एक बार कुत्ते और गधा की दौड़ हुई ।
कुत्ता ने ग गधा से कहा््
इस दौड़ में गांवके बाहर, रखें हुए सिंहासन पर
जो पहले बैठेगा, वह इस गांव का राजा होगा ।
कुत्ताकहा,,,, मैं तो दौड़ कर पहले पहुंच ही जाऊंगा ।
इस रेस में गधाक्या दौड़ पाएगा ।
पर बेचारे कुत्ता को क्या मलूम ।
गांव के हर चौराहे पर , दूसरा कुत्ता उसका इतजार कर रहा है
ठीक वैसा ही हुआ,,,
दौड़ शुरू हुई,,, बेचारा गधा धरे-धीरे गांव के उसे छोड़ तक
सिंहासन परजा बैठा,,,,,
पर बेचारा कुत्ता,, जैसे-जैसे आगे बढ़ता जा रहा था
वैसे वैसे गांवके हर चौराहे, और हर मोड़ पर दूसरे कुत्ते ने उसेकुत्ते का रास्ता रोककर, सिंहासन तक जाने नहीं दिया
इसलिए बेचारा कुत्ता पीछे रह गया।
जैसे-तैसे कुत्ता सिंहासन तक पहुंचता है तो वह वहां देखा है कि गधा पहले से सिंहासन पर बैठा हुआ था
। यह देखकर कुत्ता मायूस होकर वापस चला जाता है।।
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