गर्मियों का समय था रात के करीब 12 बज रहे थे चारों तरफ सन्नाटा था अंधेरी रात थी लोग बाहर गहरी नींद में सो रहे थे तभी कुछ लुटेरे गांव में घुस जाते हैं और मंगल के घर दवा बोल देते हैं !!
मंगल भी डाकू से कमजोर नहीं था वह हॉस्पिटल था साथ फिर करना जवान था काफी देर अपने शरीर बना रखा था इसलिए जैसे ही डाकू ने मंगल के घर पर हमला किया मंगलसूत्र हो गया और अपनी चतुराई से वह दरवाजे के पीछे छुप गया जैसे दरवाजा तोड़कर मंगल के घर डाकू प्रवेश करते हैं वैसे ही मंगल एक-एक डाकू अपनी बाजू वाली कोठरी में बंद कर देता है जोर से आवाज लगता है फोटो उठो डाकू आया खास पड़ोस के लोग मंगल की आवाज सुनकर आप मिलने डंडे लेकर सारी तरफ से मंगल के घर को भेज देते हैं !!
उधर डाकू की छुट्टी-वटी गुम हो जाती है वैसे मंगल में एक डाकुओं को पकड़ कर अपने का कोठरी में बंद कर दिया था बाहर से सीट कितनी लगाकर डाबरे को ब्लॉक कर दिया था गांव के लोग सभी इकट्ठे हुए अरुण डाकू खबर पुलिस बुलाकर उनके हवाले कर दिया यह देखकर गांव वाले बहुत खुशी चलो कम से कम हमारे गांव में कोई ऐसा नौजवान है जो अकेले हैं चार से डाकुओं का भारी पड़ा और उन्हें पकड़ कर अपने घरों में बंद कर दिया हमें मंगल के साथ देना चाहिए मंगलसूत्र में इसलिए !!
इस तरह मंगल को चतुराई कमाई गांव वाले खुश हो गए और पुलिस बुलाकर उनसे डाकू पकड़ा दिया तब से दोबारा आज तक डाकुओं की हिम्मत नहीं पड़ी कि उसे गांव में जाकर लोट कर सके आज भी होगा सुरक्षित मंगल आज भी है जब तक मंगल जैसे नौजवान इस पृथ्वी पर रहेंगे तब तक डाकू कम तक ऐसे ही होता रहेगा !!
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