आईऐ जानते हैं आखिर क्यों ऐसा हुआ...
उस समय। दिल्ही का। शासक शेेेर शाह
सूरी ने चार महीनों तक रायसेन के किले
को घेरा हुुु आ था।
लेकिन फिर भी वह किले को नही जीत सका।
तव उसने ताावे के पैैसे को गलवा कर उनसे
तोपो का निर्माण किया था।
ऐसा करने से वह जीत गया था।
उस समय यहां के राजा पूरन मल हुआ करते थे।
शेरशाह ने धोखे से पूरन मल के किले पर हमला कर दिया।
जब इसकी जानकारी पूरनमल को हुई तो......
उन्होंने अपनेे ही। हाथो से अपनी प्रियतमा ....
पत्नी का सिर धड से अलग कर दिया।
यह कठोर निर्ण् य इस लिये लिया था
रत्नावली की सतीत्व की रक्षा हो सके.......
और वह शत्रुओं के हाथ न लगे।.....
उस समय। दिल्ही का। शासक शेेेर शाह
सूरी ने चार महीनों तक रायसेन के किले
को घेरा हुुु आ था।
लेकिन फिर भी वह किले को नही जीत सका।
तव उसने ताावे के पैैसे को गलवा कर उनसे
तोपो का निर्माण किया था।
ऐसा करने से वह जीत गया था।
उस समय यहां के राजा पूरन मल हुआ करते थे।
शेरशाह ने धोखे से पूरन मल के किले पर हमला कर दिया।
जब इसकी जानकारी पूरनमल को हुई तो......
उन्होंने अपनेे ही। हाथो से अपनी प्रियतमा ....
पत्नी का सिर धड से अलग कर दिया।
यह कठोर निर्ण् य इस लिये लिया था
रत्नावली की सतीत्व की रक्षा हो सके.......
और वह शत्रुओं के हाथ न लगे।.....

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