एक समय की बात हैं, एक सेठ नाव मे बैठ कर नदी को पार कर रहा था।जैसे ही नाव थोडी ही दूर नदी मे गयी,वैसे ही उस नाव में छेद हो गया। और नाव मे जोरो के साथ पानी नव मे भरने लगा।यह देख कर सेठ डर गय।और पास मे जा रही दूसरी नाव जा रही थी ,सेठ ने उस नाव वाले से बोला कि.नाव वाले भाई ,मुझे भी साथ लेकर चलो और नाव पास लाकर
मुझे भी अपने नाव पर विठा कर उस पार ले चलो ,मै भी तुमको ढेर सी सोने की मुद्राओं देगे।वह तैयार हो गया
औल
मुझे भी अपने नाव पर विठा कर उस पार ले चलो ,मै भी तुमको ढेर सी सोने की मुद्राओं देगे।वह तैयार हो गया
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