धनबाद के स्टेशन पर एक गाड़ी आकर रुक गई।
तभी उसमें से एक नौजवान आदमी गाड़ी से,
नीचे उतरता है।और कुली को ढूंढने लगा।
पर उस समय वहां पर एक भी कुली नहीं था।
अचानक उस नौजवान आदमी ने,
एक बूढ़े आदमी कों देखा,
और उसने उसे ही कुली समझ बैठा।
उसने उस बूढ़े आदमी से कहा,
मेरा सामान उड़ाओ और ले चलो।
उस बूढ़े आदमी ने, चुपचाप सामान उठाया
और उस नौजवान के पीछे चल दिया।
घर पहुंचकर कर उस नौजवान ने,
उस बूढ़े आदमी को पैसे देने लगा।
मगर बूढ़े आदमी ने पैसे लेने से मना कर दिया।
बूढ़े आदमी ने कहा....
मैं पैसा नहीं लूंगा।
मगर तुम हमको वचन दो।
तुम अपना काम खुद करोंगे।
तुम इस देश के भविष्य हो।
उस नौजवान ने वादा किया।
और उसी दिन से,
वह जवान।।।।
अपना काम खुद करने लगा ।
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