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मंगलवार, 24 सितंबर 2024

यह मेरा बचपन

 बचपन जीवन का चरण है !!

जिसे हम आनंद ले सकते हैं !!

जीवन का वह हिस्सा , जिसे हम चाहे जितना भी चाहे , वापस नहीं पा सकते हैं !!

यह मेरा बचपन.............

वह मेरे बचपन का जमाना था !

बहुत बड़ी खुशियों का खजाना था !!

हमारी सोच थी कि हम चांद को तोड़ लो  !

पर मेरा दिल मोतियों का दीवाना था !!

पर हमें खबर न थी कि सुबह होती है !

हमारा कहीं रात का ठिकाना था !!

मैं दूर पढ़ने जाता था !

थकाहारा घर वापस आता था !!

पर खेलने भी हमें जाना था !!!!

    ------ जरूर पानी की ------------

...... जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है  !

  .. सूखे  कुआं तुम्हारे हैं,,, इम्तहान बाकी है !!

किसी का मकान गिरवी है !

किसी का लगान बाकी !!

बरस जाना है बादल !

अभी फसल को पानी बाकी है !!

सूख रही है फासले सारे !

सुख रहे हैं खेत खलिहान !!

सुख रहे हैं जंगल सारे !

अभी पशु पक्षी को पानी बाकी है !!

Note -- जिस तरह बूंद बूंद से घड़ा भरता है !

             ठीक उसी तरह एक-एक बूंद पानी की बचत कीजिए !!

जल हमारे जीवन का मुख्य स्रोत... चाहे खेत हो या पांच पक्षी हो जंगल हो या हो इंसान पानी के सबको आ सकता है इसलिए एक एक बूंद पानी की बचत कीजिए पानी को व्यर्थ में मत गिरा ए नल को खुला मत छोड़े !!


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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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