एक जंगल में बाजों का समूह रहता था।
उन बाजों में,
एक बूढ़ा बाज भी था।
जो उस समूह का सरदार था।
उस बूढ़े बाज ने... सभी बाजों को आदेश दे रखा था।
कि
आकाश में उड़ते समय अगर किसी को
खाने का समान दिखाई दे तो,
वह दूसरे बाजों को आकर बताएगा।
जिससे सभी को भर पेट भोजन मिल सके।
उन सभी के बीच में,,,
एक लालची बाज भी था।
एक दिन वह लालची बाज उड़ते उड़ते,
जंगल से दूर निकल गया।
जहां उसने बहुत ढेर सा खाने का भोजन देखा।
भोजन देखकर उस बाज के मन में ,
लालच आ गया। कि अब हम यह भोजन
किसी दूसरे बाज को नहीं बताऊंगा।
और रोज अकेले आ कर अपना भोजन कर जाऊंगा।
रोज वह बाज जाता,
और अकेले अपना पेट भर भोजन कर चला आता।
एक दिन वह लालची बाज रोड़ पर पड़े हुए,,,
भोजन को खा रहा था, और वह खाने में इतना
मगन हो गया कि,उसे दूसरों की आवाज
सुनाई न दी।
उधर से तेज रफ्तार ट्रक हारन बजाते हुए,,,
आईं और उस बाज को कुचला कर चली गई।
इस लिए कहा गया हे....
लालच बुरी बला है ।।।
भ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें