एक गांव के पास बहुत बड़ा फलों का बगीचा था !!
उसे बगीचे में हर प्रकार के फल के पेड़ लगे हुए थे !
और सभी पेड़ों में फल लगा हुआ था !!
इस बगीचे का रखवाला एक हाथी था !!
शादी का नाम गजराज था !!
वह हाथी बगीचे के चारों तरफ टहलकर उसे बगीचे की रखवाली करता था !!
पर एक दिन अचानक एक बंदर उसे बगीचे में कहीं से आ गया !!
वह नटखट बंदर हेलो को तोड़कर जमीन पर गिरा देता था कुछ खाता था कुछ पेड़ पौधे जमीन पर गिरा देता था पेड़ों को नुकसान पहुंचता था !!
वह नटखट बंदर कुछ फल को खता कुछ इधर-उधर फेंकता कुछ आने जाने वाले लोगों को भी फलों से फनकार मरता था !!
तभी वह बंदर फल तोड़कर हाथी को भी देख कर मार दिया वह फल हाथी के जाकर आंख में लगा दूसरा पर उसके माथे पर लगा अब हाथी को जोर से गुस्सा आ गया !!
हाथी ने दौड़ कर झपट्टा मारकर उसे बंदर को अपनी और में लपेटकर पकड़ लिया !!
बंदर जोर जोर से चिल्लाने लगा गजराज माफ कर दो आप मुझसे गलती हो गई अब दोबारा गलती मैं नहीं करूंगा तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं मैं तुमसे माफी मांगता हूं तुमसे विनती करता हूं कृपया हमें माफ कर दो गजरा माफ कर दो !!
नटखट बंदर की बात सुनकर हाथी को दया आ गई !!
तब हाथी ने उसे बंदर को माफ कर दिया !!
बंदर कुछ फल अपना खता कुछ तोड़कर हाथी को भी खिला देता था !!
धीरे-धीरे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई !!
हाथी और बंदा दोनों साथ-साथ रहने लगे !!
अब हाथी और बंदा दोनों उसे बगीचे की रखवाली करने लगी है !!

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