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रविवार, 13 अक्टूबर 2024

संत की बात


 कुछ समय पहले की बात है.....

एक संत अपने कुछ शिष्यों के साथ गांव से थोड़ी दूर पेड़ के नीचे कुछ लोगों को इकट्ठा कर लोगों को उपदेश दिया करते थे ! जानकारियां और अच्छे विचारों से लोगों को अवगत कराया करते थे !!

गांव के कुछ लोग वहां इकट्ठा होते संत की बातों को सुनते हैं !

पर गांव में कुछ लोग ऐसे बैठे थे जो संत से  बहुत नफरत  किया करते 

थे !

एक दिन संत पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों का उपदेश दे रहे थे,

तभी गांव के कुछ लोग संत के पास पहुंचते हैं और उन्हें भला बुरा कहने लगते हैं काफी लोग इकट्ठा होने के कारण संत को कुछ बुरा तो लगा लेकिन वह कुछ बोल नहीं चुपचाप बैठे हुए थे और उसे आदमी की बातों को सुन रहे थे भला बुरा कहते-कहते जब वह इंसान थक गया तो अपने घर वापस चला गया !!

उसके वापस जाते ही संत महाराज दोबारा उपदेश  देने लगे !

जब इंसान घर पहुंचा तो उसे बहुत बुरा लग उसे अपने आप पर बहुत पछतावा हुआ दूसरे दिन सुबह ही उठते हैं वह संत के पास पहुंचा और बोला गुरूजी हमें माफ कर दीजिए हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई है !

संत ने कहा... अंदर कोठी में  कुछ कागज के टुकड़े पड़े हैं तुम उसे उठा लो और मेरे पास लेकर आओ!

वह इंसान वहां जाता है और जड़ से कागज के टुकड़ों को इकट्ठा कर बाबा के पास लाता है और बोलता है गुरुजी लीजिए !

तब संत ने कहा बेटा यह मुझे मत इसे ले जाकर तुम चौराहे पर रखा हो जहां लोग आते जाते हो काफी भीड़ होती है !

कोई सर ऐसा है क्या उसने उसे कागज का टुकड़े को ले जाकर चौराहे के पीछे-पिक में रख दिया वहां से झट से बाबा के पास और बोला गुरूजी हमने कागज के टुकड़े को चौराहे पर रख दिया है बाबा बोले ठीक है !

दो-चार घंटे के बाद बाबा बोल बेटा तुम जाकर उसे कागज के टुकड़े कर ले आओ जो तुम चौराहे पर रखे थे वह इंसान वहां जाता है देखता है कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा हुआ था वह उसे इकट्ठा नहीं कर पाया वह खाली हाथ वापस आगे और भोले बाबा कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखर गया है उसे मिला नहीं सका !

तब संत बोले बेटा मुंह से निकली हुई बड़ी कभी वापस नहीं आती है ठीक इसी तरह कागज का टुकड़ा जब बिखर जाता है तो उसे इकट्ठा करने में बड़ी मुश्किल हो जाती है इसलिए मुंह से बोली हुई बड़ी हमेशा संभाल कर बोलनी चाहिए ठीक है जो मैं तुम्हें माफ करता हूं दोबारा ऐसी गलती कभी मत करना वह इंसान खुशी अपने घर गया अब बाबा को धन्यवाद दिया !

गलतियां इंसान सही होती है लेकिन उसका सुधार करना भी अति आवश्यक है....#motivation #motion#story....

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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