एक आदमी था।
वह बहुत गरीब था।
वह दिन भर पत्थर तोड़ने का काम करता था।
एक दिन वह खड़ा हुआ,
और आकाश की तरफ देख कर बोला,,
हे भगवान,,,
काश किसी महल का राजा होता।
तभी भगवान प्रकट हुए।
और कहां,,
तथास्तु।
इस पल वह महल का राजा बन गया ।
कुछ समय बीतने के बाद,,
उसे तेज धूप का एहसास हआ।
उसने कहा।
हे भगवान।
काश मैं सूरज होता।
तो मैं बहुत तेज चमकता।
भगवान ने कहा ,,,
तथास्तु।
इस पल वह सूरज बन गय,,,
और तेजी से चमकने लगा।
तभी वहां अचानक बादल आ गए।
और सूरज को तेजी से ढक लिया।
उसने कहा बादल तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है।
काश मैं बादल होता।
भगवान ने कहा ,,,
तथास्तु।
उसी क्षण वह बादल बन गया।
और तेजी से हवा में उड़ने लग,,,
उड़ते उड़ते हुए एक पहाड़ से जाकर टकराया।
तब उसे एहसास हुआ कि,,
यह तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है।
काश मैं पहाड़ होता,,,,
भगवान ने कहा,,,,
तथास्तु।
तभी वह पहाड़ बन गय,,,,
और मजबूत चट्टान की तरह खड़ा रहा।
तभी वहां एक आदमी हथौड़े से पत्थर तोड़ने आया।
उसने देखा और कहा।
अरे यह क्या।
यह तो वही आदमी,,,,
जो कभी हथौड़े से पत्थर तोड़ा करता था।
आज पहाड़ बनकर खड़ा हुआ,,,,
दोस्तों,,,,
ईश्वर ने इंसान को बहुत खूबसूरत बनाया है।
कोई
काला है तो कोई गोरा है।
कोई सूरज की तरह चमक रहा है।
कोई चट्टान की तरह .....हुआ
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