दोस्त अगर आप की संगत अच्छे हो,
तो बड़े से बड़ा काम आसानी से किया जा सकता है।
आइंस्टीन जहां जहां लेक्चर देने जाते थे
वहां वहां उनका ड्राइवर
भी साथ जाया करता था।
और उनका लेक्चर ,
बहुत ध्यान से सुनता,,
और उसे याद कर लेता था।
ऐसा करते-करते ,
उस ड्राइवर को
आइंस्टीन के.....
सारे लेक्चर याद हो गए ?
और फिर एक दिन?
उसे ड्राइवर में आइंस्टीन से कहा ।
सर हमें आपके सारे लेक्चर याद हो गएहै ।
तब आइंस्टीन ने कहा...
कल हम ऐसी जगह जा रहे हैं।
जहां हमें कोई भी व्यक्ति नहीं जानता है।
वहां तुम हमारे साथ चलना।
मैं तुम्हारे साथ ड्राइवर बन कर चलुंगा।
वहां जाकर उनका ड्राइवर,,,,
बहुत ही अच्छा सा लेक्चर देता है।
और लोग खूब तालियां बजाते हैं।
इसे कहते है,,,, संगत का असर ।।।✅
साथ में रहते-रहते
उस ड्राइवर ने वह सारी
बातें सीख लिया और वह
लेक्चरर देने योग्य बन गया,,,?
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