बहुत समय पहले की बात है,,
किसी राज में एक प्रतापी राजा राज कर रहा था !!
हो राजा हमेशा अपने राज को खुश करने की कोशिश करता रहता था !!
राजा जितनी बार कोशिश करता हूं सारी कोशिश है उसकी नाकाम हो जाया करती थी !!
राजा अपने प्रजा को हमेशा खुश देखना चाहता था मगर उसकी सारी कुछ से हर बार नाकाम होती रहते थे उसे समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें !!
राजा हमेशा चिंता में लगा रहता था कि हमारी प्रजा खुश क्यों नहीं है हमसे इतना नाराज क्यों रहती है !!
एक दिन राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया जाकर हमारे राज्य में पता करो लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!
राजा के मंत्री राज में जाते हैं और लोगों से जानकारियां इकट्ठा करते हैं कि आप लोग राजा से कुछ क्यों नहीं है !!
तो वहां के जनता ने सीधा जवाब दिया कि राजा को यहां पैदल चलकर आना होगा तभी हम उनके सवालों का जवाब दे पाएंगे !!
मंत्री जनता की सारी बातें सुनकर राजा के पास गया और बोला महाराज,,
यहां के प्रजा ने सीधा जवाब दिया कि राजा जब तक पैदल चलकर हमारे यहां नहीं आएंगे तब तक हमको भी जवाब राजा को नहीं दे पाएंगे !!
1. तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया ठीक है हम सुबह निकलते हैं !
2. भर हुआ सुबह हो गया तब राजा घर से पैदल ही अपने राज का भ्रमण करने के लिए निकल पड़ा !!
3. राजा को तो पैदल चलने की आदत ही नहीं सुबह से शाम हो गई राधा पैदल चला गया पैदल चला गया शाम होते-होते राजा पैदा चलने में नाकाम हो गया और उसने अपने मंत्री को आदेश दिया कि आज हम डेरा ही डालेंगे इसका पूरा इंतजाम किया जाए !!
राजा ने भाई डेरा डाल दिया और शाम को थोड़ी दूर पर एक गांव था वहीं पर उसने राजा ने दरबार लगाया लोगों से जाने कोशिश किया आप लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!
गांव का एक ग्रामीण युवक खड़ा हुआ और राजा के सामने बोला महाराज छोटी मुंह बड़ी बात मैं आपसे क्या कहूं आप पैदल चलकर आए हैं आपने यह देखा होगा गांव की साड़ी सड़के बदहाल है चारों तरफ सड़कों पर गिट्टी बालू मोहर्रम बिखरे पड़े हुए हैं पैदल चलने की स्थिति में सड़के नहीं है अब आप ही बताइए महाराज ऐसे में हम लोग करे तो क्या करें !!
तभी इस सभा में महाराज खड़े होकर बोलने लगी गांव की सारी सदके चमड़े की बना दी जाए !!
अब ग्रामीण लोग वहां के अभाव रह गए और सच में पड़ गए कि महाराज ने आखिर यह बोल क्या दिया गांव की सारी सड़कों को चमड़ा की बना दी जाए !!
1. अब राजा को लगा कि हमारी बातों को सुनकर गांव के सभी लोग खुश हो जाएंगे !!
2. लेकिन वहां सब के सब खामोश बैठे हुए थे !!
तब राजा ने एक गांव वाले से पूछा -----
क्यों अब तुम खुश तो हो ना .....
वह ग्रामीण आदमी काफी समय तक शांत खड़ा रहा और कुछ ना बोला !!
तब थोड़ी देर बाद वह ग्रामीण आदमी राजा से बोल ----
हे राजन आपने यह तो कह दिया कि पूरे राज में चमड़े की सड़क बनवा दी जाए !!
पर आपने यह कभी नहीं सोचा कि इतनी राज में इतनी बड़ी सड़के बनवाने के लिए कितने जानवरों को मारना पड़ेगा उनकी बलि देनी पड़ेगी
हे राजा अगर चमड़े की सड़क बनवाने के बजाय चमड़े के जूते बनवाया जाए अधिक व्यवहारिक होगा !!
गांव वाली की ऐसी बातें सुनकर राजा हैरान हो गया और समझ गया कि हमसे गलती कहां पर हो रही है !!
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अभी राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और राजा ने खड़े होकर लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और उसे ग्रामीण की बातों को ध्यान में रखकर अपने मंत्रीवार को आदेश जारी किया जो भी हमारे राज में मृत जानवर पाए जाए उसे जानवर से चमड़े के जूते बनवाया जाए !!
राजा किस बात को सुनकर सभी ग्रामीण राज के सभी लोग बहुत खुश हुए !!
Note 📝 सोच कैसे भी हो बदलने वाला चाहिए !!

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