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सोमवार, 9 दिसंबर 2024

शेर और मोर की कहानी

 एक जंगल में एक शेर रहता था |

वह बहुत ताकतवर और बहादुर था |

एक दिन जब वह घूम रहा था ,

तब उसने एक मोड़ को देखा ,,

मोर बहुत सुंदर था |

उसका रंग नीला और हर था |

उसके पूछ में बहुत सारे रंगीन पंख भी थे |

शेर ने मोड़ को देखा ,

और शेर को बहुत पसंद आया |


शेर ने सोचा कि वह मोड़ को अपने साथ ले जाएगा ,

तो अभी जानवरों से अधिक सुंदर और लोकप्रिय हो जाएगा |

शेर ने मोड़ को पकड़ने की बहुत कोशिश की ,

लेकिन मोर बहुत चतुर्थ शेर को देखकर उड़ गया |

शेर ने दोबारा कोशिश की लेकिन मोर फिर उड़ गया |

शेर बहुत गुस्सा हो गया |

शेर ने सोचा कि वह मोर को अगर पकड़ नहीं सकता तो ,

वह मोर को मार ही देगा |

शेर ने मोर को पीछे से चुपके से घेर लिया,

और मोर को पकड़ लिया |

मा ने बहुत रोए और कहा कि वह शेर को नहीं मरेगा |

शेर ने कहा वह मोर को नहीं मरेगा |

लेकिन वह उसे अपने साथ ले जाएंगे |

शेर मोर को अपने साथ ले गया,

और शेर ने मोर को को अपने घर में रखा |

सभी जानवरों ने मोर को देखा,

और मोर को देखकर डर गई |

वह सोचते थे कि शेर ने मोर को मार दिया है  |

और उसके पंखों को अपने घर में सजाया है |

लेकिन धीरे-धीरे...

शेर और मोर एक दूसरे के दोस्त बन गए |

वह दोनों एक साथ खेलते हैं और एक साथ खाते थे |

एक दिन शेर और मोर जंगल में घूम रहे थे तो ,

उन्होंने एक जाल देखा ,,

उसे जाल में एक हिरन फंसा हुआ था |

मोरनी ने शेर को रोका और कहा वह हिरण को नहीं मारेगा |

शेर ने मोर की बात को मान लिया ,

और हिरण को जल से छुड़ा दिया |

जल से निकलने के बाद,,,

हिरण बहुत खुश हुआ,,,

और हिरण ने.....

मोर और शेर को धन्यवाद दिया |

Note..... इस कहानी से हम सीख सकते हैं कि....

                हमें सभी जीवित प्राणियों से प्यार करना चाहिए ,,,

                    और उनकी मदद करनी चाहिए |

                        हमें उन्हें मारना नहीं चाहिए ||||

.................#story......#short........#love.......


रविवार, 8 दिसंबर 2024

दयावान लड़का की कहानी

एक बार एक लड़का था |

जो बहुत अकेला था |

उस लड़के के साथ कोई दोस्त नहीं था |

उसे बहुत दुख होता था |

एक दिन वह लड़का,

अपने घर के बाहर खेल रहा था,,

तब उसने एक पक्षी को देखा,,,

जो जमीन पर पड़ा था |


लड़का उस पक्षी के पास गया,

और उसको उठा लिया ,,

फिर उस पक्षी को अपने घर ले गया |

लड़के ने पक्षी को अपने कमरे में रखा |

उस लड़के ने पक्षी को पानी पिलाया ,

पक्षी ने पानी पिया और थोड़ा अच्छा महसूस किया |

धीरे-धीरे लड़का पक्षी के साथ बात करने लगा |

उसने उसे  बताएं कि वह भी अकेला था |

लड़का और पक्षी बात करते रहे ,

और एक दूसरे के साथ अच्छा  समय बिताया |

लड़के को अब अकेला  नहीं लग रहा था |

अब वह पक्षी के साथ बहुत खुश रहता था |

पक्षी और लड़का दोनों एक दूसरे के दोस्त  बन गए |

अब दोनों साथ-साथ रहने के लिए |

अब ना तो लड़के को अकेला महसूस होता था,

और ना ही पक्षी को अकेला महसूस होता था |

बुधवार, 4 दिसंबर 2024

मेहनती रामू की कहानी

 एक बार की बात है |

एक छोटा सा गांव था |

जहां एक गरीब किसान रहता था |

उसका नाम था रामू |

रामू के पास खेती करने के लिए,

सिर्फ एक छोटा सा खेत था |


वह दिन रात मेहनत करता था |

लेकिन फिर भी उसकी कमाई,

बहुत कम होती थी |

एक दिन रामू जब खेत में काम कर रहा था |

तभी एक साधु वहां से गुजर रहे थे |

रामू ने साधु जी का आदर्श पूर्वक स्वागत किया ,

और पानी पिलाया |

साधु जी ने रामू की मेहनत देखकर ,

उसकी खूब प्रशंसा की |

साधु जी ने रामू से कहा "

रामू तुम्हारी मेहनत देखकर मुझे बहुत खुशी होती है |

लेकिन तुम्हारी मेहनत का पूरा फल,,

तुम्हें नहीं मिल पा रहा है |

मैं तुम्हें एक ऐसा अनाज दूंगा ,

जिसे तुम अपने खेतों में उगाओगे |

पर यह अनाज तुम्हारी किस्मत बदल देंगे |

रामू ने साधु जी का धन्यवाद दिया ,

और अनाज ले लिया |

वह घर आया,

और अनाज को अपने खेत में डाल दिया |

कुछ दिन बाद अनाज से एक अद्भुत,

पेड़ निकल आया |

इस पेड़ पर चमकदार फल लगे थे |

जिनके रंग सुनहरे थे |

जब फल पक गए तो रामू ने,

उन फलों को तोड़ा,

और बेचने के लिए बाजार ले गया |

बाजार में लोग उन फलों को देखकर,

दंग रह गए |

उन फलों का स्वाद बहुत मीठा,

और  सुगंधित था |

लोग उन फलों को खरीदने के लिए,

लाइन लगा देते थे |

रामू के फल इतने मशहूर हो गए थे,

की दूर-दूर से लोग उनके गांव आने लगी है |

अब रामू के जीवन में खुशहाली आ गई |

अब वह एक अमीर आदमी बन गया था |

लेकिन वह अपने गरीबों के दिन को कभी नहीं भूल पाया |

वह हमेशा गरीबों की मदद करता था |

और साधु जी के आशीर्वाद याद करता रहता था |||


मंगलवार, 3 दिसंबर 2024

एक अनोखा दोस्त

 एक छोटे से शहर में एक लड़का रहता था |

जिसका नाम था राहुल |

राहुल बहुत ही शर्मीला और अकेलापन ,

पसंद करने वाला लड़का था |


उसके पास कोई खास दोस्त नहीं था ,

जिसके साथ हो खेल सके ,

और बातें कर सके |

एक दिन स्कूल से लौटते हुए राहुल ने ,

एक अजीब सी घटना देखी |

एक बड़ा सा पेड़ के नीचे ,

एक छोटा सा चमकदार पत्थर ,

पड़ा था |

राहुल ने उसे पत्थर को उठाया ,

और उसे वह अपने घर ले आया |

रात को राहुल जब सोने जा रहा था ,

उसने उसे पत्थर को अपने तकिए के नीचे रख दिया |

रात को अचानक पत्थर चमकने लगा ,

और एक छोटा सा प्यारा सा प्राणी ,

उसे चमकदार पत्थर से बाहर निकाला |

1. वह प्राणी एक परी थी |

2. जिसका नाम था टिक्की |

3. टिक्की ने राहुल से दोस्ती की |

4. और उसके साथ खेलने लगी |

5. टिकी राहुल को जादुई दुनिया में ले जाती |

     जहां रंगीन तितलियां उड़ाती थी,

     और जादुई पेड़ खेलते थे |

राहुल बहुत खुश था |

अब उसके पास एक सच्चा दोस्त था |

जो हमेशा उसके साथ रहता था 

लेकिन राहुल को पता था ,

टिक्की एक परी है |

और उसे जादुई दुनिया में रहना है |


इसलिए राहुल ने टिक्की को जादू दुनिया में जाने के लिए कहा |

टिक्की ने दुखी होकर राहुल को अलविदा क कहां |

और चमकते हुए पत्थर में वापस चली गई |

राहुल को टिक्की के बहुत याद आती थी |

लेकिन वह जानता था ,

कि वह हमेशा उसके दिल में रहेगी |

और हर रात वह उस चमकदार पत्थर को देखा करता हूं |

और सोचता कि उसकी पारी दोस्त,

कहीं दूर जादुई दुनिया में खुश है |


सोमवार, 2 दिसंबर 2024

मेटा वर्ष का जादू

 अर्जुन को मेटा वर्ष में एक नई दुनिया मिली !

वह एक जादुई जंगल में खो गया |

जहां पेड़ रंग बदलते थे ,

और जानवर बातें करते थे |


एक दिन उसे इंद्रधनुषी दरवाजा मिला |

जो उसे एक और सपना जैसे दुनिया में ले गया |

वहां उसने डायनासोरों के साथ फुटबॉल खेल ,

और एलियन से दोस्ती की |



1.. अर्जुन का मेटैवर्स में कोई खतरा हो |

2.. अर्जुन का मेटा वर्ष से आने में मुश्किल हो |

3.. अर्जुन मेहता वर्ष में कुछ ऐसा सीखे,

        जो उसकी जिंदगी को बदल दे ||


रविवार, 1 दिसंबर 2024

बेटी का भाग्य

 हर बेटी के भाग में पिता होता है !

मगर हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती  !!


किसी ने बहुत खूब कहा है !

हर किसी के नसीब एक जैसा नहीं होता !!

राजा दशरथ जब अपने चारों बेटों की बारात लेकर ,

राजा जनक के द्वार पर पहुंचे तो ,,

राजा जनक ने सम्मानपूर्वक ,,

बारात का स्वागत किया !!

तभी दशरथ जी ने आगे बढ़कर ,,

 जनक जी के चरण छू लिए !!

चौक कर जनक जी ने,

दशरथ जी को थाम लिया !!

और कहां महाराज आप बड़े हैं !

और आप लड़के वाले हैं| 

यह उलटी गंगा कैसे बहा रहे हैं, 

इस पर दशरथ जी ने, 

 बड़ी सुंदर बात कही ,


महाराज आपदाता है |

कन्यादान कर रहे हैं|

मैं तो वाचक हूं ,

आपके द्वार कन्या लेने आया हूं |

अब आप ही बताइए ,

 दाता और वाचक में कौन बड़ा है|

यह सुनकर जनक जी के नेत्रों से,,

आंसुओं की धारा बह निकली  ,,

 भाग्यशाली है वह.......

जिनके घर होती है बेटियां |

हर बेटी के भाग्य में पिता होता है |

लेकिन हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती !!!



सोमवार, 25 नवंबर 2024

एक औरत के प्रश्न

 एक औरत के कितने प्रश्न होते हैं,

जिसका वर्णन कर पाना बहुत ही मुश्किल है !

आईए जानते हैं... 

शरीर मेरा...

हल्दी तुम्हारा नाम की !

हथेली मेरी...

मेहंदी तुम्हारे नाम की  !

सर मेरा ...

सिंदूर तुम्हारा नाम का !

गला मेरा....

मंगलसूत्र तुम्हारा नाम का !


और तो और...

बड़ों के चरण वंदना मैं करूं ,

और सदा सुहागन का आशीर्वाद,,

तुम्हारा नाम का !!

शनिवार, 23 नवंबर 2024

फकीर की बातें

 एक फकीर नदी के किनारे बैठा था !

तभी किसी ने पूछा बाबा यहां क्या कर रहे हो ?

तब फकीर ने कहा...

बेटा मैं इंतजार कर रहा हूं ?

की पूरी नदी बह जाए,

तो मैं नदी को पर करूं ?


उसे आदमी ने कहा 

कैसे बहकी बहकी बातें करते हो बाबा !!

पूरा जल बहाने के इंतजार में तो ,

तुम कभी नदी पर ही नहीं कर पाओगे !!

तो फकीर ने कहा...

यही तो हम तुम लोगों को समझाना चाहता हूं ?

कि तुम लोग सदा यह कहते रहते हो कि....

एक बार जीवन की जिम्मेदारियां पूरी हो जाए तो !!

 मौज करूं..

घूमो फिरू ....

सबसे मिल यू ...

सेवा करूं....

जैसे नदी का जल खत्म नहीं होगा !

हमको इस जल से ही पर जाने का रास्ता बनाना है !!

इसी प्रकार हमारा जीवन खत्म हो जाएगा !

लेकिन यह काम कभी खत्म नहीं होगा !!!

शुक्रवार, 22 नवंबर 2024

जन्नत की मिट्टी

 एक दिन टीचर ने क्लास में मजाक मजाक में,

बच्चों से कहा...

कोई बच्चा ऐसा है जो जन्नत से मिट्टी ला सकता है !!

दूसरे दिन एक बच्चा...

किसी चीज में डालकर थोड़ी सी मिट्टी ले आया !!

और टीचर से बोला....

सर आपने कल जन्नत की मिट्टी मांगी थी ,,,

लीजिए मैं ले आया !

तब टीचर और क्लास के बच्चों ने,,,

हैरान होकर उस बच्चों से पूछा !!

यह मिट्टी कहां से लाए हो !


तब वह बच्चा बोला !

मैं यह मिट्टी अपने मां के कदमों के नीचे से लाया हूं !!

यही तो है जन्नत की मिट्टी !!

बुधवार, 20 नवंबर 2024

सबसे बड़ा दहेज

 गांव में किसी लड़के की एक नई नई शादी थी !

घर में शादी की तैयारी बहुत जोरों से चल रही थी !

सारी तैयारियां पूरी होने के बाद,

बाराती भी दरवाजे पर आ गए !

ब्रास बैंड नाच गानों के साथ ,

बहुत ही धूमधाम से बारात घर से ,,

 गाते हुए सभी बाराती बारात के लिए,

 दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचते हैं !

शाम का समय था बहुत ही खूबसूरत के साथ,,

लड़के की शादी हुई !!

सुबह होती है दुल्हन की तैयारी विदाई के लिए,,

तैयार की गई !!

गाड़ी पर बिठाकर दुल्हन को लड़के ने,

अपने साथ अपने घर लेकर आया !!

अब जब लड़का शादी करके अपने घर पहुंचता है तो...

उस लड़के की मां उस लड़के से पूछत है ,,

कि  बेटा तुझे दहेज में क्या मिला  ?

मां की यह बातें सुनकर,

कुछ देर लड़का चुप रहा !

फिर जब लड़के ने अपनी पत्नी के रोने की,,

आवाज सुनी तो उस लड़के से रहा नहीं गया !

तब लड़का बोला...

की है मां आज मैं दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन गया हूं !!

तब मां  ने पूछा वह कैसे बेटा.....

तब बेटे ने जवाब दिया....

1... एक बाप ने अपनी जान से प्यारी बेटी दे दी है मुझे !!

2... एक भाई ने अपनी हमजोली दे दी है !!

3... एक बहन ने अपनी परछाई दे दी है !!

और तो और एक मां जो दुनिया को सब कुछ दे सकती है,,,

पर अपनी संतान नहीं देती है !!

उस मां ने....

अपने आंचल में खेली गुड़िया दे दी है मुझे !!

और मुझे क्या चाहिए मां !!

ऐसे सोच रखने वाले लड़कों को... मेरा दिल से सलूट !!

यह सोच होनी जरूरी है !!


मंगलवार, 19 नवंबर 2024

आत्मा की गरीबी

एक आदमी ने चाणक्य से पूछा ...?

मैं इतना गरीब क्यों हूं...?

चाणक्य ने कहा ; ,!

तुम गरीब हो ,

क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा !

उस आदमी ने चाणक्य से कहा !!

 मेरे पास तो देने के लिए कुछ भी नहीं है !

तब चाणक्य ने उस आदमी से कहा.....

तुम्हारा चेहरा एक मुस्कान दे सकता है !


तुम्हारा मूंह किसी की प्रशंसा कर सकता है !

या दूसरों को सुकून पहुंचाने के लिए ,

दो मीठे बोल बोल सकता है !!

तुम्हारे हाथ किसी जरूरतमंद की ,,

सहायता कर सकते हैं !!

और फिर भी तुम कहते  हो...

तुम्हारे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है !!

" आत्मा की गरीबी "  ही वास्तविक गरीबी है !!


सोमवार, 18 नवंबर 2024

नेक आदमी की बातें

 एक व्यक्ति की आदत थी "?

    वह रोज सभी परिचित लोगों से ,

नमस्कार करता था !

     लेकिन ,

एक आदमी उसके नमस्कार का जवाब ,,

 गाली देकर के जवाब दिया करता था !

         


                         लेकिन.....

1 दिन किसी व्यक्ति ने ,

उस भले आदमी से पूछा "...

वह आदमी तुम्हें भला बुरा कहता है !

फिर भी तुम उससे नमस्कार क्यों करते हो !

उस भले इंसान ने जवाब दिया  ,

जब वह मेरे लिए बुरी आदत छोड़ नहीं सकता ,,

तो मैं उसके लिए....

अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ूं ,,?  !!!

रविवार, 17 नवंबर 2024

चिड़िया और मधुमक्खी

 एक चिड़िया ने मधुमक्खी से पूछा ....

कि तुम इतनी मेहनत से मीठा शहद बनाते हो  ,

और इंसान आकर उसे चुरा ले जाता है !

क्या तुम्हें बुरा नहीं लगता !

मधुमक्खी ने बहुत सुंदर जवाब दिया.....

इंसान मेरे द्वारा बनाया हुआ मीठा शहद ही चुरा सकता है !

मेरी शहर बनाने वाली कला को नहीं !!

कोई भी आपका हुनर नहीं चुरा सकता !!!

मधुमक्खी और चिड़िया से हमें एक नई सीख मिली !

शनिवार, 16 नवंबर 2024

विवाह के बाद

 विवाह के बाद....

पति-पत्नी का आपस में गलती तलाश .

       व बहस करना ,

मूर्खता होती है !

      बुद्धिमानी तो ,

गलतियां सुधार कर ,,

गृहस्थी चलाने में होती है !!

   बहस में मात्र समस्याएं उत्पन्न होती हैं !


इसलिए आपस में नोक झोक ना करके,

आपस में बहस बाजी ना करके ,,

खूब पैसा कमाए और तरक्की करें !!

और अपना वैवाहिक जीवन,

खुश रहकर खुशी-खुशी ,,

अपने गृहस्ती बनाए और चलाएं !!

गुरुवार, 14 नवंबर 2024

मात-पिता की सेवा

 इज्जत भी मिलेगी !

दौलत भी मिलेगी !

सेवा करो....

 मां बाप की,,,

जन्नत भी मिलेगी !!


मां बाप उम्र से नहीं,

चिंता  से बूढ़े होते हैं !

कड़वा है मगर सच है !

जब बच्चा रोता है तो ,

पूरी बिल्डिंग को पता चल जाता है !!

मगर जब मां-बाप रोते हैं तब,

बाजू वाले को भी पता नहीं लगता है !!


पापा के गुस्से में प्यार,

मां के गुस्से में ममता !

यह कभी खत्म नहीं होती !!

इसी को जीवन कहते हैं

 भाग्यशाली वह  नहीं होते जिन्हें सब कुछ अच्छा मिलता है !

बल्कि वह होते हैं ,

जिन्हें जो मिलता है उसे वह अच्छा बना लेते हैं !!


चलने वाले पैरों में.

कितना फर्क है !!

एक आगे तो एक पीछे !

        लेकिन...

ना तो आगे वाले को अभियान होता है !

और ना ही पीछे वाले का अपमान !!

       क्योंकि.....

उन्हें पता होता है कि ,

कुछ ही समय में,,

यह स्थिति बदलने वाली है !!

इसी को जीवन कहते हैं !!!


शनिवार, 9 नवंबर 2024

धन्ना सेठ की कहानी

 किसी गांव में राजसी ठाठ बात वाला....!

धन्ना सेठ नाम का एक आदमी रहता था !!

उसके पास  ढेर सारा धन था !

तो गांव में खुशी-खुशी रहता था !

नाम धंधा सेठ था ,लेकिन और दानवीर भी था !

गांव के लोगों के सुख-दुख में दोनों में काम आता था !

गांव के लोगों से प्रेम से धन्ना भाई धन्ना भाई कह कर   बुलाते थे !

 ईमानदार भी था !

एक दिन बाबूराम का लड़का बहुत बीमार हुआ ,

उसे समय बाबूराम के पास पैसे नहीं थे !

बाबूराम  पैसों की तलाश में गांव में भटक रहे थे !

तभी रास्ते में बाबूराम को धन्ना सेठ मिला !

उसने बाबूराम से पूछा तुम यहां क्या कर रहे हो !

तभी बाबू राम ने कहा हमारी लड़की की तबीयत बहुत खराब है !

और इस समय हमारे पास पैसा नहीं है !

कि हम अपने लड़के का इलाज कर सके !

यह सुनते धंधा सेठ ने तुरंत अपनी जेब से पैसे निकाल और बाबूराम को दे दिया ! और बोले जाकर अपने लड़के का इलाज कराओ !

बाबूराम पैसे लेकर अपने लड़के का इलाज कराओ लड़का ठीक हो गया

बाबूराम ने धन्ना सेठ को धन्यवाद दिया !!!




शुक्रवार, 8 नवंबर 2024

यह मेरा परिवार

 जहां सूर्य की किरण हो  ,

वही प्रकाश होता है !!

जहां प्रेम की भाषा हो,

वह परिवार होता है !!

खुश रहा करो उनके लिए,

जो अपनी खुशी से ज्यादा आपको खुशी  ,,

देखना चाहते हैं !!

समस्या हमारे जीवन में ,

बिना किसी वजह के नहीं आती ,!!

उनका आना एक इशारा है ,

कि हमें अपने जीवन में कुछ बदलना है !!

निगाहों मे मजे थे ,

गिरे और गिर का संभालते रहे !!

हवाओं ने खूब  कोशिश की ,

मगर चिराग आंधी  में चलते रहे !!

 A.... अगर अपने सफर शुरू कर ही दिया है तो ,

         बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं होगा  !!

क्योंकि.....

         वापस आने में जितनी दूरी तय होगी ,

         क्या पता मंजिल उससे भी पास हो !!

परिवार..... परिवार में कायदा नहीं, , परंतु व्यवस्था होती है !!

परिवार.... परिवार में कानून नहीं  , ,परंतु अनुशासन होता है !!

परिवार... परिवार में भयं नहीं  , , परंतु भरोसा होता है !!

जीवन..... जीवन जितना सदा साफ रहेगा ,

              तनाव उतना ही, आधा रहेगा !!

योग...... योग करें या ना करें ,,,

           पर जरूरत पड़ने पर,

एक दूसरे का सहयोग जरुर करें !!

लोग... लोग कहते हैं खाली हाथ आए हो , ,  खाली हाथ जाओगे  !

           पर ऐसा  नहीं है !

लोग भाग्य  लेकर आए हैं ,

और कर्म लेकर  जाएंगे !!

😂😆😆😆😆💯 ए शॉर्ट स्टोरी..........#motivation 

बुधवार, 6 नवंबर 2024

समय और स्थिति

 समय और स्थिति ,

कभी भी बदल सकती है !

इसलिए कभी भी....

किसी का अपमान ना करें !

और ना ही....

किसी को कमजोर समझो !

आप शक्तिशाली हो सकते हैं ,

लेकिन समय सबसे ज्यादा शक्तिशाली होता है !!

..... लोग कितनी आसानी से कह देते हैं ,

रात गई बात गई ,,,

उनको कौन बताएं,,,,

दिल पर लगने वाली बातों को !

मिटाने में,

रात नहीं ,

जिंदगी छोटी पड़ जाती है !!

....... गुरु से ज्ञान

..... पिता से संघर्ष

..... मां से संस्कार

   सीखो

बाकी जो बचा

वह तो यह दुनिया सिखा देगी !!

इसलिए कहते हैं समय की स्थिति को समझो समय के साथ चलना सीखो.....

सोमवार, 4 नवंबर 2024

जिंदगी दोबारा वापस नहीं मिलती

 स्वयं का दर्द होना !

जीवित होने का प्रमाण है !!

लेकिन  औरों  का दर्द महसूस करना !

इंसान होने का प्रमाण है !!

जिंदगी दोबारा वापस नहीं मिलती !

इसलिए ....... दुख में  ,गुस्से में  , नफरत में ,

             या किसी से

झगड़ा करने में बर्बाद ना करें  !!

सही बोलने वाला व्यक्ति !

इंजेक्शन की तरह होता है !!

इससे दर्द....

थोड़ी देर का होता है !

लेकिन फायदा...

जीवन भर का होता है !!

बहुत शौक था मुझे !

सबको खुश रखने क !!

1 होश तब आया जब  !

खुद को जरूरत के वक्त !!

अकेला पाया ...!!

एक झूठ सो झूठ बुलवाएगा !

तुम सच बोलना ,,,,,

समझने वाल , समझ जाएगा !!

..........#best#motion#story............!!!

रविवार, 3 नवंबर 2024

वह रे जिंदगी

 मैं अपनी जिंदगी में,

हर किसी को अहमियत देता हूं !

      क्योंकि.......

जो अच्छे होंगे वह साथ देंगे !

और जो बुरे होंगे वह सबक देंगे !!

      और.....

सड़क कितनी भी साफ हो !

धूल तो हो ही जाती है !!

इंसान कितना भी अच्छा हो !

भूल तो हो ही जाती है !!

      और इस तरह....

जिंदगी जीने के लिए ,

सबक और साथ दोनों,,

जरूरी होता है !!



शुक्रवार, 1 नवंबर 2024

दर्पण

" दर्पण " जब चेहरे का !

"दाग " दिखाता है !!

तब हम दर्पण नहीं तोड़ते !

बल्कि दाग साफ करते हैं !!

ठीक उसी प्रकार हमारी कमी बताने वाले ---------!

पर क्रोध करने के बजाय !!

अपनी कमी को दूर करना चाहिए !

ना की कमी बताने वाले से ,

रिश्ता तोड़ना चाहिए !!


बुधवार, 30 अक्टूबर 2024

हाथी मेरे साथी

 कुछ समय पहले की बात ----

पड़ोस के जंगल से एक दूसरे जंगल में हाथी रहने के लिए आया !

हाथी जंगल में रहने लगा !

एक-दो दिन हाथी जंगल में रहने के बाद,

हाथी अपने आप को अकेला महसूस करने लगा !

तब हाथी ने सोचा चलो जंगल में कुछ दोस्त बनाते हैं !

हाथी धीरे-धीरे जंगल की ओर बढ़ा ,

थोड़ी दूर जाने के बाद हाथी को हिरण दिखाई दिया !

हाथी  ने हिरण से कहा भाई तुम हमारे दोस्त बनोगी !

तब हिरन बोला तो हमारे जितना दौड़ नहीं सकते हो इसलिए तुम हमारे दोस्त नहीं बन सकते !

हाथी ने कहा ठीक है भाई इतना कह कर हाथी आगे बड़ा !

हाथी  वहां से चल थोड़ी दूर बाद देखा एक खरगोश को खरगोश के पास पहुंचे ! प्रभाती खरगोश वाला भाई तो हमारे दोस्त बनोगे ! तब खरगोश ने कहा तुम शरीर में बहुत भारी हो हमारे जैसे हो ना इसलिए तुम हमारे दोस्त नहीं बन सकते ! हाथी ने कहा ठीक है भाई !

इतना कह कर हाथी आगे बड़ा और थोड़ी दूर जाकर के एक पेड़ के छाव के नीचे बैठ गया और सोचने लगा ! कोई हमारा दोस्त बनने के लिए तैयार ही नहीं है अब मैं क्या करूं !

हाथी इतना सोच ही रहा था तभी अचानक जंगल में भगदड़ मच गई !

जंगल के सभी जानवरों को भागते देखा हाथी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था यह क्या हो रहा है !

तभी हाथी के बगल से हिरण भाग रहा था हाथी ने हिरण को रोकर पूछा भाई यह क्या हो रहा है तुम लोग इतनी तेजी से जंगल से भाग क्यों रहे

 हो ! तब हिरण ने हाथी से कहा भाई जंगल का राजा शेर आया है इसलिए यहां से भाग चलो नहीं वह  खा जाएगा  !

हाथी ने सोचा ठीक है चलो शेर से मिलते हैं !

हाथी में ने शेर के पास  जाकर बोला.....

तुम जंगल के सभी जानवरों को परेशान क्यों कर रहे हो !!

शेर दहाड़ते हुए जोर से बोला तुमसे कोई मतलब है क्या !

हाथी ने कहा हां मतलब है !

फिर नहीं मान रहा था तब हाथी ने अपना फोन उठाया उसे शहर को अपने छोड़ में लपेटकर उठाकर पटक दिया !

शेर बहुत बुरी तरीके से जख्मी हो गया था !

इसलिए शेर जंगल से भाग गया !

शेर के जाने के बाद सभी जानवर हाथी के पास गए और बोल भाई तुम  हमारे साथी बनने के लायक तो हमारे दोस्त बन सकती हो !

सभी जानवरों की यह बातें सुनकर हाथी बहुत प्रसन्न हुआ अब सभी जानवरों के साथ हीरोइन का साथ-साथ रहने लगा !


तभी साथ सभी जानवर एक साथ खड़े होकर एक और में बोल हाथी मेरे साथी ...!

शेर वहां से भाग गया हाथी के साथ जंगल के सभी जानवर राजी खुशी रहने के लिए और सभी जानवर हाथी के दोस्त बन गए !

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मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024

जिंदगी में पिता का महत्व

हर हाल में  पिता का सम्मान करें.......!

पिता को खोने का मतलब...

एक सबसे अच्छा दोस्त एक महान महानायक को खोना होता है !

जिंदगी में पिता का महत्व उनके चले जाने के बाद आपको पता चलेगा !

जब आप जिम्मेदारियां के बोझ तले इतने दबा  जाएंगे,

कि आप चाह कर  भी आप अपनी कोई भी तमन्ना पूरी नहीं कर पाएंगे !

पिताजी जीवित है तो , हर सपना अपना होता है !

लेकिन पिता के बाद हर सपना अपना रह जाता है !




पिता यदि वृद्धि भी हो और यदि वह जीवित है तो...

आपको एक अलग ऊर्जा महसूस होगी !!

जब पिता का हाथ सर से उठ जाएगा ,

जब आपके सपने पूरे करने के लिए पिताजी नहीं रहेंगे ,

जिंदगी की मार से तंग आकर जब आप अकेले कमरे में बैठकर रोएंगे !

 तब आपको पिता के महत्व के बारे में पता चलेगा !!

इसलिए हर हाल में पिता का सम्मान करें...!!

...#motivation #shorts......#story#trends....r.k.other.

रविवार, 13 अक्टूबर 2024

संत की बात


 कुछ समय पहले की बात है.....

एक संत अपने कुछ शिष्यों के साथ गांव से थोड़ी दूर पेड़ के नीचे कुछ लोगों को इकट्ठा कर लोगों को उपदेश दिया करते थे ! जानकारियां और अच्छे विचारों से लोगों को अवगत कराया करते थे !!

गांव के कुछ लोग वहां इकट्ठा होते संत की बातों को सुनते हैं !

पर गांव में कुछ लोग ऐसे बैठे थे जो संत से  बहुत नफरत  किया करते 

थे !

एक दिन संत पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों का उपदेश दे रहे थे,

तभी गांव के कुछ लोग संत के पास पहुंचते हैं और उन्हें भला बुरा कहने लगते हैं काफी लोग इकट्ठा होने के कारण संत को कुछ बुरा तो लगा लेकिन वह कुछ बोल नहीं चुपचाप बैठे हुए थे और उसे आदमी की बातों को सुन रहे थे भला बुरा कहते-कहते जब वह इंसान थक गया तो अपने घर वापस चला गया !!

उसके वापस जाते ही संत महाराज दोबारा उपदेश  देने लगे !

जब इंसान घर पहुंचा तो उसे बहुत बुरा लग उसे अपने आप पर बहुत पछतावा हुआ दूसरे दिन सुबह ही उठते हैं वह संत के पास पहुंचा और बोला गुरूजी हमें माफ कर दीजिए हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई है !

संत ने कहा... अंदर कोठी में  कुछ कागज के टुकड़े पड़े हैं तुम उसे उठा लो और मेरे पास लेकर आओ!

वह इंसान वहां जाता है और जड़ से कागज के टुकड़ों को इकट्ठा कर बाबा के पास लाता है और बोलता है गुरुजी लीजिए !

तब संत ने कहा बेटा यह मुझे मत इसे ले जाकर तुम चौराहे पर रखा हो जहां लोग आते जाते हो काफी भीड़ होती है !

कोई सर ऐसा है क्या उसने उसे कागज का टुकड़े को ले जाकर चौराहे के पीछे-पिक में रख दिया वहां से झट से बाबा के पास और बोला गुरूजी हमने कागज के टुकड़े को चौराहे पर रख दिया है बाबा बोले ठीक है !

दो-चार घंटे के बाद बाबा बोल बेटा तुम जाकर उसे कागज के टुकड़े कर ले आओ जो तुम चौराहे पर रखे थे वह इंसान वहां जाता है देखता है कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा हुआ था वह उसे इकट्ठा नहीं कर पाया वह खाली हाथ वापस आगे और भोले बाबा कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखर गया है उसे मिला नहीं सका !

तब संत बोले बेटा मुंह से निकली हुई बड़ी कभी वापस नहीं आती है ठीक इसी तरह कागज का टुकड़ा जब बिखर जाता है तो उसे इकट्ठा करने में बड़ी मुश्किल हो जाती है इसलिए मुंह से बोली हुई बड़ी हमेशा संभाल कर बोलनी चाहिए ठीक है जो मैं तुम्हें माफ करता हूं दोबारा ऐसी गलती कभी मत करना वह इंसान खुशी अपने घर गया अब बाबा को धन्यवाद दिया !

गलतियां इंसान सही होती है लेकिन उसका सुधार करना भी अति आवश्यक है....#motivation #motion#story....

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024

मुश्किलें

 मुश्किलें नहीं आएगी तो  !

आगे बढ़ोगे कैसे !!

     कौन अपना है कौन नहीं !

     समझोगे कैसे !!

डरते ही रहोगे गिरने से  !

तो आगे चलोगे कैसे  !!

       तपोगे नहीं जब तक !

       तो सोने सा चमकोगे कैसे !!

मुश्किल एक ऐसा शब्द जो कुछ कर दिखाने या कुछ कर गुजर जाने की चाहत रखता हो ...........#short poem....................follow....


सोमवार, 7 अक्टूबर 2024

खुश रहने का मूल मंत्र

 खुश रहने का मूल मंत्र  !!

मन मिले जिससे !

रिश्ता रखो  उससे !!

      जहां कद्र नहीं !

       वहां जाना नहीं !!

जो सुनता नहीं  !

उसे समझाना नहीं !!

        जो पचता नहीं !

       उसे खाना नहीं !!

जो सत्य पर रूठे !

उसे मनाना नहीं !!

         जो नजरों से गिर जाए !

         उसे उठाना नहीं  !!

जीवन में तकलीफ आए  !

तो घबराना नहीं !!!



..........................#shortstory.........................oh.....





रविवार, 6 अक्टूबर 2024

तीन चीज

  1.  तीन चीज हमेशा दर्द देती है......

--- धोखा

--- गरीबी

--- यादें

2. तीन चीज चुराई नहीं जा सकती है ......

--- चरित्र

--- ज्ञान

--- विद्या

3.  तीन चीज कभी मत करें.......

---- घमंड

---- अपमान

--- उम्मीद

4.  तीन चीज सोच समझ कर देना......

--- जवाब

--- सलाह

---  उधार 

ऐसा करने से बच्चे

मंगलवार, 24 सितंबर 2024

यह मेरा बचपन

 बचपन जीवन का चरण है !!

जिसे हम आनंद ले सकते हैं !!

जीवन का वह हिस्सा , जिसे हम चाहे जितना भी चाहे , वापस नहीं पा सकते हैं !!

यह मेरा बचपन.............

वह मेरे बचपन का जमाना था !

बहुत बड़ी खुशियों का खजाना था !!

हमारी सोच थी कि हम चांद को तोड़ लो  !

पर मेरा दिल मोतियों का दीवाना था !!

पर हमें खबर न थी कि सुबह होती है !

हमारा कहीं रात का ठिकाना था !!

मैं दूर पढ़ने जाता था !

थकाहारा घर वापस आता था !!

पर खेलने भी हमें जाना था !!!!

    ------ जरूर पानी की ------------

...... जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है  !

  .. सूखे  कुआं तुम्हारे हैं,,, इम्तहान बाकी है !!

किसी का मकान गिरवी है !

किसी का लगान बाकी !!

बरस जाना है बादल !

अभी फसल को पानी बाकी है !!

सूख रही है फासले सारे !

सुख रहे हैं खेत खलिहान !!

सुख रहे हैं जंगल सारे !

अभी पशु पक्षी को पानी बाकी है !!

Note -- जिस तरह बूंद बूंद से घड़ा भरता है !

             ठीक उसी तरह एक-एक बूंद पानी की बचत कीजिए !!

जल हमारे जीवन का मुख्य स्रोत... चाहे खेत हो या पांच पक्षी हो जंगल हो या हो इंसान पानी के सबको आ सकता है इसलिए एक एक बूंद पानी की बचत कीजिए पानी को व्यर्थ में मत गिरा ए नल को खुला मत छोड़े !!


सोमवार, 23 सितंबर 2024

यह मेरी जिंदगी

 जिंदगी मैं कुछ करके दिखाना है जिंदगी का असली मकसद कहलाता है !

1- जिंदगी के हाथ नहीं होते  !

लेकिन कभी-कभी !!

वैसा थप्पड़ मारती है !

जो पूरी उम्र याद रहता !!

2-  जब सच 


में बीमारी लग जाए तो  !

इंसान होश में होकर भी !!

बेहोश हो जाता है !!!

3- कभी हार ना मानने की आदत ही !

एक दिन बड़ी जीत दिलाती है !!

4-- जिंदा रहने के लिए मुझे !

    जितना ऑक्सीजन की जरूरत है !! 

उतना ही जरूरी मुझे मेरे सपने हैं !!!

5- Life  में वह मुकाम हासिल करो ! 

लोग तुमको ,,

BLOCK ,,, नहीं  !!

बल्कि SEARCH करें !!!

6- जिंदगी में ऐसा वक्त लो !

जो लोग तुमको  ताने मारने में !!

अपना वक्त देते थे !

वह लोग तुमसे मिलने के लिए !!

तुम्हारा वक्त ले !!@

7- मेहनत पापा से  सीखिए !!

और संस्कार मां से.........

बाकी सब दुनिया सिखा देंगे !!

8- ऊंचाई पर वहीं पहुंचते हैं !

जो बदलाव लाने की सोच रखते हैं !!

रविवार, 22 सितंबर 2024

जीत लो हर लम्हा

 

जीत लो हर लम्हा  !  बीत जाने से पहले !!

लौट कर याद आती है !  वक्त नहीं !!

1.. कई रात जागे हैं ! आज की महान सवेरे के लिए  !!

जिस प्रयासों को , मैं आज सफल होते  , देख पा रहा हूं !!

2.. जितना  हो सका ,  मैं खुद की खुशी को त्याग हूं !

सफलता के आंगन में ,  मेरा हर आंसू  , खुशी से नाच है !!

3.. मेहनत करना ही  , आपका पहला कर्म  ,होना  चाहिए !

क्योंकि सफलता उसी को मिलती है ,  जो मेहनती होता है !!

4.. कपड़ों की " मैचिंग" बिठाने से !  सिर्फ शरीर "सुंदर "दिखेगा !

रिश्तो व "हालात "से " मैचिंग "बिता  लीजिए  !

पूरा जीवन " सुंदर"  हो जाएगा !!

5.. खुश रहने का मतलब यह नहीं !

सब कुछ ठीक है !!

इसका मतलब यह है कि.....

अपने-अपने दुखों से उठकर !

जीना सीख लिया है !!

Note.....

.... सफल वही है जिसने कड़ी मेहनत और संघर्ष किया है !

A.... जो सोया वह खोया !!

B.. जो जगा है वह पाया है !!

.................Motivation...................................


बुधवार, 18 सितंबर 2024

नया ठग

 मूलचंद नाम का एक व्यापारी था !!

व्यापार करता था !!

कुछ दिनों तक मूलचंद का व्यापार ठीक-ठाक चला !!

उसके बाद धीरे-धीरे उसके व्यापार में मंदिर आना शुरू हो गई !!

इमोशन नाम का व्यापारी परेशान रहने लगा !!

उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा व्यापार कैसे बड़े !!

और हमारे व्यापार में घटा ना हो !!

मूलचंद का एक घनिष्ट दोस्त था जिसका नाम हीरा दास था !

मूलचंद ने अपनी सारी बातें हीरा दास को बताई !!

हीरा  दास ने बोला मूलचंद से देखो भाई तुम्हारे व्यापार में घटा कभी नहीं होगा मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूं !! हीरा दास ने कहा तुम अपने मोबाइल पर ऑनलाइन तांत्रिक बाबा को सर्च करो वही तुम्हारे उपाय के विषय में जानकारियां देंगे और बताएं !!

ओके मोर्चा को व्यापार में ज्यादा घाटा हो रहा था इसलिए उन्होंने ऑनलाइन बाबा का सर्च किया उसमें से एक बाबा का नंबर उन्होंने लिया और उसे पर कॉल किया !!

हस्तांत्रिक बाबा ने मूलचंद को बेवकूफ बनाना शुरू किया !!

उसे बाबा ने तो मूलचंद को कुछ इस तरह समझाया कि 10000 यहां लगेगा 20000 वहां लगेगा 50000 वहां लगेगा इस तरह फ्रॉड करते-करते उसने मूलचंद से करीब 20 से 25 लख रुपए रेट लिए !!

एक तरफ मूलचंद को घटाई हो रहा था दूसरे तब बाबा के चक्कर में पास करो एक दूसरा नुकसान और कर बैठे घर में रखे हुए सारे पैसे उन्होंने बाबा को दे दिए !!

अमूल चादर परेशान होने लगा आखिर में करो तो क्या करूं मेरे पास जो धन था वह भी इस बाबा ने है लिया मेरे पास तो कोई बचा ही नहीं अब अंत में मूलचंद में पुलिस की सैलरी पुलिस ने उसे बाबा को पड़कर मूलचंद का सारा धन वापस कराया !!

इस तरह मूलचंद फ्रॉड होने से बच सके !!



शनिवार, 14 सितंबर 2024

संघर्ष

 अपने लक्ष्य के लिए,  जोशीले और  जुनूनी बनिए !

विश्वास रखिए , परिश्रम का फल,  सफलता ही है !!

-- समझनी है जिंदगी ,  तो पीछे देखो !

जीनी है जिंदगी,  तो आगे देखो !!

‐- घायल तो यहां,  हर परिंदा है !

मगर  जो फिर से उड़ सका,  वही जिंदा है !!

-- तरक्कियों की दौड़ में,,  उसी का जोर चल गया !

बना के रास्ता,  जो भीड़ से निकल गया !!

-- जिंदगी का सफर , मानो तो रोज है !

वरना समस्या तो रोज है !!

-- जो रातों को  कोशिशें में गंवा देते हैं !

वही सपनों की चिंगारी को,,  और हवा देते हैं !!

Note.. हर छोटा बदला बड़ी कामयाबी का एक हिस्सा होता है !!


शुक्रवार, 13 सितंबर 2024

नटखट बंदर

  एक गांव के पास बहुत बड़ा फलों का बगीचा था !!

उसे बगीचे में हर प्रकार के फल के पेड़ लगे हुए थे !

और सभी पेड़ों में फल लगा हुआ था !!

इस बगीचे का रखवाला एक हाथी था !!

शादी का नाम गजराज था !!

वह हाथी बगीचे के चारों तरफ टहलकर उसे बगीचे की रखवाली करता था !!

पर एक दिन अचानक एक बंदर उसे बगीचे में कहीं से आ गया !!

वह नटखट बंदर हेलो को तोड़कर जमीन पर गिरा देता था कुछ खाता था कुछ पेड़ पौधे जमीन पर गिरा देता था पेड़ों को नुकसान पहुंचता था !!

वह नटखट बंदर कुछ फल को खता कुछ इधर-उधर फेंकता कुछ आने जाने वाले लोगों को भी फलों से फनकार मरता था !!

तभी वह बंदर फल तोड़कर हाथी को भी देख कर मार दिया वह फल हाथी के जाकर आंख में लगा दूसरा पर उसके माथे पर लगा अब हाथी को जोर से गुस्सा आ गया !!

हाथी ने दौड़ कर झपट्टा मारकर उसे बंदर को अपनी और में लपेटकर पकड़ लिया !!

बंदर जोर जोर से चिल्लाने लगा गजराज माफ कर दो आप मुझसे गलती हो गई अब दोबारा गलती मैं नहीं करूंगा तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं मैं तुमसे माफी मांगता हूं तुमसे विनती करता हूं कृपया हमें माफ कर दो गजरा माफ कर दो !!

नटखट बंदर की बात सुनकर हाथी को दया आ गई !!

तब हाथी ने उसे बंदर को माफ कर दिया !!

बंदर कुछ फल अपना खता कुछ तोड़कर हाथी को भी खिला देता था !!

धीरे-धीरे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई !!

हाथी और बंदा दोनों साथ-साथ रहने लगे !!

अब हाथी और बंदा दोनों उसे बगीचे की रखवाली करने लगी है !!


शनिवार, 7 सितंबर 2024

बुद्धिमानी

 याद रखिए  -----

वरिष्ठ जन घर की धरोहर होत है !

वह हमारे संरक्षक और मार्गदर्शक है !!

जिस तरह आंगन में पीपल का वृक्ष फल नहीं देता है !

उसे तरह हमारे घर के  बुजुर्ग भले ही आर्थिक रूप से सहयोग नहीं कर सकते ,,, परंतु उनसे  संस्कार और अनुभव से कई बातें सीखने को मिलती है !!

हमारे बुजुर्ग हमारे परिवार की शान !

वह कोई कूड़ा करकट  नहीं कि  परिवार से निकल बाहर फेंका जाए !!

अपने प्यार से रिश्तों को खींचने वाले इन बुजुर्ग को भी बच्चों से प्यार और सम्मान मिलना चाहिए !!

अपमान और तिरस्कार नहीं !

हमारे घर के बुजर जी अपने बच्चों के खातिर अपना जीवन दांव पर लगा चुके इन बुजुर्गों को अब अपनों के प्यार की जरूरत है !!

याद रखिए -----

                B.. किराए से भले ही प्यार मिल सकता है !

                तुरंत संस्कार नहीं आशीर्वाद दुआएं नहीं !!

यह सब तो हमें मां-बाप से ही मिलता है !!!

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बुधवार, 4 सितंबर 2024

मां की ममता

 एक गांव में रघु नाम का किसान रहता था !! उसे किस की दो बीवियां थी ! एक का नाम शीला दूसरी का रानी था ! रानी शीला को देखकर बहुत जलन रखते थे !

रघु के घर में कुछ समय तक ऐसी लड़ाई झगड़े चलते रहे !

और फिर एक दिन अचानक शीला को प्रसव पीड़ा हुई है और उसने एक सुंदर से बालक को जन्म दिया !!

जब शीला ने बालक को जन्म दिया तब रघु घर पर नहीं था काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था !!

कुछ समय बाद जब रघु घर वापस आया तो शीला ने कहा यह तुम्हारा बेटा है रघुवीर देखकर बहुत खुश हुआ जोर-जोर से हंसने लगा और उसने बच्चे को गले लगा कर खूब लाड प्यार करने लगा !!

तभी वहां रानी आ जाती है और बोलती है नहीं नहीं यह मेरा बेटा है यह इनका नहीं है !!

अब रघु को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह करें तो क्या करें क्योंकि वह मौके पर घर पर था नहीं इसलिए उसे किसी चीज की जानकारी नहीं थी !!

देखते देखते झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया शीला और रानी में की दोनों आपस में लड़ने लगी !!

टाबरा कौन है झगड़े को शांत किया और बोला यह ऐसे समझ में नहीं आएगा चलो हम सब राजा के पास चलते हैं वही हमारा न्याय करेंगे !

तब रघु अपने बच्चे और शीला रानी को लेकर राजा के पास पहुंचता है और बोलता है !!

महाराज मैं काम कैसे इसलिए मैं बाहर गया हुआ था और कई महीनो तक मैं बाहर ही था इसी दौरान दोनों महिलाओं में किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया पर यह दोनों बोलती है कि यह मेरा बेटा है मेरा बेटा है मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है महाराज अब आप ही न्याय कीजिए !!

तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया मंत्री बार बच्चों को इधर ले आओ !!

मंत्री घर से जाता और बच्चे को हाथ से छीन कर अपने पास उठा लेता है !!

तब राजा आदेश देता है मंत्री ...

अपने तलवार निकालो और बच्चे के दो टुकड़े कर दो !!

और दोनों महिलाओं को आधा-आधा दे दो !!

तभी शीला जोर से चिल्लाने की नहीं नहीं महाराज ऐसा मत कीजिए आप बच्चे को रानी को ही दे दीजिए मुझे बच्चा नहीं चाहिए पर इसे मारिएगा !!

क्योंकि राजा को मालूम था जो इसकी असली मां होगी वह बोलेगी जरूर रोएगी जरूर चिल्लाए की जरूर पर मरने के लिए कभी नहीं करेगी !!

तब रानी बोलते नहीं नहीं महाराज इस बच्चे को मार ही दीजिए इस छोड़िएगा नहीं !

तब राजा ने आदेश दिया मंत्री पर बच्चों को पहली औरत शीला को दे दो क्योंकि इसी का बच्चा है !!

आरिफ जल्लारानी को कॉल कोठरी में डाल दो क्योंकि औरत झूठ बोल रही है !!

तक्षशिला खुशी-खुशी अपने बच्चों को गोद में लेकर घर आती है रघुवीर संस्कार चलता है रानी को राजा जेल करा देते हैं !!

मां की ममता बहुत ही निराली होती है !!

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 मां की ममता की एक सुंदर सी 
कहानी मन तो मां होती है

मंगलवार, 3 सितंबर 2024

राजा की कोशिश

 बहुत समय पहले की बात है,,

किसी राज में एक प्रतापी राजा राज कर रहा था !!

हो राजा हमेशा अपने राज को खुश करने की कोशिश करता रहता था !!

राजा जितनी बार कोशिश करता हूं सारी कोशिश है उसकी नाकाम हो जाया करती थी !!

राजा अपने प्रजा को हमेशा खुश देखना चाहता था मगर उसकी सारी कुछ से हर बार नाकाम होती रहते थे उसे समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें !!

राजा हमेशा चिंता में लगा रहता था कि हमारी प्रजा खुश क्यों नहीं है हमसे इतना नाराज क्यों रहती है !!

एक दिन राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया जाकर हमारे राज्य में पता करो लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!

राजा के मंत्री राज में जाते हैं और लोगों से जानकारियां इकट्ठा करते हैं कि आप लोग राजा से कुछ क्यों नहीं है !!

तो वहां के जनता ने सीधा जवाब दिया कि राजा को यहां पैदल चलकर आना होगा तभी हम उनके सवालों का जवाब दे पाएंगे !!

मंत्री जनता की सारी बातें सुनकर राजा के पास गया और बोला महाराज,,

यहां के प्रजा ने सीधा जवाब दिया कि राजा जब तक पैदल चलकर हमारे यहां नहीं आएंगे तब तक हमको भी जवाब राजा को नहीं दे पाएंगे !!

1. तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया ठीक है हम सुबह निकलते हैं !

2. भर हुआ सुबह हो गया तब राजा घर से पैदल ही अपने राज का भ्रमण करने के लिए निकल पड़ा !!

3. राजा को तो पैदल चलने की आदत ही नहीं सुबह से शाम हो गई राधा पैदल चला गया पैदल चला गया शाम होते-होते राजा पैदा चलने में नाकाम हो गया और उसने अपने मंत्री को आदेश दिया कि आज हम डेरा ही डालेंगे इसका पूरा इंतजाम किया जाए !!

राजा ने भाई डेरा डाल दिया और शाम को थोड़ी दूर पर एक गांव था वहीं पर उसने राजा ने दरबार लगाया लोगों से जाने कोशिश किया आप लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!

 गांव का एक ग्रामीण युवक खड़ा हुआ और राजा के सामने बोला महाराज छोटी मुंह बड़ी बात मैं आपसे क्या कहूं आप पैदल चलकर आए हैं आपने यह देखा होगा गांव की साड़ी सड़के बदहाल है चारों तरफ सड़कों पर गिट्टी बालू मोहर्रम बिखरे पड़े हुए हैं पैदल चलने की स्थिति में सड़के नहीं है अब आप ही बताइए महाराज ऐसे में हम लोग करे तो क्या करें !!

तभी इस सभा में महाराज खड़े होकर बोलने लगी गांव की सारी सदके चमड़े की बना दी जाए !!

अब ग्रामीण लोग वहां के अभाव रह गए और सच में पड़ गए कि महाराज ने आखिर यह बोल क्या दिया गांव की सारी सड़कों को चमड़ा की बना दी जाए !!

1. अब राजा को लगा कि हमारी बातों को सुनकर गांव के सभी लोग खुश हो जाएंगे !!

2. लेकिन वहां सब के सब खामोश बैठे हुए थे !!

तब राजा ने एक गांव वाले से पूछा -----

क्यों अब तुम खुश तो हो ना .....

वह ग्रामीण आदमी काफी समय तक शांत खड़ा रहा और कुछ ना बोला !!

तब थोड़ी देर बाद वह ग्रामीण आदमी राजा से बोल ----

हे राजन आपने यह तो कह दिया कि पूरे राज में चमड़े की सड़क बनवा दी जाए !!

पर आपने यह कभी नहीं सोचा कि इतनी राज में इतनी बड़ी सड़के  बनवाने के लिए कितने जानवरों को मारना पड़ेगा उनकी बलि देनी पड़ेगी

हे राजा अगर चमड़े की सड़क बनवाने के बजाय चमड़े के जूते  बनवाया जाए  अधिक  व्यवहारिक होगा !! 

गांव वाली की ऐसी बातें सुनकर राजा हैरान हो गया और समझ गया कि हमसे गलती कहां पर हो रही है !! 

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 अभी राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और राजा ने खड़े होकर लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और उसे ग्रामीण की बातों को ध्यान में रखकर अपने मंत्रीवार को आदेश जारी किया जो भी हमारे राज में मृत जानवर पाए जाए उसे जानवर से चमड़े के जूते बनवाया जाए !!

राजा किस बात को सुनकर सभी ग्रामीण राज के सभी लोग बहुत खुश हुए !!


Note 📝 सोच कैसे भी हो बदलने वाला चाहिए !!

सोमवार, 2 सितंबर 2024

प्राचीन भारत की एक लोक कथा

 बहुत समय पहले की बात....

किसी राज में एक राजा था उसका शासन काल ठीक-ठाक चल रहा था !

उसके राज में जनता बहुत खुश थी किसी को किसी प्रकार का कोई दुख नहीं था और जनता के प्रथम ऐसा वफादारी से काम करता था !

ओ राजा ऐसा था कि सभी के दुख और सुख में दोनों में शामिल होता था !

वहां के लोग राजा को बहुत मानते थे !!

लेकिन एक दिन एक पंडित वहां राजा के दरबार में आया !!

और राजा से बोला महाराज आपकी कुंडली में दोष है !!

राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया पंडित को सही जगह पर आसन ग्रहण कराया जाए !!

मंत्री ने राय उसे पंडित को सही जगह पर बैठाया और राजा ने उसे पंडित से प्रस्तुत किया बोलिए महाराज हमारी कुंडली में क्या-क्या भरोसा है मुझे पूरा स्पष्ट बताइए मैं उसे पूरी सुनना चाहता हूं !!

पंडित अपनी झोली से कुंडली निकलता है और एक-दो घंटे तक उसे कुंडली को बार-बार देखा है तब 2 घंटे बाद पंडित अपनी कुंडली रखकर महाराज से बोलता हूं !!

हे महाराज मैं अपने मुंह से कैसे आपको यह सारी बातें सुनाओ !!

तब राजा ने पंडित को आदेश दिया नहीं जो भी सत्य है वह मुझे सुनना है आप पूरी बातें मुझे सुनाई !!

पंडित बोला ठीक है महाराज अगर आप जिद कर रहे हैं तो मैं आपको आपकी सारी डिटेल भेजना पूरी जानकारियां दे देता !!

सुनो महाराज !!

आपकी कुंडली में जो दोस्त है वह यह है कि आपके सामने आपके सारे रिश्तेदार मारे जाएंगे और आप अकेले ही रह जाएंगे आपके पूरे परिवार में कोई भी नहीं रहे रहेगा

उसे पंडित की बातें सुनकर राजा को बहुत धक्का लगा !!

राजा बहुत चिंतित रहने लगा हर पल उदास और मायूस रहने के लिए बेबस हो गया !!

राजा कोचिंग सेंटर देखकर उसके मंत्रीवार की घबराने लगी !!

पर किसी मंत्री में हिम्मत नहीं थी कि राजा से कोई सवाल कर सके कि राजा आप इतने उदास क्यों रहते हो !!

लेकिन एक दिन राजा अकेले थे तभी एक मंत्री ने हिम्मत करके राजा से प्रश्न पूछ लिया राम महाराज आपको क्या हुआ आप इतने उदास क्यों रहते हो !!

तब राजा ने मंत्री जी से कहा...

अजू पंडित आया था उसने हमारी कुंडली देखकर यह बोला कि तुम्हारे सामने है तुम्हारे सारे रिश्तेदार मारे गए और तुम अकेले रह जाओगे तुम्हारा बस चलने वाला नहीं है  !!

तब मंत्र में राजा से कहा महाराज हमें एक पंडित को जानते हैं वह बहुत पहुंचा हुआ विद्वान है याद आप आदेश करें तो मुझे दरबार में बुलाने का कष्ट करें !!

राजा ने उसे मंत्री को आदेश दिया फौरन पंडित को हमारे दरबार में पेश किया जाए !!

मंत्री अपने से पास अलार्म के साथ पंडित के घर गया और सही सलामत ब्राह्मण को राजा के दरबार में पेश पेश किया !!

तब राजा ने उसे ब्राह्मण की बातें दूसरे ब्राह्मण से बोली ...

पंडित बोलो ठीक है महाराज में कुंडली देखकर आपको आपकी भविष्यवाणी बताता हूं !!

पंडित अपनी कुंडली निकलता है और राजा के भविष्यवाणी देखना शुरू करता है !!

दूसरा पंडित कुंडली देखने के बाद समझ गया कि पहले पंडित जो आया था उसने राजा को जो सारी बातें बताइए वह सही और सत्य थी !!

पर मैं राजा को यह सारी बातें कैसे बताऊं !!

मैं झूठ भी नहीं बोल सकता हूं सब तो मुझे बोलना है बोलना है !!

तब दूसरा पंडित महाराज से कहते हैं महाराज...

1.. आपकी कुंडली में तो कोई दोस्त ही नहीं है !!

2.. आपकी कुंडली में दुख का कोई योग नहीं है !!

3.. आप लंबे समय तक राज करेंगे !!

4.. आपका राज लगातार बढ़ेगा !!

5.. सालों साल आप सिंहासन की शोभा बढ़ाएंगे !!

6.. धन और आग में भी आप अपने कुटुंब में सबसे आगे रहेंगे !!

7.. आपकी जितनी आयु हुए कुटुंब में नहीं होगी !!

8.. आपकी कुंडली में मुझे कुछ गलत नहीं दिख रहा है !!

--- पंडित की यह सारी बातें सुनकर राजा को बहुत संतोष हुआ ..

-- तब राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया ...

हमारे खजाने से स्वर्ण मुद्राएं पंडित को उपहार स्वरूप भेंट किया जाए !!

Ñote... जरूरी नहीं कि कड़वा साथ कड़वे तरीके से ही बोला जाए !!

          .. कुछ बातें ऐसी होती है जो मीठे तरीके से बोली जाती है !!

हमारी कहानियों को पड़े और दूसरों को भी पढ़ने के लिए बोले....



रविवार, 1 सितंबर 2024

60 बीबी वाला राजा

 21वीं साड़ी का एक ऐसा राजा जिसकी 60 बीवी है !!

यह कनोखा राजा है जिसकी आज भी 60 बीवियां है !!

आज तक आपने राजा रानी की कहानी बहुत सुनी होगी !!

लेकिन इस राजा की कहानी बिल्कुल सबसे अलग है !!

इस राजा का नाम अंग नागौ बांग  है !!

यह राजा दुनिया के राजाओं से बिल्कुल अलग है !!

यह राजा को नयक वंश का राजा है !!

यह राजा नागालैंड के एक छोटे से गांव ..

लो गवा गांव के राजा है !!

यह राजा 75 गांव का महाराज भी है !! 

जो आधा गांव भारत में और आधा गांव म्यांमार में आता है !!

इस राजा के पास दो देशों की नागरिकता है !!

इस राजा के बेटे म्यांमार की सेवा  में नौकरी कर रहे हैं !!

इस राजा की बीवियां 75 गांव की रहने वाली है !!

यह सभी बीवियां राजा का बहुत ध्यान लगती है !!

और अच्छी सुंदर कहानी पढ़ने के लिए हमारी पोस्ट को फॉलो करें और लाइक करें ...........

                  धन्यवाद





शनिवार, 31 अगस्त 2024

कालिगुला राजा

 एक ऐसे ना खौफनाक कहानी ना तो कभी देखी होगी ना ही कभी सुनी होगी आईए जानते हैं इसकी पूरी घटना जो इतिहास के पन्नों में भी दर्द है

यह रोम का तीसरा साम्राज्य था !!

जिसे लोग पागल रहते थ !!

यह बात 2000 साल पहले की है जो इतिहास के पन्नों में भी दर्ज है !!

कालगुला राजा अपने हुकुम को लेकर के चर्चा में आया था !!

कॉल गुल राजा के शासनकाल में जिसके बाल बड़े होते थे उसको पकड़ कर जबरदस्ती उसका मुंडन करा देता था और लोगों के बालों से बहुत नफरत करता था !!

उसका मजबूत शरीर और आंखें अंदर की वह दासी हुई थी !!

जिसके चलते लोग मजाक मजाक में इस राजा की तुलना एक बकरी से किया करते थे !!

कॉल गुल राजा का संबंध उसकी बहन से था........

राजा को लेकर एक बात कही जाती थी कि वह किशोरावस्था में था तो अपने पर दादी के साथ रहता था !!

इसी बीच उसकी अपनी बहन जूलिया डुशिला से संबंध भी बन गए थे !!

और एक दिन अचानक जूलिया की मौत हो गई !!

जूलिया की मौत के बाद कालिगुला राजा रोम के वीनस में अपनी बहन की मूर्ति लगवाई  !!

बता दे वीनस मंदिर को रो म  में प्यार की देवी का मंदिर माना जाता है !!

कॉल गुल राजा एक ऐसा खतरनाक राजा था जिसने अपने सहयोगी को भी नहीं बक्शा जिसकी मदद से वह राजा बना था !!

ऐसा कहा जाता है कि उसने अपने सहयोगी को अपनी औरत के साथ गलत संबंध में फसा दिया था !!x

कॉल गुल राजा की चार शादियां हुई.......

पहली पत्नी की मौत हो गई !!

दूसरी पत्नी को शादी के दिन ही अगवा कर लिया !!

तीसरी पत्नी पहले से ही शादीशुदा थी !!

चौथी पत्नी मिलोमिया ने कॉल गुल राजा को कुछ हद तक काबू किया !!

सोने में नहाता था..........

सिरके में पिछले मोती भी पीता था............


सोने के आभूषण और गहने को अपने तब में भरकर गलगुला राजा नहाता थ !!

कई बार हो सोने पर ही पैदल चलता था !!

सोने से उसे बहुत ही ज्यादा  लगाओ था !!

सिरके में डालकर पिघलाएंगे मोती भी पिया करता था !!

ऐसी अजीब कहानी थी उसकी जिसका जिक्र कर पाना बढ़िया मुश्किल थी !!

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रविवार, 16 जून 2024

हंस की चालाकी

 एक समय की बात है हंसों का झुंड नदी के किनारे एक सुरक्षित स्थान पर बैठा हुआ था तभी इस झुंड में अचानक एक लोमड़ी आ जाता है वहां से लोमड़ी को देख कर सारे हंस भयभीत हो जाते!!!!

लोमड़ी को देखकर हंस डर जाते हैं यह देखकर लोमड़ी हंसो  से पूछता है तुम्हारी कोई आखिरी इच्छा हो तो बता दो क्योंकि अब तुम सब करने वाले हो हो !! तभी एक होकर हंसों के झुंड ने कहा  हम ईश्वर को याद करना चाहते हैंठीक है तुम्हारी आखिरी इच्छा पूरी कर देते हैं चलो तुम सब ईश्वर को याद कर लो!!!

तभी हंसों के झुंड ने एक साथ जोर से बोलना शुरू किया!

हंसों के इस आवाज को सुनकर लोमड़ी का सर चकरा गया उसका दिमाग काम करना बंद कर दिया और लोमड़ी चुपचाप वहां से बिना शिकार किया हुआ वहां से चला गया!!!

दिमाग से किया गया काम हमेशा सफल होता .



शुक्रवार, 14 जून 2024

एक राजा. की कहानी

एक राजा शिकार खेलते खेलने जंगल के बीच में जा पहुंचा और रास्ता भटक गया उसे जोरों से प्यास लगी इधर-उधर दूर-दूर तक बहुत तलाश के अंदर पानी नहीं मिलता थोड़ी दूर जाकर देखा है की झोपड़ी के लिए अपने घोड़े के साथ झोपड़ी में जाता है देखा है खूबसूरत महिला खाना बना रही होती है ...

तब राजा बाहर से आवाज देता है कोई है तो महिला बोलते हैं कौन राजा बोलता है मैं राजा महिला बोलते हैं कौन राजा कहां कराया !!!

तब राजा बोलता है मैं मगध रघु में नरेश के ठीक है !!

महिला अंदर से आवाज देती है बोलिए क्या चाहिए राजा बोलना मुझे बहुत जोरों से प्यास लगी है कृपया मुझे पानी पिला देंगे !!

तमिल मटके में पानी लाती है राजा को बुलाती है राजा पानी पीकर अपने प्यार हो जाता है और इस महिला को अपने गले से छोड़ना है क्या होगा बाहर शरीफ देखकर वहां से चला जाता है महिला और माला पाकर बहुत कर सकती है उसका पति बाहर सहित था वह पूछता है यह मामा तुम्हारे हाथ में कहाँ मिला पूरी गाथा बताती है कि एक राजा हाथों से प्यास लगी तो भेजो सपना तो मगर मेरे रस्ते मुझे छोड़ना है !!

तो उसका पति दूसरे दिन स्वर्णमालाओं से जाकर एक सुंदर के देश का ढेर सारे धन लाता है और उसे ढंग से अपने लिए बड़ा सामान बनता है और खुशी-खुशी दोनों पति पत्नी रहने लगते हैं राजा के धनबाद देते हैं !!


मंगलवार, 4 जून 2024

बानो समझदार

 उठो जल्दी !!!

जियो खुशी से !!!

बोलो आराम से !!!

सो जाओ जल्दी !!!

खाओ आराम से !!!

खूब चबा-चबा कर खाओ !!!

कम करो शांति से !!!

सोचो क्रिएटिविटी !!!

खर्च करो समझदारी से !!!

पैसा खूब कमाओ !!!

पैसा बचाओ लगातार !!!

कमाओ ईमानदारी से !!!

सांस को लंबी !!!

पहनो अच्छा !!!

इंसान पैसा चाहे जितना काम ले मगर साथ ले जाने की कोई सुविधा नहीं है !!!!!!!

या तो पैसा किसी को देकर जाए !!!

या फिर छोड़कर जाए !!!

पैसा साथ ले जाने की सुविधा आज तक बनी नहीं है !!!!

सोमवार, 3 जून 2024

तीन साथी

 एक मित्र के तीन दोस्त थे  !

तीनों में बहुत गहरी दोस्ती थी!!

पर एक दिन वह मित्र बीमार पड़ गया इतना ज्यादा बीमार हुआ कि वह करने के कगार पर पहुंच गया फिर उसने अपने तीनों दोस्तों को बुलाया और बोला यह हमारे प्रिय मित्र क्या तुम करने के बाद भी हमारा साथ दोगे ......

पहला मित्र बोलो अब तक तो मैं तुम्हारा साथ देता रहा आज भी दे दूंगा मगर मृत्यु को कौन रोक सकता है यह हमारे बस में नहीं है आगे मैं तुम्हारा साथ नहीं दे सकता  !!

दूसरा मित्र बोलो करने के बाद मैं तुम्हारा प्रिया कर एम बहुत ही ठीक ढंग से कर दूंगा किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दूंगा और आगे मैं तुम्हारा साथ नहीं दे पाऊंगा नहीं करने के बाद मैं तुम्हारा साथ दूंगा  !!

तीसरा मित्र बोलो यह हमारे प्रिय मित्र तुम घबराओ नहीं मैं मरने के बाद भी तुम्हारा साथ दूंगा तुम जहां-जहां रहोगे मैं वहां वहां तुम्हारे साथ चलूंगा तुम किसी भी प्रकार की कोई चिंता बिल्कुल ही मत करो इतना कहकर उसे मित्र के अंदर एक भरोसा उत्पन्न और मृत्यु लोक को प्राप्त हो गया !!

क्या आप जानते हैं तीनों प्रिय मित्र कौन थे नहीं तो लिए हम आपको बताते हैं यह तीनों प्रिय मित्र कौन थे अपने प्राणों से भी अधिक प्रेम रहता था !!!!!

पहला मित्र था धन.......

दूसरा मित्र था परिवार.....

तीसरा मित्र था कम जो मृत्यु के बाद भी साथ चलने को तैयार हो गया ....

धन परिवार और कम यह तीनों उसे मित्र के साथ ही थे

शनिवार, 1 जून 2024

जंगल में दो शेर

 एक बड़े से जंगल में दो शेर रहते थे एक बूढ़ा था और दूसरा जाऊंगा जवान शेर को अपनी ताकत पर बहुत घमंड था वह अपनी ताकत से मेरे आओ जानवरों को डराया धमकाया करता था !!

उधर बूढ़ा शेर ताकत पर नहीं बुद्धिमानी पर ज्यादा विश्वास रखता था वह समझता था की ताकत हमेशा काम नहीं देती है कभी-कभी दिमाग भी लगाना...

पड़ता है और फिर एक दिन अचानक जवान शहर के लड़के ने मोटा तगड़ा हिरण घुस आया जवान शेर हिरण को देखते ही उसे अपना भोजन बनाने के लिए उसे हिरण पर हमला कर दिया और हिरण भी बहुत चालाक दौड़ने में वह इतनी तेज भाग इससे उसका पीछा करता है बहुत दूर निकल गया था पर हिरण को पकड़ना...!!

  सका और फिर अचानक शहर के इलाके में भालू आ जाता है वह भालू शेर की मां की ओर जाता है उधर बूढ़ा शहर अपनी मन मे बैठा हुआ था वह भालू से लड़ने में आसमान था भालू ने कुछ बूढ़े शहर को दिखा उसे पर हमला कर दिया हमले की आवाज सुनकर जवान से हिरण का पीछा करना छोड़ दिया और अपनी गुफा की ओर भाग इतनी तेज भाग वहां जाकर देखा है भालू ने उसे बूढ़े शहर पर हमला कर रखा है जवान शहर में जोर से दहाड़ और उसे भालू पर हमला कर दिया दोनों में काफी संघर्ष और लड़ाई भी अंत में भालू मर गय...!!

 यह देखकर बुध से बहुत खुश हुआ उसने जवान शेर को धन्यवाद बोलो और कहां हमेशा ताकत कम नहीं आती कभी-कभी बुद्धिमानी से भी काम दिया करो उसके इस बात को सुनकर जहां से गलतियां करना छोड़ दिया दूसरे जानवरों को डरावना धमकाना छोड़ ...!!!

  दिया और सब की भलाई के विषय में सोचने लगा जंगल के सारे जानवर उसके साथ होली और जंगल का राजा बन गया ...!!!!!

इस तरह बूढ़े शेर की बुद्धिमानी काम आएगी शिक्षा पर आधारित छोटी कहानी बाल कहानी पढ़ने योग कहानी सुनने योग्य कहानी हिंदी कहानी बच्चों की कहानी

सच्चा प्रेम

एक छोटे से गांव में राधा मोहन नाम के तो बच्चे रहते थे दोनों में आपस में बहुत पेट है दोनों साथ उठते साथ करते साथ खेलते हैं साथ पढ़ने जाते  !!

देखते देखते धीरे-धीरे दोनों बच्चे जवां होंगे .....

और फिर अचानक गांव में एक दिन जोरों की बाढ़ आ गई लोग गांव से बाहर भागने लगे अपनी जान बचाकर सबसे अच्छी दास्तान पर जाने के लिए राधा और मोहन में सुरक्षित स्थान पर गांव से निकाल कर बाहर जाने के लिए सभी रास्ते में अचानक राधा का पैर फिसल जाता है और राधा पानी में गिर जाती है !!

  राधा को पानी में गिरते देखा मोहन अपनी जान की परवाह नहीं ना किया करते हुए राधा को बचाने के लिए पानी में कूद जाता है अनुराधा को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल देता है राधा को अपने कंधे पर उठाकर पानी से बाहर आता है !!

मेरे गांव वाले मोहन का बहादुर बच्चा करने लगते हैं राधा और मोहब्बत है दोनों एक दूसरे के साथ रहने का करते हैं और खुशी-खुशी साथ रहने लगते हैं !!

  शिक्षा पर आधारित छोटी कहानी प्रेम कथा

शुक्रवार, 31 मई 2024

नेकी और ईमानदारी

एक बार की बात है एक गांव में गुड़िया रहा करते थे एक दिन में बुढ़िया अपने साथ घर में रखे हुए अपने जेवरात को एक थैली में रखकर बाजार ले जाती है बचने के लिए और बुढ़िया से एक आधुनि हो जाती है बाजार पहुंचते पहुंचते बुढ़िया उसे थैली को कहीं गिरा देती है  !!!

अब बढ़िया समान कोई बहुत खोजवीर करती है .....

मगर उथैला उसे बुढ़िया को नहीं मिल पाता है और बढ़िया घर वापस आ जाती है उसके कुछ समय बाद गांव में एक लड़का आता है.....

और उसे लड़के को बुढ़िया की सारी बातें किसी और के द्वारा मालूम पड़ती है तो वह लड़का उसे समान की खोज के लिए बाजार की तरफ निकल पड़ता है और बहुत खोजबीन करने के बाद उसे लड़के को बुढ़िया का सामान मिल जाता है और उसे वह कॉल कर देखता है उसमें काफी सारी जेवरात भरे हुए थे तब वह सामान लाकर बुढ़िया को दे देता है बढ़िया उसे लड़के को धन्यवाद देता है बहुत-बहुत दुआएं देती है लड़के ने कहा मैंने तो अपना धर्म निभाया है बुढ़िया और सामान को देखकर बहुत खुश होती है और उसे बच्चों को बहुत दुआएं देती है इस कहानी से मैं यह प्रेरणा मिलती है की लड़की और ईमानदारी आज भी जीवित है !!!

धैर्य का संदेश

एक समय की बात है एक गांव में बुजुर्ग शिक्षक रहा करते थे !

उनके पास एक अद्भुत बगीचा था !!

उसे बगीचे में बुजुर्ग शिक्षक अपने प्राकृतिक सौंदर्य का पूरा आनंद लिया करते थे !

और फिर एक दिन अचानक......

  उसे बाग में गलती से एक छोटा सा बाला के घुस गया और फलों को तोड़ने लगा !!

तभी वहां बुजुर्ग शिक्षा का आ जाते हैं और उसे बालक को पकड़ लेते हैं और उसे सच्चाई का पाठ पढ़ाते हैं !!

वह बालक सच्चाई के पार सुनकर अपनी गलतियों के लिए माफी मांगता है और दूसरे दिन अपना नाम स्कूल में लिख कर पढ़ने चले जाता है !!

   इस तरह बुजुर्ग शिक्षक ने धर्म का संदेश दिया और गांव में एकता प्रेम की भावनाओं को जगाया !!!

उसे बुजुर्ग शिक्षक ने पूरे गांव में धैर्य का संदेश दिया एक दूसरे को साथ रहने का भाईचारा बना के रखने क का संदेश दिया आज पूरे गांव में धैर्य का संदेश पहुंच चुका है लोग एक दूसरे का साथ देते हैं किसी भी आपत्ती जैसी स्थिति आने पर लोग एक दूसरे के साथ खड़े होकर अध्यक्ष करना मिलकर साथ चलते हैं आज बुजुर्ग शिक्षा के बदौलत पूरा गांव चाय का पाठ पढ़ चुका है और उसे गांव में शिक्षक ने एक अलग ही अलग जगह दी है..... छोटी कहानी बच्चों की कहानी मोटिवेशनल कहानी शिक्षा के ऊपर आधारित कहानी........

गुरुवार, 30 मई 2024

एक्सपर्ट आदमी

 कुछ समय पहले की बात है एक जूता बनाने वाली कंपनी ने अपने एक कर्मचारी को एक गांव में अपने कंपनी का जूता बचने के लिए भेजा  

वह कर्मचारी कंपनी से बाहर निकाल और गाड़ी पकड़ गाड़ी से डायरेक्ट वहां उसे गांव में जाता है और वहां क्या देखा है कि वहां ना तो कोई आदमी ना ही कोई औरत ना ही कोई बच्चा अपने पैरों में नहीं जूता पहन 

यह नजारा देख उसे आदमी का सर चकरा जाता है तो तुरंत अपने बॉस के पास फोन लगता है सर मेरा टिकट वापस कर दीजिए मथुरा तो वापस आना चाहता हूं बस पूछता है क्यों फिर तुम वापस आना चाहते हो तो वह कर्मचारी बोलता है सर यहां तो ना ही कोई आदमी जूता पहना है ना है चप्पल पहनता है ना यहां की औरतें ना यहां के बच्चे इसलिए मैं यहां से वापस आना चाहता हूं बस में उसे कर्मचारी का टिकट वापस कर दिया और वापस कंपनी में लौट गया 

तीसरे दिन उसे कंपनी के पास में फिर अपने कर्मचारियों को वहां भेजता है और उसे बोलना है इस गांव में तुम्हें जूते भेजना है कैसे बचना है यह मैं नहीं जानता पर तुमको भेजना है तो कर्मचारी कंपनी निकलता है और गाड़ी पकड़ कर उसे गांव में पहुंचता है वहां देखा है आदमी औरत बच्चे ना तो जूते पहनते ना एक चप्पल पहनते हैं तो वह कर्मचारी अपने पास के पास फोन लगता है मलिक समझता है कि हो सकता है शायद यह भी कर्मचारी मेरा वापस आना चाहता हूं लेकिन ऐसा नहीं हुआ उसने बॉस को फोन किया सर कंपनी में जितने भी जुटे हैं सारे जूते भेज दीजिए मैं सारे जूते की हासिल कर दूंगा सारे जूते हरवा दूंगा बस का तो सभी चकरा गया वह सोचा अभी यह कैसे हो गया उसे कर्मचारियों ने रियल में बोला नहीं सर मुझ पर विश्वास कीजिए मैं आपकी कंपनी का जितना भी जुटा है इस गांव में लिखवा दूंगा उसे कर्मचारियों ने वैसा ही किया जैसा बोला था उसने उसे कंपनी का सारा जूता उसे गांव में भेज दिया मालिक बहुत खुश हुआ और उसे कर्मचारियों को मैनेजर की पोस्ट पर रख लिया और अच्छी खासी सैलरी देने लगा इसे कहते हैं टैलेंट और स्पॉट आदमी जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहिए संघर्ष ही जीवन है लड़ जाना चाहिए जब तक संघर्ष नहीं करोगे तब तक आपको सफलता नहीं मिलेगी तो एक्सपर्ट आदमी था इसलिए उसने हार नहीं मानी चैलेंज को स्वीकार किया उसे गांव में हर व्यक्ति हर लोगों से हर माता हर बहनों से मुलाकात की और उसे जूते और चप्पलों को भेज दिया इसे कहते हैं इस बढ़ा दिए

मंगलवार, 28 मई 2024

भैंस की चतुराई

 एक समय की बात है ...

भैंस और शहर में अचानक दोस्ती हो गई !

दोस्ती इतनी गहरी थी कि दोनों एक दूसरे गुना रह नहीं पाते थे !!

1 दिन से को बहुत जोरों से भूख लगी और इधर-उधर अपने भोजन की तलाश में घूमता रहा मगर दिन भर में उसे ना तक कोई शिकार दिखाई पड़ा ना ही उसे किसी प्रकार की कोई भजन मिला शेर के बहुत तेज भूख लगी हुई थी वह परेशान था जब करें तो क्या करें और उसके मन में एक ख्याल आया !!

क्यों ना आज हम इस भैंस को ही अपना निवाला बनाने चलो कुछ आईडिया लगते हैं कुछ दिमाग लगाते हैं इसे कहीं सुनसान का जगह में लेकर जाते हैं बहला फुसला कर वहीं पर इस भैंस को मार कर अपना भोजन बना लेंगे और वही खा लेंगे ऐसे में भैंस को भी मालूम नहीं पड़ेगा कि हम लोग कहां किधर जा रहे हैं लेकिन भैंस भी बहुत चतुर थी !!

भैंस ने अपने साथियों से बोल रखा था हो ना हो शेर किसी न किसी दिन हमारे साथ गलत व्यवहार अवश्य करेगा इसलिए हमें अपने आप से सावधान रहना चाहिए उसने अभी अपने सभी साथियों को बोला कि जैसे मैं जोर से एक आवाज लगाऊंगी वैसे चारों तरफ से इस शहर को घेर लेना और जैसे तैसे जाने मत देना क्योंकि शेर किसी का होता नहीं है दोस्ती तो की है मगर निभाता तो पड़ेगा लेकिन ऐसा बुरा वक्त कभी ना आए इसलिए हम आप लोगों से यह सवाल जवाब कर रहे हैं और फिर एक दिन शेर ने वैसा ही किया जैसा भैंस में सोच रखा था वह भैंस को एक आदमी ले जाता जैसे ही उसे पर हमला किया वैसे ही भैंस जोर-जोर से चिल्लाया और फिर क्या था देखते ही देखते पैसों का झुंड चारों तरफ से उसे शेर को घेर लिया शेर भाग नहीं सकता था चारों तरफ से भैंसों न !!!!!!

उसे शेर पर हमला बोल दिया शेर को बहुत बुरी तरीके से मारा उसे बहुत ढेर सारी छोटे आ गई चलने फिरने में असमर्थ हो गया शेर किसी तरह की कैसे बेसन के झुंड से निकालकर बहुत तेजी के साथ भाग और फिर हो कभी भैंसों के पास वापस नहीं आया क्योंकि उसे सबक मिल चुका था और समझ गया था की गद्दारी हमने की है इसलिए मुझे सजा है मिलने तो थी मुझे सजा भी मिल गई अब ऐसा व्यवहार में किसी के साथ कभी नहीं करूंगा बस खुशी-खुशी अपने दोस्तों के साथ जंगल में रहने लगा और शेर और जंगल को छोड़कर कहीं और चला गया!!

# जंगल की कहानी शेर और भैंस की कहानी छोटी कहानी बड़ी कहानी बच्चों की कहानी शिक्षा पर आधारित कहानी मोटिवेशनल कहानी ज्ञान की कहानी याद रखने वाली कहानी

सोमवार, 27 मई 2024

दुष्ट राजा भैरव सिंह

 बहुत समय पहले की बात है ...

वैशाली पूरा नामक एक नगर हुआ करता था जहां का राजा भैरव सिंह था भैरव सिंह अपने दोस्तों के लिए वैशाली पूरा नामक गांव में बहुत प्रसिद्ध था वह लोगों पर अत्याचार इतना अधिक करता था कि लोग उसे डरे शहर में से ही रहेगा रहते थे कहीं ऐसा ना हो भैरों सिंह नामक राजा हमारे परिवार को नुकसान पहुंचा दे इसलिए लोग उसे यादव से नमस्कार किया करते थे वह इतना अत्याचारी था कि वहां रह रहे गरीब लोगों को अनाज लूट लिया करता था पहनने के लिए वस्त्र बराबर नहीं दिया जाता था उसके राज में प्रजा बहुत प्रताड़ित किया जाता था सजा सुखी नहीं थी स्कूल भी नहीं थे बच्चों के स्कूल भी नहीं पढ़ने दिया जाता था महिलाओं को शिक्षित रखा जाता था महिलाओं को ठंड रखने के लिए बराबर कपड़े नहीं दिए जाते थे वह इतना ज्यादा अत्याचारी था आपने उसे घबराए रहते थे !!!

वैशाली पूरा नामक गांव से चंद किलोमीटर की दूरी पर राजा दयानंद से का किला हुआ करता था जहां पर दयानंद के शासनकाल में प्रजावाणी सुख और संपन्न थी वहां किसी भी गरीब को ना तो सताया जात था ना ही किसी प्रकार का कोई अत्याचार उन पर किया जाता था बल्कि उनकी सहायता की जाती थी लोगों को पढ़ने के लिए स्कूल महिला पढ़ने के लिए वस्त्र खाने के लिए अच्छे-अच्छे पकवान दिए जाते थे राजा की तरफ से नए-नए तरह के कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे जिसमें लोगों को सम्मानित भी किया जाता था भूत राजा भैरव सिंह की कहानी दयानंद को भी मालूम पड़ी और फिर एक दिन दयानंद ने ऐसी योजना बनाई...

रात के 12:00 का समय था राजा दयानंद ने दोस्त भैरव सिंह के राज में हमला कर दिया और वह संभाले में राजा भैरव सिंह बुरी तरह प्राप्त हुआ राजा दयानंद ने भैरव सिंह को गिरफ्तार कर कारागार में डाल दिया और राजा भैरव सिंह का पूरा शासन काल राजा दयानंद ने अपने हाथों में ले लिया तब से धीरे-धीरे राजा दयानंद ने जगह-जगह लोगों तक इकट्ठा कर यह आश्वासन दिया कि आज के बाद आप लोगों में किसी तरह का कोई अत्याचार है जुल्म नहीं किया जाएगा यहां के शासन सत्ता हमने अपने हाथ में ले ली की है जिस तरह हमारे शासनकाल में हमारे यहां किसी प्रकार का कोई समस्याएं नहीं उत्तम होती किसी गरीब किसी मजलूम पर कुर्सी प्रकार का कोई अत्याचार नहीं किया जाता ठीक उसी तरीके से यहां पर भी आप लोगों के खिलाफ किसी तरीके का कोई भी अत्याचार या दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा आपकी जो भी समस्याएं हमारे महामंत्री से आकर आप अपनी समस्याओं को कह सकते हैं उसे पर अमल किया जाएगा उसे पर सुनवाई होगी और आपकी पूरी हिफाजत की जिम्मेदारी हमारी है रहना खाना शिक्षा किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी और तब पढ़ने के लिए पूरी तरीके से कपड़े भी दिए जाएंगे यह हमारे राज्य में जनता किसी प्रकार की कोई प्रताड़ना नहीं होगा ना ही कोई पता नहीं करेगा अगर ऐसा कोई करता है तो उसे सजा मौत दी जाएगी राजा के प्रमाण सुनकर वहां के जनता बहुत उत्साहित हुई राजा की जय जयकार करने लगी राजा दयानंद की जय हो राजा दयानंद की जय हो राजा दयानंद की जय हो उनकी जय जयकार से पूरा महल गोंड उठा वहां के जनता खुशहाल और संपन्न है किसी प्रकार की कोई परेशानियां वहां किसी भी जनता को नहीं होती है रहने के लिए घर खाने के लिए कपड़े पहनने के लिए कपड़े मिलते हैं खाने के लिए भोजन मिलता है बच्चों को स्कूल पास ही में खोल दिया गया है बच्चे स्कूल भी जाते हैं महिलाओं को पढ़ने की पूजा आजादी दी गई आज वहां के लोग सुखी और संपन्न है दोस्त राजा ऑल रिकॉर्ड कोठरी में बंद है ना तो उसे कोई देखने जाता है ना उससे कोई छुड़ाने जाता है उसकी आखिरी सांसें चल रही है पता नहीं कब तक उसकी आरती चलती रहेगी उधर राजा दयानंद की पूरे समाज में पूरे राज्य में जय जयकार होती है राजा होता है ऐसा राजा दयानंद जैसा...

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मंगल की चतुराई

 गर्मियों का समय था रात के करीब 12 बज रहे थे चारों तरफ सन्नाटा था अंधेरी रात थी लोग बाहर गहरी नींद में सो रहे थे तभी कुछ लुटेरे गांव में घुस जाते हैं और मंगल के घर दवा बोल देते हैं !!

मंगल भी डाकू से कमजोर नहीं था वह हॉस्पिटल था साथ फिर करना जवान था काफी देर अपने शरीर बना रखा था इसलिए जैसे ही डाकू ने मंगल के घर पर हमला किया मंगलसूत्र हो गया और अपनी चतुराई से वह दरवाजे के पीछे छुप गया जैसे दरवाजा तोड़कर मंगल के घर डाकू प्रवेश करते हैं वैसे ही मंगल एक-एक डाकू अपनी बाजू वाली कोठरी में बंद कर देता है जोर से आवाज लगता है फोटो उठो डाकू आया खास पड़ोस के लोग मंगल की आवाज सुनकर आप मिलने डंडे लेकर सारी तरफ से मंगल के घर को भेज देते हैं !!

   उधर डाकू की छुट्टी-वटी गुम हो जाती है वैसे मंगल में एक डाकुओं को पकड़ कर अपने का कोठरी में बंद कर दिया था बाहर से सीट कितनी लगाकर डाबरे को ब्लॉक कर दिया था गांव के लोग सभी इकट्ठे हुए अरुण डाकू खबर पुलिस बुलाकर उनके हवाले कर दिया यह देखकर गांव वाले बहुत खुशी चलो कम से कम हमारे गांव में कोई ऐसा नौजवान है जो अकेले हैं चार से डाकुओं का भारी पड़ा और उन्हें पकड़ कर अपने घरों में बंद कर दिया हमें मंगल के साथ देना चाहिए मंगलसूत्र में इसलिए !!

    इस तरह मंगल को चतुराई कमाई गांव वाले खुश हो गए और पुलिस बुलाकर उनसे डाकू पकड़ा दिया तब से दोबारा आज तक डाकुओं की हिम्मत नहीं पड़ी कि उसे गांव में जाकर लोट कर सके आज भी होगा सुरक्षित मंगल आज भी है जब तक मंगल जैसे नौजवान इस पृथ्वी पर रहेंगे तब तक डाकू कम तक ऐसे ही होता रहेगा !!

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जंगली भेड़िया

 मढ़पुर नमक गांव में रोज और होता था जागो जागो भेड़िया आया जागो जागो भेड़िया आया गांव के लोग बहुत परेशान ना करते थे भेड़िया चुपके से आता किसी की बकरी किसी की मुर्गी किसी के गाय का बछड़ा छोटा उठा ले जाया करता था और उसे मार कर खा लिय !!!

गांव के लोग वीडियो से बहुत परेशान थे रात भर गांव वाले सो नहीं पाते थे भेड़िया इतना आतंक मचा रखा था हर घर में परेशानियां थी हर घर के लोग भेड़िए के आतंक से डरे सामने से रहते थे कि कब किधर से भेड़िया आकर हमारे ऊपर हमला न कर दे फिर एक दिन गांव वालों ने बैठकर विचार विमर्श किया इस वीडियो को किस तरह काबू में किया जाए ताकि भेड़िया भी पड़ जाए और हम लोग सुरक्षित भी रहे फिर उन्होंने एक बड़ा सजल बनाया चारों तरफ जाल हो लगा दिया गया एक साइड में रास्ते को खोल दिया गया बीच में बकरी को छोटे से बांध दिया गया चारों तरफ गांव वालों ने लाठी डंडा और वीडियो भी औजार था लेकर चुपके से बैठ गए तभी उधर से रात के करीब 1201 के बीच में भेड़िया निकाल कर आया और उसे बकरी के बच्चे पर हमला कर दिया जैसे ही वीडियो में बकरी के बच्चे का हमला किया वैसे ही वीडियो तरीके से लपेट सके और भेड़िया निकालने की बहुत कोशिश की पर भेड़िया और जल को तोड़कर निकल नहीं सकता गांव वालों ने उसे भेड़िया को पकड़ कर सरकार के हवाले कर दिया तब से गांव में अपने आप को सुरक्षित महसूस करने के लिए और जंगली भेड़िया पकड़ा गय !!

गांव वालों की सूरज गुर्जर चलती थी जंगली भेड़िया पकड़ा गया अब गांव वाले अपने आप को सुरक्षित महसूस करने लगी और खुशी-खुशी गांव के लोग चैन की नहीं सोने लगे हैं किसी को कहते हैं एकदम करती है गांव वालों का दिन अंक जंगली भेड़िए तो पड़ जाना कितना महत्व है !!

# स्मॉल स्टोरी शॉर्ट स्टोरी खेड़ा स्टोरी मोटिवेशनल स्टोरी

अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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