एक राजा शिकार खेलते खेलने जंगल के बीच में जा पहुंचा और रास्ता भटक गया उसे जोरों से प्यास लगी इधर-उधर दूर-दूर तक बहुत तलाश के अंदर पानी नहीं मिलता थोड़ी दूर जाकर देखा है की झोपड़ी के लिए अपने घोड़े के साथ झोपड़ी में जाता है देखा है खूबसूरत महिला खाना बना रही होती है ...
तब राजा बाहर से आवाज देता है कोई है तो महिला बोलते हैं कौन राजा बोलता है मैं राजा महिला बोलते हैं कौन राजा कहां कराया !!!
तब राजा बोलता है मैं मगध रघु में नरेश के ठीक है !!
महिला अंदर से आवाज देती है बोलिए क्या चाहिए राजा बोलना मुझे बहुत जोरों से प्यास लगी है कृपया मुझे पानी पिला देंगे !!
तमिल मटके में पानी लाती है राजा को बुलाती है राजा पानी पीकर अपने प्यार हो जाता है और इस महिला को अपने गले से छोड़ना है क्या होगा बाहर शरीफ देखकर वहां से चला जाता है महिला और माला पाकर बहुत कर सकती है उसका पति बाहर सहित था वह पूछता है यह मामा तुम्हारे हाथ में कहाँ मिला पूरी गाथा बताती है कि एक राजा हाथों से प्यास लगी तो भेजो सपना तो मगर मेरे रस्ते मुझे छोड़ना है !!
तो उसका पति दूसरे दिन स्वर्णमालाओं से जाकर एक सुंदर के देश का ढेर सारे धन लाता है और उसे ढंग से अपने लिए बड़ा सामान बनता है और खुशी-खुशी दोनों पति पत्नी रहने लगते हैं राजा के धनबाद देते हैं !!
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