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रविवार, 12 मई 2019

सही उत्तराधिकारी

कुछ समय पहले की बात है।दूर देश में एक राजा रहता था।उसके दो बेटे थे।
उस राजा के राज में जनता बहुत खुश थी।धीरे धीरे समय बीतता गया ,राजा
बूढा होने लगा।फिर वहा की जनता ने
राजा से कहा......
   आप के दो बेेेटे हैं।आप दोनो मे किसको यहाँ का राजा बनाएंगे।
  तब राजा ने अपने दोनो बेटो को बुलाया, और दोनो बेेेटो को चनेे से भरी
हुईं एक एक बोरी दी।और अपने
दोनो बेटो से कहा की हम  छह ६
महीनों के लिए बाहर जा रहे हैं।
वापस आने पर हमे यह चने से भरी
हुई बोरी चाहिए।
तब बडे बेटे ने उस बोरी को एक सुरक्षित जगह पर रख दिया।और बोला वापस आने पर मै इसे दे दूगा।
  छोटे बेटे ने सोचा कि हम इस चने को
खेत मे डाल देते हैं।और ठीक से उसकी देखभाल कर, इस से अधिक मात्रा में
पैदा वारी करके कई बोरिया भर कर मै
वापस करें गे। और फिर उसने वैैसा  ही किया।
  उधर छह महीने बाद राजा वापस
आता है, और अपनी चने से भरी बोरी
को अपने दोनो बेटो से वापस मागता हैं।
 बडा बेटा बोरी लाकर रख देता हैं।
राजा जब बोरी खोलता है तो वह
चने से भरी हुई बोरी खराब निकलती  है।

दूसरा बेटा चनेे से भरी हुई दस
बोरिया देता है।
यह देख कर राजा बहुत खुश होताा हैं।
तब राजा उससे पूछता हैं तुमने यह
सब कैसे किया।
तब उसने कहा कि हमने उस चने
की बोरी को खेत में डाला और खूब
ठीक से देखभाल की, फिर इतना अधिक
पैदावारी कर मैैैने आप को दिया।
 यह सब देख राजा खुश हुआ
और अपने छोटे बेटे को अपना
उत्तराधिकारी बना दियाा।
...........................................।।।

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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