मूलचंद नाम का एक व्यापारी था !!
व्यापार करता था !!
कुछ दिनों तक मूलचंद का व्यापार ठीक-ठाक चला !!
उसके बाद धीरे-धीरे उसके व्यापार में मंदिर आना शुरू हो गई !!
इमोशन नाम का व्यापारी परेशान रहने लगा !!
उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा व्यापार कैसे बड़े !!
और हमारे व्यापार में घटा ना हो !!
मूलचंद का एक घनिष्ट दोस्त था जिसका नाम हीरा दास था !
मूलचंद ने अपनी सारी बातें हीरा दास को बताई !!
हीरा दास ने बोला मूलचंद से देखो भाई तुम्हारे व्यापार में घटा कभी नहीं होगा मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूं !! हीरा दास ने कहा तुम अपने मोबाइल पर ऑनलाइन तांत्रिक बाबा को सर्च करो वही तुम्हारे उपाय के विषय में जानकारियां देंगे और बताएं !!
ओके मोर्चा को व्यापार में ज्यादा घाटा हो रहा था इसलिए उन्होंने ऑनलाइन बाबा का सर्च किया उसमें से एक बाबा का नंबर उन्होंने लिया और उसे पर कॉल किया !!
हस्तांत्रिक बाबा ने मूलचंद को बेवकूफ बनाना शुरू किया !!
उसे बाबा ने तो मूलचंद को कुछ इस तरह समझाया कि 10000 यहां लगेगा 20000 वहां लगेगा 50000 वहां लगेगा इस तरह फ्रॉड करते-करते उसने मूलचंद से करीब 20 से 25 लख रुपए रेट लिए !!
एक तरफ मूलचंद को घटाई हो रहा था दूसरे तब बाबा के चक्कर में पास करो एक दूसरा नुकसान और कर बैठे घर में रखे हुए सारे पैसे उन्होंने बाबा को दे दिए !!
अमूल चादर परेशान होने लगा आखिर में करो तो क्या करूं मेरे पास जो धन था वह भी इस बाबा ने है लिया मेरे पास तो कोई बचा ही नहीं अब अंत में मूलचंद में पुलिस की सैलरी पुलिस ने उसे बाबा को पड़कर मूलचंद का सारा धन वापस कराया !!
इस तरह मूलचंद फ्रॉड होने से बच सके !!

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