एक बार की बात है |
एक छोटा सा गांव था |
जहां एक गरीब किसान रहता था |
उसका नाम था रामू |
रामू के पास खेती करने के लिए,
सिर्फ एक छोटा सा खेत था |
वह दिन रात मेहनत करता था |
लेकिन फिर भी उसकी कमाई,
बहुत कम होती थी |
एक दिन रामू जब खेत में काम कर रहा था |
तभी एक साधु वहां से गुजर रहे थे |
रामू ने साधु जी का आदर्श पूर्वक स्वागत किया ,
और पानी पिलाया |
साधु जी ने रामू की मेहनत देखकर ,
उसकी खूब प्रशंसा की |
साधु जी ने रामू से कहा "
रामू तुम्हारी मेहनत देखकर मुझे बहुत खुशी होती है |
लेकिन तुम्हारी मेहनत का पूरा फल,,
तुम्हें नहीं मिल पा रहा है |
मैं तुम्हें एक ऐसा अनाज दूंगा ,
जिसे तुम अपने खेतों में उगाओगे |
पर यह अनाज तुम्हारी किस्मत बदल देंगे |
रामू ने साधु जी का धन्यवाद दिया ,
और अनाज ले लिया |
वह घर आया,
और अनाज को अपने खेत में डाल दिया |
कुछ दिन बाद अनाज से एक अद्भुत,
पेड़ निकल आया |
इस पेड़ पर चमकदार फल लगे थे |
जिनके रंग सुनहरे थे |
जब फल पक गए तो रामू ने,
उन फलों को तोड़ा,
और बेचने के लिए बाजार ले गया |
बाजार में लोग उन फलों को देखकर,
दंग रह गए |
उन फलों का स्वाद बहुत मीठा,
और सुगंधित था |
लोग उन फलों को खरीदने के लिए,
लाइन लगा देते थे |
रामू के फल इतने मशहूर हो गए थे,
की दूर-दूर से लोग उनके गांव आने लगी है |
अब रामू के जीवन में खुशहाली आ गई |
अब वह एक अमीर आदमी बन गया था |
लेकिन वह अपने गरीबों के दिन को कभी नहीं भूल पाया |
वह हमेशा गरीबों की मदद करता था |
और साधु जी के आशीर्वाद याद करता रहता था |||

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