एक बार की बात है, जंगल में एक छोटी गिलहरी था जिसका नाम गोली था। गोली को अपनी दोस्त चीनी उल्लू के साथ समय बिताना बहुत पसंद था। वे खेलते, कहानियाँ सुनाते और खूब मस्ती करते। गोली एक चालाक लोमड़ी को भी जानती थी जिसका नाम चतुर था। चतुर हमेशा दूसरे जानवरों को चिढ़ाता, उनके नाम रखता और उनका मजाक उड़ाता था।
एक दिन, चतुर ने चीनी को चिढ़ाना शुरू कर दिया। वह उसे "पागल उल्लू" कहने लगा और उल्लुओं के बारे में बुरी बातें बोलने लगा। गोली को पता था कि चतुर अच्छा नहीं कर रहा है, लेकिन वह अपनी दोस्ती खोना नहीं चाहती थी। बाद में, गोली चीनी के घोंसले पर उससे मिलने गयी। चीनी उदास था और उसने गोली से कहा, "अब सबको लगता है कि मैं अच्छा नहीं हूँ, क्योंकि चतुर ने ऐसा कहा।"
गोली को एहसास हुआ कि वह ऐसे किसी से दोस्ती नहीं रखना चाहती जो दूसरों को दुख पहुँचाए। उसने चतुर के साथ अपनी दोस्ती खत्म करने का फैसला किया। उसने चीनी से वादा किया कि अब से वह हमेशा ऐसे दोस्तों को चुनेगी जो दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें।
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