ठगे जाने पर भी,
अफ़सोस नहीं होना चाहिये।
क्यों कि
ठगे जाने के लिए,
इंसान के भीतर क ई
खूबियां होती हैं।
अच्छे दिल,
साफ सोच,,
और
लोगों पर दिल से भरोसा...
करनें की क्षमता ।
जिस इंसान को प्रेम
करना आता है,
वहीं ठगा जाता है।
ठगने के लिए तो,
बुरे लोग ही काफी होते हैं।
तुम अच्छे थे,
अच्छे हो
अच्छे बने रहो ।
थोड़ा सा भरोसा ,
टूट कर अगर
लोगों के समझ में आए ।
तों सौदा
बुरा नहीं है ।
दिल पर बोझ
उसके रहेगा
जिन्होंने भरोसे कों रौंदा ।
और दोष
भरोसे का नही उन
तोड़ने वाले का होता है।
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