बचपन जीवन का चरण है !!
जिसे हम आनंद ले सकते हैं !!
जीवन का वह हिस्सा , जिसे हम चाहे जितना भी चाहे , वापस नहीं पा सकते हैं !!
यह मेरा बचपन.............वह मेरे बचपन का जमाना था !
बहुत बड़ी खुशियों का खजाना था !!
हमारी सोच थी कि हम चांद को तोड़ लो !
पर मेरा दिल मोतियों का दीवाना था !!
पर हमें खबर न थी कि सुबह होती है !
हमारा कहीं रात का ठिकाना था !!
मैं दूर पढ़ने जाता था !
थकाहारा घर वापस आता था !!
पर खेलने भी हमें जाना था !!!!
------ जरूर पानी की ------------
...... जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है !
.. सूखे कुआं तुम्हारे हैं,,, इम्तहान बाकी है !!
किसी का मकान गिरवी है !
किसी का लगान बाकी !!
बरस जाना है बादल !
अभी फसल को पानी बाकी है !!
सूख रही है फासले सारे !
सुख रहे हैं खेत खलिहान !!
सुख रहे हैं जंगल सारे !
अभी पशु पक्षी को पानी बाकी है !!
Note -- जिस तरह बूंद बूंद से घड़ा भरता है !
ठीक उसी तरह एक-एक बूंद पानी की बचत कीजिए !!
जल हमारे जीवन का मुख्य स्रोत... चाहे खेत हो या पांच पक्षी हो जंगल हो या हो इंसान पानी के सबको आ सकता है इसलिए एक एक बूंद पानी की बचत कीजिए पानी को व्यर्थ में मत गिरा ए नल को खुला मत छोड़े !!

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