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मंगलवार, 19 नवंबर 2024

आत्मा की गरीबी

एक आदमी ने चाणक्य से पूछा ...?

मैं इतना गरीब क्यों हूं...?

चाणक्य ने कहा ; ,!

तुम गरीब हो ,

क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा !

उस आदमी ने चाणक्य से कहा !!

 मेरे पास तो देने के लिए कुछ भी नहीं है !

तब चाणक्य ने उस आदमी से कहा.....

तुम्हारा चेहरा एक मुस्कान दे सकता है !


तुम्हारा मूंह किसी की प्रशंसा कर सकता है !

या दूसरों को सुकून पहुंचाने के लिए ,

दो मीठे बोल बोल सकता है !!

तुम्हारे हाथ किसी जरूरतमंद की ,,

सहायता कर सकते हैं !!

और फिर भी तुम कहते  हो...

तुम्हारे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है !!

" आत्मा की गरीबी "  ही वास्तविक गरीबी है !!


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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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