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बुधवार, 19 जून 2019

एक दिन अचानक

एक समय की बात है,
एक दिन अचानक,
सुख और दुःख की
रास्ते में मुलाकात हो गई।
दुख ने सुख से कहा..
भाई तुम कितने भाग्य शाली
हो,तुमको पाने के लिए
लोग तुम्हारे पीछे पीछे
भागते हैं।इतनेमें सुख
हसा और बोला... यह सही
नही है।दुख ने कहा
सुख से वह कैसे...फिर सुख बोला...
लोग सुख पाकर अपनो को भूल जाते हैं..
मगर दुख अपनो को याद दिलाता हैं।

मंगलवार, 11 जून 2019

डरे नहीं

हम जब स्कूल य कालेज
मे होते  हैं तो अपने कैरियर को लेकर सोचते रहते हैं।
 कि अब।  हमे आगे का
करना है, जिससे हम  आगे
बढ सके।
सही निर्णय ले...
  हमे अपने आप से खुद ही
अपने भविष्य को लेेकर
सही निर्णय ले
और अपना
  चुनाव  खुद करे कि अब
हमे और   आगे  का करना
चाहिए और का नही...
न समझे   खुद को कमजोर.... जब हमे
वह सफलता नही मिलपाती जो सफलता
हम तलाश  रहे  होते
हैं तो    हम कठोर और
निष्ठुर   बनकर अपने आप को दण्ड देने  लगते हैं।
हमे इससे बचा जाना  चाहिए... अनुशासन और
कडी  मेेेहनत सही चीज है,
लेकिन फिर भी स्यम की
अधिक अलोचना और खुुद
को  नालायक समझने से
बचा जाना चाहिए...
हम सब की अपनी अपनी
शक्ति और कमजोरियां होती हैं.......

...बिफल   होने  का  मतलब यह  कतई नहीं है कि आप का पूूरा जीवन ही विफल हैं......
       
... kumarram965129@gmail.com........
..................................
,.................................

रविवार, 9 जून 2019

लडका

एक लडका अपनी मां से बोला....
मां मां मै एक
ऐसी लडकी  से
शादी करेंगे जो
हमारी बूढ़ी मांं
की सेवा कर सकेे..
इतने मे मां ने
दो तीन थप्पड़ दिया....
बेटा बोला मां
यह का...
तुमने मुझे
मारा....
इतने मे मां
बोली.....
तू बूढ़ी किसको
बोला रे....
........।।।........

मंगलवार, 4 जून 2019

दो बच्चों की मां

दो बच्चों की मां...
तीसरी    शादी  कर रही थी ...
वहीं पर पास मे बैठा
एक छोटा  बच्चा जोर
जोर से....
रो रहा
था...
वह       चुुुप  होने
का नाम  नही ले..
रहा था...
इतने    मे दो
बच्चों की मां
बोली...
चुप      हो जा
वरना     अगली
शादी में  मै  
तुझे    नही  लेकर
जाऊगी....
यह बात  सुनकर
दूल्हा  बेहोश होकर
गिर पड़ा.....

गुरुवार, 30 मई 2019

मै मन्दिर गया

एक दिन सुबह का समय था।जब मै सुबह उठा नहा धोकर फ्रेश हुआ।...
    और फिर मैैैने नया कपडा पहना और मन्दिर की ओर
चल दिया।कुछ दूर चलने के बाद
 मैंने देखा कि एक बाबा भिक्षा
माग रहा था।
और फिर मै धीरे धीरे उस बाबा के पास पहुंचा,और मैैैने अपनी जेब से दस ₹निका ल
कर उस बाबा
को दे दिया।तब बाबा बोला ...
  आज मै बहुत खुश हूं.... बेटा मागो तुम्हेंं का
चाहिए... तब मै बोला...
बाबा...मुझे सौ ₹
दे दो...
मेरी बात सुनकर
वह बाबा बेहोश हो गया।
तब मैने उस बाबा के मुह पर
पानी का छीटा
मारा और तब
वह बाबा होश
मे आया, फिर वह अपने घर गया.......

गुरुवार, 23 मई 2019

फर्क

आज के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में सही और गलत का फैसला खुद ही करना पडता है।

शनिवार, 18 मई 2019

अनजान नंबर

एक लडकी को एक
अनजान नंबर से फोन आता हैं।
लडकी... हलो
मै,कुछ नहीं सुनना
चाहती हूँँ।
मै एक शादीशुदा हूँ।
और हमारे पास एक
सही पति हैं।
लडका....हलो
मैं सिटी थाने से
बोल रहा हूँ।
आप का सही पति
हमारे पास सिटी
थाने मे है, वह लडकी
छेडते हुए पकडा गया हैं।आकर अपने पति को लेकर जाऐ।
..........। ।.............
...........................

रविवार, 12 मई 2019

सही उत्तराधिकारी

कुछ समय पहले की बात है।दूर देश में एक राजा रहता था।उसके दो बेटे थे।
उस राजा के राज में जनता बहुत खुश थी।धीरे धीरे समय बीतता गया ,राजा
बूढा होने लगा।फिर वहा की जनता ने
राजा से कहा......
   आप के दो बेेेटे हैं।आप दोनो मे किसको यहाँ का राजा बनाएंगे।
  तब राजा ने अपने दोनो बेटो को बुलाया, और दोनो बेेेटो को चनेे से भरी
हुईं एक एक बोरी दी।और अपने
दोनो बेटो से कहा की हम  छह ६
महीनों के लिए बाहर जा रहे हैं।
वापस आने पर हमे यह चने से भरी
हुई बोरी चाहिए।
तब बडे बेटे ने उस बोरी को एक सुरक्षित जगह पर रख दिया।और बोला वापस आने पर मै इसे दे दूगा।
  छोटे बेटे ने सोचा कि हम इस चने को
खेत मे डाल देते हैं।और ठीक से उसकी देखभाल कर, इस से अधिक मात्रा में
पैदा वारी करके कई बोरिया भर कर मै
वापस करें गे। और फिर उसने वैैसा  ही किया।
  उधर छह महीने बाद राजा वापस
आता है, और अपनी चने से भरी बोरी
को अपने दोनो बेटो से वापस मागता हैं।
 बडा बेटा बोरी लाकर रख देता हैं।
राजा जब बोरी खोलता है तो वह
चने से भरी हुई बोरी खराब निकलती  है।

दूसरा बेटा चनेे से भरी हुई दस
बोरिया देता है।
यह देख कर राजा बहुत खुश होताा हैं।
तब राजा उससे पूछता हैं तुमने यह
सब कैसे किया।
तब उसने कहा कि हमने उस चने
की बोरी को खेत में डाला और खूब
ठीक से देखभाल की, फिर इतना अधिक
पैदावारी कर मैैैने आप को दिया।
 यह सब देख राजा खुश हुआ
और अपने छोटे बेटे को अपना
उत्तराधिकारी बना दियाा।
...........................................।।।

गुरुवार, 9 मई 2019

प्यासा कौवा

एक कौवा था।
वह बहुत प्यासा था।
उसने पानी की तलाश की।
लेकिन कहीं पानी दिखाई नहीं पडा।
वह बडा दुुुखी था।
थोड़ी देर में एक घडा देखा।
जिसमे थोडा पानी था।
उसने घडे मे चोच डाली।
लेकिन पानी नही पाया।
उसकी चोच पानी तक नही
पहुंची।
उसने एक उपाय सोचा।
उसने कंकड के टुकड़े को,
उसमे घडे मे एक एक करके डाला।
तब धीरे धीरे कर पानी    ऊपर आ गया।
तब कौवे ने पानी पी लिया...
और अपनी प्यास बुझा ली....
   कहानी से हमे यह सीख मिली...
कभी हार  नही मानना चाहिए....
............

शुक्रवार, 3 मई 2019

Agra Ka tajmahal

This year on 7th August I went to Agra with my friend Umesh and naresh.we went to Agra to see the Taj by bus and passed the night in a hotel.
   When we were in the Taj compound.our guide told us
That the Mughal emperor Shah jehan build it in they memory of his Queen Mumtaz mahal.it was built in twenty years and twelve thousand people worked on it.
It is built of white marble.So it attracted us very much.in the opinion of my friend it is a dream in marble.we found it matchless . Our guide told
That due to it
Agra is known as the city of the Taj.
  I saw it again and again.
The more I saw it.the more I wanted to see it.
I saw it also in the moonlight.It
Looked white the silver.in my opinion it is the
Most beautiful building in the
World.It is piecs
Of art. It is a model of indian
Workmanship.
It is the glory of
The Mughal period.
%%%Our country
        Is proud of it...........
.......................


शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

जीवन का सच

कहते हैं मनुष्य जैसा कम्र करता हैं उसी प्रकार से फल भी वैसा ही उसे मिलता हैं।जिस तरह से गलत चाभी लगाने से घर का दरवाजा नही खुलता उसी तरह से गलत कर्म करने से ईश्वर की प्राप्ति नही होती.....आइए जानें कैसे...

गुरुवार, 25 अप्रैल 2019

नन्ही चिडिया

एक बार एक गांव में
आग लगी थी।गांव के
सारे लोग आग बुझाने में लगे हुए थे।तभी वहां पर एक छोटी सी
चिडिया आई,और थोड़ी दूर से अपनी
चोच मे पानी लाकर
आग पर डालने लगी।
वही बैठा हुआ कौवा
चिडिया की सारी हरकते देख रहा था।कौवा चिडिया के पास गया और बोला,
तुम बेकार मे परेेेशा न
हो,तुम जो कर रही हो
इससे आग बुझेगी नही।तब चिडिया
बोली ,कम से कम हम प्रयास तो कर रहे हैंं।तुुम्हारी तरह
निकम्मे तो
नही जो यहां डाल
पर बैठ कर तमाशा
देख रहे है। ......
अपनी सोच बदलिए...
छोटी चिडिया की
तरह बनिए,...
कौवा की तरह नही...
  • ..............................

बुधवार, 24 अप्रैल 2019

मन करता हैं

क ई बार करता हैं कि
अपने जिंदगी से हार मान
लू मगर एक बार  फिर मन
मे सोचता हूूँ  कि अभी तो
बहुत कुछ बाकी हैं।
मन कितना चंंंच ल
होता है।कभी कुछ
सोचता है ,सोचा हुआ
कुछ काम पूरा होता है
तो कुुु छ वैसे ही अधूरा
सा पडा रहता हैं।कहते
हैं जिन्दगी से कभी हार नही मान ना  चाहिए।
सघर्ष करना चाहिए,
लडना चाहिए,
मन की उदासी
छोड़ कर,उस बिन्द्दू
पर फोकस करना चाहिए।
वैसे तो जिंदगी में
उतार चढ़ाव लगा
रहता हैं।कभी शुख
का पलडा भारी होता
है, तो कभी दुःख का।
हार मानना बुजदिली ही
नही कायरता भी  है...
इसीलिए तो कहते हैंं....
सघर्ष करो और आगे बढो....
कयोंकि... डर के आगे जीत हैं।

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

कमाल है

अमेरिका में रहने वाला एक आदमी,ने बेकार पडे हुए एक कबाड़ बन चुके बोईग 787
बिमान को   एक आलीशान
घर बना डाला ।
जिसमे  बिमान के पंखो
को उसने डेक के रूप में
और काकपिट को पढने
के रूप में लाते हैं।
जिसमे खूबसूरत दिखने
वाला वाथरूम  भी है।
.............।।।।।.।..........

रविवार, 14 अप्रैल 2019

एक गरीब बालक

पंकज नाम का एक बालक था।
वह एक गरीब परिवार में पैदा हुआ
उसके पिता बहुत ही गरीब थे।
उसकी पढाई लिखाई बहुत
कठिन समय मे हुई।
वह बहुुु त कठिनाइयों के साथ
और बहुत गरीबी मे अपनी पढाई
लिखाई पूरी करता था।
उसके पिता दिन भर
दूसरो के यहाँ मजदूरी करके
अपना तथा अपने परिवार का
पालन करता था।

बहुत कठिनाइयों से वह
अपने लडके को पढा पाता था।
धीरे धीरे लडके की पढाई पूरी होती गयी।
और धीरे धीरे पंकज बडा होता गया।
और फिर एक दिन पंंंकज की पढाई
पूरी हुईं और वह शहर नौकरी की तलाश
मे निकल पडा....और वह शहर जाकर
एक कारखाने में नौकरी करने लगा।
धीरे धीरे उसने कुछ पैैसे का इंतजाम
किया और उसी पेैसे से उसने
बिजनेस शुरू किया।
और धीरे धीरे उसका बिजनेस
एक दिन निकल पडा।और
फिर उस बिजनेस से उसने
बहुत सा पैैैसा कमाया....
उसने अपने कमाये हूुुए
पैसे से अपने गांव के लोगों
के गरीब परिवार की बहुत
मदद त की ।उनके
परिवार में गरीब बेटियों के लिए
दान दिया ।उनकी शादी कराई।और गांव में एक छोटा सा कारखाना
लगाया।उसमेे गांव के लोगों को
रोजगार दिया।और गांव के सभी
लोग पंंं से बहुत खुश थे।
......।।।।।।।।।।................।।।।।।।।।..........................।।।.

गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

एक सेठ

एक दूर नगर मे मखन लाल
नाम का सेठ रहता था।
उसके पास किसी भी
चीज की कमी नही
थी।उसके पास धन
भैभव ,सोहरत सब
कुछ था।
लेकिन उसे मन की
शान्ति नही थी।
पडोस मे एक शन्त
जी रहते थे।सेठ उस
शन्त के पास गया,
और बोला...
हमारे पास सब कुछ
है पर मन की शान्ती
नही है...।
शन्त वहाँ से उठा
सेठ भी शन्त के पीछे
चला.....
शन्त कुटी मे जाकर
बैठ गया...और फिर
कुछ लकडिय़ों को
अपने पास रख कर
उसमे आग लगाई...
फिर उस आग मे
एक एक लकडी
बारी बारी डालने
लगा...एक के बाद
एक लकडिय़ों को
आग मे डालता..
जैसे जैसे आग मे
एक एक लकड़ी को
डालता वैसे वैसे आग
की लौ और तेज होती....
और फिर थोडी देर बाद
शन्त वहां से उठा और
फिर अपने स्थान पर
आकर बैठ गया....और
बहुत देर तक मौन बैठा
रहा कुछ बोला नही.....
यह देख कर सेेेठ
 बोला ..
आप कुछ बोल नही
रहे हैं कुछ उपाय नहीं
बताया....
शन्त बोला ...
इतने देर से हम
आप को बताने की
कोशिश ही कर रहा
हूँ।....जिस
आग मे  काम...क्रोध.. मोह..
माया...लोभ..यह सब
जल जायेगा ,तभी मन
को शुकून और शान्ती
मिलेेेगी.....सेठ
सब कुछ समझ गया
वह वहाँ से उठा और
अपने घर चला गया...
.........।............।।।।।

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

पिता पुत्र

एक दिन की बात है,
बाप बेटा दोनो अपना
गधा लेकर किसी दूसरे
शहर उसे बेचने जा रहे
थे। दोनो गधे को हाकते
हुए जा रहे थे।
  थोड़ी  दूर जाने पर एक
आदमी ने देखा और बोला
कैसे पागल लोग हैं गधा
साथ मे है फिर भी दोनो
पैदल जा रहेे हैं.....
यह सुन कर बाप ने
बेटे को गधेे पर बिठा
दिया...
थोड़ी दूर जाने पर दूूूसरा
आदमी मिला और बोला...
अरे देखो इस पागल को...
बेटा गधे  पर बैैैठा हुआ है
और बूढ़े बाप उसके पीछे
पैदल जा रहा है...
यह सुन कर बेटे ने
बाप को गधे पर विठा दिया..
ंऔर आगे बढेे तो तीसरा आदमी मिला और बोला...
अरे यह देखो...
बाप गधे पर बेटा पीछे ...
यह सुनकर बाप
बेटे ने गधेे को कंधे पर लादकर ले जाना चाहा...मगर इतने मे गधे ने
जोर से लातमारी
और बाप बेटे की पसली टूट गई... और फिर.. गधा भाग गया.....

मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

जब बैंक से निकाला पैसा

अफ्रीका का जाना माना
बिज नेेशमैन "अलीको डेंगोट"
जो  बहुत ही  मशहूर हैं।
वह  छोटे  स्तर  से लेकर
बडे  स्तर  तक अथवा यूं
कह   सकते है आप सींमेट
बनाने  से लेेेकर  आटा ,
और  खेेती बाढी  तक
का  विजनेेश करता हैै।
    एक दिन वह देखना


 चाहता  था कि हम सही
मे  अमीर हैंं  यह महज
एक  दिखावा  हैै।
वह  एक  दिन  अपनी
चार  पहिया वाहन लेकर
बैैंक  जा  पहुुंुचा।और
अपने  रखेे हुऐ  बैंक मे
साारे  पैैसे  निकाल कर
गााडी मे भरकर  घर
लेेेजाकर  ऐक  कमरे
मे।  रख दिया।और
उस।   पैसे को डेंगोट
ने  जीी   भर  कर देेखा
और।  फिर  दूूसरे  दिन
उसे बैैक मे लेे जाकर
जमा कर दिया।

सोमवार, 8 अप्रैल 2019

किसान के खेत में

एक गांव में एक किसान रहता था।
वह बहुत मेहनत करता था।
ईमानदारी के साथ अपना
अपने परिवार का पालन
करता था।सके पास थोडी
सी जमीन थी।
उसी  ज मीन मे वह मेहनत
करता और खूब अनाज
पैदा करता ,उसी मे खाता था,
और जो अनाज  बचता उसे
बेचकर पैसे जमा करता था।
उसी
मे वह और  उसका परिवार
खुशहाल जीवन जीता था।

बुधवार, 3 अप्रैल 2019

पनी बेचने वाला लडका

एक लडका ,जो स्टेशन पर पानी
की बोतल बेेेचता था। पानी की
बोतल बेच कर अपना और अपने
परिवार का पालन करता था।
वह रोज शुबह उठ कर नहा कर
रोटी खाकर ,और  हाथ मे पानी
की बोतल लेेे कर शुबह शुुुबह ही
स्टेशन पहुुंच  जाता था।
   एक दिन.....
                जब वह पानी की बोतले
बेच रहा था तब  एक सेठ ने उसे बुलाया और बोला.....
  एक बोतल कितने की है....
लडका कुछ न बोला।
मुस्कुरा  कर     आगे निकल गया।
सेठ जी के बगल  बैठा  दूूूसरा
आदमी लडके  को  देख रहा था।
उस आदमी ने सोचा  लडका
मुस्कुरा  कर    आगे  निकल
गया... आखिर क्यों....
इसका मतलब  कुुुछ तो है...
उस आदमी से रहा नही गया,
और वह वहाँँ से उठ कर
उस लडके के पास गया
और पूछा......
बेटा तुम वहां   से  मुस्कुरा कर
आगे निकल  गयेे ......
इसका मतलव....
   अरे भाई ...
इसका मतलब यह है कि ...
   सेठ जी  को  प्यास लगी
ही नही थी...वह तो केवल
पानी के बोतल    का दाम
पूछ  रहे  थे........
जिसको  प्यास     लगी
होती  है   वह    पानी
पहले  पीताा है दाम
बाद मे पूछता    हैं।
इसी लिए हम आगे
निकल आऐ........
.।।.................।....................।।
.

सोमवार, 1 अप्रैल 2019

एक आदमी

एक आदमी रोज बस से
सफर करता था पर बस
का टिकट नहीं लेता था।
  बस वाला बोला...
भाई साहब
 टिकट ले लो।
वह आदमी बोला हम
टिकट नहीं लिया करते।
  अगले दिन फिर वह आदमी
आया । और बस पर सवार हुआ
बस वाला वोला टिकट....
वह आदमी  रौब से बोला...
तेरे समझ मे नही आता हम
टिकट नही लेते।बस वाला
घबरा गया और उसने यह बात
दिल पर ले ली।
ऐसा करते करते उस आदमी
का तीन महीने बीत गया।और फिर.....
एक दिन बस वाला उस आदमी
के सामने जोश के साथ खडा
हो गया और बोला.......
भाई टिकट ले लो।
आदमी बोला समझ मे नही
आता है कि हम टिकट नहीं लेते हैं।
आज टिकट ले लो..
आदमी... पास बनवा रखा है।
इसलिए मै टिकट नहीं लेता।

रविवार, 31 मार्च 2019

शनिवार, 30 मार्च 2019

एक गरीब बालक

एक गांव में जय नाम का
गरीब परिवार का बालक
रहता था।  वह कक्षा आठ
तक प ढा हुआ था। एक
दिन  उसनेे किसी कंपनी
मे आवेदन किया। और
इंटरव्यू देने गया।वहाँ पर
उससे पूछाा गया कि  बेटा
तुम्ह्हारे पास मेल आईडी प्रूफ
है ,  उसने कहा नही। तव
उसने कहा  कि तुम नौकरी के
योग  नही  हो।
   उस समय उसके जेब मे
केवल 100₹ था। वह वहाँ
से चला आया।और घर पर
बैठ  कर यह सोचने लगा कि
अब हम करे।
     फिर   उसने  बजार
जा कर  100₹ का सेब
खरीदा,और  उसे घर घर
ले जाकर बेचा। उसे 60₹
का फायदा  हुआ।
     फिर वह  बजार
गया   फिर  उसने सेब
खरीदा और  उसे  बेचा।
खरीदा बेचा,  खरीदा बेचा।
ऐसा   करते।   करते एक
दिन  वह बहुत  बडा  आदमी
बन गया।
 इसी लिए   कहा गया है।
मेहनत करने  वालो की
कभी। हार  नही  होती।...
अब वह बालक बहुत ज्यादा
बडा    आदमी बन चुका था।

बुधवार, 27 मार्च 2019

परेशानियों का हल

कहते है परेशानी का हल खुद ही ढूंढना पढता  है।
एक गांव में वीर नाम का किसान रहता था।
वह वहुुत गरीब था। दिन रात मेहनत
मजदूरी करके वह अपना और अपनेे
परिवार का पालन करता था।
  दिन रात वह इसका हल निकालने की
कोशिश करता था। पर उसके कुछ
समझ मे नही आता था।
एक दिन वह बजार जा रहा था।
कि अचानक उसे साधू दिखाई दिया।
वह किसान साधू के पास गया और बोोला।
बाबा, मै परेेेशान रहता हूँ, मुुझे मेरी ...
परेशानी का हल बताा दो...
  बाबा वोला...ठीक है ।
कल सुबह आ जाना ।
किसान सुबह बाबा के पास पहुंचा और ...
बाबा उस किसान को नदी के तट पर
ले जाता हैं और क ता है...
तुम इस पार रहो हम नदी के उस ..
पार जाकर तुमको इस समस्या का
हल बतााऊगा.....
बाबा वहीं खडा होकर नदी के सूखने का
इंतजार करते हैै।
बाबा को वही खडे खडे कई घंटेे बीत
जाते हैं.......
इधर किसान परेशान हो जाता हैं।
और बाबा उधर नदी के सूखने का इंंंतजा र करते हैं।
   तब किसाान बाबा से कहता है।
हमे उस पार चलना चाहिए कब तक हम
नदी के सूखने का इंतज़ार करते रहेंगे।
तव बाबा वोले यही तो मै तुमको समझाने की कोशिश
कर रहेे हैं..... कि जीवन एक नदी के समान है......
जहां इंसान के लाइफ मे उतार चढााव लगा रहता है।
कभी शुुुख आता है तो कभी दु:ख।
नदी को.खद ही  पार करना पडेगा...।।।।

मंगलवार, 26 मार्च 2019

दानी राजा

बहुत समय की बात है।किसी नगर मे एक राजा था।
वह बहुत ज्यादा
दयालू और दानी था।ईश्वर भी कभी कभी सही लोगो
की परीक्षा लेेेता है।
   ऐसा ही उस राजा  के साथ भी हुआ।
ईश्वर ने राजा की परीक्षा ली...
 कैसे... ईश्वर ने बाज  बनकर एक कबूतर
का पीछा किया ,कबूूूतर आगे बाज
पीछे उडता हुआ
कबूतर राजा की
गोद मे जा गिरा।
बाज भी वहां जा कर पहुंचा, और राजा से बोला...यह मेरा।  भोजन है इस कबूतर को मुझेे दे दो।।   राजा बोला यह मेरी शरण मे
है हम इसकी रक्षा करेेगे...इसलिए हम इसे तुमको नही दे
सकते...राजा बोला अगर इसके बराबर
तुुमको मांंश दे दे तो...बाज बोला ठीक है।
तव राजा एक तराजू पर कबूतर को रखा और दूसरी ओर अपने शरीर से मांंस को निकाल कर तराजू पर रखा...पर यह का कबूूतर का   पलडा  भारी  होने लगाा...तब राजा खुद ही तराजू पर
बैैैठ जाता हैं।
फिर ईश्वर साक्षात दर्शन देते हैं।और राजा के इस दान से खुुश होकर राजा को बरदान  देकर अन्तरध्यान हो जाते हैं।....

सोमवार, 25 मार्च 2019

एक किसान

एक किसान के तीन बेटा था।वह हमेशा लडाई झगड़े आपस मे करते रहते थे। किसान परेशान रहता ता।वह बहुत समझाने की कोशिश करता मगर वह नही मानते।...
    और फिर एक दिन....
    किसान ने तीनो बेटो को अपने पास बुलाया और तीनो के हाथो मे एक एक लकडी दी....
और इन लकडी को तोडने के लिए कहा....तीनो ने वह लकडी तोड दी...और
फिर दुुबारा उस किसान ने तीनो लकडिय़ों को एक साथ बाँध कर ,फिर
उसे अपने बेटो को दिया, और बोला अब
इन बधी हुई लकडिय़ों को तोडो....
तीनो बेटो ने बारी
बारी खूब प्रयास किया
मगर उन लकडिय़ों को तोड न सके....
 तब किसान बोला...
देखा एकता मे कितनी ताकत है।एक लकडी दिया तो उसे तोड दिया, और अब तीनो को एक साथ तोोडने को बोला तो तुुम तीनो मे से कोई भी उसे तोड़ न सके।
   इसीलिऐ कहते हैं।
मिल जुुल कर ,रहना चाहिए.....

शनिवार, 23 मार्च 2019

एक जिद्बी लडका

एक लडका भगवान से मिलने के लिए हठ कर बैठा।वह रोज अपने घर पर घर वालो से कहता,कि मै भगवान से मिलना चाहता हूँ।उनके साथ बैठ कर खाना खाना चाहता हूँ।घर वालो ने वहुत समझाया पर वह वालक नही माना।और फिर एक दिन..... वह वालक घर पर रखी हुई कुछ रोटियां एक छोटे से कपडे के थैली में लेकर भगवान से मिलने के लिए  घर से निकल कर चल दिया।चलतें चलते उस बालक को एक नदी दिखाई देती है।उस नदी के  तट पर एक बूढ़ा आदमी बैठा दिखाई देता हैं वह वालक उस बूढे आदमी के पास जाता है और 

मंगलवार, 19 मार्च 2019

मौत के बाद

अगर घर का मुखिया की अचानक मौत हो जाऐ तो जरा सोचो उस घर मे कहर टूट पडता है, उस घर के लोग विखर जाते हैं।उस घर की सारी खुशी गम मे विखर जाती है। उस घर के लोग दाने दाने को मोहताज हो जाते हैं।कुछ ऐसा ही हुआ ,एक गांव में एक गरीब परिवार के साथ। घर का मुखिया काम पर जा रहा था।और थोड़ी दूर जाने के बाद उसे एक गाड़ी ने जोर से ठोकर मार दिया।और उस की म्रृत्यु हो जाती है।अब उस घर मे कमाने वाला नही है।उस घर के लोग दाने दाने को मोहताज हो गये।लेकिन तभी उस मजदूर की पत्तनी को याद आया कि.......
   उसके मजदूर पति ने तीन महीने पहले एक दुर्घटना पालिसी ले रखी थी।उस पालिसी को लेकर वह महिला बीमा कार्यालय पहुुंचकर अपनी पूरी बात बताती है।और अपनी पालिसी वहां जमा कर देती है। और बीमा का पूूरा कागजात बन जाने  के बाद
10 दिन के बाद उस महिला के घर  बीमा अधिकारी 10लाख का चेक लेकर उस मजदूर के घर पहुचते हैं।और उस मजदूर की पत्नी को चेक देेेता  है ।तव जाकर उस घर मे खुशिया आती हैं।

चेल्सी

आज के इस इंटरनेट के दौरान सब कुछ संभव है।नेट से पैसा ही नही एक जगह बैठ कर पूरी दुनिया को भी देखा जा सकता है।इसी मे एक नाम चेल्सी का है।जो आस्ट्रेलिया की रहने वाली है।जो कि यह आनलाइन गेम खेलती है।जिस समय यह गेम खेल रही होती हे,उस समय स्सपासर और विक्षापन आते है।जिसके कारण चेल्सी को खूब ढेर सारा पैसा मिलता है।कहाँ जाता है कि चेल्सी एक घंटे में 8 लाख ₹ कमा लेती हैं। चेल्सी के 40 मिलियन फैंस है।दिन प्रति दिन लोग इसको लाईक और फलो करते जा रहे है।

रविवार, 17 मार्च 2019

14 वर्षो तक सोती रही उर्मिला

लक्ष्मण की पत्नी  14 बरस तक सोती रही।
ऐसा  का  हुआ था  आइए जानते हैं......
     हुआ यह था कि  राम को जब 14 वर्ष का
बनवाश हुआ था,  तब  लक्ष्मण ने  राम और
सीता   की   सुरक्षा  और उनकी  हिफाजत
करने के लिए  14  वर्ष  तक अपनी निद्रा
को  त्याग दिया था, और अपने  हिस्सा की
निद्रा  अपनी पत्नी  उर्मिला  को  दे दिया  था।
  ....इस  लिए  लक्ष्मण की  पत्नी  उर्मिला
14    वर्ष     तक    सोती   रही.....

सीता ने बताई थी तीन बाते

जब रावण छल पूर्व क सीता का
अपहरण कर ले जा रहा था तब ,
सीता ने रावण से कहा था,.....
   रावण...अपने बल पर अधिक घंमड न करना....
  घर मे अपनी पत्नी होते  हुए दूसरे पर बुुुरी  नजर न डालना......
    अधिक धन सम्पदा पर अभिमान न करना.........
   यह तीनो तेरे  विनाश का कारण
बनेगी। तुझको इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
   तेरा विनाश। निकट  है।

एक राजा

राजा हमेशा अपनी प्रजा की भलाई ही सोचता है।वह अपनी प्रजा को कभी भी लदुखी नही देखना चाहता है।
ऐसा ही एक राजा था।वह दिन  भर अपने  घोड़े से  गांव में जाकर अपनी प्रजा  की  हाल पूूूछता।उसके राज में प्रजा बहुत खुश थी।वह राजा अपनी प्ररजा  की   भलाई के लिए    अपने
खजने को प्रजा मे  बटवा दियाा।
इससे प्रजा राजा से  और खुश
हो गयी।

शनिवार, 16 मार्च 2019

"ताज होटल"

मुम्बई का जाना माना होटल।
मशहूर होटलो मे सेे एक अपने आप मे गजब का होटल।
इस  होटल मे देश  विदेश
के  ल़ोग  आकर ठहरते हैं।
यह  कोई आम हो टल नही है, जहाँ पर हर इंसान
नही आ जा सकता है।
आम  इंसान की बात नहीं
है, जो इस होटल में ठहर सके।
इस  होटल का एक रात
का  किराया लगभग
6 लाख ₹ है।
इस  होटल मे एक कप चाय कीमत 700 ₹ हैंं।
इस  होटल में  व्यजंन
लाजवाब मिलता है।
बडे बडे  उद्धधोगपति
इस   होटल में  ठहरते
है  और  लाजवाब
खाने का आनंद लेते हैं।

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

गुलाबी ओठ

ओठ को गुलाबी,
सुन्दर वनाऐ  रखने
के लिये......
"नीबूं का रस शहद,
"मे मिलाकर ,ओठों
पर लगाने से, आप
के ओठ गुलाबी और
चमकदार  हो जातेे  हैं।

हाजी अली

 दुनिया का एक अजूबा दरबार,
हाजी अली दरबार, जो अपने आप मे
अलग हैै।जहाँ पर दूूर दूूूर देश
विदेेेश  के लोग हाजी अली दरबार
को देखने  आते  हैं।
   यह भी सच है......
समुद्र के अंदर होते हुए
फिर भी यह दरवार नही
डूूूबता है।
यह 
किसी  भी  चमत्कार से कम नहीं है।

लोग  दर्शन करने आते  हैं  और 
जाते  हैंं।    हाजीअली दरवार  बम्बई...
 समुुुद्र के काफी अन्दर वना  हुआ
दरवार.......

महाराणा प्रताप और संयोगिता

इतिहास गवाह हैं, इन दोनो की प्रेम गाथा, बात उन दिनों की है जब
महाराणाप्रताप दिल्ली केे शाशक
हुुु करते थे। एक समय थाा जब
बडे से बडा यो द्धा महाराणाप्रताप का सामना नही कर पाते थे।
और रणभूमि को  छोड़ भाग खडे  थे। धीरेे धीरेे महाराणाप्रताप की
तस्वीरों के लोग दीवाने हो गयेे। यह बात कन्नौज तक जा पहुंची।
कन्नौज मे राजा जयचंद की पुुत्री
संयोगिता थी।उसने भी महाराणाप्रताप  की तस्वीर को
देेेखने के लीऐ मगवाया।सिपाहियों ने
तसवीर को लाकर सयोगिताा  के
कमरे मे टांग  दिया।
 सयोगिता अपनेे कुछ सहेलियों के
साथ उस तस्वीर को देखने जाती है।
उसने  जैसा  सुना था ,वैैसे उनको
देेेखा भी। और फिर .....
 सयोगिता के मन मे प्ररेम जागने लगा। धीरे धीरे एक दूसरे को खत
के माध्यम से
 अपनी मन की बाते बताने लगेे।
और एक दिन....
 राजा जयजंद ने अपनी पुत्री संंयोगिता के  स्यंवर का ऐलान कर दिया। दूूर दूर सभी रा  जाओ को
बुुुलाया  मगर  महाराणाप्रताप   को
नही बुुुलाया। यह बात  संयोगिता
को पता चली और उसने महाराणा
को चुपके से खत लिखा...
 इधर खत पाते  ही महाराणा प्रताप
ने स्यवर मे आने को कहा....
उधर स्यंवर  मे  संयोगिता  की  ं
आंंंखें    महाराणा  प्रताप
को देख रही थी, पर वह कही
नजर नही आ रहे थे।
सयोगिता  वर   माला  लेकर
जाती  है  और   स्यंवर  मे   खडे
हुुुए  पुुुतले  महाराणाााप्रता प  के
गले  मे  वर   माला  डाल  देती  हैं।
पुुुतले  के   पीछे  खडे  महाराणाप्रताप  संयोगिता   का
हाथ  पकड  स्ययंवर    सेे  लेकर
भाग  जाते  हैं...... और  आगे
इतिहास  गवाह हैं.............।

भुतही हबेली

कुछ समय पहले की बात हैं...
 सिंह पुरा नामक गांव में मानसिंह नामक
राजा राज करता था।उसकेे राज मे
प्रजा वहुत खुशहाल थी।
दूर दूर तक उसका यश फैैैलाहुआ
था। हमेशा उसके यश की  बाते
होती  रहती थी। रााा मान सिंह  का
एक भाई रतन सिंह था।....जो
बहुत ही कमीना  था। रोज
राजा मान सिह के  पास  कुछ
न कुछ शिकायत रतन सिंह
की आती रहती थी। एक दिन
रतन सिंह ने हद ही कर  दी...
हुआ यह....एक दिन की बात है,
  राजा मान सिंह अपनी प्रजा से
मिलने अपने सिपाहियों के साथ
महल से दूर दूसरे गांव गये.....
तभी अचानक दूसरे गांव की कुछ
सुन्दर कन्ययाओं ने राजा  मानसिह
से मिलने उनके दरबार पहुचती है।

 लेकिन राजा मान सिंह  तो पहले ही
अपनी जनता से मिलने निकल पडे थे।
 रतन सिंह उन कन्ययओं  से  मिलता है।
चूंकि कन्याओं बहुत सुुंदर थी ,इसलिए
रतन सिंह से रहा न गया और रतन  सिंह ने उन सुन्दर कन्याओं  से  अपने मन की बात.... सम्बन्ध बनाने के लिए कह ही डाला।पर उन कन्याओं ने मना कर दिया।
लेकिन रतन सिंह ने उन  कन्याओंं  के  साथ  जबरन सम्ब्बन्ध  बनाया।
यह सब होने के बाद उन  कन्याओंं
ने महल से कूद कर अपनी जान दे  दी।
 कुछ समय बीत  जाने के बाद...  जैसेे
ही सूर्य ढलता है और उस महल मे
अधेरा होता है  वैैसे  ही उस हवेली,
य महल मे जोर जोर से चीखने की
अवाज  आज भी सुुुनाई देती है।

गुरुवार, 14 मार्च 2019

मरने से पहले

एक पिता मरने से पहले अपने बेटे से शिक्षा देकर
कहता है,बेटा....
  थोड़ा सा चन्दन, और कोयला लेकर आओ।
बेटा जाता है और ,एक हाथ में चन्दन,और....
  दूूसरे हाथो मे कोयला
लेकर दौड कर आता हैं।
और अपने पिता से बोलता है, कि हे पिता   जी  मै
कोयला और चन्दन साथ लेकर आया....
तब पिता अपने  बेटे से बोलता है, दोनो   वही रख
कर  मेेरे  पास आओ।
बेटा वही दोनो  चीज रख
देता है, और अपने पिता के
पास जाता है।
तब पिता अपने बेटा से...
कहता है...बेटा ...
जिस हाथ  मे  चन्दन था
उस हाथ को आगे लाओ..
तब बेटा उस हाथ को आगे
करता है,तब  पििता कहता है कि, बेेेटा,  यह हाथ देखो कितनी तेजी के साथ महक रहा है।...इसी तरह
अगर सही लोगों का साथ
करोगे तो तुुम्हारी सदा यू ही चन्दन की  खुशबू की
तरह महकती रहेगी... अब
   दूसरा हाथ दिखाओ...
बेटा दूसरा हाथ दिखाता है,
जिसमें कालिख लगी होती है...पिता कहता   है,...
बेटा  गलत लोगों का साथ
करोगे तो, तुम्हारी जिन्दगी
इस  कोयले  की  तरह काली  हो  जायेगी....
   इसी लिए तो कहते है,सही लोगों की  संगति
क्षान  की  ओर  ले जाता है।.....

रास्ते में बिल्ली

राजू और राम दोनो दोस्त थे।
दोनो मे बहुत ज्यादा प्रेेम था।
कुछ भी करते तो दोनो  मिल
बाट कर करते।लेकिन दो नो
मे थोड़ा सा अन्तत था।
  राजू कुुुछ मनगढंत  बात को
नही मानता था,पर राम  उसको
मान लेता था।
एक दिन की बात है, विद्माालय
मे फुटबॉल मैच का आयो  जन
किया गया था।
इस मैच में राजू और राम दोनों ने
हिस्सा लिया था।
मैच का दिन तय हुआ, दोनों
मैच में हिस्सा लेने के लिए घर
से एक साथ निकलते हैं।
घर से थोड़ी दूर निकल कर जब
दोनो रोड पर पैदल चलते है तो,
आगे चलकर एक बिल ली रास्ते
काट जाती है। यह देेेख राम
बोलता है यह तो शुभ नही है।
मै अब मैच खेलने नही  जाऊँगा,
अब मै घर वापस जा रहा हूँँ।
यह कहकर राम घर वापस
चला जाता है।
पर राजू इन सब बातो को न मानकर वह मैच  खेलने जाता है
और मैच जीत कर वापस आता हैं।
यह सबकुछ सुन कर राम  को
बहुत पछतावा होता है।
इस लिए कहा गया है
इन सब बातो से दूर
रहो....

बुधवार, 13 मार्च 2019

अमीर सेठ

हसवर पुरा नामक गांव में एक सेठ रहता था।उनका नाम सेठ जनक लाल था। उनकी पत्नी का नाम तारा था,और पुत्री का नाम सोना था।उनकी पुत्री बहुत ही खूबसूरत थी।सेठ जनक लाल ने अपनी पुत्री सोना के लिए ,वर की तलाश की।लडके का नाम मोहन था।
  सेठ जनक लाल ने अपनी
पुत्री सोना की शादी मोहन नामक लडके से कर दी।और खूब सारा सोन चाँदी लडकी कोो देकर घर से विदा किया।
    कुुुछ समय तक सब कुछ  ठीक ठाक था। और फिर  आगे......
  मोहन की लत जुआ और शराब की पडी। धीरे धीरे लत इतनी बढ गयी कि..घर का सारा समान और दहेज में मिला सोना ,चाँँदी बेेच कर जुुुआ और  शराब मे उडा दिया... अब आगे...
   अब मोहन एक एक पायी को मोहताज हो गया।
  यह सब कुछ देख  सेठ  जनक  लाल की पत्नी तारा ने कहाँ.... अपनेे ..
 दमाद मोहन की हालात   ठीक नहीं है,
उसको कुछ मुुद्रा दे दो...
  यह सुन सेेे ठ।    ने। मना  कर दिया।
 इतना सब  कुछ  दिया लेकिन उसने
जुआ  और  शराब  मे उडा दिया, अब मै उसेे कुछ भी न दूगा।
   और फिर  अचानक एक दिन...
सेठ जी को किसी कार्य  से  बाहर
जाना था....फिर उसके बाद...
  सेठ की पत्नी तारा ने अपने दमाद ...
  मोहन  को  घर पर बुलाया, और लड्डू की टोकरी में  खूब ढेर सारी मुद्ररा    रख कर
विदा किया।
  मोहन गांव से कुछ दूूूर  जाकर यह सोचता है यह टोकरी बहुत भारी है हम
इसको  बेेच  दे  । और   वह  दुुुकान पर
जाकर बेच देेेता   है  । और बदले मे पैैसे
लेकर घर चला  जाता है।
...इधर सेठ जी अपने घर पर आते है ,और सेठ को लड्डू खाने का मन होता है, और  फिर  सेठ उसी  दुुुकान पर  जाकर  दुुुकान दार  से लड्डू माँगते है,....
दुुुकान दार  वही  लड्डू  की  टोकरी
 उठा कर सेठ  को  दे देता है।
सेठ उस टोकरी को  घर पर लाकर
खोलते हैै, और यह सब   माजरा देख
सेठ को  समझने  मे  जरा भी देेे र
नही लगती।...फिर।  सेठ जी...
  अपनी पत्नी। तारा से  कहते हैं...
      देेखा यह मेरी मेहनत का धन है।

    मेेेहनत  से  कमया  हुआ है।
इसलिए यह धन उनको नही। मिला..

जब तोते ने खोली पोल

तोता,जो इंसान की तरह बोल सकता है,और इंसान की भाषा पूरी तरह समझ सकता है।एक मालिक का अपने नौकरानी के साथ अफेयर था।मालिक और नौकरानी का अफेयर तोता रोज देखता था।एक दिन तोते ने इन दोनो के अफेयर की पूरी कहानी मालिक की पत्नी से बोल दिया।यह सुन कर मालिक की पत्नी आगबबूला हो गयीं।और जाकर अपने पति के खिलाफ थाने में केस दर्ज कर दिया।और फिर बाद मे थाने से पुलिस आई।और पुलिस ने तोते का बयान लेने से मना कर दिया।तब जाकर मालिक की जान बची ।

मंगलवार, 5 मार्च 2019

पहले की बात

इस देश की शरहद को ,कोई छू नही सकता।
जिस देश की शरहद पे, निगेेहबा न है आँखें।।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

अगूंठी का शौक

माधव पुरा गांव में एक महिला रहती थी।
 जिसका नाम  राखी था। उस महिला को
 बचपन सेे ही गहने पहनने का शौक था।
वह बचपन से  ही    गहनो का शौक
रखती थी,और।  ब जार से खरीद कर
पहनती थी।
     पर एक दिन वह एक दुकान पर      आर्टिफिसल  समझ कर 850 ₹ की
एक अगूूंठी   खरीद  ली।वह अगूंठी
 उस महिला को बहुुुत पँसन्द आई
और उस महिला  उस।
   अगूूंठी  को खरीद कर अपने
 हाथो  मे पहन ली।
 उस महिला ने उस   अगूंठी
को अपने  हााथो    मे
30  वर्ष  तक सँभाल
कर पहन कर रखी थी।
   पर अचानक एक दिन
उस महिला के मन मे यह
ख्याल आया 30 वर्ष के
बाद कि हम इस अगूूंठी
को बेच दे।
 वह महिला उस अगूूंठी को
लेकर दुुुकान दार के पास गयी।
दुकान दाार।  ने   उस अगूूंठी को
देखा जाचा परखा और बोला.....
यह अगूूंठी।    हीरे की है.....
फिर उस महिला ने  उस
अगूँठी  को   नीलम की।
नीलामी मे   महिला को
उस अगूूूठी  के 5,6000000₹
मिले। इतने  पैसेे  पा  कर वह
महिला इतनी   खुश थी, मानो
पूरी दुनिया की खुशी उसको
मिल गयी ।सच पूछो  तो
30 साल पहले वह महिला
इतनी कभी खुुु नही थी।

गुरुवार, 7 फ़रवरी 2019

एक सेठ

एक समय की बात हैं, एक सेठ नाव मे बैठ कर नदी को पार कर रहा था।जैसे ही नाव थोडी ही दूर नदी मे गयी,वैसे ही उस नाव में छेद हो गया। और नाव मे जोरो के साथ पानी नव मे भरने लगा।यह देख कर सेठ डर गय।और पास मे जा रही दूसरी नाव जा रही थी ,सेठ ने उस नाव वाले से बोला कि.नाव वाले भाई ,मुझे भी साथ लेकर चलो और नाव पास लाकर
मुझे भी अपने नाव पर विठा कर उस पार ले चलो ,मै भी तुमको ढेर सी सोने की मुद्राओं देगे।वह तैयार हो गया
 औल

बुधवार, 6 फ़रवरी 2019

एक समय की बात

एक समय की बात है,हमारे गांव से थोड़ी दूर पर मेला लगा हुआ था।
वहाँ पर तरह तरह की दुुकाने लगी
हुई थी।गांव से लोग तैैयार होकर खुशी खुशी मेला देखने जा रहे थे।
  पर उस मेले मे ऐक खा स  बात यह थी कि ,उस पूूरे मेेेले मे जलेबी की केवल एक ही दुुुकान थी।उस दिन उस
दुकान दार की मानो लाटरी   लग गयी थी।उस दुुुकान पर इतनी भीड़ लगी कि दुुुकान दार लोगों को जलेबी ही नही अटा पा रहा   था। फिर क्या था
मैने उसकी मददत की ,और लोगों को
 जलेबी तौल कर दी।यह देखकर दुुुकान दार खुश हुुुआ ।और बोला हमारी मददत करने के लिए  धन्यबाद।

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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