किसी पेड पर एक कौआ ,अपनी चोच मे रोटी का
टुकडा लिए पेड की डाल पर बैठा धा । तभी वहा
पर टहलते हुऐ ऐक चालाक लोमडी आ जाती है ।
और कौआ की चोट मे रोटी का टुकडा देख कर
लोमडी को लालच आ जाता है ।
तब लोमडी कौआ से कहती ,है
अरे भाई हमे आप की मीठी आवाज सुने हुऐ
काफी समय हो गया है, भाई जरा अपनी प्यारी
सी आवाज हमे सुना दो न ।
लोमडी की इतनी सी बात सुनकर , कौआ
जैसे ही अपना मुंह खोलता है ,वैसे ही रोटी का
टुकडा कौआ के मुख से छूटकर जमीन पर जा
गिरता है,तभी लोमडी लपक कर उस रोटी के
टुकडे को अपने मुंह मे दबाकर वहा से लेकर
भाग जाती है ।
उधर कौआ पेड पर बैठा
काव काव कर्ता रह जाता है ।
मानना पडे गा भाई,,,,
लोमडी बहुत चालाक थी ।।

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