एक दिन सुबह का समय था।जब मै सुबह उठा नहा धोकर फ्रेश हुआ।...
और फिर मैैैने नया कपडा पहना और मन्दिर की ओर
चल दिया।कुछ दूर चलने के बाद
मैंने देखा कि एक बाबा भिक्षा
माग रहा था।
और फिर मै धीरे धीरे उस बाबा के पास पहुंचा,और मैैैने अपनी जेब से दस ₹निका ल
कर उस बाबा
को दे दिया।तब बाबा बोला ...
आज मै बहुत खुश हूं.... बेटा मागो तुम्हेंं का
चाहिए... तब मै बोला...
बाबा...मुझे सौ ₹
दे दो...
मेरी बात सुनकर
वह बाबा बेहोश हो गया।
तब मैने उस बाबा के मुह पर
पानी का छीटा
मारा और तब
वह बाबा होश
मे आया, फिर वह अपने घर गया.......
और फिर मैैैने नया कपडा पहना और मन्दिर की ओर
चल दिया।कुछ दूर चलने के बाद
मैंने देखा कि एक बाबा भिक्षा
माग रहा था।
और फिर मै धीरे धीरे उस बाबा के पास पहुंचा,और मैैैने अपनी जेब से दस ₹निका ल
कर उस बाबा
को दे दिया।तब बाबा बोला ...
आज मै बहुत खुश हूं.... बेटा मागो तुम्हेंं का
चाहिए... तब मै बोला...
बाबा...मुझे सौ ₹
दे दो...
मेरी बात सुनकर
वह बाबा बेहोश हो गया।
तब मैने उस बाबा के मुह पर
पानी का छीटा
मारा और तब
वह बाबा होश
मे आया, फिर वह अपने घर गया.......

















































