एक बार एक गांव में
आग लगी थी।गांव के
सारे लोग आग बुझाने में लगे हुए थे।तभी वहां पर एक छोटी सी
चिडिया आई,और थोड़ी दूर से अपनी
चोच मे पानी लाकर
आग पर डालने लगी।
वही बैठा हुआ कौवा
चिडिया की सारी हरकते देख रहा था।कौवा चिडिया के पास गया और बोला,
तुम बेकार मे परेेेशा न
हो,तुम जो कर रही हो
इससे आग बुझेगी नही।तब चिडिया
बोली ,कम से कम हम प्रयास तो कर रहे हैंं।तुुम्हारी तरह
निकम्मे तो
नही जो यहां डाल
पर बैठ कर तमाशा
देख रहे है। ......
अपनी सोच बदलिए...
छोटी चिडिया की
तरह बनिए,...
कौवा की तरह नही...
आग लगी थी।गांव के
सारे लोग आग बुझाने में लगे हुए थे।तभी वहां पर एक छोटी सी
चिडिया आई,और थोड़ी दूर से अपनी
चोच मे पानी लाकर
आग पर डालने लगी।
वही बैठा हुआ कौवा
चिडिया की सारी हरकते देख रहा था।कौवा चिडिया के पास गया और बोला,
तुम बेकार मे परेेेशा न
हो,तुम जो कर रही हो
इससे आग बुझेगी नही।तब चिडिया
बोली ,कम से कम हम प्रयास तो कर रहे हैंं।तुुम्हारी तरह
निकम्मे तो
नही जो यहां डाल
पर बैठ कर तमाशा
देख रहे है। ......
अपनी सोच बदलिए...
छोटी चिडिया की
तरह बनिए,...
कौवा की तरह नही...
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