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रविवार, 31 मार्च 2019

शनिवार, 30 मार्च 2019

एक गरीब बालक

एक गांव में जय नाम का
गरीब परिवार का बालक
रहता था।  वह कक्षा आठ
तक प ढा हुआ था। एक
दिन  उसनेे किसी कंपनी
मे आवेदन किया। और
इंटरव्यू देने गया।वहाँ पर
उससे पूछाा गया कि  बेटा
तुम्ह्हारे पास मेल आईडी प्रूफ
है ,  उसने कहा नही। तव
उसने कहा  कि तुम नौकरी के
योग  नही  हो।
   उस समय उसके जेब मे
केवल 100₹ था। वह वहाँ
से चला आया।और घर पर
बैठ  कर यह सोचने लगा कि
अब हम करे।
     फिर   उसने  बजार
जा कर  100₹ का सेब
खरीदा,और  उसे घर घर
ले जाकर बेचा। उसे 60₹
का फायदा  हुआ।
     फिर वह  बजार
गया   फिर  उसने सेब
खरीदा और  उसे  बेचा।
खरीदा बेचा,  खरीदा बेचा।
ऐसा   करते।   करते एक
दिन  वह बहुत  बडा  आदमी
बन गया।
 इसी लिए   कहा गया है।
मेहनत करने  वालो की
कभी। हार  नही  होती।...
अब वह बालक बहुत ज्यादा
बडा    आदमी बन चुका था।

बुधवार, 27 मार्च 2019

परेशानियों का हल

कहते है परेशानी का हल खुद ही ढूंढना पढता  है।
एक गांव में वीर नाम का किसान रहता था।
वह वहुुत गरीब था। दिन रात मेहनत
मजदूरी करके वह अपना और अपनेे
परिवार का पालन करता था।
  दिन रात वह इसका हल निकालने की
कोशिश करता था। पर उसके कुछ
समझ मे नही आता था।
एक दिन वह बजार जा रहा था।
कि अचानक उसे साधू दिखाई दिया।
वह किसान साधू के पास गया और बोोला।
बाबा, मै परेेेशान रहता हूँ, मुुझे मेरी ...
परेशानी का हल बताा दो...
  बाबा वोला...ठीक है ।
कल सुबह आ जाना ।
किसान सुबह बाबा के पास पहुंचा और ...
बाबा उस किसान को नदी के तट पर
ले जाता हैं और क ता है...
तुम इस पार रहो हम नदी के उस ..
पार जाकर तुमको इस समस्या का
हल बतााऊगा.....
बाबा वहीं खडा होकर नदी के सूखने का
इंतजार करते हैै।
बाबा को वही खडे खडे कई घंटेे बीत
जाते हैं.......
इधर किसान परेशान हो जाता हैं।
और बाबा उधर नदी के सूखने का इंंंतजा र करते हैं।
   तब किसाान बाबा से कहता है।
हमे उस पार चलना चाहिए कब तक हम
नदी के सूखने का इंतज़ार करते रहेंगे।
तव बाबा वोले यही तो मै तुमको समझाने की कोशिश
कर रहेे हैं..... कि जीवन एक नदी के समान है......
जहां इंसान के लाइफ मे उतार चढााव लगा रहता है।
कभी शुुुख आता है तो कभी दु:ख।
नदी को.खद ही  पार करना पडेगा...।।।।

मंगलवार, 26 मार्च 2019

दानी राजा

बहुत समय की बात है।किसी नगर मे एक राजा था।
वह बहुत ज्यादा
दयालू और दानी था।ईश्वर भी कभी कभी सही लोगो
की परीक्षा लेेेता है।
   ऐसा ही उस राजा  के साथ भी हुआ।
ईश्वर ने राजा की परीक्षा ली...
 कैसे... ईश्वर ने बाज  बनकर एक कबूतर
का पीछा किया ,कबूूूतर आगे बाज
पीछे उडता हुआ
कबूतर राजा की
गोद मे जा गिरा।
बाज भी वहां जा कर पहुंचा, और राजा से बोला...यह मेरा।  भोजन है इस कबूतर को मुझेे दे दो।।   राजा बोला यह मेरी शरण मे
है हम इसकी रक्षा करेेगे...इसलिए हम इसे तुमको नही दे
सकते...राजा बोला अगर इसके बराबर
तुुमको मांंश दे दे तो...बाज बोला ठीक है।
तव राजा एक तराजू पर कबूतर को रखा और दूसरी ओर अपने शरीर से मांंस को निकाल कर तराजू पर रखा...पर यह का कबूूतर का   पलडा  भारी  होने लगाा...तब राजा खुद ही तराजू पर
बैैैठ जाता हैं।
फिर ईश्वर साक्षात दर्शन देते हैं।और राजा के इस दान से खुुश होकर राजा को बरदान  देकर अन्तरध्यान हो जाते हैं।....

सोमवार, 25 मार्च 2019

एक किसान

एक किसान के तीन बेटा था।वह हमेशा लडाई झगड़े आपस मे करते रहते थे। किसान परेशान रहता ता।वह बहुत समझाने की कोशिश करता मगर वह नही मानते।...
    और फिर एक दिन....
    किसान ने तीनो बेटो को अपने पास बुलाया और तीनो के हाथो मे एक एक लकडी दी....
और इन लकडी को तोडने के लिए कहा....तीनो ने वह लकडी तोड दी...और
फिर दुुबारा उस किसान ने तीनो लकडिय़ों को एक साथ बाँध कर ,फिर
उसे अपने बेटो को दिया, और बोला अब
इन बधी हुई लकडिय़ों को तोडो....
तीनो बेटो ने बारी
बारी खूब प्रयास किया
मगर उन लकडिय़ों को तोड न सके....
 तब किसान बोला...
देखा एकता मे कितनी ताकत है।एक लकडी दिया तो उसे तोड दिया, और अब तीनो को एक साथ तोोडने को बोला तो तुुम तीनो मे से कोई भी उसे तोड़ न सके।
   इसीलिऐ कहते हैं।
मिल जुुल कर ,रहना चाहिए.....

शनिवार, 23 मार्च 2019

एक जिद्बी लडका

एक लडका भगवान से मिलने के लिए हठ कर बैठा।वह रोज अपने घर पर घर वालो से कहता,कि मै भगवान से मिलना चाहता हूँ।उनके साथ बैठ कर खाना खाना चाहता हूँ।घर वालो ने वहुत समझाया पर वह वालक नही माना।और फिर एक दिन..... वह वालक घर पर रखी हुई कुछ रोटियां एक छोटे से कपडे के थैली में लेकर भगवान से मिलने के लिए  घर से निकल कर चल दिया।चलतें चलते उस बालक को एक नदी दिखाई देती है।उस नदी के  तट पर एक बूढ़ा आदमी बैठा दिखाई देता हैं वह वालक उस बूढे आदमी के पास जाता है और 

मंगलवार, 19 मार्च 2019

मौत के बाद

अगर घर का मुखिया की अचानक मौत हो जाऐ तो जरा सोचो उस घर मे कहर टूट पडता है, उस घर के लोग विखर जाते हैं।उस घर की सारी खुशी गम मे विखर जाती है। उस घर के लोग दाने दाने को मोहताज हो जाते हैं।कुछ ऐसा ही हुआ ,एक गांव में एक गरीब परिवार के साथ। घर का मुखिया काम पर जा रहा था।और थोड़ी दूर जाने के बाद उसे एक गाड़ी ने जोर से ठोकर मार दिया।और उस की म्रृत्यु हो जाती है।अब उस घर मे कमाने वाला नही है।उस घर के लोग दाने दाने को मोहताज हो गये।लेकिन तभी उस मजदूर की पत्तनी को याद आया कि.......
   उसके मजदूर पति ने तीन महीने पहले एक दुर्घटना पालिसी ले रखी थी।उस पालिसी को लेकर वह महिला बीमा कार्यालय पहुुंचकर अपनी पूरी बात बताती है।और अपनी पालिसी वहां जमा कर देती है। और बीमा का पूूरा कागजात बन जाने  के बाद
10 दिन के बाद उस महिला के घर  बीमा अधिकारी 10लाख का चेक लेकर उस मजदूर के घर पहुचते हैं।और उस मजदूर की पत्नी को चेक देेेता  है ।तव जाकर उस घर मे खुशिया आती हैं।

चेल्सी

आज के इस इंटरनेट के दौरान सब कुछ संभव है।नेट से पैसा ही नही एक जगह बैठ कर पूरी दुनिया को भी देखा जा सकता है।इसी मे एक नाम चेल्सी का है।जो आस्ट्रेलिया की रहने वाली है।जो कि यह आनलाइन गेम खेलती है।जिस समय यह गेम खेल रही होती हे,उस समय स्सपासर और विक्षापन आते है।जिसके कारण चेल्सी को खूब ढेर सारा पैसा मिलता है।कहाँ जाता है कि चेल्सी एक घंटे में 8 लाख ₹ कमा लेती हैं। चेल्सी के 40 मिलियन फैंस है।दिन प्रति दिन लोग इसको लाईक और फलो करते जा रहे है।

रविवार, 17 मार्च 2019

14 वर्षो तक सोती रही उर्मिला

लक्ष्मण की पत्नी  14 बरस तक सोती रही।
ऐसा  का  हुआ था  आइए जानते हैं......
     हुआ यह था कि  राम को जब 14 वर्ष का
बनवाश हुआ था,  तब  लक्ष्मण ने  राम और
सीता   की   सुरक्षा  और उनकी  हिफाजत
करने के लिए  14  वर्ष  तक अपनी निद्रा
को  त्याग दिया था, और अपने  हिस्सा की
निद्रा  अपनी पत्नी  उर्मिला  को  दे दिया  था।
  ....इस  लिए  लक्ष्मण की  पत्नी  उर्मिला
14    वर्ष     तक    सोती   रही.....

सीता ने बताई थी तीन बाते

जब रावण छल पूर्व क सीता का
अपहरण कर ले जा रहा था तब ,
सीता ने रावण से कहा था,.....
   रावण...अपने बल पर अधिक घंमड न करना....
  घर मे अपनी पत्नी होते  हुए दूसरे पर बुुुरी  नजर न डालना......
    अधिक धन सम्पदा पर अभिमान न करना.........
   यह तीनो तेरे  विनाश का कारण
बनेगी। तुझको इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
   तेरा विनाश। निकट  है।

एक राजा

राजा हमेशा अपनी प्रजा की भलाई ही सोचता है।वह अपनी प्रजा को कभी भी लदुखी नही देखना चाहता है।
ऐसा ही एक राजा था।वह दिन  भर अपने  घोड़े से  गांव में जाकर अपनी प्रजा  की  हाल पूूूछता।उसके राज में प्रजा बहुत खुश थी।वह राजा अपनी प्ररजा  की   भलाई के लिए    अपने
खजने को प्रजा मे  बटवा दियाा।
इससे प्रजा राजा से  और खुश
हो गयी।

शनिवार, 16 मार्च 2019

"ताज होटल"

मुम्बई का जाना माना होटल।
मशहूर होटलो मे सेे एक अपने आप मे गजब का होटल।
इस  होटल मे देश  विदेश
के  ल़ोग  आकर ठहरते हैं।
यह  कोई आम हो टल नही है, जहाँ पर हर इंसान
नही आ जा सकता है।
आम  इंसान की बात नहीं
है, जो इस होटल में ठहर सके।
इस  होटल का एक रात
का  किराया लगभग
6 लाख ₹ है।
इस  होटल मे एक कप चाय कीमत 700 ₹ हैंं।
इस  होटल में  व्यजंन
लाजवाब मिलता है।
बडे बडे  उद्धधोगपति
इस   होटल में  ठहरते
है  और  लाजवाब
खाने का आनंद लेते हैं।

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

गुलाबी ओठ

ओठ को गुलाबी,
सुन्दर वनाऐ  रखने
के लिये......
"नीबूं का रस शहद,
"मे मिलाकर ,ओठों
पर लगाने से, आप
के ओठ गुलाबी और
चमकदार  हो जातेे  हैं।

हाजी अली

 दुनिया का एक अजूबा दरबार,
हाजी अली दरबार, जो अपने आप मे
अलग हैै।जहाँ पर दूूर दूूूर देश
विदेेेश  के लोग हाजी अली दरबार
को देखने  आते  हैं।
   यह भी सच है......
समुद्र के अंदर होते हुए
फिर भी यह दरवार नही
डूूूबता है।
यह 
किसी  भी  चमत्कार से कम नहीं है।

लोग  दर्शन करने आते  हैं  और 
जाते  हैंं।    हाजीअली दरवार  बम्बई...
 समुुुद्र के काफी अन्दर वना  हुआ
दरवार.......

महाराणा प्रताप और संयोगिता

इतिहास गवाह हैं, इन दोनो की प्रेम गाथा, बात उन दिनों की है जब
महाराणाप्रताप दिल्ली केे शाशक
हुुु करते थे। एक समय थाा जब
बडे से बडा यो द्धा महाराणाप्रताप का सामना नही कर पाते थे।
और रणभूमि को  छोड़ भाग खडे  थे। धीरेे धीरेे महाराणाप्रताप की
तस्वीरों के लोग दीवाने हो गयेे। यह बात कन्नौज तक जा पहुंची।
कन्नौज मे राजा जयचंद की पुुत्री
संयोगिता थी।उसने भी महाराणाप्रताप  की तस्वीर को
देेेखने के लीऐ मगवाया।सिपाहियों ने
तसवीर को लाकर सयोगिताा  के
कमरे मे टांग  दिया।
 सयोगिता अपनेे कुछ सहेलियों के
साथ उस तस्वीर को देखने जाती है।
उसने  जैसा  सुना था ,वैैसे उनको
देेेखा भी। और फिर .....
 सयोगिता के मन मे प्ररेम जागने लगा। धीरे धीरे एक दूसरे को खत
के माध्यम से
 अपनी मन की बाते बताने लगेे।
और एक दिन....
 राजा जयजंद ने अपनी पुत्री संंयोगिता के  स्यंवर का ऐलान कर दिया। दूूर दूर सभी रा  जाओ को
बुुुलाया  मगर  महाराणाप्रताप   को
नही बुुुलाया। यह बात  संयोगिता
को पता चली और उसने महाराणा
को चुपके से खत लिखा...
 इधर खत पाते  ही महाराणा प्रताप
ने स्यवर मे आने को कहा....
उधर स्यंवर  मे  संयोगिता  की  ं
आंंंखें    महाराणा  प्रताप
को देख रही थी, पर वह कही
नजर नही आ रहे थे।
सयोगिता  वर   माला  लेकर
जाती  है  और   स्यंवर  मे   खडे
हुुुए  पुुुतले  महाराणाााप्रता प  के
गले  मे  वर   माला  डाल  देती  हैं।
पुुुतले  के   पीछे  खडे  महाराणाप्रताप  संयोगिता   का
हाथ  पकड  स्ययंवर    सेे  लेकर
भाग  जाते  हैं...... और  आगे
इतिहास  गवाह हैं.............।

भुतही हबेली

कुछ समय पहले की बात हैं...
 सिंह पुरा नामक गांव में मानसिंह नामक
राजा राज करता था।उसकेे राज मे
प्रजा वहुत खुशहाल थी।
दूर दूर तक उसका यश फैैैलाहुआ
था। हमेशा उसके यश की  बाते
होती  रहती थी। रााा मान सिंह  का
एक भाई रतन सिंह था।....जो
बहुत ही कमीना  था। रोज
राजा मान सिह के  पास  कुछ
न कुछ शिकायत रतन सिंह
की आती रहती थी। एक दिन
रतन सिंह ने हद ही कर  दी...
हुआ यह....एक दिन की बात है,
  राजा मान सिंह अपनी प्रजा से
मिलने अपने सिपाहियों के साथ
महल से दूर दूसरे गांव गये.....
तभी अचानक दूसरे गांव की कुछ
सुन्दर कन्ययाओं ने राजा  मानसिह
से मिलने उनके दरबार पहुचती है।

 लेकिन राजा मान सिंह  तो पहले ही
अपनी जनता से मिलने निकल पडे थे।
 रतन सिंह उन कन्ययओं  से  मिलता है।
चूंकि कन्याओं बहुत सुुंदर थी ,इसलिए
रतन सिंह से रहा न गया और रतन  सिंह ने उन सुन्दर कन्याओं  से  अपने मन की बात.... सम्बन्ध बनाने के लिए कह ही डाला।पर उन कन्याओं ने मना कर दिया।
लेकिन रतन सिंह ने उन  कन्याओंं  के  साथ  जबरन सम्ब्बन्ध  बनाया।
यह सब होने के बाद उन  कन्याओंं
ने महल से कूद कर अपनी जान दे  दी।
 कुछ समय बीत  जाने के बाद...  जैसेे
ही सूर्य ढलता है और उस महल मे
अधेरा होता है  वैैसे  ही उस हवेली,
य महल मे जोर जोर से चीखने की
अवाज  आज भी सुुुनाई देती है।

गुरुवार, 14 मार्च 2019

मरने से पहले

एक पिता मरने से पहले अपने बेटे से शिक्षा देकर
कहता है,बेटा....
  थोड़ा सा चन्दन, और कोयला लेकर आओ।
बेटा जाता है और ,एक हाथ में चन्दन,और....
  दूूसरे हाथो मे कोयला
लेकर दौड कर आता हैं।
और अपने पिता से बोलता है, कि हे पिता   जी  मै
कोयला और चन्दन साथ लेकर आया....
तब पिता अपने  बेटे से बोलता है, दोनो   वही रख
कर  मेेरे  पास आओ।
बेटा वही दोनो  चीज रख
देता है, और अपने पिता के
पास जाता है।
तब पिता अपने बेटा से...
कहता है...बेटा ...
जिस हाथ  मे  चन्दन था
उस हाथ को आगे लाओ..
तब बेटा उस हाथ को आगे
करता है,तब  पििता कहता है कि, बेेेटा,  यह हाथ देखो कितनी तेजी के साथ महक रहा है।...इसी तरह
अगर सही लोगों का साथ
करोगे तो तुुम्हारी सदा यू ही चन्दन की  खुशबू की
तरह महकती रहेगी... अब
   दूसरा हाथ दिखाओ...
बेटा दूसरा हाथ दिखाता है,
जिसमें कालिख लगी होती है...पिता कहता   है,...
बेटा  गलत लोगों का साथ
करोगे तो, तुम्हारी जिन्दगी
इस  कोयले  की  तरह काली  हो  जायेगी....
   इसी लिए तो कहते है,सही लोगों की  संगति
क्षान  की  ओर  ले जाता है।.....

रास्ते में बिल्ली

राजू और राम दोनो दोस्त थे।
दोनो मे बहुत ज्यादा प्रेेम था।
कुछ भी करते तो दोनो  मिल
बाट कर करते।लेकिन दो नो
मे थोड़ा सा अन्तत था।
  राजू कुुुछ मनगढंत  बात को
नही मानता था,पर राम  उसको
मान लेता था।
एक दिन की बात है, विद्माालय
मे फुटबॉल मैच का आयो  जन
किया गया था।
इस मैच में राजू और राम दोनों ने
हिस्सा लिया था।
मैच का दिन तय हुआ, दोनों
मैच में हिस्सा लेने के लिए घर
से एक साथ निकलते हैं।
घर से थोड़ी दूर निकल कर जब
दोनो रोड पर पैदल चलते है तो,
आगे चलकर एक बिल ली रास्ते
काट जाती है। यह देेेख राम
बोलता है यह तो शुभ नही है।
मै अब मैच खेलने नही  जाऊँगा,
अब मै घर वापस जा रहा हूँँ।
यह कहकर राम घर वापस
चला जाता है।
पर राजू इन सब बातो को न मानकर वह मैच  खेलने जाता है
और मैच जीत कर वापस आता हैं।
यह सबकुछ सुन कर राम  को
बहुत पछतावा होता है।
इस लिए कहा गया है
इन सब बातो से दूर
रहो....

बुधवार, 13 मार्च 2019

अमीर सेठ

हसवर पुरा नामक गांव में एक सेठ रहता था।उनका नाम सेठ जनक लाल था। उनकी पत्नी का नाम तारा था,और पुत्री का नाम सोना था।उनकी पुत्री बहुत ही खूबसूरत थी।सेठ जनक लाल ने अपनी पुत्री सोना के लिए ,वर की तलाश की।लडके का नाम मोहन था।
  सेठ जनक लाल ने अपनी
पुत्री सोना की शादी मोहन नामक लडके से कर दी।और खूब सारा सोन चाँदी लडकी कोो देकर घर से विदा किया।
    कुुुछ समय तक सब कुछ  ठीक ठाक था। और फिर  आगे......
  मोहन की लत जुआ और शराब की पडी। धीरे धीरे लत इतनी बढ गयी कि..घर का सारा समान और दहेज में मिला सोना ,चाँँदी बेेच कर जुुुआ और  शराब मे उडा दिया... अब आगे...
   अब मोहन एक एक पायी को मोहताज हो गया।
  यह सब कुछ देख  सेठ  जनक  लाल की पत्नी तारा ने कहाँ.... अपनेे ..
 दमाद मोहन की हालात   ठीक नहीं है,
उसको कुछ मुुद्रा दे दो...
  यह सुन सेेे ठ।    ने। मना  कर दिया।
 इतना सब  कुछ  दिया लेकिन उसने
जुआ  और  शराब  मे उडा दिया, अब मै उसेे कुछ भी न दूगा।
   और फिर  अचानक एक दिन...
सेठ जी को किसी कार्य  से  बाहर
जाना था....फिर उसके बाद...
  सेठ की पत्नी तारा ने अपने दमाद ...
  मोहन  को  घर पर बुलाया, और लड्डू की टोकरी में  खूब ढेर सारी मुद्ररा    रख कर
विदा किया।
  मोहन गांव से कुछ दूूूर  जाकर यह सोचता है यह टोकरी बहुत भारी है हम
इसको  बेेच  दे  । और   वह  दुुुकान पर
जाकर बेच देेेता   है  । और बदले मे पैैसे
लेकर घर चला  जाता है।
...इधर सेठ जी अपने घर पर आते है ,और सेठ को लड्डू खाने का मन होता है, और  फिर  सेठ उसी  दुुुकान पर  जाकर  दुुुकान दार  से लड्डू माँगते है,....
दुुुकान दार  वही  लड्डू  की  टोकरी
 उठा कर सेठ  को  दे देता है।
सेठ उस टोकरी को  घर पर लाकर
खोलते हैै, और यह सब   माजरा देख
सेठ को  समझने  मे  जरा भी देेे र
नही लगती।...फिर।  सेठ जी...
  अपनी पत्नी। तारा से  कहते हैं...
      देेखा यह मेरी मेहनत का धन है।

    मेेेहनत  से  कमया  हुआ है।
इसलिए यह धन उनको नही। मिला..

जब तोते ने खोली पोल

तोता,जो इंसान की तरह बोल सकता है,और इंसान की भाषा पूरी तरह समझ सकता है।एक मालिक का अपने नौकरानी के साथ अफेयर था।मालिक और नौकरानी का अफेयर तोता रोज देखता था।एक दिन तोते ने इन दोनो के अफेयर की पूरी कहानी मालिक की पत्नी से बोल दिया।यह सुन कर मालिक की पत्नी आगबबूला हो गयीं।और जाकर अपने पति के खिलाफ थाने में केस दर्ज कर दिया।और फिर बाद मे थाने से पुलिस आई।और पुलिस ने तोते का बयान लेने से मना कर दिया।तब जाकर मालिक की जान बची ।

मंगलवार, 5 मार्च 2019

पहले की बात

इस देश की शरहद को ,कोई छू नही सकता।
जिस देश की शरहद पे, निगेेहबा न है आँखें।।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

अगूंठी का शौक

माधव पुरा गांव में एक महिला रहती थी।
 जिसका नाम  राखी था। उस महिला को
 बचपन सेे ही गहने पहनने का शौक था।
वह बचपन से  ही    गहनो का शौक
रखती थी,और।  ब जार से खरीद कर
पहनती थी।
     पर एक दिन वह एक दुकान पर      आर्टिफिसल  समझ कर 850 ₹ की
एक अगूूंठी   खरीद  ली।वह अगूंठी
 उस महिला को बहुुुत पँसन्द आई
और उस महिला  उस।
   अगूूंठी  को खरीद कर अपने
 हाथो  मे पहन ली।
 उस महिला ने उस   अगूंठी
को अपने  हााथो    मे
30  वर्ष  तक सँभाल
कर पहन कर रखी थी।
   पर अचानक एक दिन
उस महिला के मन मे यह
ख्याल आया 30 वर्ष के
बाद कि हम इस अगूूंठी
को बेच दे।
 वह महिला उस अगूूंठी को
लेकर दुुुकान दार के पास गयी।
दुकान दाार।  ने   उस अगूूंठी को
देखा जाचा परखा और बोला.....
यह अगूूंठी।    हीरे की है.....
फिर उस महिला ने  उस
अगूँठी  को   नीलम की।
नीलामी मे   महिला को
उस अगूूूठी  के 5,6000000₹
मिले। इतने  पैसेे  पा  कर वह
महिला इतनी   खुश थी, मानो
पूरी दुनिया की खुशी उसको
मिल गयी ।सच पूछो  तो
30 साल पहले वह महिला
इतनी कभी खुुु नही थी।

गुरुवार, 7 फ़रवरी 2019

एक सेठ

एक समय की बात हैं, एक सेठ नाव मे बैठ कर नदी को पार कर रहा था।जैसे ही नाव थोडी ही दूर नदी मे गयी,वैसे ही उस नाव में छेद हो गया। और नाव मे जोरो के साथ पानी नव मे भरने लगा।यह देख कर सेठ डर गय।और पास मे जा रही दूसरी नाव जा रही थी ,सेठ ने उस नाव वाले से बोला कि.नाव वाले भाई ,मुझे भी साथ लेकर चलो और नाव पास लाकर
मुझे भी अपने नाव पर विठा कर उस पार ले चलो ,मै भी तुमको ढेर सी सोने की मुद्राओं देगे।वह तैयार हो गया
 औल

बुधवार, 6 फ़रवरी 2019

एक समय की बात

एक समय की बात है,हमारे गांव से थोड़ी दूर पर मेला लगा हुआ था।
वहाँ पर तरह तरह की दुुकाने लगी
हुई थी।गांव से लोग तैैयार होकर खुशी खुशी मेला देखने जा रहे थे।
  पर उस मेले मे ऐक खा स  बात यह थी कि ,उस पूूरे मेेेले मे जलेबी की केवल एक ही दुुुकान थी।उस दिन उस
दुकान दार की मानो लाटरी   लग गयी थी।उस दुुुकान पर इतनी भीड़ लगी कि दुुुकान दार लोगों को जलेबी ही नही अटा पा रहा   था। फिर क्या था
मैने उसकी मददत की ,और लोगों को
 जलेबी तौल कर दी।यह देखकर दुुुकान दार खुश हुुुआ ।और बोला हमारी मददत करने के लिए  धन्यबाद।

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

प्रयाग राज

कुम्भ का मेला शुरू हो गया है।यहाँ पर देश से ही नही ,अन्य देशो से भी लोग यहाँ पर आकर इस पावन नगरी प्रयाग राज की शोभा को बढाते हैं।

सोमवार, 14 जनवरी 2019

शिव का कैलाश मन्दिर

 यह दुनिया रहस्यमयी है।यह मन्दिर कहा जता है कि यह 6000 वर्ष पुराने जमाने में इसका निर्माण कार्य किया गया था। इसको बनाने मे लगभग 18 वर्ष लग गया था।इसकी कारीगरी अपने आप मे ऐक अनोखा तरीका अपनाया गया है।
दूर से ही इसकी खूूबसूरती देेेखको मिल जाती है।

पैदल चलने के फायदे

रोज हमे कम से कम 15 से 20 मिनट तक पैदल चलना चाहिए।क्योंकि इससे हमारा पूरा शरीर हिट फिट रहता है।और हमे आने वाली अनेक प्रकार की बिमारी से भी लाभ पहुचता है।
जैसे हमरा मन भी शान्त रहता है,

शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

दुनिया के सबसे रईश आदमी

आईऐ जानते है आज दुनिया के सबसे र ईश आदमी कौन है..
 अमेजन के संस्यथाप...जेफ बेजोस...है ।

सोमवार, 7 जनवरी 2019

खूबसूरत बेडरूम

आप भी अपना बेडरूम शानदार तरीके से डिजाइन कर सकते है।

कम जगह मे,खूबसूरत घर

कम जगह मे खूबसूरत दिखने वाला घर हम कैसे बनाए ,जो देखने में डिनाइन  दार हो और खूबसूरत दिखाई दे।
यह एक खूूूबसू पिंक कलर का मल्टी स्टोरी
आपके सपनो का घर प्लान है,जो देखने मे
डिजाइन दार है ,जिसे कम जगह मे बनाया जा सकता है।

लाल गेद

यह गेद मैच खेलने के लिए किया जाता है।
यह गेंद लेदर की बनी होती है।
यह बहुत सख्त होती है।
इसकी कीमत लगभग 35000₹ है।
इस बाल से पूूरी पारी खेली जा सकती है।
इस गेंद मे गति को बनाऐ रखने के लिए सेंसर भी लगाया जाता है।
यह बाल लेदर की है ।
यह बहुत तेज गति होती हैै।

इंसान मरने से पहले

इंसान का पूरा शरीर जब उसका साथ छोडने लगता है, य यू कहे इंसान जब मरने लगता हैं तो उसे कुछ चीजें स्यंम को नही दिखाई देती ,जैसे आइये जानते हैं .....
1....इंसान के शरीर का रंग पीला,य सफेद पडना....इंसान का शरीर जब उसका साथ छोडने लगता है तो, उसके शरीर का रंग पीला य सफेद होने लगता हैं।
२.....प्रकाश का कम दिखना...ऐसी स्थिति में जाने के बाद इंंसान को प्रकाश कम दिखाई देता है।
३......स्यम के प्रतिबिम्ब का न दिखना...प्राण निकलते समय इंंसान को खुद की छाया नही दिखाई देती है।
४......शरीर में शिथिलता का होना.....जब इंसान का शरीर साथ छोडने लगता है तो ,  इंंसान का पूरा
शरीर ढी ला पड जाता है,य शिथिल हो जाता है।
......यमराज का आगमन..... तब उस इंसान के पास यमराज आते हैं और उसके प्राण कोर कर अपनेे साथ लेकर चले जातेे हैं।....

रावण का कुल और गोत्र

रावण के दादा का नाम..मयावन था।
पिता का नाम.... विश्रवा था।
माता का नाम..... केसरी था।
कुल...... उत्तम था।
गोत्र......मुदृल था।
रावण ब्राह्मण मे अगिनहोत्री था।
यही था रावण का परिवार और उसका कुुुल।

रविवार, 6 जनवरी 2019

रावण सीता को न छू सका ...

आईऐ जानते हैं इसके पीछे का कारण...रावण परम भक्त शिव का था। वह परम क्षानी था।
 एक बार रावण कुवेेे केे शहर अलाका पहुंचा।
वहाँ पहुुचर उसे वहाँ का नजारा इतना भाया,कि उसने अपना आसन वहीं जमा लिया।
  वहाँ का नजारा देखकर मोहित हो गया, और धीरे धीरे कामवासना उसे सताने   लगी।
  तभी उसकी  नजर  रंभापर पडी।
रंभा रावण की पुत्र वधू थी।
  रंभा की खूबसूरती देखकर रावण
खुद को रोक   न सका।
और रावण ने रंभा को  पकड लिया, फिर उसके साथ दुुुराचार किया।
इस बात की खबर नल कुबेर को लगी,तो वह बहुत क्रोधित  हो  उठे।और रावण को त्राप दे दिया....
...कि यदि किसी नारी की इच्छा  के विना  वह उसको छूूूता  है  तो  उसका  सर  सौ  टुकडो  मे बट जाएगा।
....इस कारण रावण सीता को छू नही  सकता  था...............

अपने हाथों अपनो का कत्ल

आईऐ जानते हैं आखिर क्यों ऐसा हुआ...
    उस समय। दिल्ही का। शासक शेेेर शाह
 सूरी ने चार  महीनों तक रायसेन के किले
 को घेरा हुुु आ था।
 लेकिन फिर भी वह किले  को नही जीत सका।
 तव उसने ताावे के पैैसे को गलवा कर उनसे
तोपो का निर्माण किया था।
 ऐसा करने से वह जीत    गया था।
 उस समय यहां के राजा    पूरन मल हुआ करते थे।
 शेरशाह ने   धोखे से    पूरन मल के किले पर हमला कर दिया।
जब इसकी जानकारी पूरनमल को हुई तो......
   उन्होंने अपनेे ही।  हाथो से अपनी प्रियतमा ....
पत्नी का सिर  धड से     अलग कर दिया।
 यह कठोर        निर्ण् य इस लिये लिया था
रत्नावली की सतीत्व की    रक्षा हो  सके.......
   और वह शत्रुओं के      हाथ न लगे।.....

दुष्ट रानी

दूर देश में एनजिंगा ऐमबांदे नाम की रानी राज करती थी।
 वह बहुत   ही खूंखार और हैैवान तरीकों की रानी थी।
 वह नये नये मर्द्  के   सा थ  अपनी प्यास बुझाने के लिए दो लोगों को आपस मे लडवााती थी,और ई स लडाई
 मे जो जीत जाता था ,उसके साथ अपनी राते रगींन
 करती और   उससें  शरीरि क सम्बन्ध बनाती।
शरीरिक  सम्बन्ध  बनाने के बाद, उस आदमी को
 जिन्दा आग मे जला देती  थी।
    कहते   हैं  यह राज  पाठ  लेनेे  केे  लिए  इसने
अपने भाईयों को भी मरवा   डाला था।
यह ऐक ऐसी रानी  हैै जो  अपनी तडप बुझाने के लिए
 न जाने कितने लोगों को  जिन्दा  आग के हवाले कर दिया।
रानी एनजिंगा ऐमबांदे की हैैवानियत भरी कहानी.....

परासर मुनि और सत्यवती

परासर मुनि नदी पार कर रहे थे।
 जिस नाव पर परासर मुनि बैठे हुए थे,   वह नाव कोई और नही बल्कि सत्यवती नामक एक खूबसूरत लडकी चला रही थी।
   परा सर मुनि ने उस खूबसूरत
 लडकी से सीधेे ही सम्बन्ध बनाने की बात कह डाली।
  सत्यवती नामक लडकी ने पहले
 तो इंकार किया और फिर
    बाद मे राजी हो गयी।
 लेकिन उसने तीन सर्ते रखी।
 पहली बात यह कि हमे सम्बन्ध बनाते समय हमे कोई देख न ले
 इसके लिए परााार मुनि ने चरो ओर कोहरे का एक जाल बना दिया।
 दूसरी सर्तै प्रसूति के दौरान मै कुवारी रहूँ।
 तीसरी यह कि मेरे शरीर से मछली की दुुर्रगंध नही आऐ,उसके लिए परासर मुनि ने उसके शरीर को
 फूलों के समान सुगंधित बना दिया।
कहते  हैं इनसे सत्यवती से शरीरिक सम्बन्ध बनाते हुुऐ परासर मुनि....खूबसूरत कन्या सत्यवती

गरीब परिवार

एक समयकी बात है ,दूर गांव में एक गरीब परिवार रहता था।
 वह दिन भर मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पालन करता था।
  एक दिन वह अपने घर पर रहकर घर का काम कर रहा था,तभीी वहाँ पर एक साधू आया,और उसने उस कि सान  को एक पत्थर दिया।
 किसान ने उस पत्थर कोठा कर  दीवार के ऊपर रख दिया।
  और वह साधू वहाँ से चला गया।
     एक सााा बाद वह साधू  फिर वापस उस किसान
के घर वापस आकर उस किसा न से बोला।
 मैने जो तुमको पत्थर दिया था उसका तुमने काा किया।
  तुमको मालुम है यह पा रस पत्थर है।
    किसान बोला जी हाँ, मै चाहता तो इससे ढेेर सा सोना बना डालता।यदि हम ढेर सा
 सोना  बनाा लेेेता तो   उसकी रखवाली कौन करता।
   इस सोने से हमे शांती मिलती।
  उस मालिक का नाम लेनेे का।    समय हमे मिल पाता।
  हमे और हमारे परिवार को शाांति चाहिए।
 इस लिए महत्मा जी आप इस पारस पत्थर को लेेे  जाऐ

शनिवार, 5 जनवरी 2019

मेहमान ने उसकी बीबी पर डाली बुरी नजर

आपने चितौड़ का नाम तो सुना ही होगा।वहां पर पदमावती नाम की महारानी थी।जिनके पति का नाम था राजा रतन सिंह ।कहते हैं इस राजा के पीछे से वार कर इनकी हत्या कर दी गयी।आइये और अधिक इनके वारे मे जानते हैं।
    कहते हैं उस समय अलाउद्दीन खिलजी  हुआ करता था। जो कि अपना दिल रानी पदमावती पर हार चुका था।
इस लिए वह राजा रतन सिंह से मिलनेे  उनके महल पर गया। राजा रतन नेे उनसे मेेेहमान जैसा सलूक किया। 
 मगर अलाउदीन ने रानी को देखने कीी इच्छा जाहिर की।
    राजा रतन सिंह यह सुन कर आगबबूला  हो गया। 
    मगर वह कुछ नहीं बोला
   और सही सलामत उनको महल से बाहर कर। दिया ।
    फिर  अलाउदीन खिलजी 
  भारी संख्या में सैनिक के साथ राजातन सिंह के महल पर हमला कर दिया।
  दोनो के बीच भयंकर युद्ध हुआ और राजा रतन सिंह जीत गये।
     लेकिन उसी  समय  अलाउदीन की सेना ने राजा रतन सिह पर पीछे सेे हमला कर दिया।
    और इसी वजह से उनकी मौत हो गयी।
   रानी पधमावती को देखनेे के लिए उसने धोखे से राजा रतन सिंह को मार दिया।
   मगर रानी पधमावती भी आग मे कूदकर अपनी जान दे देती है।इस तरह 
  अलाउद्दीन खिलजी हार जाता है।

शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

हांडी महारानी,16शताब्दी की घटना

यह घटना 16शताब्दी की है।जब सलूम्बर राज्य में हांडी नाम की एक महारानी हुआ करती थी।उस समय राजा मान सिंह का शासन किशन गढ मे हुआ करता था।बाबर और अत्याचारी मुगल शासक औरंगजेब ने किशनगढ़ पर हमला कर दिया।ऐसे में मेवाड़ के शासक राज सिंह ने औरंगजेब को रोकने का काम सलूम्बर के राजा रावरतन सिंह को शौपा था।
      रानी हांडी का विवाह राव रतन सिंह से  मात्र एक दिन पहलेे ही हुुुआ था।अभी महारानी हांडी के हाथो की मेहदी भी नही सूखी थी,कि राजा रावरतन सिंह कोणभूमि के लिए रवाना होना पडा।राजा रावरतन सिंह रानी हाडी बहुुत अधिक प्रेम करते थे। उनकोो एक पल के लिए भी छोोो कर दूूू र जाना गवारा नही था।
    युद्ध की तैयारी में होोने के बाावजूद भी उनका मन रानी हाडी मे ही लगा हुुुआ था।तभी राजा ने राानी हाडी की एक निशानी को लेने के लिए अपने एक भरोसेमन्द सैनिक को महारानी हांंडी के पास भेजा।जब राजा रावरतन सिंंके द्धाराा  भेजे हुए  सैनिक को  रानी हांंडी ने देेेखा तो वह समझ गयी कि राजा   रावरतन   सिह अपने प्ररेम के कारण विचलित हैं और इस कारण से उनको युद्ध में  भारी नुकसान पहुंच सकता है।रानी ने सैैैनि से कहाा कि वह राजा को अपनी आखिरी निशानी दे।इसके बाद महाारानी हांडी ने अपना शीष काटकर राजा को उपहार स्वरूप भेेजा।  धन्य वह राजपूता नी वीरांगनाएं जिन
को अपने प्राण से अधिक देेश की चिंता थी।

गुरुवार, 3 जनवरी 2019

New Year 2019

नया साल आया है
खुशियाँ लाया है
Lister musical channel
की ओर से आप सभी को
नये वर्ष की ढेरों साारी
शुुुभकामनाएं
Happy New year
   2019

अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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