एक गांव में रघु नाम का किसान रहता था !! उसे किस की दो बीवियां थी ! एक का नाम शीला दूसरी का रानी था ! रानी शीला को देखकर बहुत जलन रखते थे !
रघु के घर में कुछ समय तक ऐसी लड़ाई झगड़े चलते रहे !
और फिर एक दिन अचानक शीला को प्रसव पीड़ा हुई है और उसने एक सुंदर से बालक को जन्म दिया !!
जब शीला ने बालक को जन्म दिया तब रघु घर पर नहीं था काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था !!
कुछ समय बाद जब रघु घर वापस आया तो शीला ने कहा यह तुम्हारा बेटा है रघुवीर देखकर बहुत खुश हुआ जोर-जोर से हंसने लगा और उसने बच्चे को गले लगा कर खूब लाड प्यार करने लगा !!
तभी वहां रानी आ जाती है और बोलती है नहीं नहीं यह मेरा बेटा है यह इनका नहीं है !!
अब रघु को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह करें तो क्या करें क्योंकि वह मौके पर घर पर था नहीं इसलिए उसे किसी चीज की जानकारी नहीं थी !!
देखते देखते झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया शीला और रानी में की दोनों आपस में लड़ने लगी !!
टाबरा कौन है झगड़े को शांत किया और बोला यह ऐसे समझ में नहीं आएगा चलो हम सब राजा के पास चलते हैं वही हमारा न्याय करेंगे !
तब रघु अपने बच्चे और शीला रानी को लेकर राजा के पास पहुंचता है और बोलता है !!
महाराज मैं काम कैसे इसलिए मैं बाहर गया हुआ था और कई महीनो तक मैं बाहर ही था इसी दौरान दोनों महिलाओं में किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया पर यह दोनों बोलती है कि यह मेरा बेटा है मेरा बेटा है मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है महाराज अब आप ही न्याय कीजिए !!
तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया मंत्री बार बच्चों को इधर ले आओ !!
मंत्री घर से जाता और बच्चे को हाथ से छीन कर अपने पास उठा लेता है !!
तब राजा आदेश देता है मंत्री ...
अपने तलवार निकालो और बच्चे के दो टुकड़े कर दो !!
और दोनों महिलाओं को आधा-आधा दे दो !!
तभी शीला जोर से चिल्लाने की नहीं नहीं महाराज ऐसा मत कीजिए आप बच्चे को रानी को ही दे दीजिए मुझे बच्चा नहीं चाहिए पर इसे मारिएगा !!
क्योंकि राजा को मालूम था जो इसकी असली मां होगी वह बोलेगी जरूर रोएगी जरूर चिल्लाए की जरूर पर मरने के लिए कभी नहीं करेगी !!
तब रानी बोलते नहीं नहीं महाराज इस बच्चे को मार ही दीजिए इस छोड़िएगा नहीं !
तब राजा ने आदेश दिया मंत्री पर बच्चों को पहली औरत शीला को दे दो क्योंकि इसी का बच्चा है !!
आरिफ जल्लारानी को कॉल कोठरी में डाल दो क्योंकि औरत झूठ बोल रही है !!
तक्षशिला खुशी-खुशी अपने बच्चों को गोद में लेकर घर आती है रघुवीर संस्कार चलता है रानी को राजा जेल करा देते हैं !!
मां की ममता बहुत ही निराली होती है !!
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कहानी मन तो मां होती है
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