टीचर-- एक तरफ पैसा दूसरी तरफ अकल दोनों में क्या चुनोगे ?
छोटू - मैडम में पैसा !
टीचर - गलत मैं अकल |
छोटू - आप सही कह रही है मैडम ?
जिसके पास जिस चीज की कमी होती है,,
वह वही चुनता है मैडम ||
..................................#mast......#story......
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टीचर-- एक तरफ पैसा दूसरी तरफ अकल दोनों में क्या चुनोगे ?
छोटू - मैडम में पैसा !
टीचर - गलत मैं अकल |
छोटू - आप सही कह रही है मैडम ?
जिसके पास जिस चीज की कमी होती है,,
वह वही चुनता है मैडम ||
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किसी गांव में दो भाई रहते थे |
एक भाई बहुत मेहनती था ||
वह दिन रात कड़ी मेहनत करता था |
वही दूसरा भाई....
बहुत ही आलसी था ||
वह कुछ भी करना नहीं चाहता था |
एक दिन गांव में दोनों भाइयों को खेती करने की जमीन मिला ||
दोनों भाइयों ने मिलकर उस खेत को खरीद लिया |
उस खेत को खरीदने के बाद उसमें खेती करने लगे||
मेहनती भाई ने खेत में बहुत मेहनत की|
उसने खेत की गुड आई की और बीज बोया और उसकी देखभाल की|
वहीं दूसरी और आलसी भाई ने खेत में कुछ भी नहीं किया |
वह घर पर मजे से बैठ रह....
जब फसल पक्का तैयार हुई तो,,
मेहनती भाई को बहुत सी फसल मिली ||
वही आलसी भाई को कुछ भी नहीं मिला ||
भाई ने पूछा भाई तुम इतनी फसल कैसे पा गए |
मेहनती भाई ने कहा....
हमने खेतों में दिन-रात मेहनत की|
और तुम मजे से घर पर बैठ कर आराम करते रहे |
उसके बाद आलसी भाई ने खेत में जाकर खूब मेहनत किया ||
उसने खेतों की देखभाल की और जब फसल तैयार हुए तो उसे बहुत से फसली प्राप्त हुई |
अपनी मेहनत को देखकर आलसी भाई बहुत खुश हुआ ||
" मेहनत का फल हमेशा मिलता है"
" यदि हम कड़ी मेहनत करेंगे तो हमें सफलता मिलेगी"
एक समय की बात है |
एक बार एक अंधे आदमी ने हाथी को ,
देखने की इच्छा की|
जब वह अंधा आदमी हाथी के पास गया,
तब उसने हाथी को छुआ,
उसे अंधे आदमी ने महसूस किया कि,,
हाथी एक मोटे पेड़ की तरह है ||
फिर वह हाथी के कान को छुआ,,
उसने कहा हाथी एक पंखे की तरह..
फिर हाथी के सूंड को छुआ,,
उसने कहा हाथी एक नाली के तरह है ||
फिर उसने हाथी के पूछ को छुआ,,
उसने कहा हाथी एक रस्सी की तरह है ||
फिर उसने हाथी के शरीर को छुआ,,
उसने कहा हाथी एक दीवार की तरह है ||
उस अंधे आदमी ने हाथी के....
विषय में गलत धारणा बना ली थी ||
क्योंकि उसने उसके कुछ हिस्सों को छुआ था ||
हमें ऐसा नहीं करना चाहिए,
...... सीख .......
हमें किसी व्यक्ति या चीज के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए ||
उसके सभी पहलुओं को समझने की कोशिश करना चाहिए ||
किसी गांव में एक गरीब लड़का था |
जो अपने मां के साथ रहता था |
उसकी मां बीमार थी,
और घर में दवाई के पैसे नहीं थे |
लड़का बहुत परेशान था |
लेकिन उसने हार नहीं मानी |
वह रोज सुबह जल्दी उठना,
और शहर जाकर अखबार भेजता था |
एक दिन एक अमीर आदमी ने,
उसे एक अखबार खरीदा !
और उसे लड़के से बातें करने लगा |
उसे अमीर आदमी ने,
इस लड़के की हालत देखी,
और लड़के की मदद करने का फैसला किया |
उसने लड़के को दवा के पैसे भी दिए,
और उसकी मां का पूरा इलाज का खर्च भी उठाया |
लड़का बहुत खुश हुआ,
और उसने अमीर आदमी को धन्यवाद दिया |
Note... इस घटना ने हमें सिखाया की,
मदद करने से हमें खुशी मिलती है |
और किस्मत भी बदल सकती है |
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एक समय की बात है,
एक छोटा सा लड़का था |
जिसका नाम था मोहन |
मोहन बहुत ही जिज्ञासु और,
ज्यादा बोलने और सवाल करने वाला लड़का था |
मोहन एक दिन अपने दादाजी से पूछने लगा |
दादा जी मुझे बताइए,
क्या आकाश में भी कोई ढाबा है |
जहां जाकर हम चाय और पराठे खा सकते हैं |
दादा जी ने मुस्कुराते हुए कहा....
अच्छा सवाल पूछा है मोहन तुमने |
आसमान में ढाबा तो नहीं है |
पर एक जादू जगह जरूर है |
मोहन उत्सुक हो गया और कहां....
वह जगह दादाजी ?
दादाजी ने कहा |
वह जगह है बादलों से ऊपर |
वहां पर जादुई बादल होते हैं |
जो खान और पीने की चीज बनाते हैं |
मोहन के मन मे उत्सुकता और जिज्ञासा बढ़ गई |
मोहन सोचने लगा कि वहां मैं कैसे जा सकता हूं |
उसे जादुई जगह पर बादलों के ऊपर |
दादाजी ने समझाया,,
मोहन केवल यह जगह उन बच्चों को दिखाई देती है|
जो सच्चे दिल से विश्वास करते हैं ?
मोहन ने सोचा मैं तो सच में विश्वास करता हूं |
उसे रात मोहन सो गया |
जब वह सो गया तो....
मोहन को सपना आया |
वह बादलों के ऊपर एक खूबसूरत जगह पर था |
वहां पर जादुई बादल थे |
जो चाय पकौड़ी और तरह-तरह के व्यंजन बना रहे थे |
मोहन ने खुशी-खुशी होने व्यंजनों का स्वाद चखा |
मोहन वहां बहुत खुश था |
मोहन जब नींद से उठा तो याद आया वह एक सपना था |
लेकिन सपने में यह सिखाया की....
हम सच्चे मन से विश्वास करें तो,,
जादुई चीज हो सकती है |
Note... इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि....
विश्वास की शक्ति बहुत बड़ी होती है |
हम सकारात्मक सोच रखें |
और विश्वास करें कि....
आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं \||
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एक छोटे से शहर में एक लड़का रहता था |
जिसका नाम आकाश था |
पढ़ने में बहुत तेज था |
बहुत शर्मीले स्वभाव का था |
वह स्कूल में एकांत रहता था |
वह किसी से अधिक बात नहीं करता था |
एक दिन एक लड़का उनके क्लास में आया,
जिसका नाम राहुल था |
राहुल बहुत मिलनसार था,
और सबके साथ दोस्ती कर लेता था |
राहुल ने आकाश को देखा,
और आकाश से बातें करने की कोशिश की,,
लेकिन आकाश ने राहुल से बातें नहीं की |
लेकिन राहुल ने भी हार नहीं मानी,
और हर दिन आकाश से बातें करने की कोशिश करता रहा |
और फिर धीरे-धीरे आकाश को राहुल की दोस्ती अच्छी लगने लगी |
आकाश भी राहुल से बातें करने लगा | राहुल और आकाश की दोस्ती,
दिन प्रतिदिन गहरी होती चली गई |
वह साथ में खेलने जाते,
साथ में पढ़ाई करते,
और हर मुश्किल घड़ी में एक दूसरे का साथ देते थे |
और एक दिन आकाश की तबीयत अचानक खराब हो गई,
और वह स्कूल नहीं जा सका |
राहुल ने आकाश की तबीयत पूछने के लिए,
आकाश के घर गया |1
राहुल को देखकर आकाश को बहुत अच्छा लगा |
राहुल ने आकाश की पढ़ाई में भी मदद की |
आकाश अब पहले से अधिक बातें करने लगा था |
और नए दोस्त भी बनाने लगा |
राहुल की वजह से आकाश की जिंदगी बदल गई |
Note.... इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि...
" दोस्ती कितनी कीमती होती है"
एक अच्छा दोस्त हमारे जीवन में बहुत कुछ बदल सकता है |
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साल था 2025....
दुनिया बदल चुकी थी,
शहर चमकदार हो चुके थे,
चारों तरफ हरे भरे पेड़ लगे थे ,
उड़ने वाली कार आसमान में छाई थी,
और रोबोट हर जगह थे |
लेकिन एक छोटे से गांव में,
जिंदगी अभी भी धीमी और शांति थी |
उस गांव का नाम था" हरित नगर " |
यहां के लोग प्रकृति से जुड़े हुए थे |
यहां के लोग खेती करते थे,
जानवर रखते थे,
और सुकून से जीते थे |
उनका जीवन सरल था,
पर खुशियों से भरपूर......
इस गांव में एक लड़का रहता था |
जिसका नाम आकाश था |
आकाश एक जिज्ञासु बच्चा था |
उसे नई चीज़ सीखने का बहुत शौक था |
एक दिन एक उड़ने वाली कर उस गांव के ऊपर से गुजरी,,
आकाश ने हैरानी से ऊपर देखा,
वह सोचने लगा....
क्या कभी मैं भी आकाश में उड़ सकूंगा |
इस गांव के एक बुजुर्ग आदमी ने,
आकाश को समझाया|
बेटा आकाश में उड़ना जरूरी नहीं है |
जमीन पर भी खुशियां हैं |
तुम प्रकृति से जुडो,
उसकी देखभाल करो,
यही जीवन की सच्ची खुशी है |
आकाश ने उस बुजुर्ग आदमी की बातों को बहुत ध्यान से सुना,
फिर आकाश , फैसला किया कि...
अब हम प्रकृति से ही जुड़ेंगे |
और हम इसकी रक्षा करेंगे |
वह पेड़ लगाएगा,,
नदियों को साफ करेगा,,,
और जानवरों की देखभाल करेगा |
आकाश ने अपने गांव को...
एक आदर्श गांव बनाने का सपना देखा |
एक ऐसा गांव जहां लोग खुश रहे,
प्राकृतिक समृद्धि हो,,
और तकनीक का सही इस्तेमाल हो |
और फिर क्या था...
धीरे-धीरे एक दिन आकाश की मेहनत रंग लाई|
फिर देखते देखते एक दिन हरित नगर आदर्श गांव बन गया |
वहां लोग खुश थे|
प्रकृति हरी भरी थी |
और तकनीकी का इस्तेमाल,,
सद्बुद्धि से हो रहा था |
A... कहानी से हम सीखते हैं कि....
खुशी सिर्फ आधुनिकता में नहीं है |
सच्ची खुशी प्रकृति से जुड़ने,,
दूसरों की मदद करने,,
और अपने सपने पूरा करने में है |
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....#2026.......
एक छोटे से गांव में एक गरीब किसान रहता था |
उसके पास कुछ नहीं था |
केवल एक छोटा सा खेत था |
उसके पास खेती करने के लिए एक बैल भी था |
वह दिन रात मेहनत करता था |
एक दिन उसके खेत में,
पहाड़ से गिरकर का एक बहुत बड़ा पत्थर आकर रुक गया |
यह पत्थर इतना बड़ा था कि,
उसे हटाने में बहुत मेहनत लगती थी |
किसान ने पत्थर को हटाने के लिए बहुत कोशिश की,
मगर पत्थर दिला तक नहीं !
किसान इतना हताश और उदास हो गया था कि ,
यदि पत्थर नहीं जाता तो हम खेती कैसे करेंगे ?
तभी एक बुद्धिमान आदमी वहां से गुजर रहा था |
उस बुद्धिमान आदमी ने...
उसे किस की समस्या देखी और कहां ,
तुम चिंता बिल्कुल मत करो हम तुम्हारी मदद करेंगे |
उसे बुद्धिमान आदमी ने किस से कहा ,
तुम इस पत्थर को हटाने की कोशिश मत करो,
तुम इस पत्थर को हटाने के बजाय इसके चारों तरफ,
मिट्टी डाल दो,
और इसे एक पहाड़ बना दो |
उस किसान ने वैसा ही किया जैसे बुद्धिमान आदमी ने कहा था |
किसान लिमिटेड होकर के पत्थर के चारों तरफ डाल दिया |
कुछ दिन बाद वहां एक छोटा सा पहाड़ बन गया |
कुछ समय बाद उसे पहाड़ को लोग दूर-दूर से देखने आने लगे |
लोग इस पहाड़ की सुंदरता से प्रभावित हो गई |
किस को समझ में आ गया था कि,,
उसे विद्यमान आदमी ने हमें सही सलाह दिया था |
उस किसान ने अपनी समस्या को एक अवसर में बदल दिया |
अब धीरे-धीरे गांव में पर्यटक आने लगी |
और किस का जीवन बदल गया |
Note.... इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि,,,
हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए |
हर समस्या में एक अवसर छिपा होता है |
हमें बस उसे पहचानने की जरूरत है |
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एक जंगल में एक शेर रहता था |
वह बहुत ताकतवर और बहादुर था |
एक दिन जब वह घूम रहा था ,
तब उसने एक मोड़ को देखा ,,
मोर बहुत सुंदर था |
उसका रंग नीला और हर था |
उसके पूछ में बहुत सारे रंगीन पंख भी थे |
शेर ने मोड़ को देखा ,
और शेर को बहुत पसंद आया |
शेर ने सोचा कि वह मोड़ को अपने साथ ले जाएगा ,
तो अभी जानवरों से अधिक सुंदर और लोकप्रिय हो जाएगा |
शेर ने मोड़ को पकड़ने की बहुत कोशिश की ,
लेकिन मोर बहुत चतुर्थ शेर को देखकर उड़ गया |
शेर ने दोबारा कोशिश की लेकिन मोर फिर उड़ गया |
शेर बहुत गुस्सा हो गया |
शेर ने सोचा कि वह मोर को अगर पकड़ नहीं सकता तो ,
वह मोर को मार ही देगा |
शेर ने मोर को पीछे से चुपके से घेर लिया,
और मोर को पकड़ लिया |
मा ने बहुत रोए और कहा कि वह शेर को नहीं मरेगा |
शेर ने कहा वह मोर को नहीं मरेगा |
लेकिन वह उसे अपने साथ ले जाएंगे |
शेर मोर को अपने साथ ले गया,
और शेर ने मोर को को अपने घर में रखा |
सभी जानवरों ने मोर को देखा,
और मोर को देखकर डर गई |
वह सोचते थे कि शेर ने मोर को मार दिया है |
और उसके पंखों को अपने घर में सजाया है |
लेकिन धीरे-धीरे...
शेर और मोर एक दूसरे के दोस्त बन गए |
वह दोनों एक साथ खेलते हैं और एक साथ खाते थे |
एक दिन शेर और मोर जंगल में घूम रहे थे तो ,
उन्होंने एक जाल देखा ,,
उसे जाल में एक हिरन फंसा हुआ था |
मोरनी ने शेर को रोका और कहा वह हिरण को नहीं मारेगा |
शेर ने मोर की बात को मान लिया ,
और हिरण को जल से छुड़ा दिया |
जल से निकलने के बाद,,,
हिरण बहुत खुश हुआ,,,
और हिरण ने.....
मोर और शेर को धन्यवाद दिया |
Note..... इस कहानी से हम सीख सकते हैं कि....
हमें सभी जीवित प्राणियों से प्यार करना चाहिए ,,,
और उनकी मदद करनी चाहिए |
हमें उन्हें मारना नहीं चाहिए ||||
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एक बार एक लड़का था |
जो बहुत अकेला था |
उस लड़के के साथ कोई दोस्त नहीं था |
उसे बहुत दुख होता था |
एक दिन वह लड़का,
अपने घर के बाहर खेल रहा था,,
तब उसने एक पक्षी को देखा,,,
जो जमीन पर पड़ा था |
लड़का उस पक्षी के पास गया,
और उसको उठा लिया ,,
फिर उस पक्षी को अपने घर ले गया |
लड़के ने पक्षी को अपने कमरे में रखा |
उस लड़के ने पक्षी को पानी पिलाया ,
पक्षी ने पानी पिया और थोड़ा अच्छा महसूस किया |
धीरे-धीरे लड़का पक्षी के साथ बात करने लगा |
उसने उसे बताएं कि वह भी अकेला था |
लड़का और पक्षी बात करते रहे ,
और एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया |
लड़के को अब अकेला नहीं लग रहा था |
अब वह पक्षी के साथ बहुत खुश रहता था |
पक्षी और लड़का दोनों एक दूसरे के दोस्त बन गए |
अब दोनों साथ-साथ रहने के लिए |
अब ना तो लड़के को अकेला महसूस होता था,
और ना ही पक्षी को अकेला महसूस होता था |
एक बार की बात है |
एक छोटा सा गांव था |
जहां एक गरीब किसान रहता था |
उसका नाम था रामू |
रामू के पास खेती करने के लिए,
सिर्फ एक छोटा सा खेत था |
वह दिन रात मेहनत करता था |
लेकिन फिर भी उसकी कमाई,
बहुत कम होती थी |
एक दिन रामू जब खेत में काम कर रहा था |
तभी एक साधु वहां से गुजर रहे थे |
रामू ने साधु जी का आदर्श पूर्वक स्वागत किया ,
और पानी पिलाया |
साधु जी ने रामू की मेहनत देखकर ,
उसकी खूब प्रशंसा की |
साधु जी ने रामू से कहा "
रामू तुम्हारी मेहनत देखकर मुझे बहुत खुशी होती है |
लेकिन तुम्हारी मेहनत का पूरा फल,,
तुम्हें नहीं मिल पा रहा है |
मैं तुम्हें एक ऐसा अनाज दूंगा ,
जिसे तुम अपने खेतों में उगाओगे |
पर यह अनाज तुम्हारी किस्मत बदल देंगे |
रामू ने साधु जी का धन्यवाद दिया ,
और अनाज ले लिया |
वह घर आया,
और अनाज को अपने खेत में डाल दिया |
कुछ दिन बाद अनाज से एक अद्भुत,
पेड़ निकल आया |
इस पेड़ पर चमकदार फल लगे थे |
जिनके रंग सुनहरे थे |
जब फल पक गए तो रामू ने,
उन फलों को तोड़ा,
और बेचने के लिए बाजार ले गया |
बाजार में लोग उन फलों को देखकर,
दंग रह गए |
उन फलों का स्वाद बहुत मीठा,
और सुगंधित था |
लोग उन फलों को खरीदने के लिए,
लाइन लगा देते थे |
रामू के फल इतने मशहूर हो गए थे,
की दूर-दूर से लोग उनके गांव आने लगी है |
अब रामू के जीवन में खुशहाली आ गई |
अब वह एक अमीर आदमी बन गया था |
लेकिन वह अपने गरीबों के दिन को कभी नहीं भूल पाया |
वह हमेशा गरीबों की मदद करता था |
और साधु जी के आशीर्वाद याद करता रहता था |||
एक छोटे से शहर में एक लड़का रहता था |
जिसका नाम था राहुल |
राहुल बहुत ही शर्मीला और अकेलापन ,
पसंद करने वाला लड़का था |
उसके पास कोई खास दोस्त नहीं था ,
जिसके साथ हो खेल सके ,
और बातें कर सके |
एक दिन स्कूल से लौटते हुए राहुल ने ,
एक अजीब सी घटना देखी |
एक बड़ा सा पेड़ के नीचे ,
एक छोटा सा चमकदार पत्थर ,
पड़ा था |
राहुल ने उसे पत्थर को उठाया ,
और उसे वह अपने घर ले आया |
रात को राहुल जब सोने जा रहा था ,
उसने उसे पत्थर को अपने तकिए के नीचे रख दिया |
रात को अचानक पत्थर चमकने लगा ,
और एक छोटा सा प्यारा सा प्राणी ,
उसे चमकदार पत्थर से बाहर निकाला |
1. वह प्राणी एक परी थी |
2. जिसका नाम था टिक्की |
3. टिक्की ने राहुल से दोस्ती की |
4. और उसके साथ खेलने लगी |
5. टिकी राहुल को जादुई दुनिया में ले जाती |
जहां रंगीन तितलियां उड़ाती थी,
और जादुई पेड़ खेलते थे |
राहुल बहुत खुश था |
अब उसके पास एक सच्चा दोस्त था |
जो हमेशा उसके साथ रहता था
लेकिन राहुल को पता था ,
टिक्की एक परी है |
और उसे जादुई दुनिया में रहना है |
इसलिए राहुल ने टिक्की को जादू दुनिया में जाने के लिए कहा |
टिक्की ने दुखी होकर राहुल को अलविदा क कहां |
और चमकते हुए पत्थर में वापस चली गई |
राहुल को टिक्की के बहुत याद आती थी |
लेकिन वह जानता था ,
कि वह हमेशा उसके दिल में रहेगी |
और हर रात वह उस चमकदार पत्थर को देखा करता हूं |
और सोचता कि उसकी पारी दोस्त,
कहीं दूर जादुई दुनिया में खुश है |
अर्जुन को मेटा वर्ष में एक नई दुनिया मिली !
वह एक जादुई जंगल में खो गया |
जहां पेड़ रंग बदलते थे ,
और जानवर बातें करते थे |
एक दिन उसे इंद्रधनुषी दरवाजा मिला |
जो उसे एक और सपना जैसे दुनिया में ले गया |
वहां उसने डायनासोरों के साथ फुटबॉल खेल ,
और एलियन से दोस्ती की |
1.. अर्जुन का मेटैवर्स में कोई खतरा हो |
2.. अर्जुन का मेटा वर्ष से आने में मुश्किल हो |
3.. अर्जुन मेहता वर्ष में कुछ ऐसा सीखे,
जो उसकी जिंदगी को बदल दे ||
हर बेटी के भाग में पिता होता है !
मगर हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती !!
किसी ने बहुत खूब कहा है !
हर किसी के नसीब एक जैसा नहीं होता !!
राजा दशरथ जब अपने चारों बेटों की बारात लेकर ,
राजा जनक के द्वार पर पहुंचे तो ,,
राजा जनक ने सम्मानपूर्वक ,,
बारात का स्वागत किया !!
तभी दशरथ जी ने आगे बढ़कर ,,
जनक जी के चरण छू लिए !!
चौक कर जनक जी ने,
दशरथ जी को थाम लिया !!
और कहां महाराज आप बड़े हैं !
और आप लड़के वाले हैं|
यह उलटी गंगा कैसे बहा रहे हैं,
इस पर दशरथ जी ने,
बड़ी सुंदर बात कही ,
महाराज आपदाता है |
कन्यादान कर रहे हैं|
मैं तो वाचक हूं ,
आपके द्वार कन्या लेने आया हूं |
अब आप ही बताइए ,
दाता और वाचक में कौन बड़ा है|
यह सुनकर जनक जी के नेत्रों से,,
आंसुओं की धारा बह निकली ,,
भाग्यशाली है वह.......
जिनके घर होती है बेटियां |
हर बेटी के भाग्य में पिता होता है |
लेकिन हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती !!!
एक औरत के कितने प्रश्न होते हैं,
जिसका वर्णन कर पाना बहुत ही मुश्किल है !
आईए जानते हैं...
शरीर मेरा...
हल्दी तुम्हारा नाम की !
हथेली मेरी...
मेहंदी तुम्हारे नाम की !
सर मेरा ...
सिंदूर तुम्हारा नाम का !
गला मेरा....
मंगलसूत्र तुम्हारा नाम का !
और तो और...
बड़ों के चरण वंदना मैं करूं ,
और सदा सुहागन का आशीर्वाद,,
तुम्हारा नाम का !!
एक फकीर नदी के किनारे बैठा था !
तभी किसी ने पूछा बाबा यहां क्या कर रहे हो ?
तब फकीर ने कहा...
बेटा मैं इंतजार कर रहा हूं ?
की पूरी नदी बह जाए,
तो मैं नदी को पर करूं ?
उसे आदमी ने कहा
कैसे बहकी बहकी बातें करते हो बाबा !!
पूरा जल बहाने के इंतजार में तो ,
तुम कभी नदी पर ही नहीं कर पाओगे !!
तो फकीर ने कहा...
यही तो हम तुम लोगों को समझाना चाहता हूं ?
कि तुम लोग सदा यह कहते रहते हो कि....
एक बार जीवन की जिम्मेदारियां पूरी हो जाए तो !!
मौज करूं..
घूमो फिरू ....
सबसे मिल यू ...
सेवा करूं....
जैसे नदी का जल खत्म नहीं होगा !
हमको इस जल से ही पर जाने का रास्ता बनाना है !!
इसी प्रकार हमारा जीवन खत्म हो जाएगा !
लेकिन यह काम कभी खत्म नहीं होगा !!!
एक दिन टीचर ने क्लास में मजाक मजाक में,
बच्चों से कहा...
कोई बच्चा ऐसा है जो जन्नत से मिट्टी ला सकता है !!
दूसरे दिन एक बच्चा...
किसी चीज में डालकर थोड़ी सी मिट्टी ले आया !!
और टीचर से बोला....
सर आपने कल जन्नत की मिट्टी मांगी थी ,,,
लीजिए मैं ले आया !
तब टीचर और क्लास के बच्चों ने,,,
हैरान होकर उस बच्चों से पूछा !!
यह मिट्टी कहां से लाए हो !
तब वह बच्चा बोला !
मैं यह मिट्टी अपने मां के कदमों के नीचे से लाया हूं !!
यही तो है जन्नत की मिट्टी !!
गांव में किसी लड़के की एक नई नई शादी थी !
घर में शादी की तैयारी बहुत जोरों से चल रही थी !
सारी तैयारियां पूरी होने के बाद,
बाराती भी दरवाजे पर आ गए !
ब्रास बैंड नाच गानों के साथ ,
बहुत ही धूमधाम से बारात घर से ,,
गाते हुए सभी बाराती बारात के लिए,
दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचते हैं !
शाम का समय था बहुत ही खूबसूरत के साथ,,
लड़के की शादी हुई !!
सुबह होती है दुल्हन की तैयारी विदाई के लिए,,
तैयार की गई !!
गाड़ी पर बिठाकर दुल्हन को लड़के ने,
अपने साथ अपने घर लेकर आया !!
अब जब लड़का शादी करके अपने घर पहुंचता है तो...
उस लड़के की मां उस लड़के से पूछत है ,,
कि बेटा तुझे दहेज में क्या मिला ?
मां की यह बातें सुनकर,
कुछ देर लड़का चुप रहा !
फिर जब लड़के ने अपनी पत्नी के रोने की,,
आवाज सुनी तो उस लड़के से रहा नहीं गया !
तब लड़का बोला...
की है मां आज मैं दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन गया हूं !!
तब मां ने पूछा वह कैसे बेटा.....
तब बेटे ने जवाब दिया....
1... एक बाप ने अपनी जान से प्यारी बेटी दे दी है मुझे !!
2... एक भाई ने अपनी हमजोली दे दी है !!
3... एक बहन ने अपनी परछाई दे दी है !!
और तो और एक मां जो दुनिया को सब कुछ दे सकती है,,,
पर अपनी संतान नहीं देती है !!
उस मां ने....
अपने आंचल में खेली गुड़िया दे दी है मुझे !!
और मुझे क्या चाहिए मां !!
ऐसे सोच रखने वाले लड़कों को... मेरा दिल से सलूट !!
यह सोच होनी जरूरी है !!
एक आदमी ने चाणक्य से पूछा ...?
मैं इतना गरीब क्यों हूं...?
चाणक्य ने कहा ; ,!
तुम गरीब हो ,
क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा !
उस आदमी ने चाणक्य से कहा !!
मेरे पास तो देने के लिए कुछ भी नहीं है !
तब चाणक्य ने उस आदमी से कहा.....
तुम्हारा चेहरा एक मुस्कान दे सकता है !
तुम्हारा मूंह किसी की प्रशंसा कर सकता है !
या दूसरों को सुकून पहुंचाने के लिए ,
दो मीठे बोल बोल सकता है !!
तुम्हारे हाथ किसी जरूरतमंद की ,,
सहायता कर सकते हैं !!
और फिर भी तुम कहते हो...
तुम्हारे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है !!
" आत्मा की गरीबी " ही वास्तविक गरीबी है !!
एक व्यक्ति की आदत थी "?
वह रोज सभी परिचित लोगों से ,
नमस्कार करता था !
लेकिन ,
एक आदमी उसके नमस्कार का जवाब ,,
गाली देकर के जवाब दिया करता था !
लेकिन.....
1 दिन किसी व्यक्ति ने ,
उस भले आदमी से पूछा "...
वह आदमी तुम्हें भला बुरा कहता है !
फिर भी तुम उससे नमस्कार क्यों करते हो !
उस भले इंसान ने जवाब दिया ,
जब वह मेरे लिए बुरी आदत छोड़ नहीं सकता ,,
तो मैं उसके लिए....
अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ूं ,,? !!!
एक चिड़िया ने मधुमक्खी से पूछा ....
कि तुम इतनी मेहनत से मीठा शहद बनाते हो ,
और इंसान आकर उसे चुरा ले जाता है !
क्या तुम्हें बुरा नहीं लगता !
मधुमक्खी ने बहुत सुंदर जवाब दिया.....
इंसान मेरे द्वारा बनाया हुआ मीठा शहद ही चुरा सकता है !
मेरी शहर बनाने वाली कला को नहीं !!
कोई भी आपका हुनर नहीं चुरा सकता !!!
मधुमक्खी और चिड़िया से हमें एक नई सीख मिली !विवाह के बाद....
पति-पत्नी का आपस में गलती तलाश .
व बहस करना ,
मूर्खता होती है !
बुद्धिमानी तो ,
गलतियां सुधार कर ,,
गृहस्थी चलाने में होती है !!
बहस में मात्र समस्याएं उत्पन्न होती हैं !
इसलिए आपस में नोक झोक ना करके,
आपस में बहस बाजी ना करके ,,
खूब पैसा कमाए और तरक्की करें !!
और अपना वैवाहिक जीवन,
खुश रहकर खुशी-खुशी ,,
अपने गृहस्ती बनाए और चलाएं !!
इज्जत भी मिलेगी !
दौलत भी मिलेगी !
सेवा करो....
मां बाप की,,,
जन्नत भी मिलेगी !!
मां बाप उम्र से नहीं,
चिंता से बूढ़े होते हैं !
कड़वा है मगर सच है !
जब बच्चा रोता है तो ,
पूरी बिल्डिंग को पता चल जाता है !!
मगर जब मां-बाप रोते हैं तब,
बाजू वाले को भी पता नहीं लगता है !!
पापा के गुस्से में प्यार,
मां के गुस्से में ममता !
यह कभी खत्म नहीं होती !!
भाग्यशाली वह नहीं होते जिन्हें सब कुछ अच्छा मिलता है !
बल्कि वह होते हैं ,
जिन्हें जो मिलता है उसे वह अच्छा बना लेते हैं !!
चलने वाले पैरों में.
कितना फर्क है !!
एक आगे तो एक पीछे !
लेकिन...
ना तो आगे वाले को अभियान होता है !
और ना ही पीछे वाले का अपमान !!
क्योंकि.....
उन्हें पता होता है कि ,
कुछ ही समय में,,
यह स्थिति बदलने वाली है !!
इसी को जीवन कहते हैं !!!
किसी गांव में राजसी ठाठ बात वाला....!
धन्ना सेठ नाम का एक आदमी रहता था !!
उसके पास ढेर सारा धन था !
तो गांव में खुशी-खुशी रहता था !
नाम धंधा सेठ था ,लेकिन और दानवीर भी था !
गांव के लोगों के सुख-दुख में दोनों में काम आता था !
गांव के लोगों से प्रेम से धन्ना भाई धन्ना भाई कह कर बुलाते थे !
ईमानदार भी था !
एक दिन बाबूराम का लड़का बहुत बीमार हुआ ,
उसे समय बाबूराम के पास पैसे नहीं थे !
बाबूराम पैसों की तलाश में गांव में भटक रहे थे !
तभी रास्ते में बाबूराम को धन्ना सेठ मिला !
उसने बाबूराम से पूछा तुम यहां क्या कर रहे हो !
तभी बाबू राम ने कहा हमारी लड़की की तबीयत बहुत खराब है !
और इस समय हमारे पास पैसा नहीं है !
कि हम अपने लड़के का इलाज कर सके !
यह सुनते धंधा सेठ ने तुरंत अपनी जेब से पैसे निकाल और बाबूराम को दे दिया ! और बोले जाकर अपने लड़के का इलाज कराओ !
बाबूराम पैसे लेकर अपने लड़के का इलाज कराओ लड़का ठीक हो गया
बाबूराम ने धन्ना सेठ को धन्यवाद दिया !!!
जहां सूर्य की किरण हो ,
वही प्रकाश होता है !!
जहां प्रेम की भाषा हो,
वह परिवार होता है !!
खुश रहा करो उनके लिए,जो अपनी खुशी से ज्यादा आपको खुशी ,,
देखना चाहते हैं !!
समस्या हमारे जीवन में ,
बिना किसी वजह के नहीं आती ,!!
उनका आना एक इशारा है ,
कि हमें अपने जीवन में कुछ बदलना है !!
निगाहों मे मजे थे ,
गिरे और गिर का संभालते रहे !!
हवाओं ने खूब कोशिश की ,
मगर चिराग आंधी में चलते रहे !!
A.... अगर अपने सफर शुरू कर ही दिया है तो ,
बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं होगा !!
क्योंकि.....
वापस आने में जितनी दूरी तय होगी ,
क्या पता मंजिल उससे भी पास हो !!
परिवार..... परिवार में कायदा नहीं, , परंतु व्यवस्था होती है !!
परिवार.... परिवार में कानून नहीं , ,परंतु अनुशासन होता है !!
परिवार... परिवार में भयं नहीं , , परंतु भरोसा होता है !!
जीवन..... जीवन जितना सदा साफ रहेगा ,
तनाव उतना ही, आधा रहेगा !!
योग...... योग करें या ना करें ,,,
पर जरूरत पड़ने पर,
एक दूसरे का सहयोग जरुर करें !!
लोग... लोग कहते हैं खाली हाथ आए हो , , खाली हाथ जाओगे !
पर ऐसा नहीं है !
लोग भाग्य लेकर आए हैं ,
और कर्म लेकर जाएंगे !!
😂😆😆😆😆💯 ए शॉर्ट स्टोरी..........#motivation
समय और स्थिति ,
कभी भी बदल सकती है !
इसलिए कभी भी....
किसी का अपमान ना करें !
और ना ही....
किसी को कमजोर समझो !
आप शक्तिशाली हो सकते हैं ,
लेकिन समय सबसे ज्यादा शक्तिशाली होता है !!
..... लोग कितनी आसानी से कह देते हैं ,
रात गई बात गई ,,,
उनको कौन बताएं,,,,
दिल पर लगने वाली बातों को !
मिटाने में,
रात नहीं ,
जिंदगी छोटी पड़ जाती है !!
....... गुरु से ज्ञान
..... पिता से संघर्ष
..... मां से संस्कार
सीखो
बाकी जो बचा
वह तो यह दुनिया सिखा देगी !!
इसलिए कहते हैं समय की स्थिति को समझो समय के साथ चलना सीखो.....स्वयं का दर्द होना !
जीवित होने का प्रमाण है !!
लेकिन औरों का दर्द महसूस करना !
इंसान होने का प्रमाण है !!
जिंदगी दोबारा वापस नहीं मिलती !इसलिए ....... दुख में ,गुस्से में , नफरत में ,
या किसी से
झगड़ा करने में बर्बाद ना करें !!
सही बोलने वाला व्यक्ति !
इंजेक्शन की तरह होता है !!
इससे दर्द....
थोड़ी देर का होता है !
लेकिन फायदा...
जीवन भर का होता है !!
बहुत शौक था मुझे !
सबको खुश रखने क !!
1 होश तब आया जब !
खुद को जरूरत के वक्त !!
अकेला पाया ...!!
एक झूठ सो झूठ बुलवाएगा !
तुम सच बोलना ,,,,,
समझने वाल , समझ जाएगा !!
..........#best#motion#story............!!!
मैं अपनी जिंदगी में,
हर किसी को अहमियत देता हूं !
क्योंकि.......
जो अच्छे होंगे वह साथ देंगे !
और जो बुरे होंगे वह सबक देंगे !!
और.....
सड़क कितनी भी साफ हो !
धूल तो हो ही जाती है !!
इंसान कितना भी अच्छा हो !
भूल तो हो ही जाती है !!
और इस तरह....
जिंदगी जीने के लिए ,
सबक और साथ दोनों,,
जरूरी होता है !!
" दर्पण " जब चेहरे का !
"दाग " दिखाता है !!
तब हम दर्पण नहीं तोड़ते !
बल्कि दाग साफ करते हैं !!
ठीक उसी प्रकार हमारी कमी बताने वाले ---------!
पर क्रोध करने के बजाय !!
अपनी कमी को दूर करना चाहिए !
ना की कमी बताने वाले से ,
रिश्ता तोड़ना चाहिए !!
कुछ समय पहले की बात ----
पड़ोस के जंगल से एक दूसरे जंगल में हाथी रहने के लिए आया !
हाथी जंगल में रहने लगा !
एक-दो दिन हाथी जंगल में रहने के बाद,
हाथी अपने आप को अकेला महसूस करने लगा !
तब हाथी ने सोचा चलो जंगल में कुछ दोस्त बनाते हैं !
हाथी धीरे-धीरे जंगल की ओर बढ़ा ,
थोड़ी दूर जाने के बाद हाथी को हिरण दिखाई दिया !
हाथी ने हिरण से कहा भाई तुम हमारे दोस्त बनोगी !
तब हिरन बोला तो हमारे जितना दौड़ नहीं सकते हो इसलिए तुम हमारे दोस्त नहीं बन सकते !
हाथी ने कहा ठीक है भाई इतना कह कर हाथी आगे बड़ा !
हाथी वहां से चल थोड़ी दूर बाद देखा एक खरगोश को खरगोश के पास पहुंचे ! प्रभाती खरगोश वाला भाई तो हमारे दोस्त बनोगे ! तब खरगोश ने कहा तुम शरीर में बहुत भारी हो हमारे जैसे हो ना इसलिए तुम हमारे दोस्त नहीं बन सकते ! हाथी ने कहा ठीक है भाई !
इतना कह कर हाथी आगे बड़ा और थोड़ी दूर जाकर के एक पेड़ के छाव के नीचे बैठ गया और सोचने लगा ! कोई हमारा दोस्त बनने के लिए तैयार ही नहीं है अब मैं क्या करूं !
हाथी इतना सोच ही रहा था तभी अचानक जंगल में भगदड़ मच गई !
जंगल के सभी जानवरों को भागते देखा हाथी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था यह क्या हो रहा है !
तभी हाथी के बगल से हिरण भाग रहा था हाथी ने हिरण को रोकर पूछा भाई यह क्या हो रहा है तुम लोग इतनी तेजी से जंगल से भाग क्यों रहे
हो ! तब हिरण ने हाथी से कहा भाई जंगल का राजा शेर आया है इसलिए यहां से भाग चलो नहीं वह खा जाएगा !
हाथी ने सोचा ठीक है चलो शेर से मिलते हैं !
हाथी में ने शेर के पास जाकर बोला.....
तुम जंगल के सभी जानवरों को परेशान क्यों कर रहे हो !!
शेर दहाड़ते हुए जोर से बोला तुमसे कोई मतलब है क्या !
हाथी ने कहा हां मतलब है !
फिर नहीं मान रहा था तब हाथी ने अपना फोन उठाया उसे शहर को अपने छोड़ में लपेटकर उठाकर पटक दिया !
शेर बहुत बुरी तरीके से जख्मी हो गया था !
इसलिए शेर जंगल से भाग गया !
शेर के जाने के बाद सभी जानवर हाथी के पास गए और बोल भाई तुम हमारे साथी बनने के लायक तो हमारे दोस्त बन सकती हो !
सभी जानवरों की यह बातें सुनकर हाथी बहुत प्रसन्न हुआ अब सभी जानवरों के साथ हीरोइन का साथ-साथ रहने लगा !
तभी साथ सभी जानवर एक साथ खड़े होकर एक और में बोल हाथी मेरे साथी ...!
शेर वहां से भाग गया हाथी के साथ जंगल के सभी जानवर राजी खुशी रहने के लिए और सभी जानवर हाथी के दोस्त बन गए !
............#hindi#shorts#trends#story#video........
हर हाल में पिता का सम्मान करें.......!
पिता को खोने का मतलब...
एक सबसे अच्छा दोस्त एक महान महानायक को खोना होता है !
जिंदगी में पिता का महत्व उनके चले जाने के बाद आपको पता चलेगा !
जब आप जिम्मेदारियां के बोझ तले इतने दबा जाएंगे,
कि आप चाह कर भी आप अपनी कोई भी तमन्ना पूरी नहीं कर पाएंगे !
पिताजी जीवित है तो , हर सपना अपना होता है !
लेकिन पिता के बाद हर सपना अपना रह जाता है !
पिता यदि वृद्धि भी हो और यदि वह जीवित है तो...
आपको एक अलग ऊर्जा महसूस होगी !!
जब पिता का हाथ सर से उठ जाएगा ,
जब आपके सपने पूरे करने के लिए पिताजी नहीं रहेंगे ,
जिंदगी की मार से तंग आकर जब आप अकेले कमरे में बैठकर रोएंगे !
तब आपको पिता के महत्व के बारे में पता चलेगा !!
इसलिए हर हाल में पिता का सम्मान करें...!!
...#motivation #shorts......#story#trends....r.k.other.
एक संत अपने कुछ शिष्यों के साथ गांव से थोड़ी दूर पेड़ के नीचे कुछ लोगों को इकट्ठा कर लोगों को उपदेश दिया करते थे ! जानकारियां और अच्छे विचारों से लोगों को अवगत कराया करते थे !!
गांव के कुछ लोग वहां इकट्ठा होते संत की बातों को सुनते हैं !
पर गांव में कुछ लोग ऐसे बैठे थे जो संत से बहुत नफरत किया करते
थे !
एक दिन संत पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों का उपदेश दे रहे थे,
तभी गांव के कुछ लोग संत के पास पहुंचते हैं और उन्हें भला बुरा कहने लगते हैं काफी लोग इकट्ठा होने के कारण संत को कुछ बुरा तो लगा लेकिन वह कुछ बोल नहीं चुपचाप बैठे हुए थे और उसे आदमी की बातों को सुन रहे थे भला बुरा कहते-कहते जब वह इंसान थक गया तो अपने घर वापस चला गया !!
उसके वापस जाते ही संत महाराज दोबारा उपदेश देने लगे !
जब इंसान घर पहुंचा तो उसे बहुत बुरा लग उसे अपने आप पर बहुत पछतावा हुआ दूसरे दिन सुबह ही उठते हैं वह संत के पास पहुंचा और बोला गुरूजी हमें माफ कर दीजिए हमसे बहुत बड़ी भूल हो गई है !
संत ने कहा... अंदर कोठी में कुछ कागज के टुकड़े पड़े हैं तुम उसे उठा लो और मेरे पास लेकर आओ!
वह इंसान वहां जाता है और जड़ से कागज के टुकड़ों को इकट्ठा कर बाबा के पास लाता है और बोलता है गुरुजी लीजिए !
तब संत ने कहा बेटा यह मुझे मत इसे ले जाकर तुम चौराहे पर रखा हो जहां लोग आते जाते हो काफी भीड़ होती है !
कोई सर ऐसा है क्या उसने उसे कागज का टुकड़े को ले जाकर चौराहे के पीछे-पिक में रख दिया वहां से झट से बाबा के पास और बोला गुरूजी हमने कागज के टुकड़े को चौराहे पर रख दिया है बाबा बोले ठीक है !
दो-चार घंटे के बाद बाबा बोल बेटा तुम जाकर उसे कागज के टुकड़े कर ले आओ जो तुम चौराहे पर रखे थे वह इंसान वहां जाता है देखता है कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखरा पड़ा हुआ था वह उसे इकट्ठा नहीं कर पाया वह खाली हाथ वापस आगे और भोले बाबा कागज का टुकड़ा इधर-उधर बिखर गया है उसे मिला नहीं सका !
तब संत बोले बेटा मुंह से निकली हुई बड़ी कभी वापस नहीं आती है ठीक इसी तरह कागज का टुकड़ा जब बिखर जाता है तो उसे इकट्ठा करने में बड़ी मुश्किल हो जाती है इसलिए मुंह से बोली हुई बड़ी हमेशा संभाल कर बोलनी चाहिए ठीक है जो मैं तुम्हें माफ करता हूं दोबारा ऐसी गलती कभी मत करना वह इंसान खुशी अपने घर गया अब बाबा को धन्यवाद दिया !
गलतियां इंसान सही होती है लेकिन उसका सुधार करना भी अति आवश्यक है....#motivation #motion#story....
मुश्किलें नहीं आएगी तो !
आगे बढ़ोगे कैसे !!
कौन अपना है कौन नहीं !
समझोगे कैसे !!
डरते ही रहोगे गिरने से !
तो आगे चलोगे कैसे !!
तपोगे नहीं जब तक !
तो सोने सा चमकोगे कैसे !!
मुश्किल एक ऐसा शब्द जो कुछ कर दिखाने या कुछ कर गुजर जाने की चाहत रखता हो ...........#short poem....................follow....
खुश रहने का मूल मंत्र !!
मन मिले जिससे !
रिश्ता रखो उससे !!
जहां कद्र नहीं !
वहां जाना नहीं !!
जो सुनता नहीं !
उसे समझाना नहीं !!
जो पचता नहीं !
उसे खाना नहीं !!
जो सत्य पर रूठे !
उसे मनाना नहीं !!
जो नजरों से गिर जाए !
उसे उठाना नहीं !!
जीवन में तकलीफ आए !
तो घबराना नहीं !!!
..........................#shortstory.........................oh.....
1. तीन चीज हमेशा दर्द देती है......
--- धोखा
--- गरीबी
--- यादें
2. तीन चीज चुराई नहीं जा सकती है ......
--- चरित्र
--- ज्ञान
--- विद्या
3. तीन चीज कभी मत करें.......
---- घमंड
---- अपमान
--- उम्मीद
4. तीन चीज सोच समझ कर देना......
--- जवाब
--- सलाह
--- उधार
ऐसा करने से बच्चे
बचपन जीवन का चरण है !!
जिसे हम आनंद ले सकते हैं !!
जीवन का वह हिस्सा , जिसे हम चाहे जितना भी चाहे , वापस नहीं पा सकते हैं !!
यह मेरा बचपन.............वह मेरे बचपन का जमाना था !
बहुत बड़ी खुशियों का खजाना था !!
हमारी सोच थी कि हम चांद को तोड़ लो !
पर मेरा दिल मोतियों का दीवाना था !!
पर हमें खबर न थी कि सुबह होती है !
हमारा कहीं रात का ठिकाना था !!
मैं दूर पढ़ने जाता था !
थकाहारा घर वापस आता था !!
पर खेलने भी हमें जाना था !!!!
------ जरूर पानी की ------------
...... जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है !
.. सूखे कुआं तुम्हारे हैं,,, इम्तहान बाकी है !!
किसी का मकान गिरवी है !
किसी का लगान बाकी !!
बरस जाना है बादल !
अभी फसल को पानी बाकी है !!
सूख रही है फासले सारे !
सुख रहे हैं खेत खलिहान !!
सुख रहे हैं जंगल सारे !
अभी पशु पक्षी को पानी बाकी है !!
Note -- जिस तरह बूंद बूंद से घड़ा भरता है !
ठीक उसी तरह एक-एक बूंद पानी की बचत कीजिए !!
जल हमारे जीवन का मुख्य स्रोत... चाहे खेत हो या पांच पक्षी हो जंगल हो या हो इंसान पानी के सबको आ सकता है इसलिए एक एक बूंद पानी की बचत कीजिए पानी को व्यर्थ में मत गिरा ए नल को खुला मत छोड़े !!
जिंदगी मैं कुछ करके दिखाना है जिंदगी का असली मकसद कहलाता है !
1- जिंदगी के हाथ नहीं होते !
लेकिन कभी-कभी !!
वैसा थप्पड़ मारती है !
जो पूरी उम्र याद रहता !!
2- जब सच
इंसान होश में होकर भी !!
बेहोश हो जाता है !!!
3- कभी हार ना मानने की आदत ही !
एक दिन बड़ी जीत दिलाती है !!
4-- जिंदा रहने के लिए मुझे !
जितना ऑक्सीजन की जरूरत है !!
उतना ही जरूरी मुझे मेरे सपने हैं !!!
5- Life में वह मुकाम हासिल करो !
लोग तुमको ,,
BLOCK ,,, नहीं !!
बल्कि SEARCH करें !!!
6- जिंदगी में ऐसा वक्त लो !
जो लोग तुमको ताने मारने में !!
अपना वक्त देते थे !
वह लोग तुमसे मिलने के लिए !!
तुम्हारा वक्त ले !!@
7- मेहनत पापा से सीखिए !!
और संस्कार मां से.........
बाकी सब दुनिया सिखा देंगे !!
8- ऊंचाई पर वहीं पहुंचते हैं !
जो बदलाव लाने की सोच रखते हैं !!
जीत लो हर लम्हा ! बीत जाने से पहले !!
लौट कर याद आती है ! वक्त नहीं !!
1.. कई रात जागे हैं ! आज की महान सवेरे के लिए !!
जिस प्रयासों को , मैं आज सफल होते , देख पा रहा हूं !!
2.. जितना हो सका , मैं खुद की खुशी को त्याग हूं !
सफलता के आंगन में , मेरा हर आंसू , खुशी से नाच है !!
3.. मेहनत करना ही , आपका पहला कर्म ,होना चाहिए !
क्योंकि सफलता उसी को मिलती है , जो मेहनती होता है !!
4.. कपड़ों की " मैचिंग" बिठाने से ! सिर्फ शरीर "सुंदर "दिखेगा !
रिश्तो व "हालात "से " मैचिंग "बिता लीजिए !
पूरा जीवन " सुंदर" हो जाएगा !!
5.. खुश रहने का मतलब यह नहीं !
सब कुछ ठीक है !!
इसका मतलब यह है कि.....
अपने-अपने दुखों से उठकर !
जीना सीख लिया है !!
Note.....
.... सफल वही है जिसने कड़ी मेहनत और संघर्ष किया है !
A.... जो सोया वह खोया !!
B.. जो जगा है वह पाया है !!
.................Motivation...................................
मूलचंद नाम का एक व्यापारी था !!
व्यापार करता था !!
कुछ दिनों तक मूलचंद का व्यापार ठीक-ठाक चला !!
उसके बाद धीरे-धीरे उसके व्यापार में मंदिर आना शुरू हो गई !!
इमोशन नाम का व्यापारी परेशान रहने लगा !!
उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा व्यापार कैसे बड़े !!
और हमारे व्यापार में घटा ना हो !!
मूलचंद का एक घनिष्ट दोस्त था जिसका नाम हीरा दास था !
मूलचंद ने अपनी सारी बातें हीरा दास को बताई !!
हीरा दास ने बोला मूलचंद से देखो भाई तुम्हारे व्यापार में घटा कभी नहीं होगा मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूं !! हीरा दास ने कहा तुम अपने मोबाइल पर ऑनलाइन तांत्रिक बाबा को सर्च करो वही तुम्हारे उपाय के विषय में जानकारियां देंगे और बताएं !!
ओके मोर्चा को व्यापार में ज्यादा घाटा हो रहा था इसलिए उन्होंने ऑनलाइन बाबा का सर्च किया उसमें से एक बाबा का नंबर उन्होंने लिया और उसे पर कॉल किया !!
हस्तांत्रिक बाबा ने मूलचंद को बेवकूफ बनाना शुरू किया !!
उसे बाबा ने तो मूलचंद को कुछ इस तरह समझाया कि 10000 यहां लगेगा 20000 वहां लगेगा 50000 वहां लगेगा इस तरह फ्रॉड करते-करते उसने मूलचंद से करीब 20 से 25 लख रुपए रेट लिए !!
एक तरफ मूलचंद को घटाई हो रहा था दूसरे तब बाबा के चक्कर में पास करो एक दूसरा नुकसान और कर बैठे घर में रखे हुए सारे पैसे उन्होंने बाबा को दे दिए !!
अमूल चादर परेशान होने लगा आखिर में करो तो क्या करूं मेरे पास जो धन था वह भी इस बाबा ने है लिया मेरे पास तो कोई बचा ही नहीं अब अंत में मूलचंद में पुलिस की सैलरी पुलिस ने उसे बाबा को पड़कर मूलचंद का सारा धन वापस कराया !!
इस तरह मूलचंद फ्रॉड होने से बच सके !!
अपने लक्ष्य के लिए, जोशीले और जुनूनी बनिए !
विश्वास रखिए , परिश्रम का फल, सफलता ही है !!
-- समझनी है जिंदगी , तो पीछे देखो !
जीनी है जिंदगी, तो आगे देखो !!
‐- घायल तो यहां, हर परिंदा है !
मगर जो फिर से उड़ सका, वही जिंदा है !!
-- तरक्कियों की दौड़ में,, उसी का जोर चल गया !
बना के रास्ता, जो भीड़ से निकल गया !!
-- जिंदगी का सफर , मानो तो रोज है !
वरना समस्या तो रोज है !!
-- जो रातों को कोशिशें में गंवा देते हैं !
वही सपनों की चिंगारी को,, और हवा देते हैं !!
Note.. हर छोटा बदला बड़ी कामयाबी का एक हिस्सा होता है !!
एक गांव के पास बहुत बड़ा फलों का बगीचा था !!
उसे बगीचे में हर प्रकार के फल के पेड़ लगे हुए थे !
और सभी पेड़ों में फल लगा हुआ था !!
इस बगीचे का रखवाला एक हाथी था !!
शादी का नाम गजराज था !!
वह हाथी बगीचे के चारों तरफ टहलकर उसे बगीचे की रखवाली करता था !!
पर एक दिन अचानक एक बंदर उसे बगीचे में कहीं से आ गया !!
वह नटखट बंदर हेलो को तोड़कर जमीन पर गिरा देता था कुछ खाता था कुछ पेड़ पौधे जमीन पर गिरा देता था पेड़ों को नुकसान पहुंचता था !!
वह नटखट बंदर कुछ फल को खता कुछ इधर-उधर फेंकता कुछ आने जाने वाले लोगों को भी फलों से फनकार मरता था !!
तभी वह बंदर फल तोड़कर हाथी को भी देख कर मार दिया वह फल हाथी के जाकर आंख में लगा दूसरा पर उसके माथे पर लगा अब हाथी को जोर से गुस्सा आ गया !!
हाथी ने दौड़ कर झपट्टा मारकर उसे बंदर को अपनी और में लपेटकर पकड़ लिया !!
बंदर जोर जोर से चिल्लाने लगा गजराज माफ कर दो आप मुझसे गलती हो गई अब दोबारा गलती मैं नहीं करूंगा तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं मैं तुमसे माफी मांगता हूं तुमसे विनती करता हूं कृपया हमें माफ कर दो गजरा माफ कर दो !!
नटखट बंदर की बात सुनकर हाथी को दया आ गई !!
तब हाथी ने उसे बंदर को माफ कर दिया !!
बंदर कुछ फल अपना खता कुछ तोड़कर हाथी को भी खिला देता था !!
धीरे-धीरे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई !!
हाथी और बंदा दोनों साथ-साथ रहने लगे !!
अब हाथी और बंदा दोनों उसे बगीचे की रखवाली करने लगी है !!
याद रखिए -----
वरिष्ठ जन घर की धरोहर होत है !
वह हमारे संरक्षक और मार्गदर्शक है !!
जिस तरह आंगन में पीपल का वृक्ष फल नहीं देता है !
उसे तरह हमारे घर के बुजुर्ग भले ही आर्थिक रूप से सहयोग नहीं कर सकते ,,, परंतु उनसे संस्कार और अनुभव से कई बातें सीखने को मिलती है !!
हमारे बुजुर्ग हमारे परिवार की शान !
वह कोई कूड़ा करकट नहीं कि परिवार से निकल बाहर फेंका जाए !!
अपने प्यार से रिश्तों को खींचने वाले इन बुजुर्ग को भी बच्चों से प्यार और सम्मान मिलना चाहिए !!
अपमान और तिरस्कार नहीं !
हमारे घर के बुजर जी अपने बच्चों के खातिर अपना जीवन दांव पर लगा चुके इन बुजुर्गों को अब अपनों के प्यार की जरूरत है !!
याद रखिए -----
B.. किराए से भले ही प्यार मिल सकता है !
तुरंत संस्कार नहीं आशीर्वाद दुआएं नहीं !!
यह सब तो हमें मां-बाप से ही मिलता है !!!
और अच्छी कहानियों के लिए ब्लॉक को लाइक और फॉलो करें !!!
एक गांव में रघु नाम का किसान रहता था !! उसे किस की दो बीवियां थी ! एक का नाम शीला दूसरी का रानी था ! रानी शीला को देखकर बहुत जलन रखते थे !
रघु के घर में कुछ समय तक ऐसी लड़ाई झगड़े चलते रहे !
और फिर एक दिन अचानक शीला को प्रसव पीड़ा हुई है और उसने एक सुंदर से बालक को जन्म दिया !!
जब शीला ने बालक को जन्म दिया तब रघु घर पर नहीं था काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था !!
कुछ समय बाद जब रघु घर वापस आया तो शीला ने कहा यह तुम्हारा बेटा है रघुवीर देखकर बहुत खुश हुआ जोर-जोर से हंसने लगा और उसने बच्चे को गले लगा कर खूब लाड प्यार करने लगा !!
तभी वहां रानी आ जाती है और बोलती है नहीं नहीं यह मेरा बेटा है यह इनका नहीं है !!
अब रघु को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह करें तो क्या करें क्योंकि वह मौके पर घर पर था नहीं इसलिए उसे किसी चीज की जानकारी नहीं थी !!
देखते देखते झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया शीला और रानी में की दोनों आपस में लड़ने लगी !!
टाबरा कौन है झगड़े को शांत किया और बोला यह ऐसे समझ में नहीं आएगा चलो हम सब राजा के पास चलते हैं वही हमारा न्याय करेंगे !
तब रघु अपने बच्चे और शीला रानी को लेकर राजा के पास पहुंचता है और बोलता है !!
महाराज मैं काम कैसे इसलिए मैं बाहर गया हुआ था और कई महीनो तक मैं बाहर ही था इसी दौरान दोनों महिलाओं में किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया पर यह दोनों बोलती है कि यह मेरा बेटा है मेरा बेटा है मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है महाराज अब आप ही न्याय कीजिए !!
तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया मंत्री बार बच्चों को इधर ले आओ !!
मंत्री घर से जाता और बच्चे को हाथ से छीन कर अपने पास उठा लेता है !!
तब राजा आदेश देता है मंत्री ...
अपने तलवार निकालो और बच्चे के दो टुकड़े कर दो !!
और दोनों महिलाओं को आधा-आधा दे दो !!
तभी शीला जोर से चिल्लाने की नहीं नहीं महाराज ऐसा मत कीजिए आप बच्चे को रानी को ही दे दीजिए मुझे बच्चा नहीं चाहिए पर इसे मारिएगा !!
क्योंकि राजा को मालूम था जो इसकी असली मां होगी वह बोलेगी जरूर रोएगी जरूर चिल्लाए की जरूर पर मरने के लिए कभी नहीं करेगी !!
तब रानी बोलते नहीं नहीं महाराज इस बच्चे को मार ही दीजिए इस छोड़िएगा नहीं !
तब राजा ने आदेश दिया मंत्री पर बच्चों को पहली औरत शीला को दे दो क्योंकि इसी का बच्चा है !!
आरिफ जल्लारानी को कॉल कोठरी में डाल दो क्योंकि औरत झूठ बोल रही है !!
तक्षशिला खुशी-खुशी अपने बच्चों को गोद में लेकर घर आती है रघुवीर संस्कार चलता है रानी को राजा जेल करा देते हैं !!
मां की ममता बहुत ही निराली होती है !!
ऐसी और अच्छी कहानी के लिए हमारे ब्लॉक को फॉलो करें और लाइक करें !!
कहानी मन तो मां होती हैबहुत समय पहले की बात है,,
किसी राज में एक प्रतापी राजा राज कर रहा था !!
हो राजा हमेशा अपने राज को खुश करने की कोशिश करता रहता था !!
राजा जितनी बार कोशिश करता हूं सारी कोशिश है उसकी नाकाम हो जाया करती थी !!
राजा अपने प्रजा को हमेशा खुश देखना चाहता था मगर उसकी सारी कुछ से हर बार नाकाम होती रहते थे उसे समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें !!
राजा हमेशा चिंता में लगा रहता था कि हमारी प्रजा खुश क्यों नहीं है हमसे इतना नाराज क्यों रहती है !!
एक दिन राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया जाकर हमारे राज्य में पता करो लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!
राजा के मंत्री राज में जाते हैं और लोगों से जानकारियां इकट्ठा करते हैं कि आप लोग राजा से कुछ क्यों नहीं है !!
तो वहां के जनता ने सीधा जवाब दिया कि राजा को यहां पैदल चलकर आना होगा तभी हम उनके सवालों का जवाब दे पाएंगे !!
मंत्री जनता की सारी बातें सुनकर राजा के पास गया और बोला महाराज,,
यहां के प्रजा ने सीधा जवाब दिया कि राजा जब तक पैदल चलकर हमारे यहां नहीं आएंगे तब तक हमको भी जवाब राजा को नहीं दे पाएंगे !!
1. तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया ठीक है हम सुबह निकलते हैं !
2. भर हुआ सुबह हो गया तब राजा घर से पैदल ही अपने राज का भ्रमण करने के लिए निकल पड़ा !!
3. राजा को तो पैदल चलने की आदत ही नहीं सुबह से शाम हो गई राधा पैदल चला गया पैदल चला गया शाम होते-होते राजा पैदा चलने में नाकाम हो गया और उसने अपने मंत्री को आदेश दिया कि आज हम डेरा ही डालेंगे इसका पूरा इंतजाम किया जाए !!
राजा ने भाई डेरा डाल दिया और शाम को थोड़ी दूर पर एक गांव था वहीं पर उसने राजा ने दरबार लगाया लोगों से जाने कोशिश किया आप लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!
गांव का एक ग्रामीण युवक खड़ा हुआ और राजा के सामने बोला महाराज छोटी मुंह बड़ी बात मैं आपसे क्या कहूं आप पैदल चलकर आए हैं आपने यह देखा होगा गांव की साड़ी सड़के बदहाल है चारों तरफ सड़कों पर गिट्टी बालू मोहर्रम बिखरे पड़े हुए हैं पैदल चलने की स्थिति में सड़के नहीं है अब आप ही बताइए महाराज ऐसे में हम लोग करे तो क्या करें !!
तभी इस सभा में महाराज खड़े होकर बोलने लगी गांव की सारी सदके चमड़े की बना दी जाए !!
अब ग्रामीण लोग वहां के अभाव रह गए और सच में पड़ गए कि महाराज ने आखिर यह बोल क्या दिया गांव की सारी सड़कों को चमड़ा की बना दी जाए !!
1. अब राजा को लगा कि हमारी बातों को सुनकर गांव के सभी लोग खुश हो जाएंगे !!
2. लेकिन वहां सब के सब खामोश बैठे हुए थे !!
तब राजा ने एक गांव वाले से पूछा -----
क्यों अब तुम खुश तो हो ना .....
वह ग्रामीण आदमी काफी समय तक शांत खड़ा रहा और कुछ ना बोला !!
तब थोड़ी देर बाद वह ग्रामीण आदमी राजा से बोल ----
हे राजन आपने यह तो कह दिया कि पूरे राज में चमड़े की सड़क बनवा दी जाए !!
पर आपने यह कभी नहीं सोचा कि इतनी राज में इतनी बड़ी सड़के बनवाने के लिए कितने जानवरों को मारना पड़ेगा उनकी बलि देनी पड़ेगी
हे राजा अगर चमड़े की सड़क बनवाने के बजाय चमड़े के जूते बनवाया जाए अधिक व्यवहारिक होगा !!
गांव वाली की ऐसी बातें सुनकर राजा हैरान हो गया और समझ गया कि हमसे गलती कहां पर हो रही है !!
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अभी राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और राजा ने खड़े होकर लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और उसे ग्रामीण की बातों को ध्यान में रखकर अपने मंत्रीवार को आदेश जारी किया जो भी हमारे राज में मृत जानवर पाए जाए उसे जानवर से चमड़े के जूते बनवाया जाए !!
राजा किस बात को सुनकर सभी ग्रामीण राज के सभी लोग बहुत खुश हुए !!
Note 📝 सोच कैसे भी हो बदलने वाला चाहिए !!
बहुत समय पहले की बात....
किसी राज में एक राजा था उसका शासन काल ठीक-ठाक चल रहा था !
उसके राज में जनता बहुत खुश थी किसी को किसी प्रकार का कोई दुख नहीं था और जनता के प्रथम ऐसा वफादारी से काम करता था !
ओ राजा ऐसा था कि सभी के दुख और सुख में दोनों में शामिल होता था !
वहां के लोग राजा को बहुत मानते थे !!
लेकिन एक दिन एक पंडित वहां राजा के दरबार में आया !!
और राजा से बोला महाराज आपकी कुंडली में दोष है !!
राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया पंडित को सही जगह पर आसन ग्रहण कराया जाए !!
मंत्री ने राय उसे पंडित को सही जगह पर बैठाया और राजा ने उसे पंडित से प्रस्तुत किया बोलिए महाराज हमारी कुंडली में क्या-क्या भरोसा है मुझे पूरा स्पष्ट बताइए मैं उसे पूरी सुनना चाहता हूं !!
पंडित अपनी झोली से कुंडली निकलता है और एक-दो घंटे तक उसे कुंडली को बार-बार देखा है तब 2 घंटे बाद पंडित अपनी कुंडली रखकर महाराज से बोलता हूं !!
हे महाराज मैं अपने मुंह से कैसे आपको यह सारी बातें सुनाओ !!
तब राजा ने पंडित को आदेश दिया नहीं जो भी सत्य है वह मुझे सुनना है आप पूरी बातें मुझे सुनाई !!
पंडित बोला ठीक है महाराज अगर आप जिद कर रहे हैं तो मैं आपको आपकी सारी डिटेल भेजना पूरी जानकारियां दे देता !!
सुनो महाराज !!
आपकी कुंडली में जो दोस्त है वह यह है कि आपके सामने आपके सारे रिश्तेदार मारे जाएंगे और आप अकेले ही रह जाएंगे आपके पूरे परिवार में कोई भी नहीं रहे रहेगा
उसे पंडित की बातें सुनकर राजा को बहुत धक्का लगा !!
राजा बहुत चिंतित रहने लगा हर पल उदास और मायूस रहने के लिए बेबस हो गया !!
राजा कोचिंग सेंटर देखकर उसके मंत्रीवार की घबराने लगी !!
पर किसी मंत्री में हिम्मत नहीं थी कि राजा से कोई सवाल कर सके कि राजा आप इतने उदास क्यों रहते हो !!
लेकिन एक दिन राजा अकेले थे तभी एक मंत्री ने हिम्मत करके राजा से प्रश्न पूछ लिया राम महाराज आपको क्या हुआ आप इतने उदास क्यों रहते हो !!
तब राजा ने मंत्री जी से कहा...
अजू पंडित आया था उसने हमारी कुंडली देखकर यह बोला कि तुम्हारे सामने है तुम्हारे सारे रिश्तेदार मारे गए और तुम अकेले रह जाओगे तुम्हारा बस चलने वाला नहीं है !!
तब मंत्र में राजा से कहा महाराज हमें एक पंडित को जानते हैं वह बहुत पहुंचा हुआ विद्वान है याद आप आदेश करें तो मुझे दरबार में बुलाने का कष्ट करें !!
राजा ने उसे मंत्री को आदेश दिया फौरन पंडित को हमारे दरबार में पेश किया जाए !!
मंत्री अपने से पास अलार्म के साथ पंडित के घर गया और सही सलामत ब्राह्मण को राजा के दरबार में पेश पेश किया !!
तब राजा ने उसे ब्राह्मण की बातें दूसरे ब्राह्मण से बोली ...
पंडित बोलो ठीक है महाराज में कुंडली देखकर आपको आपकी भविष्यवाणी बताता हूं !!
पंडित अपनी कुंडली निकलता है और राजा के भविष्यवाणी देखना शुरू करता है !!
दूसरा पंडित कुंडली देखने के बाद समझ गया कि पहले पंडित जो आया था उसने राजा को जो सारी बातें बताइए वह सही और सत्य थी !!
पर मैं राजा को यह सारी बातें कैसे बताऊं !!
मैं झूठ भी नहीं बोल सकता हूं सब तो मुझे बोलना है बोलना है !!
तब दूसरा पंडित महाराज से कहते हैं महाराज...
1.. आपकी कुंडली में तो कोई दोस्त ही नहीं है !!
2.. आपकी कुंडली में दुख का कोई योग नहीं है !!
3.. आप लंबे समय तक राज करेंगे !!
4.. आपका राज लगातार बढ़ेगा !!
5.. सालों साल आप सिंहासन की शोभा बढ़ाएंगे !!
6.. धन और आग में भी आप अपने कुटुंब में सबसे आगे रहेंगे !!
7.. आपकी जितनी आयु हुए कुटुंब में नहीं होगी !!
8.. आपकी कुंडली में मुझे कुछ गलत नहीं दिख रहा है !!
--- पंडित की यह सारी बातें सुनकर राजा को बहुत संतोष हुआ ..
-- तब राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया ...
हमारे खजाने से स्वर्ण मुद्राएं पंडित को उपहार स्वरूप भेंट किया जाए !!
Ñote... जरूरी नहीं कि कड़वा साथ कड़वे तरीके से ही बोला जाए !!
.. कुछ बातें ऐसी होती है जो मीठे तरीके से बोली जाती है !!
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21वीं साड़ी का एक ऐसा राजा जिसकी 60 बीवी है !!
यह कनोखा राजा है जिसकी आज भी 60 बीवियां है !!
आज तक आपने राजा रानी की कहानी बहुत सुनी होगी !!
लेकिन इस राजा की कहानी बिल्कुल सबसे अलग है !!
इस राजा का नाम अंग नागौ बांग है !!
यह राजा दुनिया के राजाओं से बिल्कुल अलग है !!
यह राजा को नयक वंश का राजा है !!
यह राजा नागालैंड के एक छोटे से गांव ..
लो गवा गांव के राजा है !!
यह राजा 75 गांव का महाराज भी है !!
जो आधा गांव भारत में और आधा गांव म्यांमार में आता है !!
इस राजा के पास दो देशों की नागरिकता है !!
इस राजा के बेटे म्यांमार की सेवा में नौकरी कर रहे हैं !!
इस राजा की बीवियां 75 गांव की रहने वाली है !!
यह सभी बीवियां राजा का बहुत ध्यान लगती है !!
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धन्यवाद
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