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सोमवार, 3 जून 2024

तीन साथी

 एक मित्र के तीन दोस्त थे  !

तीनों में बहुत गहरी दोस्ती थी!!

पर एक दिन वह मित्र बीमार पड़ गया इतना ज्यादा बीमार हुआ कि वह करने के कगार पर पहुंच गया फिर उसने अपने तीनों दोस्तों को बुलाया और बोला यह हमारे प्रिय मित्र क्या तुम करने के बाद भी हमारा साथ दोगे ......

पहला मित्र बोलो अब तक तो मैं तुम्हारा साथ देता रहा आज भी दे दूंगा मगर मृत्यु को कौन रोक सकता है यह हमारे बस में नहीं है आगे मैं तुम्हारा साथ नहीं दे सकता  !!

दूसरा मित्र बोलो करने के बाद मैं तुम्हारा प्रिया कर एम बहुत ही ठीक ढंग से कर दूंगा किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दूंगा और आगे मैं तुम्हारा साथ नहीं दे पाऊंगा नहीं करने के बाद मैं तुम्हारा साथ दूंगा  !!

तीसरा मित्र बोलो यह हमारे प्रिय मित्र तुम घबराओ नहीं मैं मरने के बाद भी तुम्हारा साथ दूंगा तुम जहां-जहां रहोगे मैं वहां वहां तुम्हारे साथ चलूंगा तुम किसी भी प्रकार की कोई चिंता बिल्कुल ही मत करो इतना कहकर उसे मित्र के अंदर एक भरोसा उत्पन्न और मृत्यु लोक को प्राप्त हो गया !!

क्या आप जानते हैं तीनों प्रिय मित्र कौन थे नहीं तो लिए हम आपको बताते हैं यह तीनों प्रिय मित्र कौन थे अपने प्राणों से भी अधिक प्रेम रहता था !!!!!

पहला मित्र था धन.......

दूसरा मित्र था परिवार.....

तीसरा मित्र था कम जो मृत्यु के बाद भी साथ चलने को तैयार हो गया ....

धन परिवार और कम यह तीनों उसे मित्र के साथ ही थे

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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