दो आदमी
रेल की पटरियों के बीचोंबीच से
पैदल जा रहे थे ।
पहला आदमी...हे भगवान,
हमने तो इतनी सीढ़ीयां,
पहले कभी चढ़ी ही नहीं।
दूसरा आदमी...अरे सीढ़ीयां तो ठीक है,
मैं तो इस बात को लेकर,
हैरान हूं कि.....
हाथ से पकड़ने के लिए,,,
रेलिंग कितने नीचे लगी हुई है।
पिंटू साईकिल से बाजार जा रहा था ,
सामने से एक नौजवान आदमी आया,,
और पिंटू को रोका ।
पिंटू,,, ऐसे सामने से अचानक आ गया,
मरने का इरादा है क्या ।
विदेशी आदमी,,, मुझे ताजमहल जाना है।
तो जा न,,
ऐसे सबसे बताते फिरेगा तो ।
तू पहुंचे गा कब.....?
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