एक समय की बात है,
एक दिन अचानक,
सुख और दुःख की
रास्ते में मुलाकात हो गई।
दुख ने सुख से कहा..
भाई तुम कितने भाग्य शाली
हो,तुमको पाने के लिए
लोग तुम्हारे पीछे पीछे
भागते हैं।इतनेमें सुख
हसा और बोला... यह सही
नही है।दुख ने कहा
सुख से वह कैसे...फिर सुख बोला...
लोग सुख पाकर अपनो को भूल जाते हैं..
मगर दुख अपनो को याद दिलाता हैं।
एक दिन अचानक,
सुख और दुःख की
रास्ते में मुलाकात हो गई।
दुख ने सुख से कहा..
भाई तुम कितने भाग्य शाली
हो,तुमको पाने के लिए
लोग तुम्हारे पीछे पीछे
भागते हैं।इतनेमें सुख
हसा और बोला... यह सही
नही है।दुख ने कहा
सुख से वह कैसे...फिर सुख बोला...
लोग सुख पाकर अपनो को भूल जाते हैं..
मगर दुख अपनो को याद दिलाता हैं।

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