बहुत समय पहले की बात....
किसी राज में एक राजा था उसका शासन काल ठीक-ठाक चल रहा था !
उसके राज में जनता बहुत खुश थी किसी को किसी प्रकार का कोई दुख नहीं था और जनता के प्रथम ऐसा वफादारी से काम करता था !
ओ राजा ऐसा था कि सभी के दुख और सुख में दोनों में शामिल होता था !
वहां के लोग राजा को बहुत मानते थे !!
लेकिन एक दिन एक पंडित वहां राजा के दरबार में आया !!
और राजा से बोला महाराज आपकी कुंडली में दोष है !!
राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया पंडित को सही जगह पर आसन ग्रहण कराया जाए !!
मंत्री ने राय उसे पंडित को सही जगह पर बैठाया और राजा ने उसे पंडित से प्रस्तुत किया बोलिए महाराज हमारी कुंडली में क्या-क्या भरोसा है मुझे पूरा स्पष्ट बताइए मैं उसे पूरी सुनना चाहता हूं !!
पंडित अपनी झोली से कुंडली निकलता है और एक-दो घंटे तक उसे कुंडली को बार-बार देखा है तब 2 घंटे बाद पंडित अपनी कुंडली रखकर महाराज से बोलता हूं !!
हे महाराज मैं अपने मुंह से कैसे आपको यह सारी बातें सुनाओ !!
तब राजा ने पंडित को आदेश दिया नहीं जो भी सत्य है वह मुझे सुनना है आप पूरी बातें मुझे सुनाई !!
पंडित बोला ठीक है महाराज अगर आप जिद कर रहे हैं तो मैं आपको आपकी सारी डिटेल भेजना पूरी जानकारियां दे देता !!
सुनो महाराज !!
आपकी कुंडली में जो दोस्त है वह यह है कि आपके सामने आपके सारे रिश्तेदार मारे जाएंगे और आप अकेले ही रह जाएंगे आपके पूरे परिवार में कोई भी नहीं रहे रहेगा
उसे पंडित की बातें सुनकर राजा को बहुत धक्का लगा !!
राजा बहुत चिंतित रहने लगा हर पल उदास और मायूस रहने के लिए बेबस हो गया !!
राजा कोचिंग सेंटर देखकर उसके मंत्रीवार की घबराने लगी !!
पर किसी मंत्री में हिम्मत नहीं थी कि राजा से कोई सवाल कर सके कि राजा आप इतने उदास क्यों रहते हो !!
लेकिन एक दिन राजा अकेले थे तभी एक मंत्री ने हिम्मत करके राजा से प्रश्न पूछ लिया राम महाराज आपको क्या हुआ आप इतने उदास क्यों रहते हो !!
तब राजा ने मंत्री जी से कहा...
अजू पंडित आया था उसने हमारी कुंडली देखकर यह बोला कि तुम्हारे सामने है तुम्हारे सारे रिश्तेदार मारे गए और तुम अकेले रह जाओगे तुम्हारा बस चलने वाला नहीं है !!
तब मंत्र में राजा से कहा महाराज हमें एक पंडित को जानते हैं वह बहुत पहुंचा हुआ विद्वान है याद आप आदेश करें तो मुझे दरबार में बुलाने का कष्ट करें !!
राजा ने उसे मंत्री को आदेश दिया फौरन पंडित को हमारे दरबार में पेश किया जाए !!
मंत्री अपने से पास अलार्म के साथ पंडित के घर गया और सही सलामत ब्राह्मण को राजा के दरबार में पेश पेश किया !!
तब राजा ने उसे ब्राह्मण की बातें दूसरे ब्राह्मण से बोली ...
पंडित बोलो ठीक है महाराज में कुंडली देखकर आपको आपकी भविष्यवाणी बताता हूं !!
पंडित अपनी कुंडली निकलता है और राजा के भविष्यवाणी देखना शुरू करता है !!
दूसरा पंडित कुंडली देखने के बाद समझ गया कि पहले पंडित जो आया था उसने राजा को जो सारी बातें बताइए वह सही और सत्य थी !!
पर मैं राजा को यह सारी बातें कैसे बताऊं !!
मैं झूठ भी नहीं बोल सकता हूं सब तो मुझे बोलना है बोलना है !!
तब दूसरा पंडित महाराज से कहते हैं महाराज...
1.. आपकी कुंडली में तो कोई दोस्त ही नहीं है !!
2.. आपकी कुंडली में दुख का कोई योग नहीं है !!
3.. आप लंबे समय तक राज करेंगे !!
4.. आपका राज लगातार बढ़ेगा !!
5.. सालों साल आप सिंहासन की शोभा बढ़ाएंगे !!
6.. धन और आग में भी आप अपने कुटुंब में सबसे आगे रहेंगे !!
7.. आपकी जितनी आयु हुए कुटुंब में नहीं होगी !!
8.. आपकी कुंडली में मुझे कुछ गलत नहीं दिख रहा है !!
--- पंडित की यह सारी बातें सुनकर राजा को बहुत संतोष हुआ ..
-- तब राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया ...
हमारे खजाने से स्वर्ण मुद्राएं पंडित को उपहार स्वरूप भेंट किया जाए !!
Ñote... जरूरी नहीं कि कड़वा साथ कड़वे तरीके से ही बोला जाए !!
.. कुछ बातें ऐसी होती है जो मीठे तरीके से बोली जाती है !!
हमारी कहानियों को पड़े और दूसरों को भी पढ़ने के लिए बोले....

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