एक आदमी रोज बस से
सफर करता था पर बस
का टिकट नहीं लेता था।
बस वाला बोला...
भाई साहब
टिकट ले लो।
वह आदमी बोला हम
टिकट नहीं लिया करते।
अगले दिन फिर वह आदमी
आया । और बस पर सवार हुआ
बस वाला वोला टिकट....
वह आदमी रौब से बोला...
तेरे समझ मे नही आता हम
टिकट नही लेते।बस वाला
घबरा गया और उसने यह बात
दिल पर ले ली।
ऐसा करते करते उस आदमी
का तीन महीने बीत गया।और फिर.....
एक दिन बस वाला उस आदमी
के सामने जोश के साथ खडा
हो गया और बोला.......
भाई टिकट ले लो।
आदमी बोला समझ मे नही
आता है कि हम टिकट नहीं लेते हैं।
आज टिकट ले लो..
आदमी... पास बनवा रखा है।
इसलिए मै टिकट नहीं लेता।
सफर करता था पर बस
का टिकट नहीं लेता था।
बस वाला बोला...
भाई साहब
टिकट ले लो।
वह आदमी बोला हम
टिकट नहीं लिया करते।
अगले दिन फिर वह आदमी
आया । और बस पर सवार हुआ
बस वाला वोला टिकट....
वह आदमी रौब से बोला...
तेरे समझ मे नही आता हम
टिकट नही लेते।बस वाला
घबरा गया और उसने यह बात
दिल पर ले ली।
ऐसा करते करते उस आदमी
का तीन महीने बीत गया।और फिर.....
एक दिन बस वाला उस आदमी
के सामने जोश के साथ खडा
हो गया और बोला.......
भाई टिकट ले लो।
आदमी बोला समझ मे नही
आता है कि हम टिकट नहीं लेते हैं।
आज टिकट ले लो..
आदमी... पास बनवा रखा है।
इसलिए मै टिकट नहीं लेता।

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