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शनिवार, 30 दिसंबर 2023

कछुऐ की दौड खरगोश से


एक समय की बात है,

कछुआ और  खरगोश ने सोचा और  कहा,,,,

चलो भाई आज दौड लगाते है ,

कछुआ और खरगोश दोनो दौड के लिए  तैयार हो गये ।

चूंकि खरगोश  तेज दौडता है ,,,

इसलिए वह दौड़कर, काफी आगे निकल गया ।

अब खरगोश जब पीछे मुड़कर देखा,

तो वह कछुआ से बहुत आगे था ,,,,,

तब खरगोश ने सोचा अब हमे एक झपकी ले लेना चाहिए। 

तब खरगोश  एक पेड के नीचे बैठा,,,,

और झपकी लेते लेते सो गया ।

उधर कछुआ धीरे धीरे लगातार  चलते

चलते खरगोश से आगे निकल कर,,,,

   दौड जीत गया ।।।।।

,,,,धीरे धीरे चलने वाला एक दिन ,,,  ,,, 

अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है ।।।।।

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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