मस्त रहिए।
इतना लिख कर
वह कंजूस आदमी
अपना सारा धन
यही छोड़ कर
दुनिया को अलविदा कह गए।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें