पंकज नाम का एक बालक था।
वह एक गरीब परिवार में पैदा हुआ
उसके पिता बहुत ही गरीब थे।
उसकी पढाई लिखाई बहुत
कठिन समय मे हुई।
वह बहुुु त कठिनाइयों के साथ
और बहुत गरीबी मे अपनी पढाई
लिखाई पूरी करता था।
उसके पिता दिन भर
दूसरो के यहाँ मजदूरी करके
अपना तथा अपने परिवार का
पालन करता था।
बहुत कठिनाइयों से वह
अपने लडके को पढा पाता था।
धीरे धीरे लडके की पढाई पूरी होती गयी।
और धीरे धीरे पंकज बडा होता गया।
और फिर एक दिन पंंंकज की पढाई
पूरी हुईं और वह शहर नौकरी की तलाश
मे निकल पडा....और वह शहर जाकर
एक कारखाने में नौकरी करने लगा।
धीरे धीरे उसने कुछ पैैसे का इंतजाम
किया और उसी पेैसे से उसने
बिजनेस शुरू किया।
और धीरे धीरे उसका बिजनेस
एक दिन निकल पडा।और
फिर उस बिजनेस से उसने
बहुत सा पैैैसा कमाया....
उसने अपने कमाये हूुुए
पैसे से अपने गांव के लोगों
के गरीब परिवार की बहुत
मदद त की ।उनके
परिवार में गरीब बेटियों के लिए
दान दिया ।उनकी शादी कराई।और गांव में एक छोटा सा कारखाना
लगाया।उसमेे गांव के लोगों को
रोजगार दिया।और गांव के सभी
लोग पंंं से बहुत खुश थे।
......।।।।।।।।।।................।।।।।।।।।..........................।।।.
वह एक गरीब परिवार में पैदा हुआ
उसके पिता बहुत ही गरीब थे।
उसकी पढाई लिखाई बहुत
कठिन समय मे हुई।
वह बहुुु त कठिनाइयों के साथ
और बहुत गरीबी मे अपनी पढाई
लिखाई पूरी करता था।
उसके पिता दिन भर
दूसरो के यहाँ मजदूरी करके
अपना तथा अपने परिवार का
पालन करता था।
बहुत कठिनाइयों से वह
अपने लडके को पढा पाता था।
धीरे धीरे लडके की पढाई पूरी होती गयी।
और धीरे धीरे पंकज बडा होता गया।
और फिर एक दिन पंंंकज की पढाई
पूरी हुईं और वह शहर नौकरी की तलाश
मे निकल पडा....और वह शहर जाकर
एक कारखाने में नौकरी करने लगा।
धीरे धीरे उसने कुछ पैैसे का इंतजाम
किया और उसी पेैसे से उसने
बिजनेस शुरू किया।
और धीरे धीरे उसका बिजनेस
एक दिन निकल पडा।और
फिर उस बिजनेस से उसने
बहुत सा पैैैसा कमाया....
उसने अपने कमाये हूुुए
पैसे से अपने गांव के लोगों
के गरीब परिवार की बहुत
मदद त की ।उनके
परिवार में गरीब बेटियों के लिए
दान दिया ।उनकी शादी कराई।और गांव में एक छोटा सा कारखाना
लगाया।उसमेे गांव के लोगों को
रोजगार दिया।और गांव के सभी
लोग पंंं से बहुत खुश थे।
......।।।।।।।।।।................।।।।।।।।।..........................।।।.



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें