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मंगलवार, 31 जनवरी 2023

मेरी रानी बेटी

 अरे रानी के पापा जरा सुनते हो, हॉं 

रानी की मॉं बोलो मैं सुन रहा हूं ,अरे 

आज अपनी बीटिया की सगाई है,सूब 

धूम धाम से सगाई होनी चाहिऐ,कही कोई 

कमी न रह जाय , उधर लडके वाले घर 

पहु्ंचते है! रानी की सगाई धूम  धाम से होती है, 

रानी को किसी भी चीज की कमी नही होने दिया,

सब कुछ,दिया गया, और रानी को विदा किया

गया! रानी अपने घर पहुंचती हैं, वहॉं पर रानी 

को दो चार दिन किसी भी चीज की तकलीफ 

नही हुई, उसके बाद रानी को परताडित किया 

जाने लगा ! और एक दिन रानी अपने पापा 

को फोन करके जोर जोर से रोने लगी! 

    रानी बेटी का हुआ, पापा मुझे आकर 

घर ले चलो,इतना कह कर रानी रोने लगी ! 

और  अगले दिन  रानी के पापा रानी के 

घर पहुंचे !   रानी बहुंत परेशॉन  दिख 

रही थी ,उसके चेहरे से परेशानिया साफ 

झलक रही थी,  दर असल रानी के ससुराल 

वाले बहुंत लालची थे !  वह रानी को इस लिऐ

परेशान करते थे कि उनको और धन की मॉंग

कर रहे थे ,पर रानी के पापा के पास और

कुछ देने के लिऐ बचा ही नही था  , रानी 

के पापा के पास जो भी धन था वह तो पहले 

ही दान के तौर पर रानी को दे चुके थे ! 

     पर रानी के ससुराल के लालची लोग

मानने को तैयार नही और एकदिन 

रानी के ससुराल वालो ने मिलकर

पैसो के लालच में रानी को आग से जला 

दिया ,रानी बेटी जल गयी, यह सुन कर 

रानी के पापा को सदमा लग गया , मगर

रानी के पापा ने अपने आप को सभाला, 

और फिर ,  ससुराल वालो के नाम एफ,

आई, आर हुआ, पुलिस आई, रानी के 

ससुराल के सभी लोगो को पकड कर 

अपने साथ ले गयी ! रानी के ससुराल 

के सभी लालची लोगो को जेल हो गयी !

 ..कहते हैं कभी भी किसी को लालच 

नही करना चाहिए, लालच का फल बुरा

होता है....

 Tags..#मेरीरानीबेटी#एकघरकीकहानी

#बापबेटीकीकहानी#छोटीकहानी

............


शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

संगति का असर

 

कहते हैं समय एक जैसा नही होती....

समय बदलता रहता है, समय के साथ 

सब कुछ बदल जाता है, ...कुछ ऐसा 

ही सेठ जमुना दास जी के भी साथ हुआ....

सेठ जमुना दास एक जाना माना नाम 

जिनकी अपनी एक पहचान है ,जिनका 

अपना एक अलग नाम है..उनका एक 

लडका राजू दास था ! जो पढने में तेज

बोलने में  होशियार  काफी चंचल भी था! 

पर पढाई के दौरान  ही राजू दास गलत 

लडको के साथ पड कर उसे नशे की लत 

लग गई ,वहलपूरी तरह विगड गया ! 

   सेठ जमुना दास को जब अपने लडके 

राजू दास के बारे में मालूम पडा , तब तक 

बहुत देर हो चुकी थी !  तब तक राजू दास 

बिगड गया था !  अब  सेठ जमुना दास जी 

को अपने लडके राजू दास की चिंता सताने

लगी! उसने अपने लडके की नशे की लत छुडवाने

के लिए बहुत दवा करवाई मगर कोई फायदा 

नही हुआ !  सेठ जी बहुत परेशान रहते , अब 

सेठ जी के समझ में कुछ भी  नही आ रहा था,

        पर एक दिन सेठ जी बैठे हुऐ थे, उनके 

दिमाग में एक आइडिया आया!  सेठ  जमुना दास 

जी बजार गये और बजार से कुछ फल ले आये,,

उसमें कुछ फल खराब भी थे,उस फल को घर 

ले आऐ  और उस फल को अपने लडके राजू दास 

को अलमारी में रखने के लिये बोले , राजू दास 

उस फल को लेजाकर  आलमारी में रख देता है,

और फिर दूसरे दिन सेठ जमुना दास जी ने अपने बेटे 

राजू दास से बोले , बेटा जो हमने तुम को कल फल 

दिया था ,उस फल  को जरा हमारे पास ले कर आओ ! 

वह उस फल को ले आया, राजू ने देखा , और बोला 

पापा इसमें तो आधे से अधिक फल सडे हुऐ है,

हॉ बेटा,  जिस चरह तुम नसा कर रहे हो , उस 

तरह से एक दिन तुमारी सारी शरीर भी खराब हो 

जायेगी,,,बेटा यह नशा छोड दो ...

       राजू दास को पूरी बात समझ में आ गयी ! 

उसने गलत ....संगति ...छोड दी गलत लोगो के 

साथ उठना बैठना छोड दिया .......

गलत संगति का असर छोडते ही

राजू दास धीरे धीरे फिर पहले जैसा 

दिखने लगा,,,और वह खुश भी रहने

लगा...इधर सेठ जी की भी चिंता दूर हो गयी ! 

अब दोनो खुशी खुशी रहने लगे ...

Tags....संगति का असर #story

#motivation #boystory


  

हो ज

बुधवार, 25 जनवरी 2023

मॉं की थाली

 एक गॉव की अदभुत कहानी....

एक गॉव में एक परिवार में मॉं और बेटे जिसका नाम 

राजू था, निवास करते थे ? मॉं बेटै बहुत गरीब थे ? 

मॉं दूसरो के घरो  और खेतो में काम करके राजू को 

पढाती थी ? राजू भी पढने में ठीक था, वह खूब मन 

.लगा कर पढाई करता था ? 

   बात उन दिनो की है जब राजू  7 वी कलास में पढ 

रहा था , तभी वहॉं पर खेल कूद का आयोजन किया

गया, उस खेलकूद में राजू  (first) आया, और राजू

को इनाम के तौर पर एक थाली मिली ? उस थाली को 

राजू  घर ले आया, और फिर राजू अपनी मॉं से बोला...

     मॉं मॉं देखो मॉं, आज मुझे इनाम के तौर पर 

यह थाली मिली हुई है ,यह थाली कितनी खूबसूरत

है, है न मॉं,....तब राजू की मॉ बोली, हॉं बेटा यह थाली 

बहुत बहुत खूब सूरत है !  फिर का ,राजू की मॉं ने उसी 

दिन से उस राजू की इनाम वाली थाली में खाना चालू 

कर दिया ! अब तो राजू की मॉं बस एक ही राजू की 

इनाम वाली थाली में खाना खाती !  ऐसे ही सुबह,

दोपहर और शाम मॉं जी को जब भी भूख लगती

मॉं जी वस उसी थाली में खाना खाती....

     ऐसे करते करते दिन बीतता गया समय 

वीतता गया,इधर राजू धीरे धीरे बडा होता गया,

 इधर राजू 25 साल का हो गया, उधर मॉं की 

ममता देखो, मॉंने राजू की थाली में खाना ,खाना

नही छोडा !  मॉं जी करीब 15 सॉल तक  राजू 

की इनाम वाली थाली में खाना खाती रही....

  पर एक दिन मॉं की तबियत अचानक विगड गई! 

वहइतना वीमार हुई कि पलग से उठ न सकी 

और मॉं जी की तबियत अधिक खराब होने 

के कारण उनका निधन हो गया ! 

मॉं के निधन के बाद राजू अब अकेला पड गया ! 

तब एक दिन की निगाह उस थाली पर गई, जिस 

थाली में मॉं जी 15 सालो से रोज सुबह शाम 

खाना खाया करती थी ! राजू को 15 सॉल बाद 

उस थाली का राज पता चला, राजू को अपने 

बचपन की याद आ गई ! राजू ने देखा यह तो 

वही थाली है, जो मुझे 7वी में इनाम में मिली थी ! 

यह सब देख कर राजू की आखों में आंसू आ गये ! 

 एक मॉ की ममता ऐसे होती है....

एक मॉ अपनी औलाद से कितना पेरेम करती है,

यही तो मॉ की ममता है !!!!

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रविवार, 22 जनवरी 2023

लालच में अंधा पंडित

 सेठ देवधर अपनी मॉ के साथ रहते थे !

उनके पास खूब ढेर सारा धन दौलत थी !

 ढेर सा खेत भी था ! सेठ देवधर की मॉ 

हमेशा गरीबो को दान दिया करती थी !

सेठ देवधर के घर में हमेशा खुशियॉ 

रहती थी ! सेठ देवधर कॉ खेत हमेंशा

हरे भरे रहते थे ,सेठ के घर में कभी 

किसी भी चीज की कमी नही रहती थी !

  पर एक दिन सेठ की मॉ अचानक 

बीमार पड गई ! सेठ जी अपनी मॉ का 

इलाज कराते ,पर वह ठीक न हो सकी,

और एक दिन सेठ की मॉ का देहांत हो गया ! 

अब सेठ जी अकेले पड गये, सेठ जी का रो रो कर

बुरा हाल हो रहा था ! दर असल सेठ जी  अपनी 

मॉ की अंतिम इचछॉ पूरी न कर सके ! सेठ जी 

की अंतिम इचछा थी कि मरते समय सेब खाना 

चाहती थी,पर सेठ जी अपनी मॉ को सेब न 

खिला सके और सेठ की मॉ इस दुनियॉ को 

छोड कर चल बसी ! 

     तब एक दिन लालच मे अंधा पंडित 

उस सेठ के पास आया और सेठ जी से बोला ,

 हम तुमहारी मॉ की शॉति के लिए  हवन पाठ 

करमा पडेगा, और हम पंडितो को एक एक 

सोने कॉ आम दान देना पडेगा ! तबजा कर 

मॉ  जी को शॉति मिलेगी  ! 

     सेठ जी तैयार हो गये  ,और दूसरे दिन 

पंडित जी को अपने धर आने के लिए बोला,

    दूसरे दिन पंडित वहॉ आया ,हवन का 

समान मगा कर हवन पॉठ करने लगा ! 

हवन पाठ पूरा होने के बाद ,उन पंडितो ने 

सोने का एक एक सेब लेकर वहॉ से चले गये ! 

यह है लॉलच में अंधॉ पंडित....

Tags..#लालच में अंधा पंडित

#एक सेठ की कहॉनी

#छोटीकहानी


शनिवार, 21 जनवरी 2023

परख

 एक परिवार में तीन लोग रहते थे ?

मॉ, बाप और उनका एक लडका, तीनो 

हसी खुशी अपने घर में रहते थें ? लडके 

के पिता एक जौहरी थे,वह सोने चॉदी के 

जेवर बना कर बेचते और अपने परिवार का 

पेट पालते थे ? एक दिन लडके के पिता जौहरी

अचानक बीमार पड गये, वह इतनी तेज बीमार 

हुऐ कि चारपाई से उठ नही पाये, वह इस कदर बीमार पडे 

कि कुछ ही दिनो के बाद वह दुनिया छोड चल वसे ?

  अब अचानक ही जौहरी के मरने के बाद उमके 

घर में मुसीबतो का पहाड गिर गया ? उनके घर 

मेंदूसरा कमाने वाला था नही,वही एक लडका था ?

 यहदेख कर लडके की मॉ उदास रहती थी ? 

एक दिन लडके की मॉ ने लडके से कहॉ, बेटा 

अब घर कैसे चलेगा, लडके की मॉ ने कहॉ ,

हमारे पास कुछ जेवरात है , इसे बजार में 

अपने चाचा के पास ले जा कर बेच ला ?

बदले में इससे जो पैसे मिलेगा, उससे ःघर 

चलाया जायेगा ? और तब लडका उस जेवरात 

को लिया और अपने चाचा की दुकान पर चल दिया ?

वहॉ दुकॉन पर पहुचने के बाद लडके ने उस जेवरात 

को अपने चाचा को दिया,और उसे बेचने के लिऐ बोला,

उसके चाचा ने उस जेवरात को देखा ,और लडके से 

बोलॉ...बेटा अभी बजार का भाव गिरा हुआ है, जैसे ही

बजार का भाव चढेगा,वैसे हम तुम को बोल देगे 

तब इसे लाकर बेच देना,,, अभी मुझे एक भरोसे

मंद लडका चाहिए जो हमॉरे दुकान पर रह सके,

और सोने चॉदी की परख सीख सके ? लडका 

तैयार हो गया और वह दुकान पर जाने लगा ?

उसने मन लगा कर सोने चॉदी के परख का 

काम सीखा....


धीरे धीरे वह मन लगा कर कॉम कियॉ...

 उसे सोने चादी का असली नकली गहनो 

की पूरी परख हो गयी, उस लडके ने 

 उस बजारमें अपनी एक पहचान बना ली...

लोग दूर दराज से अपनी गहनो की पहचान 

कराने के लिए उसके पास आते और अपने 

गहनो की परख करा कर ले जाते,  तब 

आखिर में उसके चाचा ने उस लडकें को 

उसके गहने वापस दिया, और बोले इसे 

घर ले जाओ ? तब लडका उन गहनो को 

घर ले जाता है , घर ले जा कर जब वह 

लडका उन गहनो की जॉच करता है तो 

वह गहने नकली निकलते है , तब वह लडका 

भाग कर अपने चाचा के पास जा कर बोलता 

है ,चाचा यह का ,यह गहने तो नकली है,,

तब उसके चाचा कहते हैं ,यदि हम उस 

समय ,जब तुम यह गहने बेचने आऐ थे 

तब तुम को हम यह कह देते कि यह नकली 

है तो तुमको आज असली और नकली 

गहनो की परख कैसे होती.

..tags..#परख#गूगलकहानी#कहानीएकजौहरीकी

#कहानीएकलडकेकी#कहानीएकमॉकी#कहॉमीएकपिताकी

बुधवार, 18 जनवरी 2023

बकरी और हाथी

 बात उन दिनो की है ,पतझड कामौसम था ! 

हाथी और बकरी मे बहुत गहरी दोसती थी ! 

देनोएक दूसरे के बैगैर रह नही पाते थे !

एक दिन की बात है,जहॉ पर हाथी और बकरी 

रह रहे थे वहॉ पर पतझड के मौसम के कारण 

पेड से सभी पाती गिर गयी उन दोनो को खाने 

के लिए वहॉ पर कुछ न बचा,हाथी और बकरी 

दोनो वहॉ से खॉने की तलाश में निकल पडे ! 

  चलते चलते कुछ दूरी पर उन दोनो को एक 

बैर का हरा भरा पेड दिखाई  दिया, जो तालाब के 

किनारे एक किसान के खेत के मेढ पर था ! हाथी

और बकरी वे दोनो वहॉ उस बेर के पास पहुंचगये !

     हाथी ने अपनी सूड से उस बैर की डाली को 

पकड कर जोर से हिलाया, उसमें से ढेर सारी बैर 

नीचे गिरी, और बकरी ने उस गिरे हुऐ बैर का ढेर 

लगाया, तभी उस पेड पर बैठीहुई  एक चिडिया,

जिसके पंख टूटे हुऐ थे वह चिडिया  तालाब में जा

गिरी और वह ढूबने लगी तभी  बकरी उस चिडिया

को बचाने के लिऐ  तलाब मे कूद गई, पर यह का

बकरी तो तैरना ही नहीजानती थी ,अब तो बकरी 

भी पानी मे ढूबने लगी,यह देख हाथी को रहा न 

गया हाथी भी उन दोनो को बचाने के लिए  पानी

मे कूद गया, और फिर हाथी ने चिडिया और बकरी

दोनो को पानी से निकाल कर बाहर सा कुशल 

निकाल लाती है ,और फिर दो से तीन दोसत 
हो गये  हाथी,चिडिया और बकरी तीनो 
साथ साथ रहने लगे ! 
Tags... Elephant and goat..#story
#shortstory#hindistory#englishstory
#tamilstory#panjabistory#longstory

सोमवार, 16 जनवरी 2023

हिट और फिट


 कहते हैं ,समय वीतते देर नही लगती है?

हम को समय के साथ चलना चाहिए ? 

जो समय के साथ नही चला वह पीछे ही खडा रह गया ?

 समय के साथ साथ अपने सेहत का भी खयाल रखना चाहिए अपने शरीर के सेहत के लिए हम को रेसे दार चीजो का 

सेवन करना चाहिए जैसे मूली, गाजर, चुकंदर, सेब,संतरा,

ताजी पतते दार हरी सबजियां आदि का अधिक से अधिक 

सेवनकरना चाहिए, जिससे हमारे सेहत पर कोई असर 

न पडे ? अपने शरीर में पानी की कमी न होने दे, दिन 

मे कम से कम आठ लीटर पानी पीये !  सुवह उठ कर 

कम से कम दस मिनट तक घास पर नंगे पैर चले ,

 अपने सेहत का अधिक खयाल रखें !

 चभी हमारा शरीर हिट और फिट रहेगा ?

Tags..hit and fit..हिट और फिट


शनिवार, 14 जनवरी 2023

सबसे लकी महिला

कहते हैं कि न समय बनते देर लगता है,न समय बिगडते देर लगता है....जी हॉ यही सही है, यह कहानी एक महिला की है जो गरीबी मे रह कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करती थी वह महिला बहुत ही गरीब थी... वह मुसीबतो की मारी थी,, उसके घर में इतनी परेशानी थी कि अपना तन ढकने के लिए पडोस से कपडे माग कर पहनती थी..वह कपडे फटे पुराने हुआ करते थे ! वह महिला बाजार की एक दुकान पर काम करती थी .. वह महिला जिस दुकान पर काम करती थी ,उस दुकान का मालिक उसे महीने के हिसाब से पैसे देता था, वह महिला उस पैसे से अपना और अपने घर वालो का पेट पालती थी...पर अचानक एक दिन उस महिला ... के साथ एक घटना घटी.. वह घटना यह थी... उस महिला को जब महीने में पैसे मिले तो वह महिला दुकान से निकल कर घर के लिए चली बाजार में थोडी दूर चलने के बाद उसने देखा कि ,,एक दुकान दार लाटरी का टिकट बेच रहा था,तभी वह महिला उसदुकान पर गई और उसने लाटरी का एक टिकट लेकर अपने घर चली गयी ,,और फिर दूसरे दिन उस महिला को उस लाटरी का टिकट लग गया,, जिसकीरकम थी,12 करोड वह महिला बहुत खुश हुई.... और फिर लाटरी खुलने के चार दिन बाद उस महिला ने उसी दुकान से उसने दूसरा टिकट खरीदा ,,, दूसरे टिकट की भी लाटरी उस महिला की लग गई,,, उस महिला के दूसरे टिकट की रकम थी 20 करोड ... वह महिला कितनी लकी है,, जिसने दो बार लाटरी के टिकट लिए और दोनो बार उस महिला को इतनी बडी रकम उस महिला के हाथ लगी... "यह है " "सबसे लकी महिला" tags...सबसे लकी महिला

बुधवार, 11 जनवरी 2023

मंजिल और राहें

किसको पता था ,कि चलते चलते हम अपने मंजिल की राहो से ही भटक जायेगे ! बात उस समय की है जब हम अपनी मंजिल की खोज में हम अपने घर से निकले और चलते हुऐ हम चले जारहे थे कि हमें राहो में एक चौराहा मिला ,उसी चौराहे पर.नौ राहें थी,उनही राहो में मैं उलझ और भटक कर रह गये ,, उस नौ राहों वाले चौराहें पर न तो कोई दुकान थी और न ही उस चौराहे पर कोई बताने वाला कोई आदमी,, मैं नौ राहो वाले चौराहे पर .. उस मंजिल का पता किससे पूछे. जिस मंजिल पर मुझे जाना था ! मै तो वही पर भटक कर रह गया ! पर एक कहावत भी हैं ... ,,जहॉ चाह ,वहीं राह.. कहतें हैं कि खोजने पर .. भगवान भी मिल जातें हैं.. फिर वह तो मंजिल थी,, मै थोडी देर के लिए उसी नौ राहो वाले चौराहे पर बैठ गया.. और अपने मन को शॉत किया,, करीब दस मिनट बैठने के बाद मैने देखा कि सामने से एक बूढा, आदमी हाथ में लाठी लिए हुए पैदल हमारी ओर चला आ रहा था.. वह बूढा आदमी धीरे धीरे जब हमारे पास आया तब हमने उस बूढे आदमी से अपनी मंजिल का पता पूछा,उस भले बूढे आदमी ने हमें हमारे मंजिल तक जाने वाले राहों की पूरी जानकारी दी... मैने उस भले बूढे आदमी को धनवाद किया,और वहॉ सें अपनी मंजिल की राहों पर चल पडा,, धीरे धीरे उन राहों पर चलते चलते आखिर में हम अपनी मंजिल पर पहुंच ही गया,, ,,,tags..मंजिल एक कहानी #news#tags#viral#story #india#short#video #instagram#apps #viralshort #shortstory #blog#clicktechmoney #मंजिलऔरराहें

रविवार, 8 जनवरी 2023

भारत का अनोखा गॉव

जी हॉ आप ने गॉव तो बहुत देखे होगें,और उनका नाम भी सुना होग... लेकिन आप जानते है अपने भारत में एक अऩोज गॉव भी हैं.. नही तो चलिए हम आ को बतायी देते हैं... जी हॉ भारत में एक ऐसा अनोखा गॉव है,,जहॉ हर घर में रहते हैं करोडपति..... यह भारत के हिमाचल state में हैं.... इस गॉवका नाम ,,,,मडा्वग गॉव है.... इस गॉव में कुल 235 परिवार हैं..... इस गॉव का हर परिवार करोडपति हैं... यह कोई कहानी नही हैं हकीकत है... कि भारत का एक गॉव ऐसा है... जिसके हर घर में करोडपति रहतें हैं... आप ने ऐसा बहुत कम देखा य सुना होगा... कि किसी गॉव के सारे घरो में .... कोई न कोई आदमी करोडपति हैं... बता दे हिमाचल का यह मडावग गॉव .... भारत का ही नही,,पूरे एशिया का सबसे,, अमीर गॉव बन गया है.... सालाना आयु....सेब की खेती से इस गॉव, का हर परिवार सालाना...35 से 85 लाख सालाना कमा लेते हैं.... अधिक पैदावार..हिमाचल के मडावग गॉव के लोग सेब की खेती अधिककरते हैं,इसलिए यहॉ सेब भी अधिक पैदावार होती है...इस गॉव का सारा सेब भी विक जाता है... सालाना आयु घटती बढती रहती है.. यह फसल की पैदावार कम य अधिक होने के कारण.... tags..@भारत का अनोखा गॉव @ करोडपति गॉव

शनिवार, 7 जनवरी 2023

मेहनत का फल

बात उन दिनो की है जब मजदूरी बहुत कम थी, रघु नाम का एक आदमी गॉव मे रहता था ! वह गरीब था ! उसके पिता जी चाहते थे कि वह घर पर रहे,और खेती बाडी का काम करे , पर रघू को यह काम मंजूर नही था ! उसका मन खेती बाडी मे नही लगता था,वह चाहता था कि मै एक सफल बिजनेस मैन बनू... पर उसके पिता के पास उतने पैसे नही थे कि वह रघू को उतना पैसा दे सके कि वह अपना खुद का बिजनेस कर सके... घर मे पैसे की कमी को देख कर रघू का मन उदास हुआ और रघू एक दिन बिन अपने पिता को बताये घर से जेब मे कुछ पैसे लेकर निकल लिया... वह टेशन पर जाकर गाडी पर जा बैठा ! गााडी टेशन से चली ,धीरे धीरे एक टेशन से दूसरे टेशन को छोडती हुई वह गाडी नैनीताल जा पहुंची ! रधू वही टेशन पर उतर गया.. वहॉ उतरने केबाद टेशन छोडकर रघू काम की तलाश मे आगे बढा... .. वहॉ उसे एक होटल मे मैनेजर का काम मिल गया... रघू को काम पसंद आया, और मन लगा कर रघू काम करने लगा... रघू वही रह कर कई सालो तक काम किया..चूकिं होटल का मालिक विदेशी था ! वह कभी कदार नैनी ताल के होटल मे आता था ! एक दिन एक समय ऐसा आया कि होटल के मालिक को कुछ ऐसा काम फस गया कि होटल के मालिक को अपना होटल बेचना पडा... जब होटल ता मालिक होटल बेचने की बात कही तब रघू ने संकोच वस उस मालिकसे कहॉ,,,मालिक आप होटल बेच रेंहें हैं तो यह होटल हमारे ही हाथो बेच दी जियेगा.... होटल का मालिक भी तैयार हो गया... उसने वह होटल रघू के हाथो बेच दिया... रघू ने उस होटल को अपने नाम करवाया... रघू उस होटल का मालिक बन गया... रघू को मेहनत का फल मिला... इसी लिऐ कहते है... ''अगर आदमी लगातार ,चलता रहे तो,, एक दिन वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है '"" tags...मेहनत का फल. @कहानी ......

मंगलवार, 3 जनवरी 2023

दो हंसो का जोडा

हमाचल की वादियो से उडते उडते दो हंसो का जोडा एक ऐसी जगह भटकते हुऐ जा पहु्ंचा,जहॉ पर न तो पानी था और न ही की पेड पौधे,,दूर दूर तक कहीं पर कुछ भी दिखाई नही दे रहा था ! तब हंसिनी ने हंस से कहॉ... हम तो भटकते भटकते इतनी दूर आ प पहुंचे कि यहॉ पर एक रात ठहरना भी कितना कठिन है,यहॉ पर हम आज की रातकैसे बिताऐगे.. तब हंस ने हंसिनी से का ,चलो जो भी हो, अब तो आज की रात जैसे तैसे यही बितानी है,,वह इसलिए कि अब तो शाम हो चली है सो ठहरना तो पडेगा ही.... इधर उधर दूर तक तलाश करने के बाद दूर एक पेड दिखाई दिया,,हंस ने कहा चलो इसी पेड के नीचे आज की रात गुजारते हैं ! दो हंस का जोडा, उस पेड के नीचे आराम करने के लिए गये,उस पेड के नीचे दो हंसो का जोडा आराम कर रहा था तभी.. उस पेड पर पहले से बैठा हुआ एक कौआ... जोर जोर से कॉंव कॉंव की आवाज बोलने लगा,उस कौआ की आवाज सुन कर हंसिनी ने हंस से कहा,इस कौआ की कांव कॉंव की आवाज से तो आजरात भर आराम नही करने को मिलेगा,,तब हंस ने कहॉ..जिस इलाके में ऐसे कॉव की आवाज वाले ऐसे चिडिंया रहते होऔर रात को जोर से आवाज करते हो,वहॉ पर हम कैसे सो सकते हैं ?? हंस जो भीबातेबोल रहा था... कौआउस हंस की सारी बातें सुनरहा था ! इतने मे हंस ने हंसिनी से कहॉ .. चलो कही और चलते हैं,सचमुच इसकी आवाज से हम दोनो यहॉ रात मे आराम नही कर सकते है,तब दो हंसो का जोडा वहॉं से चला गया???????? tags..@दो हंसो का जोडा @छोटी कहानी@बडी कहानी @कमेडी कहानी @ गूगल की कहानी ..........................

शनिवार, 31 दिसंबर 2022

जंगल में नाग

कुछ समय पहले की बात है, किसी जंगल मे नाग और नागिन का जोडा काफी समय से उस जंगल में रह रहा था ! उस जंगल में आने ,जाने वालो को वह नाग और नागिन किसी को किसी भी तरह का नुकसान नही पहुंचा ते थे,जब कि उस जंगल में आने जाने वाले लोग उस नाग नागिन के जोडे को देखते थे ! पर एक दिन अचानक... वहॉ उस जंगल से गुजर रहे चार पहिया गाडी वाला उसी जंगल से जा रहा था कि अचानक उसके पहिऐ के नीचे एक सॉप दब कर मर जाता है,,वह सॉप कोई और नही उस जोडे की नागिन थी,, गाडी चला रहे कार चालक को यह देखा कि हमारे गाडी के नीचे कोई सॉप आकर दब गया है,, कार चला रहे कार चालक ने उसने अपनी कार को रोका,,, गाडी का दरवाजा खोला और नीचे उतरा,,उसने देखा सचमुच उसके टायर के नीचे एक सॉप दबकर मरा पडा हुआ था.... यह देख कर उस कार चालक को अपनी गलती का एहसास हुआ,,,, जब कि उसने जान बूझ कर ऐसा नही किया लेकिन फिर भी,,,उसको अपनी गलती का एह सास हुआ ! इतने मे उस नागिन के जोडे साप को इस घटना का आभास हुआ,,,और वह सॉप उस जंगल से भाग कर उस गाडी के पास आया, सॉप ने देखा कि अब हमारा जोडा हम से बिछड गया है,,, यह सब देख कर उस नाग को रहा न गया,,वह नाग ततकाल अपना भेष बदलने लगा और शेर बनने लगा.. उसका भेष बदलते देख कार चालक को यह समझने मे देर न लगा कि यह वही नाग नागिम का जोडा है,, इधर नाग जैसे ही शर बन कर उस कार चालक पर छपटा,,वैसे ही नागिन आकर सामने खडी हो गयी,, नागिन बोली इसे छोड दो इससे गलती हो गई है,, इसने जान बूझ कर ऐसा नही किया है इसको जाने दो... नाग नागिन की बात मान गया ,, और उस कार चालक को वहॉ से जाने दिया....इतने दयालू थे वह नाग नागिन.. tags...जंगल में नाग #story#foreststory#nagnaginstory

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2022

चालाक लोमडी

वैसे तो सभी जानते है, लोमडी हद से अधिक ,चतुर और चालाक होती है.. एक दिन लोमडी बहुत भूखी थी.. वह दिन भर इधर उधर घूमने खाने की फिराक मे टहलने के बाद भी खाने को कुछ न मिला.. लोमडी को भूख बहुत तेज लगी हुई थी,,,लोमडी परेशान थी,,अचानक लोमडी की निगाह पेड पर गयी.. लोमडी...ने देखा पेड पर एक कौआ अपनी चोच मे रोटी का एक टुकडा लिए पेड की डाल पर बैठा हुआ था... यह देख कर लोमडी के मन मे लालच आ गई... उसने सोचा कि यह रोटी का टुकडा इस कौआ से कैसे वापस लिया जाय... लोमडी कौआ के पास गई और बोली... अरे कौआ भाई.. मैने आप की मीठी आवाज कई दिन हआ सुनी नही है... एक बार मीठी आवाज बोल कर दिखाओ न.... उधर कौआ ने जैसे ही अपनी चोच खोली ,, वैसे ही रोटी का टुकडा जमी पर आ गिरा और लोमडी उस रोटी के टुकडे को लेकर भाग गई.... यही तो है लोमडी की चालाकी.. tagीाच चालाक लोमडी story.#newstory #todaystory ............

गुरुवार, 29 दिसंबर 2022

शेर का डर

वैसे तो डर कुछ न कुछ सभी को लगता है, पर शेर का डर ,उससे तो सभी डरते हैं !! माधव पुरा गांव से 500 मीटर की दूरी पर एक जंगल था..उस जंगल मे एक शेर रहता था,,वह शेर बहुत खतर नाक था ! माधव पुरा गांव के लोग उस जंगल में जाने से डरते थे ! जब की माधव पुरा गांव के लोग का जीने का एक ही सहारा था,,जंगल से लकडी काटना और उसे बाजार मे बेचना,लकडी बेचने का जो पैसा मिलता उस पैसे से घर के लिए खाने पीने का सामान लाना फिर उसे पकाना और खाना... लेकिन उस शेर के डर से माधव पुरा गॉव के लोग जंगल में नही जा पा रहे थे..जिससे उनके जीविका पर बहुत बुरा असर पडा.... अपना बुरा हाल देख कर गॉव के सभी लोगो ने रात मे गॉव के चौपाल मे बैठ कर एक मीटिंग किया..कि इस जंगल से शेर को कैसेभगाया जाय,, फिर गॉव के लोगो ने बडे बडे लोहे के पिजरे बनवाये ,, और उसमे बकरी डाल कर गॉव के लोगो ने उस पिजरे को ज्गल के पास रख दिया... और फिर का... वह शेर बकरी की मे मे की आवज सुन कर उस पिजरे के पास आया.. और अपने शिकार के लिए उस पिजरे मे घुस गया.. पिजरे मे घुसते ही पिजरे का दरवाजा बंद हो गया... इस तरह गॉव के लोगो की सूझबूझ से वह शेर पकडा गया... और गॉव वालो का डर खतम हो गया...smallstory beautifulstory tags...शेर का डर

मंगलवार, 27 दिसंबर 2022

हमारा साथी

दो साथी थे ,जिनकी बहुत बडी दोृसती थी ! दोनो एक दूसरे के बिना नही रह पाते थे. ! उस जंगल एक दिन दोनो नेघूमने का पलान बनाया,और घर से निकल पडे घूमने के लिए, वह दोनो पैदल चले जा रहे थे, अचानक घूमते टहलते जंगल के पास पहुंचे,उस जंगल के पास पहुंचते सूरज ढलने लगा,शाम हो गयी! दोनो को डर लगने लगा,पर दोनो ने एक दूसरे का साथ नही छोडा ! और निडर होकर आगे बढते रहे! जंगल से आगे थोडी दूर चलने के बाद अचानक सामनेसे आता हुआ उन दोनो को एक भालू दिखाई दिया ! दोनो डर के मारे कांपने लगे,भालू को देख कर दोनो की हालात बिगड गयी , एक दोसत वही जमी पर अपनी सांस कुछ देर के लिए रोक कर जमी पर लेट गया ,दूसरा साथी डर के मारे पेड पर चढ गया.. इतने मे भालू वहां आया जमी पर लेटे हुए साथी के पॉस गया, उसके चारो तरफ घूमा,और फिर उसे सूघा उसके बाद मरा समझ कर उस साथी को भालू छोड कर वहॉं से जंगल मे चला गया... उसका दूसरा साथी जो पेड पर चढा हुआ था ,भालू को यह सब करते पेड पर से देख रहा था... भालू के वहॉ से जाने के बाद,उसका दूसरा साथी पेड से नीचे उतरा,अपने साथी के पास गया ,और अपने साथी से बोला...भालू तुमहारे कान मे का कह रहा था... उसका दूसरा साथी बोला कि... जो साथी मुसीबत मे दूसे साथी का साथ छोड कर भाग ले, ऐसे साथी कासाथ कभी भी नही करना चाहिए.. दूसरा साथी बोला...यार भाई मुझे माफ करना, मुझसे बहुत बडी भूल हो गयी ,हम कान पकडते है् दूबारा ऐसी गलती कभी भी नही होगी.. अगर दोसती की है..तो उसे निभाना सीखो... #motivationalstory #shortstory #newstory ..........

सोमवार, 26 दिसंबर 2022

जब दिमाग लगाया

एक गरीब आदमी टोपीबेच रहा था.. दिन भर टोपियां बेचने केबाद वह , थक गया ! दोपहर का समय था, थोडी दूर पर उसे एक पेड दिखाई दिया,वह गरीब आदमी उस पेड के पास गया और उस पेड की छाव में बैठ गया...पेड के नीचे बैठे बैठे उसे, आलस आ गयी और फिर वह गरीब आदमी उसी पेड के नीचे सो गया... इतने मे कुछ बंदर वहां आ़ये और उस गरीब की टोपियॉ लेकर उसी पेड पर चढ गये... इतने मे थोडी देर बाद उस टोपी बेचने वाले की नीद खुली,,देखा तो उसकी सारी टोपि़यां गायब,,, उसके तो होश उड गये..इतने मे उसने ऊपर देखा तो वनदरो ने उसकी टोपियॉ लगा रखी थी... उसने सोचा कि अब इन बनदरो से अपनी टोपियॉ वापस कैसे ली जाय...फिर उस गरीब आदमी ने दिमाग लगायी..उसने अपने सर से लगायी हुई टोपी को निकाल कर फेक दिया..यह देख कर उन वनदरो ने भी अपनीटोपियॉ निकाल कर फेक दिया,,और इस तरह उस टोपी बेचने वाले को , उसकी टोपियॉ मिल गयी..और वह अपनी टोपियॉ लेकर वहॉ से चला गया... इसे कहते हैं दिमाग लगाना..smallstory...

रविवार, 25 दिसंबर 2022

छिपा खजाना

एक बूडा आदमी मरने के कगार पर था ! उसके तीन बेटे थे ! किसान के तीनो बेटे नकारा थे,वहकुछ भी काम नही करते थे !एक वह किसान अपने तीनो बटो को बुलाया और बोला ,बेटा हमने अपने खेत मे एक बडा सा खजाना गाढ रखा है ! इतना कहने के बाद वह किसान दो दिन बाद इस दुनिया को छोड कर चल बसा ! अब किसान के तीनो बेटे बैठ कर सोचने लगे ! उस खजाने को पाया कैसे जाय ! तब किसान के तीनो बेटो ने मिलकर , हम तीनो मिल कर उस खेत को खोद डालते है तब किसान के तीनो बेटे हाथ मे फाउडा लेकर खेत की ओर चल दिया.. वहां पर पहुंच कर किसान के तीनो बेटे ंमिलकर खेत को खोदना चालू किया,,धीरे धीरे तीनो ने मिलकर खेत को खोद डाला...मगर उन तीनो को उस खेत मे कुछ न मिला, वह थक हार कर घर वापस आ गये...तब पडोस मे रह रहे एक बूढा आदमी उन तीनो से बोला,,तुम तीनो ने बहुत मेहनत की मगर खेत मे गढा हुआ सोना न मिला.. ऐसा करो तुम उसमे गेहू् बो दो... तीनो ने मिलकर गेहूं बो दिया, तोन ंमहीने बाद गेहूं की ब्पर पैदावार हुई...यही किसान का छिपा हुआ खजाना था....... />

मंगलवार, 15 नवंबर 2022

अजूबी इमारत

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     #storylineonline

हे गाइज, आप ने इमारते बहुत देखी होगी,गॉव मे शहर मे

           अगर आप शहर गये होगे तो शहरो मे छोटी इमारत

        बडी इमारते देखी होगी ! लेकिन आप ने कभी अजूबी

     इमारत के बारे मे कभी देखा सुना है...

आइऐ जानते है इस अजूबी इमारत के बारे मे.... 


यह दुनिया की सबसे पतली इमारत है...है न अजूबा

 यह अमेरिका के मैनहैटन शहर मे है !

इस इमारत का नाम ...steinway tower है !

इसकी उचॉई 1,428 फीट है....है  न  अजूबा !

इस टाबर  मे 84 मंजिल है....है  न  अजूबा ! 

 यह इतनी पतली है कि तेज हवा चलने पर हिलती है ! 

लेकिन इसमे रहने वाले लोगो को इमारत हिलने का एहसास

नही होता........है न अजूबा ! 

यह  इमारत दुनिया की सबसे मजबूत कंकरीट से बनायी गयी है!

इसमे रहने वाले लोगो को पूरे मैनहैटन शहर का एक बेहतरीन

नजारा देखने को मिलता है !

ठंड के मौसम मे इस इमारत मे बरफ जम जाती है !

 जो बाद मे  यह बरफ टुकडो मे होकर गिरती है...

               है न अजूबा....

रविवार, 6 नवंबर 2022

माटी का मोल


 Story ! Short story ! Long story

Story bots ! Story map

Story bord templed ! Story board

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कहते हैं, अगर माटी का सही दाम मिल जाय तो

माटी बिक ही जाती है ! 

एक कुमहार अपनी माटी को  बहुत ठीक से गूथ 

रहा था !  तभी माटी ने कुमहार से कहा, अरे कुमहार

तू मुझे इतने ठीक से गूथ रहा है, इस माटी  से कौन सी

चीज तैयार करेगा ! तब कुमहार ने माटी से कहा, 

अरे माटी मै तुझे  खूब ठीक से गूथ कर चिलम बनाऐगे !

तब  कुमहार  थोडी देर सोच बिचार कर बोला,नही नही

मै चिलम नही बनाऊगा ! अब  मै इस माटी से खूब बडिया

सा सुराही बनाऊगा !  तब माटी कुमहार से बोली, तुम ने 

बहुत ठीक किया जो इस माटी से चिलम नही बनायी,,,

नही तो मै खुद तो जलती,और दूसरो को भी जलाती ! 

   तब कुमहार ने उस माटी से ,खूब सूरत सी शूराही बनाई !

तब माटी ने कुमहार से कहा,अब मै खुद तो शीतल रहूंगी,

और दूसरो को भी शीतल रखूगी ! 

   तब कुमहार ने उस शूराही खूब डिजाइन से तैयार कर

 उस शूराही को बाजार ले गया बेचने के लिए,  उस शूराही

को खरीदने के लिए वहां कई लोग आ गये ,अब कुमहार 

को कुछ समझ मे नही आया,तभी कूमहार वहां खडें लोगो

से बोला,,, माटी का सही मोल जो मुझे दे देगा, वह इस 

शूराही को ले सकता है, वहां खडे लोगो ने बड चड कर 

उस शूराही का दाम लगाया,,,शूराही का दाम बढते बढते

 दस हजार के पार जा कर वह शूराही बिकी ! 

इसी लिए तो कहा गया कि ,,,,माटी का कोई मोल नही ,,,

माटी को एक आकार बना कर  उसे बाजार मे बेचे तो...

""""""उस माटी का कोई मोल नही """"""""

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#storybordtempled


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शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

बडी मछली

पूरी कहानी ! छोटी मछली की कहानी !
बडी मछली की कहॉनी ! 
नदी मे रह रही बडी मछली की कहानी !
कहानी एक मछली की !
कहानी एक गॉंव की!
कहॉनी गॉव में रह रहें लोगो की !
...........बडी मछली की कहॉनी...........................


 गॉव से तकरीबन  800 ममीटर की दूरी पर एक नदी 

बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली

दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के

लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से 

छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत

बडी मछली  रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ

हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को  बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !

उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !

एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा 

कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे  वहॉ पर पूजॉ

कर रहे लोगो के पास पहुंचा !  तब राजू  ने उस मछली

को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत 

खुश हुई !   इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी

मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता

और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी

बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली 

और राजू एक दूसरे को जानने लगे ! 

एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर

से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर

आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,

अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे

कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से 

बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !

वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ

ऐसा कभी नही होगा !  तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली

को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे

बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं,  मेरी बात 

मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे 

ऊपर टगी रहे !

   यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया ! 

तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस

नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर 

टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी 

मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने

आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई ! 

तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय

है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं ! 

तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है, 

राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,

तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक 

हीरा है  उस हीरे  को हमारे पेट से निकाल कर बाहर 

रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ 

जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा ! 

तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,

और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा

कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !

 तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी ! 

और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!

      अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के

साथ  उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ 

न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,

और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....

मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग

कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !  

तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,

और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला 

जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा 

नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला, 

और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !

यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,

और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!

.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........

 हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........

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सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

एक रोटी के लिए

 All story ! Short story ! Medium story ! 

                   Larg story ! 


किसी गॉव मे मनी राम नाम का एक आदमी रहता था !

वह बहुत गरीब था ! गॉव और आस पास के लोग मनी राम 

के गरीबी का मजाक ऊडाया करते थे  ! चू्ंकि मनीराम

गॉंव का बहुत सीधा और साधारण आदमी था, इसलिए

कोई कुछ भी कहता ,वह उन की बातो को सुनकर अपने

घर चला आता ! वह "एक रोटी के लिए  " जी तोड 

मेहनत करता था ! 

मनी राम के पास खुद की थोडी सी जमीन ,जिस पर

मनीराम  हल चलाता  और खूब मेहनत करता था ! 

और अपने लिए " एक रोटी का " जुगाड करता था ! 



गॉंव के लोग कुछ भी कहते ,मनी राम चुपचाप सुन कर अपने

घर चला आता था ! वह :0

गॉव के लोग  मनी राम के मेहनत को देख कर खुश तो 

थे, लेकिन उसकी गरीबी से खुश नही थे !

यह सब देखकर मनीराम को कुछ अटपटा सा लगने लगा !

तब मनी राम ने कुछ अलग करने को सोचा !  

मनी राम ने यह सोचा कि अपने पास जोथोडा सी

जमीन है,  उस पूरी जमीन मे से आधे जमीन की

खुदाई करा कर , उस मे मछली पालन कर दे ,

और जो थोडा जमीन बचेगी  उस जमीन मे हम 

खेती कर लेगे !  यह सब बदलाव मनी राम अपने

मन मे घर से फावडा लेकर अपने खेत की ओर चल

दिया ! वहॉं पर पहुंच कर मनी राम ने अपने खेत में

खुदाई करना चालू कर दिया ! एक दिन खुदाई  की !

दूसरे दिन खुदाई की !....और फिर तीसरे दिन.....

मनीराम अपने खेत मे खुदाई कर ही रहा था, तभी

अचानक ,मनीराम के फावडे सेकुछ टकराने की

आवाज आई,मनीराम ने जब मिटटी हटा कर देखा

तो वह दंग रह गया ! वह एक सोने का घडा था, 

जिसमे सोने केआभूषण भरे हुऐ थे ! तब मनीराम

सारे काम छोड कर वह सोने का घडा अपने पहने 

हुऐ धोती मे लपेट कर अमने घर ले आया !

मनी राम की तो किसमत चमक गई. ! उसरात

मनीराम को नीद नहीआई, वह रात भर सो न सका !

दसरे दिन मनी राम ने उस घडे से कुछ आभूषण

निकाल कर मनी राम ने बजार मे ले जा कर बेच दिया!

और उन पैसो से कुछ दान किया, बाकी के पैसे से 

मनी राम ने अपना घर बनवाया , ऐसा  घर बनवाया

कि पूरे गॉंव में किसी के पास नही ! यह सब देख कर

गॉंव और आस पास के लोग हका वका रह गये...

और मनी राम का मजाक उडाना वंद कर दिया !

तब मनी राम अपने घर मे खुशी से रहने लगा !

"इसी लिऐ कहते हैं भाई , कभी किसी का मजाक 

न उडाये...जिंदगी न जाने कब किस मोड पर ले जा

कर खडी कर दे ! पल मे दु:ख, और पल मे गम..

कभी खुशी कभी गम ..."एक ऱोटी के लिऐ......🍔📈🍔


गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

जगाराम सेठ


 पूरी कहानी ! सेठ की कहानी ! 

साहूकार की कहानी ! जगाराम सेठ की कहानी ! 

लालची सेठ की कहानी ! एक गांव की कहानी ! 

परेशान लोगो की कहानी ! सेठानी की कहानी ! 

घंमडी सेठ की कहानी ! एक गरीब की कहानी !

एक अमीर की कहानी ! छोटी कहानी ! बडी कहानी!
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
   शहर से दूर एक गांव मे ,जगाराम नाम का सेठ
रहता था ! वह बहुत ही लालची सेठ था ! वह सेठ
मिलावट खोर भी था ! वह दुकान का कोई भी 
सामान बिना मिलावट के नही बेचता था !
उसकेहर एक सामान मे मिलावट रहता था !
इस लिए गांव के लोग उसे मिलावटी सेठ भी 
कहते थे !  वह जगाराम सेठ किसी भी सामान
का मन मुताबिक दाम भी गांव वालो से ले लेता था !
 सेठ को यह सब करते करते कुछ समय बीत गया ! 
सेठ का यह हाल देख कर वहां के गांव के लोगो ने 
बिचार किया कि, वहां के गांव के सभी लोगो को
जान कारी दी गयी कि आज शाम को पांच बजे के 
बाद गांव के पंचायत भवन मे एक मीटिंग होगी, 
वहॉं पर गांव के छोटे बडे सभी लोगो को आना है !
 इधर शाम हुई , शाम को पांच भी बज गये, और गांव
के सभी लोग पंचायत भवन पहुंच गये !  और वहां पर 
गांव के लोगो ने मीटिंग की ,मीटिंग मे यह फैशला हुआ
कि ,आज के बाद हम सब सेठ जगाराम की दुकान से 
कोई भी सामान नही खरीदे गें !  गांव के सभी लोगो ने
कहा ठीक है !  अपने पास बैल गाडी है ,उसी बैलगाडी
पर बैठ कर दूर जो बाजार है , हम सब वहां जाऐगे, और अपने 
अपने लिए उस बजार से सामान खरीद कर ले आएगे !
       अगले दिन से गांव के लोगो ने ऐसाही किया,
जगराम सेठ की दुकान से सामान खरीदना बंद कर 
दिया ! और गांव केलोगो ने अपनी बैलगाडी पर 
बैठकर दूर बाजार जा कर अपने अपने घरो के 
लिए खाने का सामान खरीद लाये ! 
     तब इधर सेठ को जानकारी हुई ! 
और फिर सेठ गांव मे जाकर गांव के सभी
छोटे बडे लोगो से माफी मागने लगा ! 
गांव के सभी लोगो से बोला कि अब हम दूबारा
ऐसा गलती नही करेगे ! पर वहां पर रह रहे गांव 
के सभी लोगो ने कहा कि ,अब हम सब ने यह 
फैसला किया है कि आ प की दुकान से कोई भी
सामान खरीदने नही जायेगा ! गांव वालो की यह 
बात सुनकर जगराम सेठ बहुत दु:खी हुआ ,और 
अपनी दुकान वहॉ से बंद कर किसी दूसरे गाॉव चला गया !
All story ! Long story ! Short story
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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

महा बली रावण

All story ! A story for ramayan ! Ek raja kee kahani ! Long type story ! Short type story ! 
Beautiful story ! Beautiful right story !

 पौराणिक कथओ के अनुसार ,ऐसा माना जाता था कि

रावण बहुत महाबली था ! उसको अपने बल पर बहुत 

घम्ंड रहता था ! ऐसा कहा जाता हैकि रावण ने 

अपने  बल पर  नौ गरह को अपने वस मे कर रखा था !

   पौरणिक कथाओ के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि ,

 रावण को अपने वस मे रखने का कारण उसके सभी लडके 

थे ! रावण अपने लडको को सही सलामत देखना चाहता

था ! इसी लिए रावण ने सभी नौ गरह को अपने वस में 

कर कर अपने यहॉं कारा गार मे  बंदी बना कर रखता था !

 ऐसा पौराणिक कथा नुसार माना जाता है कि, उन सभी

नै गरहो मे सबसे ताकत वर गरह शनि देव थे ! 

 पौराणिक कथा नुसार यह माना जाता है कि, 

रावण शनि देव को अपने सिंहासन के नीचे अपने 

पैरो तले रखता था !  

    जब हनुमान माता सीता का पता लगाने लंका पहुंचे,

    तब वही लंका दहन के समय हनुमान ने शनिदेव को

   रावण के चंगुल से आजाद किया था !  

नीले रंग के कपडे में रावण के पैरो तले जो  लेटा

हुआ दिखाई दे रहा है वह शनिदेव ही है ! 

  इतना बल साली, महाबली था रावण...

........................... कहानी महावली रावण की !

                           रामायण एक कथा !

रामायण एक परवचन ! रामायण की कथा सुनो ! 

रामायण की कथा सुनाओ ! रामायण की कथा लिखो ! 

रामायण की कथा पढो ! रामायण की कथा पढाओ ! 

राम की कथा ! राजा दशरथ की कथा !  भरत की कथा !




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मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022

शिकारी राजा

 All story ! Long story! Short story ! Ek raja kee kahani ! Ek jangal kee kahani ! Do larko kee kahani ! A storu of lion ! Story for king ! Lovely story !   Poorman story !                     एक राजा था ा उसे शिकार खेलने का बहुत शौक था ा

एक दिन राजा ने अपने सिपाहियो से बोला, सिपाहियो

हमारा घोडा तैयार करो,आज हम शिकार खेलने ज्ग्ल

चलेगे ा तब सिपाहियो ने,राजा के आदेश का पालन करते

हुऐ, घोडे को तैयार कर खुद तैयार हुऐ,और राजा को साथ

लेकर ज्गल की ओर शिकार करने निकल पडे ा  

  चू्कि राजा के महल से ज्गल काफी दूर था, चलते चलते

अचानक, जोर से बादल उठा और आकाश मे बिजली

कडकने लगी ा इतने मे देखते ही देखते  जोर का तूफान 

भी आ गया ा   तूफान के साथ बारिश बहुत तेज होने लगी ा

 बारिश और तूफान इतनातेजथा कि राजा और उसके सिपाही

एक दूसरे सेबिछड गये ा  अब वहा् पर राजा अकेला पड

गया ा धीरे धीरे राजा को भूख भी लगने लगी कछ देर के 

बाद बरसात धीमी हुई, राजा इधर उधर देखने लगा, कही् दूर दूर तक कुछ दिखायी नही दे रहा था,ा 

 वहा् पर कुछ देर के बादउसराजा को वहां पर दो लडके

आते हुऐ दिखाई दिये ा रजा उन दो लडको के पास गया

और बोला, बेटा हमे बहुत जोरो की भूंख लगी है,कुछ

खाने को मिलेगा ा  तब उन दो लडको ने कहां हां....

वह लडके दैड कर घर से खाना और पानी ले आऐ, और फिर 

उस राजा को दिया ! राजाने खाना खाया और पानी पिया,

तब राजा उन दो लडको से बोले,..... बेटा तुम  दोनो ने 

मुझ को खाना और पानी दिया मेरा पेट भर ग़या !

अब तुम दोनो मेरी बात सुनो.... यहां से कई मील दूर 

जो गांव पडता है मैवहां काराजा हूं !  अब तुम लोग

मागो का चाहते हो..... पहले लडके ने कहा ...महराज

महराज,,,मुझे खूब ढेर सा धन,हाथी घोडा और बंगला

चाहिऐ...तब राजा ने कहा दिया ! 

तब दूसरे लडके से राजा ने पूछा...बेटा तुम बोलो...

तब दूसरे वाले लडके ने कहां...महराज मै पढना चाहता

हूं!  तब राजा ने दूसरे लडके का नाम लिखा दिया !

और फिर राजा वही से लौट कर अपने महल को 

चला गया !!

कई वरस बीत जाने के बाद ,राजा राजा को उन 

दो लडको की याद आई ! राजा उन दे लडको से 

मिलने अपने महल से निकल पडें ! राजा उस 

लडके के पास पहुंचे जिसे खूब ढेर सा धन दिया

था !  वहां जाकर देखते है तो वह महल जरजर

हो चुका था, धन नही था, हाथी घोडा बिक गया था!  इस 

लिये कि वह लडका जुआरी निकल गया, वह जुऐ

मे सारा धन हार गया..तब राजा उस लडके से बोले,

अब मै कुछ नही कर सकता...

   तब राजा दूसरे लडके के पास मिलने के लिये गये...

वह लडका पड कर उसी राजा के यहां सिपह सलाहकार

बन गया था , यह देख राजा वहुत खुश हुऐ और 

उस लडके को अपना सलाह कार बना लिया,

और खुशी खुशी रहने लगे.....

All story ! Long type story ! Short type story! All story for king ! Village story


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शुक्रवार, 30 सितंबर 2022

एक राजा की अदभुत कहानी


 29 सितं.2022  All stories ! Gyan ke kahani ! 

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आज के 100 साल पहले की बात है !

 देव पुरा नामक गांव  था ! उस गांव मे

 जोगा नाम का एक राजा था ! उसके राज

मे उस गांव की जनता बहुत खुश रहती थी ! 

वह राजा खुद तो खुश रहता था, और उस 

गांव मे रह रहे लोगो को भी हमेशा खुश रखता

था !वह राजा चाहता था कि हमारे राज मे किसी

को भी कोई परेशानिया न हो, किसी को कोई 

तकलीफ न हो,किसी पर किसी को किसी तरह

की मुशीबत नआऐ ! वह राजा हमेशा  अपने

जनता के लिऐ सोचता रहता था !  वहॉ की 

जनता भी राजा से बहुत लगाव रखती थी ! 

पर एक समय उस गॉव मे आ काल पड गया ?

 बरसात होना बंद हो गयी ! गॉव मे सूखा पड

गया ! उस राजा के इलाके मे पानी की कमी आ

गयी ! यह सब देख कर राजा घबरा गया ! राजा

को कुछ समझ मे नही आ रहा था ?

  पर तभी वहॉ पर टहलते टहलते एक साधू आया ! 

वह साधू उस राजा के पास गया और बोला राजन 

आप के राज मे यह सब का हो रहा है !  इस पूरे

इलाके मे हॉ हॉ कार मचा हुआ है ? जनता बे हाल 

है, लोग पानी को तरस रहें है ! 

तब राजा ने...साधू से कहॉ

महराज इसका कोई उपाय बताऐ ?

तब साधू ने राजा से कहा !

इसका एक उपाय है...

राजा ने...वह का है महराज

साधू ने..आप नंगे होकर खेतो मे हल चलाऐ ! 

 तभी इस इलाके मे अकाल खतम होगा ! 

 तब राजा ने कहा..ठीक है महराज,

हम आज रात मे नंगे होकर खेतो मे हल चलाऊगॉ ! 

तब राजा ने उसी रात खेतो मे हल चलाया,

तभी देखते देखते आकाश मे  काले बादल छा गये ?

और जोर से बिजली गरजने लगी,और जोर से 

तूफान के साथ बारिस होने लगी ! 

यह सब देख कर उस इलाके के लोग बहुत

खुश हऐ !  और तब राजा खेत से घर आया,

उस साधू को धनयबाद देकर उपहार के तौर

पर खूब सोना चॉदी देकर उस साधू को उस

केघर भेजा ! फिर वहां की जनता ,और राजा 

को खुशी की लहर दौड पडी ! बरसात देख

कर वहॉ की जनता और राजा खुशहाल

रहने लगे.....#longstory#shortstory

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सोमवार, 26 सितंबर 2022

किसमत का तेज


  देहात मे एक कहावत है ! 

जब देने वाला देता है तो छपरा ,फार तर देता है !!

 यह कहावत सटीक बैठती है ,मोहित नाम के 

लडके साथ...मोहित जो  एक गरीब किसान 

का बेटा था !  वह किसान खेती बाडी और मजदूरी

करके अपने परिवार  का पेट पालता था ! 

 वह किसान अपने बेटे मोहित को उसी मजदूरी

के पैसे से पढाता था! धीरे धीरे समय बीतता

गया,इधर  उस किसान का लडका मोहित

धीरे धीरे  बडा होता गया !  मोहित समझ दार 

हो गया! मोहित 18 वरस का हो गया ,मोहित 

जानता था कि उसके घर की हालात ठीक नही

है, इस लिए मोहित ने अपने पिता जी से कहा...

 पिता जी मै भी कमाना चाहता हूं, और आप के 

काम मे हाथ बटाना चाहता हूं.यह बात मोहित ने

अपने पिता से कहा....तब मोहित के पिता जी ने

मोहित से बोला...नही बेटा मजदूरी करना ठीक नही

है,तब मोहित ने कहां,लेकिन पिता जी मै कुछ करना

चाहता हूं, जिससे घर मे पैसा आए और. घर का सुधार

हो !   तब मोहित के पिता ने कहां,तुम एक काम करो 

विदेश चले जाओ,तब मोहित ने कहां,ठीक है पिता जी,

जैसे आप कहें ! मोहित विदेश जाने के लिए तैयार हो

गया !   मोहित के पिता ने कहा, उधर विदेश मे हमारे 

पहचान के कुछ लोग है,हम उन लोगो से बात करते हैं,

और पैसो का इंतजाम कर तुमको विदेश भेजने का 

परबंध करते है़ !  मोहित के पिता ने विदेश मे रह रहे

लोगो से बात की,तब उन लोगो ने कहॉं ,कि ठीक है 

तुमअपने लडके को भेज दो,तब मोहित के पिता ने

अपने नजदीक के लोगो से पैसे उधार लेकर मोहित

को विदेश भेज दिया !  

  मोहित विदेश पहुंच जाता है !  वहॉ विदेश पहुचने

पर मोहित को कार की धुलाई का काम मिलता है !

मोहित काम पर लग जाता है, और कार की धुलाई 

का काम करने लगता है ! मोहित को कार की धुलाई 

करते करते एक महीना गुजर जाता है ! तब एक महीने

बाद मोहित को पगार मिलती है ,पगार पा कर मोहित 

बहुंत खुश होता है ! उन पैसो से वह अपने सपने को 

सजो ने लगता है ! मोहित कुछ पैसे अपने पास रख कर 

बाकी के पैसे को अपने पिता के पास भेज देता है ! 

मोहित के पिता जी पैसे पाकर खुश होते है, पैसा

पाते हीवह सबसे पहले उधार चुकता करते है.... 

    अब इधर मोहित अपने बचाऐ हुऐ पैसो मे से

कुछ पैसो की लाटरी का टिकटले लेता है ! 

मोहित लाटरी का टिकट लेने के बाद ,सीधा

काम पर चला जाता है,और कार की धुलाई

करने लगता है ! इस तरह दिन बीत गया, रात 

आई, रात भी बीत गई दिन आया !मोहित मन 

लगा कर काम करने लगा !  और इस तरह काम

करते करते चार दिन बीत गया !  उसी दिन शाम 

को चर बजे  लाटरी के टिकट का परिणाम  वहां के 

एक पेपर मे आया !  मोहित को यह बात मालूम

पडी कि आज लाटरी टिकट का नं.वर पेपर मे आया

हुआ है तो मोहित दौड कर गया अपना लाटरी का टिकट

ला कर उस पेपर मे मिलान करने लगा ! 

    मोहित के टिकट का नंबर पेपर मे निकले हुऐ

नंबर से मैच कर गया ! यह देख कर मोहित बहुंत

खुश हुआ,एक बार तो मोहित को यकीन नही हुआ,

लेकिन फिर बाद में मोहित खुश हुआ ! 

वह कोई छोटा मोटा इनाम नही था........

.....पूरे 21 करोड का इनाम था .....

 इतनी बडी रकम को पा कर मोहित अपने 

सपने को संजोने लगा........

**इसी को कहते हैं किसमत का तेज**

उधर मोहित के पिता को जब यह बात 

मालूम पडी तो वह बहुंत बहुंत बहुंत खुश हुऐ....

और अपने बेटे मोहित को विदेश से अपने गांव बुला लिया..

अब गांव मे खुशहाली का माहौल है !!!!!

    यह किसी घटना पर आधारित नही हैै..






शनिवार, 24 सितंबर 2022

डरावना गांव



 पहाडो और जगंलो से घिरा एक छोटा सा गांव,

शेखपुरा जो शहर से तकरीवन 15 किलो मीटर दूर

जंगलो और पहाडो के बीच बसा हुआ है ! 

यहां के लोग शाम होते ही अपने अपने घरो 

मे छिप जाते है, यहां शेखपुरागांव में लेगो के 

अनदर  डर का माहौल बना ही रहता था !

  इस गांव मे डर का कारण था ,शैतान का 

आना,इस गांव के बडें बूढो का कहना था कि

इस गांव में शाम होने के बाद एक शैतान आता

है, और यहां गांव मे रह रहे लोगो को बहुत परेशान

करता डराता ,जिससे इस गांव के लोग डरे सहमे 

से रहने को मजबूर और बेबस है ! 

  उसी गांव में  राजू नाम का एक लडका

कहता था,जो पढने मे तेज और काफी होशियार

और चालाक था, जिसकी उमंर 14वरस थी!

राजू  ने भी शैतान की कहानी  सुनी तो थी मगर

वह उस शैतान से डरता  नही था !

  राजू  ने अपने  दिमाक मे सोचा कि जो

शैतान हमारे गांव मे शैतान आता है वह सचमुच

का शैतान है य कोई भेषवना कर हमारे गांव मे आता है !

 और फिर राजू पूरी ़तरह से तैयारी वना लिया कि 

अब हम इस शैतान का पता लगा कर ही रहेगे कि यह

शैतान सचमुच का शैतान है य कोई और,भेषबना कर

हमारे गांव मे आचा है,और हमारे गांव के लोगो को

डराता है ! 

      अब दिन किसी तरह बीतने लगा,और शाम होने

कोआया, राजू अपने घर मे दुपक कर छुपके से अपने

घर के एक कमरे में खिडकी के पास बैठ गया और उस शैतान 

का आने का इंतजार करने लगा ...

फिर वह घडी आ ही गई, शाम हुआ अधेरा हुआ और फिर उस 

शैतान की राह देखते देखते रात 10 बज गया...

 फिर एक आहट सी सुनाई पडी, अधेरा काफी था,

चारो तरफ संनाटा पसरा हुआ था,चुपके से एक

आहट सी सुनाई पडी,राजू अपने कमरे मे बैठ कर

यह सब कुछ देख रहा था...

   उस आहट के पीछे,किसी के आने की आवाज

सुनाई पडी,उस आहट के पीछे कोई और नही था,

उसके पीछे जो आवाज थी वह उसी शैतान की थी,

वह धीरे धीरे गांव की तरफ बढ रहा था  और फिर जैसे 

ही वह शैतान गांव के बीच मे आया, और  जैसे ही

लोगो को डराने की कोशिश की,राजू ने जोर से

आवाज लगाई, और गांव के लोगो को इकटठा 

किया,और गांव के लोगो को इकटठा कर उस 

राजू की बहादुरी से  शैतान को पकड लिया !

   वह शैतान  शैतान नही था, वह शैतान कोई और नही

वह उस गांव का मुखिया देवा था, जो लोगो को डराता 

था, उस शैतान ते पकडे जाने पर गांव वाले खुश 

हुऐ,और गांव के होशियार राजू को  उस शैतान 

को पकडाने पर वधाई दी......

..


 


शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

एक गरीब आदमी


 किसी गॉव मे रामूनाम का एक आदमी रहता था !

उसका एक लडका था, जिसकाऩाम देवा  था !

उसका लडका देवा पढने मे बहुत तेज धा !

रामू दिनभर दूसरो के यहॉ मजदूरी करता. और शाम 

को जो पैसा पाता था, उसमे मे से थोडा पैसा बचा कर 

अपने लडके देवा के लिए रखता,बाकी वचे हऐ पैसे से 

घर मे खाने के लिए बाजार से सामान लाता,

अपने बचाऐ हुऐ पैसे से रामू अपने लडके के लिऐ

कपडे और अपने लडके देवा के लिऐ  पढने की फीस 

जमा करता..

 इधर रामू का लडका धीरे धीरे बडा होरहा है !

उधर रामू दिनभर मेहनत  मजदूरी कर थक 

हार कर घर आता, और शाम काभोजन पका कर,

रामू और उनका लडका देवा  खाना खाते 

और फिर सो जाते....

मगर देवा अपने पिता को मेहनत मजदूरी करते हुआ 

यह सब देखा रहा ॉ्

और फिर देवा ने यह  अपने मन मे ढाना की  एक 

दिन  जबमै बडा हो जाऊगॉ तो, इस घर से गरीवी

हमेशॉ के लिऐ  १़

और फिर एक दिन वाहर से एक विधालय की 

टीम आई ऊसविधालय मे फिरी मे लडकॉ को 

पडाया जाता था

जो टीम  उस विधालय  मे आई थी

 वह टीम उस विधालय मे परीछा का ॉआयेजन 

किया, उस परीछा मे देवा  ने पास होकर यह 

सावित  कर दिया कि,,,,हम भी किसी से कम नही..

और इस तरह देवा ने वह परीछा पास कर  एक 

बडे कालेज मे दाखिला लिया !!!

उधर देवा के पिता रामू  खूब मेहनत 

मजदूरी कर कमाते, और अपने लडके 

देवा को पढाते.... और इधर देवा खूब मन 

लगा कर पडता था, ताकि वह अपना 

सपना पूरा कर सके....

और धीरे धीरे देवा के कालेज की पढई

पूरी कर एक बडी नौकरी की तैयारी 

करने लगा....उधर रामू को चिता लगी 

रहती थी कि हमारा पास हो जाय 

और कही कुछ करने लगे,जिससे

हमारी गरीबी कम हो जाय..

और फिर देवा ने एक बडी कंमपनी

मे परीछा दिया और पास हुआ..

उसे अमेरिकन कंमपनी मे बडे

पद पर रखा गया...

इस तरह वह कमाने लगा

और उसके पिता खुश हुऐ...


बुधवार, 21 सितंबर 2022

Web story:Cristiano Ronaldo















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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

अच्छे दिन आयो रे

लाक डाउन का समय चल रहा है।
लोगों के घरों के सामने एक लक्ष्मण
रेखा खींच दी गई हैं।लोग घरों में
बैठे अपने परिवार के साथ,,,,
बच्चे,,,, स्कूल की छुट्टी चल रही हैं
            बच्चे बहुत खुश हैं।
पति-पत्नी,,,,शापिंग माल, मेकप
                सेन्टर बन्द।यह दोनों खुश।
बूढ़े बूजुरुग,,,,टीबी सीरियल में 
                रामायण , महाभारत चालू।
              यह दोनों लोग खुश।
अब इससे अच्छा दिन अब और
कब आयेगा।र
 ्

रविवार, 26 अप्रैल 2020

यादों के वे दिन

कहते हैं इंसान चाहे कितना भी
बड़ा वन जाय, लेकिन उसे
अपनी बीती हुई बातें कभी
नहीं भूलना चाहिए,,,,

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

खामोशी

खामोशी इंसान को अंदर ही अंदर
खा जाती है, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं
जो जुबान पर आते आते खामोश
हो जातें हैं,,,,,,,
  रिश्ते में निखार, सिर्फ हाथ मिलाने
से नहीं आता,उनके दु:खोऔर
हालातों
में हाथ थामने से आता है।।
  किसी का मजाक मत उड़ा ऐ मेरे दोस्त।
   तुझे नहीं पता कि वह , अंदर ही अंदर
      कौन सी जंग लग रहा है।।
"तकलीफ देने वाले को भले ही भूल जाओ।
 पर तकलीफ में साथ देने वाले को कभी न भूलना।।

  'Reality"
           
 आजकल लोग समझते कम
      समझते ज्यादा है,
इसलिए तो रिस्ते सुलझते कम
      उलझते ज्यादा है,,


मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

बूढ़ा राजा

कहते हैं कि कला किसी की मोहताज
नहीं होती,एक न एक दिन वह कभी उभर कर
दुनिया के सामने उभर कर आ ही जाती हैं।
 यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है,,,
   दूर प्रांत में एक बूढ़ा राजा राज करता था।
उसके शासन काल में , वहां की जनता
बहुत खुश हाल रहती हैं। लोग अपने राजा का
हमेशा गुण गान किया करते थे।
   उस बूढ़े राजा के शासन काल में कला का
अपना एक अलग ही महत्व रहता था।
 वहीं पड़ोसी गांव में दीना और गौरी जो
पति-पत्नी थे ,अपनी कला दिखाने के
लिए उस बूढ़े राजा के राज्य में बहुत प्रशिद्ध
थे। धीरे धीरे उनकी प्रशिद्धी इतनी बड़ी कि
वह उस बूढ़े राजा के दरबार तक गूजने लगी।
  और फिर का था,उस बूढ़े राजा ने दीना और
गौरी की कला देखने के लिए उतावले हो गये।
 राजा ने आदेश दिया,कि सम्पूर्ण मानवता के
दीना ,गौरी को दरवार में बुलाया जाय,और
उनको अपनी कला दिखाने का एक अवसर
प्रदान किया जाय।
   और राजा ने यह भी ऐलान किया कि,
अगर दीना,गौरी की कला हमें पसंद आई
तो हम दोनों को आधा राज्य दे देंगे।
 यह बात रानी को पसंद नहीं आई।
रानी ने कहा अब तो हमारा आधा राज्य
ही हमारे हाथ से निकल जायेगा।
 फिर का था रानी ने गौरी को मारने के
लिए एक योजना बना डाली।
 कला का जौहर दिखाने के लिए
बहुत ऊंचाई पर एक छोर से दूर दूसरी
छोर पर रस्सी बांध दिया गया,रानी ने
रस्सी को दूसरी छोर पर आधा कटवा दिया।
और गौरी को कला दिखाने के लिए
उस ऊं ची रस्सी पर चढ़ा दिया गया।
गौरी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए,
रस्सी पर चलते-चलते आधी दूरी पर पहुंचती
है वैसे ही उस रस्सी का दूसरा हिस्सा टूट
जाता है,और गौरी ऊंचाई से नीचे गिरती
है और उसकी मौत हो जाती हैं,उधर
ढोलक की थाप पर दीना भी अपना प्राण
त्याग देता है।
इस तरह दीना और गौरी का प्राण निकल
जाता है।और उस बूढ़े राजा के राज्य को
उन दोनो का श्राप लग जाता है।
  कहां जाता है कि,उन दोनो का श्राप
उस बूढ़े राजा को इस कदर लगा कि
उसका पूरा का पूरा राज्य देखते-देखते
विरान हो गया,उस राजा का महल एक
खंडहर में तब्दील हो गया,
"अगर किसी के साथ हम भला न कर सके,
  तो उसके प्रति हम बुरा भी न सोचें"




शनिवार, 18 अप्रैल 2020

"अच्छे बच्चे"

रोज नियम का पालन करते।
सुबह समय से हम उठ जाते।।
नियम बना कर रोज नहाते।
माता पिता को शीश झुकाते।।
नहीं पढाई से हम घबराते।।
हंसते हंसते पढ़ ने जाते।
पढ़ लिख कर सीधे घर आते।।
अच्छे बच्चे वह कहलाते।।।


शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

जब इंसान बने पत्थर

बहुत पुरानी बात है।शहर से हजारों मील दूर ,नदी के किनारे एक छोटा सा गांव था। वहां पर बहुत सीधे
साधे लोग निवास करते थे।उसी गांव से
थोड़ी दूर पर एक साधू संत अपनी झोपड़ी बना
कर रहता था। वह साधू त
पस्वी के साथ
ज्ञानी भी था। वह अपने तप और ज्ञान के
बल पर सब कुछ देख सकता था,आने वाले
कल के विषय में भी बता सकता था।
  गांव के लोग उस साधू संत की बातों
को मानते थे,और उसके ज्ञान को सुनते थे।
गांव से तकरीबन पांच किलोमीटर दूर
एक बहुत बड़ा पहाड़ी क्षेत्र था।वह वहुत
वडा पठार था।
   एक दिन लोग उस साधू संत के पास
बैठै हूं थे,तभी वह साधू बोला आप लोग
संभल जाओ और इस गांव को छोड़कर
कहीं दूर जाकर अपना आशियाना बना लो।
यहां बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है।
उस साधू-संत की बात कुछ गांव के लोगों ने
मान कर उस गांव को छोड़कर चले ग्रे।
लेकिन कुछ लोग नहीं माने और वही
गांव में ठहरे रहे।
 इसलिए कि उस पहाड़ पर चंबा नाम की
डायन रहती थी।वह लोगों को डराती और
उस गांव में से जब भी आती तब वह एक
आदमी को उठा ले जाती थी।
और फिर एक दिन वह चंबा नाम की डायन
आई और पूरे गांव को श्राप देकर चली गई।
उसने श्राप इसलिए दिया कि वह साधू
अपने तप से उस चंबा नाम के डायन
को उस गांव में आने नहीं दे रहा था,और
न ही किसी आदमी को उस गांव से
ले जाने देता था, इसलिए उस डायन ने
वहां पूरे गांव को श्राप दे दिया और कहा
""अगर मैं किसी को यहां से ले नहीं जा,
सकती और इस गांव में आ नहीं सकती,
तो आज मैं इस पूरे गांव को श्राप देती हूं
कि इस गांव के सभी लोग आज पत्थर के
हो जायेंगे""
  उसी दिन सभी लोग पत्थर के हो गये।





मंगलवार, 24 मार्च 2020

दुनिया का सबसे बड़ा लाकडाउन

२२ मार्च दिन रविवार ,आज का दिन
शायद ही कोई ऐसा हो ,जो आज का
दिन भूले।कोरोना वाइरस,पूरे देश को
संक्रमण करने वाला।यह एक ऐसा खतरनाक
वाइरस है,जो अगर एक आदमी को
हुआ तो वह हजारों को संक्रमित
कर सकता है।
 २४ अप्रैल रात १२बजे के बाद,,,,
    पूरे देश को हमारे देश के प्रधानमंत्री
ने रात १२ बजे के बाद ,,पूरे देश को
२१ दिनों के लिए, अर्थात १४ अप्रैल
तक,पूरे देश को लाक डाउन कर दिया
गया।
 एक संक्रमित व्यक्ति सैकड़ों लोगों को
बीमार कर सकता है।
  एहतियात बरतिए।
अपने घरों में रहिए।
एक तरह से आप के घरों के,
बाहर लक्ष्मण रेखा खींच दी गरी है।
जिसे आप लोग पार न करें।
लोग अपने घरों में रहे,
सुरक्षित रहें।
  इस लाक डाउन में हमें अपना,,,
संकल्प निभाना है।
आग की तरह फैलने वाला संक्रामक
आज दिनांक २४/०३/२०२०को
रात बारह बजे से देश का सबसे
बड़ा लाक डाउन जो २१ दिनों
१४ अप्रैल तक पूरा देश बन्द,,
  को....... कोई
  रो.........रोड पर
 ना........न निकले
   कोरोना
देश इस संकट का सामना करेगा।
   और बाहर निकलेगा।।
चाहें कुछ भी हो जाये,
हमें घरों से बाहर नहीं
निकलना है।
संकट के इस घड़ी में,,,,
गरीबों के लिए, मुश्किल,,
की घड़ी लेकर आया है,,,
  इस कोरोना ने पूरी दुनिया
में कोहराम मचा दिया है।।
किलर कोरोना के खतरे से
पूरे देश को लाक डाउन कर
दिया है।
   इस खतरे से निपटने के लिए,
लोग घरों से न निकले,२१दिनो तक
  अफवाहों से बचें।।
इसे फैलने से रोके।
ऐसे परिस्थितियों में बिना,,
डा,की सलाह से किसी
तरह की दवा न लें।।
  यह जान लेवा बिमारी है।।
आज भारत में लगभग ,,,
१८७००० लोग इस किलर
कोरोना वाइरस की चपेट
से संक्रमित पाये गये हैं।
  अगर कोई इस लाकडाउन
को तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई
की जाएगी।
 इस वाइरस का शिकार न बने।
अपने घरों में रहे।
चाहें कुछ भी हो जाये,
अपने घरों में रहे।
 बचाव ही ,सबसे बड़ा साधन है।।
घरों से बाहर निकले,मास्क लगा कर निकले।
शैनेटाईजर का प्रयोग करें।
लोगों से दूरी बना कर रखें।
भीड़ भाड़ वाले जगह पर न जाये।
इस वाइरस से बचें।
इसका एक मात्र उपाय,,,
 बाचाव ही है।




सोमवार, 23 मार्च 2020

राजा की सोच

वैसे तो कला का कोई
मोल नहीं होता,ऐसे ही
एक कहानी एक पढ़ें लिखे
जवां राजा की ही, कुछ समय
पहले की बात है,किसी
नगर में ,एक राजा था।
वह अपनी प्रजा का बहुत
ध्यान रखता था।उसके
राज में वहां की जनता
बहुत खुश रहती थी।
 एक दिन की बात है,
राजा अपने दरबार में
बैठा कुछ सोच रहा था।
तभी उसके मन में एक
बिचार आया,उसने अपनी
सभा में अपने मंत्री से कहा
कि हमें अपना चित्र बनवाना
है,तुम जाओ और जाकर
पूरे नगर में ऐलान कर दो,
कि जो राजा का खूबसूरत
चित्र वना कर या चित्र कारी
करके देखा ,उसे दस हजार
सोने  की मोहरें दी जाएगी।
  यह ऐलान सुन कर दूर
दूर से नगर के एक से एक
चित्र कार आऐ, और सभा
में उपस्थित हुए।
 फिर राजा ने सभी चित्र
कारों से कहा कि हमें अपनी
सूबसूरत चित्र चाहिए। जो खूबसूरत
चित्र नहीं वना कर देगा,
उसे हम मौत के घाट
उतार देंगे।यह बात सुन
कर सभी चित्र कारों ने
अपने हाथ खड़े कर लिए।
इस लिए कि राजा में एक
कभी थी। राजा जो था वह
,,,एक पैर का लंगड़ा,,,और
,,,एक आंख का खाना था,,,
इस लिए सभी चित्र कारों ने
अपने हाथ खड़े कर लिए।
लेकिन उन सभी चित्र कारों
में एक युवा चित्र कार था।
उसने राजा से कहां हम आप का
चित्र वनाऐगे,उस युवा चित्र
कार ने राजा को अपने
सामने राजा को खड़ा किया
और राजा का चित्र बनाना
शुरू किया,उस युवा चित्र कार
को राजा का चित्र बनाते बनाते
दो तीन घंटे बीत गए।राजा
बोला कितना समय लगाओगे,
अगर हमारा चित्र गलत हुआ
तो हम तुमको मौत के घाट उतार देंगे
यह सुनकर चित्र कार हसा और
बोला,महराज हम कोशिश
कर रहे हैं,कि मैं आप का
चित्र सूबसूरत बना सके।
उसके थोड़ी देर बाद
राजा का चित्र बना कर
वह चित्र कार राजा को
देता है,उस चित्र को राजा
देखता है और जोर से हंसता है,
यह देखकर दूसरे चित्र कार
अचंभित रह जाते हैं,और
आपस में बिचार करते हैं
ऐसा का बना दिया है उस
चित्र में,जिसे देख कर राजा
जोर से हंसा,,,,
 उस चित्र में उस युवा चित्र कार
ने राजा को शिकार खेलते हुए
बनाया था,राजा के साथ में
धनुष,बाड लिए हुए,और एक
आंख बंद किए हुए ,घुटनों के
बल बैठा हुआ दिखाया था।
जिससे राजा की आंख,
और राजा का पैर दोनों
चीजें छिपाती हैं।
 अपना चित्र देख कर
राजा ने उस युवा को
दस हजार सोने की
मोहरें दी,और वह
युवा चित्र कार
खुखी खुखी अपने
घर को गया।
 इस कहानी से हमें का
सीख मिली नीचे कमेंट
कर लिखे,,,,,,,



शुक्रवार, 20 मार्च 2020

अन्ध भक्ति

एक समय की बात है,
बरसात का समय था,
धीरे बारिश हो रही थी,
देखते ही देखते , बारिश
इतनी तेज हो गयी कि,
गांव में धीरे धीरे पानी
घुसने लगा,उधर बरसात
होते होते शाम हो गयी,
गांव में बाढ़ आ गई,
लोग त्राही त्राही करने
लगे ,और उस गांव के
लोग एक एक करके
गांव छोड़कर भागने
लगे,उसी गांव में रामू
नाम का एक आदमी
रहता था।
  वह जब बरसात हो
रही थी ,तब वह भगवान
की भक्ति में लीन था , गांव
के लोग जब अपना घर बाढ़
के डर के कारण छोड़कर
भाग रहे थे, तब रामू का पड़सी
रामू को जोर जोर से आवाज
दिया,
   अरे रामू काका, कहां हो तुम
अरे चलो गांव में जोर से बाढ़
आई हुई है,यह भगवान की
भक्ति छोड़ो और चलो हमारे साथ।
  परन्तु रामू काका तो रामू काका
ही थे वह माने ही नहीं।
   जब गांव के लोग नाव पर
बैठकर घर छोड़ कर जा रहे
थे ,तब भी लोगों ने जोर जोर
से आवाज लगाई,अरे रामू काका
कहां ईश्वर की भक्ति में लीन हो
आओ हमारे साथ चलो,देख
रहे हो पूरा गांव डूबरहा है,चारों
तरफ हां हां कार मचा हुआ है।
लोग नाव के सहारे गांव को
छोड़कर भाग रहे हैं, तुम भी
आओ और हमारे साथ चलो।
 लेकिन रामू काका फिर भी
नहीं माने,उधर गांव में पानी
इतना भर गया कि एक मंजिल मकान
डूब गया।
  उधर रामू काका दूसरे मंजिलें
पर जाकर भगवान की भक्ति करने
लगे।
   फिर उधर सेना का हेलीकाप्टर
आया ,सेना के जवानों ने रामू काका
को बहुत कहां, लेकिन रामू काका
फिर भी नहीं माने,रामू काका जाने
से मना कर दिया,और फिर भगवान्
की भक्ति में लीन हो गए।
   उधर गांव में इतना पानी भर
गया कि रामू काका उस बाढ़ में
भगवान् की भक्ति करते करते
डूब गये ,और रामू काका के प्राण
निकल गये।
  रामू काका के प्राण निकलने के
बाद वह भगवान् के पास गयेऔर
भगवान् से प्रार्थना की,
 कि हे ईश्वर हम आप की इतनी
भक्ति कर रहे थे,और हमारे गांव
में बाढ़ आ गयी और हम उस बाढ़
में डूबकर मर गया,और आप को
तनिक भी दया नहीं आई ,कि आप
हमें बचाने तक नहीं आए,
 भगवान् हंसे और बोले,
 हमने तो तुम को तीन वार
बचाने की कोशिश की लेकिन
तुम अपने जिद पर अंडे रहे
तो इसमें मेरी का गलती है।
 तब रामू को अपने किए पर
पछतावा आया।
काश रामू उन लोगों की बात
मानलेता तो आज वह भी
ज़िन्दा रहते।
 यह सच है कि ईश्वर है,
वह लोगों की मददत,
किसी न किसी रूप में
अवश्य करते हैं,यह जरूरी नहीं
है कि ईश्वर खुद प्रगट हो और
हम सब की मददत करें।
  हमें इन बातों को
  खुद समझना चाहिए।।





अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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