भाई...
बोझ नहीं होता है ।
गिर जाए तो उठा लो ।
तक जाए तो सहारा दो ।
ग़लती हो जाए ,माफ कर दो ।
क्यों कि
भाई भाई होता है,बोझ नहीं ।
जब भाई,
साथ हो तो,पीठ सूना नहीं होता है।
वह हर वार ,अपने सीने पर लें लेता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
कोई रिश्ता नहीं होता है।
भाई दोस्त हैं।
भाई ढाल है।
भाई रक्षा कवच है।
भाई हिम्मत है।
भाई हौसला है।
भाई भाई में ,कैसी नाराजगी ।
कैसी होगी ।
इसलिए.....
दुनिया और औरों की बातों में आकर ।
कभी भी भाई का साथ मत छोड़ना ।
कभी दुनिया उसे छोड़ भी दें तो ।
अपनी पीठ पर.....

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