आईऐ जानते हैं इसके पीछे का कारण...रावण परम भक्त शिव का था। वह परम क्षानी था।
एक बार रावण कुवेेे केे शहर अलाका पहुंचा।
वहाँ पहुुचर उसे वहाँ का नजारा इतना भाया,कि उसने अपना आसन वहीं जमा लिया।
वहाँ का नजारा देखकर मोहित हो गया, और धीरे धीरे कामवासना उसे सताने लगी।
तभी उसकी नजर रंभापर पडी।
रंभा रावण की पुत्र वधू थी।
रंभा की खूबसूरती देखकर रावण
खुद को रोक न सका।
और रावण ने रंभा को पकड लिया, फिर उसके साथ दुुुराचार किया।
इस बात की खबर नल कुबेर को लगी,तो वह बहुत क्रोधित हो उठे।और रावण को त्राप दे दिया....
...कि यदि किसी नारी की इच्छा के विना वह उसको छूूूता है तो उसका सर सौ टुकडो मे बट जाएगा।
....इस कारण रावण सीता को छू नही सकता था...............
एक बार रावण कुवेेे केे शहर अलाका पहुंचा।
वहाँ पहुुचर उसे वहाँ का नजारा इतना भाया,कि उसने अपना आसन वहीं जमा लिया।
वहाँ का नजारा देखकर मोहित हो गया, और धीरे धीरे कामवासना उसे सताने लगी।
तभी उसकी नजर रंभापर पडी।
रंभा रावण की पुत्र वधू थी।
रंभा की खूबसूरती देखकर रावण
खुद को रोक न सका।
और रावण ने रंभा को पकड लिया, फिर उसके साथ दुुुराचार किया।
इस बात की खबर नल कुबेर को लगी,तो वह बहुत क्रोधित हो उठे।और रावण को त्राप दे दिया....
...कि यदि किसी नारी की इच्छा के विना वह उसको छूूूता है तो उसका सर सौ टुकडो मे बट जाएगा।
....इस कारण रावण सीता को छू नही सकता था...............

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