एक समय की बात है ...
भैंस और शहर में अचानक दोस्ती हो गई !
दोस्ती इतनी गहरी थी कि दोनों एक दूसरे गुना रह नहीं पाते थे !!
1 दिन से को बहुत जोरों से भूख लगी और इधर-उधर अपने भोजन की तलाश में घूमता रहा मगर दिन भर में उसे ना तक कोई शिकार दिखाई पड़ा ना ही उसे किसी प्रकार की कोई भजन मिला शेर के बहुत तेज भूख लगी हुई थी वह परेशान था जब करें तो क्या करें और उसके मन में एक ख्याल आया !!
क्यों ना आज हम इस भैंस को ही अपना निवाला बनाने चलो कुछ आईडिया लगते हैं कुछ दिमाग लगाते हैं इसे कहीं सुनसान का जगह में लेकर जाते हैं बहला फुसला कर वहीं पर इस भैंस को मार कर अपना भोजन बना लेंगे और वही खा लेंगे ऐसे में भैंस को भी मालूम नहीं पड़ेगा कि हम लोग कहां किधर जा रहे हैं लेकिन भैंस भी बहुत चतुर थी !!
भैंस ने अपने साथियों से बोल रखा था हो ना हो शेर किसी न किसी दिन हमारे साथ गलत व्यवहार अवश्य करेगा इसलिए हमें अपने आप से सावधान रहना चाहिए उसने अभी अपने सभी साथियों को बोला कि जैसे मैं जोर से एक आवाज लगाऊंगी वैसे चारों तरफ से इस शहर को घेर लेना और जैसे तैसे जाने मत देना क्योंकि शेर किसी का होता नहीं है दोस्ती तो की है मगर निभाता तो पड़ेगा लेकिन ऐसा बुरा वक्त कभी ना आए इसलिए हम आप लोगों से यह सवाल जवाब कर रहे हैं और फिर एक दिन शेर ने वैसा ही किया जैसा भैंस में सोच रखा था वह भैंस को एक आदमी ले जाता जैसे ही उसे पर हमला किया वैसे ही भैंस जोर-जोर से चिल्लाया और फिर क्या था देखते ही देखते पैसों का झुंड चारों तरफ से उसे शेर को घेर लिया शेर भाग नहीं सकता था चारों तरफ से भैंसों न !!!!!!
उसे शेर पर हमला बोल दिया शेर को बहुत बुरी तरीके से मारा उसे बहुत ढेर सारी छोटे आ गई चलने फिरने में असमर्थ हो गया शेर किसी तरह की कैसे बेसन के झुंड से निकालकर बहुत तेजी के साथ भाग और फिर हो कभी भैंसों के पास वापस नहीं आया क्योंकि उसे सबक मिल चुका था और समझ गया था की गद्दारी हमने की है इसलिए मुझे सजा है मिलने तो थी मुझे सजा भी मिल गई अब ऐसा व्यवहार में किसी के साथ कभी नहीं करूंगा बस खुशी-खुशी अपने दोस्तों के साथ जंगल में रहने लगा और शेर और जंगल को छोड़कर कहीं और चला गया!!
# जंगल की कहानी शेर और भैंस की कहानी छोटी कहानी बड़ी कहानी बच्चों की कहानी शिक्षा पर आधारित कहानी मोटिवेशनल कहानी ज्ञान की कहानी याद रखने वाली कहानी







































