हम जब स्कूल य कालेज
मे होते हैं तो अपने कैरियर को लेकर सोचते रहते हैं।
कि अब। हमे आगे का
करना है, जिससे हम आगे
बढ सके।
सही निर्णय ले...
हमे अपने आप से खुद ही
अपने भविष्य को लेेकर
सही निर्णय ले
और अपना
चुनाव खुद करे कि अब
हमे और आगे का करना
चाहिए और का नही...
न समझे खुद को कमजोर.... जब हमे
वह सफलता नही मिलपाती जो सफलता
हम तलाश रहे होते
हैं तो हम कठोर और
निष्ठुर बनकर अपने आप को दण्ड देने लगते हैं।
हमे इससे बचा जाना चाहिए... अनुशासन और
कडी मेेेहनत सही चीज है,
लेकिन फिर भी स्यम की
अधिक अलोचना और खुुद
को नालायक समझने से
बचा जाना चाहिए...
हम सब की अपनी अपनी
शक्ति और कमजोरियां होती हैं.......
...बिफल होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप का पूूरा जीवन ही विफल हैं......
... kumarram965129@gmail.com........
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मे होते हैं तो अपने कैरियर को लेकर सोचते रहते हैं।
कि अब। हमे आगे का
करना है, जिससे हम आगे
बढ सके।
सही निर्णय ले...
हमे अपने आप से खुद ही
अपने भविष्य को लेेकर
सही निर्णय ले
और अपना
चुनाव खुद करे कि अब
हमे और आगे का करना
चाहिए और का नही...
न समझे खुद को कमजोर.... जब हमे
वह सफलता नही मिलपाती जो सफलता
हम तलाश रहे होते
हैं तो हम कठोर और
निष्ठुर बनकर अपने आप को दण्ड देने लगते हैं।
हमे इससे बचा जाना चाहिए... अनुशासन और
कडी मेेेहनत सही चीज है,
लेकिन फिर भी स्यम की
अधिक अलोचना और खुुद
को नालायक समझने से
बचा जाना चाहिए...
हम सब की अपनी अपनी
शक्ति और कमजोरियां होती हैं.......
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