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शनिवार, 7 जनवरी 2023

मेहनत का फल

बात उन दिनो की है जब मजदूरी बहुत कम थी, रघु नाम का एक आदमी गॉव मे रहता था ! वह गरीब था ! उसके पिता जी चाहते थे कि वह घर पर रहे,और खेती बाडी का काम करे , पर रघू को यह काम मंजूर नही था ! उसका मन खेती बाडी मे नही लगता था,वह चाहता था कि मै एक सफल बिजनेस मैन बनू... पर उसके पिता के पास उतने पैसे नही थे कि वह रघू को उतना पैसा दे सके कि वह अपना खुद का बिजनेस कर सके... घर मे पैसे की कमी को देख कर रघू का मन उदास हुआ और रघू एक दिन बिन अपने पिता को बताये घर से जेब मे कुछ पैसे लेकर निकल लिया... वह टेशन पर जाकर गाडी पर जा बैठा ! गााडी टेशन से चली ,धीरे धीरे एक टेशन से दूसरे टेशन को छोडती हुई वह गाडी नैनीताल जा पहुंची ! रधू वही टेशन पर उतर गया.. वहॉ उतरने केबाद टेशन छोडकर रघू काम की तलाश मे आगे बढा... .. वहॉ उसे एक होटल मे मैनेजर का काम मिल गया... रघू को काम पसंद आया, और मन लगा कर रघू काम करने लगा... रघू वही रह कर कई सालो तक काम किया..चूकिं होटल का मालिक विदेशी था ! वह कभी कदार नैनी ताल के होटल मे आता था ! एक दिन एक समय ऐसा आया कि होटल के मालिक को कुछ ऐसा काम फस गया कि होटल के मालिक को अपना होटल बेचना पडा... जब होटल ता मालिक होटल बेचने की बात कही तब रघू ने संकोच वस उस मालिकसे कहॉ,,,मालिक आप होटल बेच रेंहें हैं तो यह होटल हमारे ही हाथो बेच दी जियेगा.... होटल का मालिक भी तैयार हो गया... उसने वह होटल रघू के हाथो बेच दिया... रघू ने उस होटल को अपने नाम करवाया... रघू उस होटल का मालिक बन गया... रघू को मेहनत का फल मिला... इसी लिऐ कहते है... ''अगर आदमी लगातार ,चलता रहे तो,, एक दिन वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है '"" tags...मेहनत का फल. @कहानी ......

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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