खामोशी इंसान को अंदर ही अंदर
खा जाती है, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं
जो जुबान पर आते आते खामोश
हो जातें हैं,,,,,,,
रिश्ते में निखार, सिर्फ हाथ मिलाने
से नहीं आता,उनके दु:खोऔर
हालातों
में हाथ थामने से आता है।।
किसी का मजाक मत उड़ा ऐ मेरे दोस्त।
तुझे नहीं पता कि वह , अंदर ही अंदर
कौन सी जंग लग रहा है।।
"तकलीफ देने वाले को भले ही भूल जाओ।
पर तकलीफ में साथ देने वाले को कभी न भूलना।।
'Reality"
आजकल लोग समझते कम
समझते ज्यादा है,
इसलिए तो रिस्ते सुलझते कम
उलझते ज्यादा है,,
खा जाती है, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं
जो जुबान पर आते आते खामोश
हो जातें हैं,,,,,,,
रिश्ते में निखार, सिर्फ हाथ मिलाने
से नहीं आता,उनके दु:खोऔर
हालातों
में हाथ थामने से आता है।।
किसी का मजाक मत उड़ा ऐ मेरे दोस्त।
तुझे नहीं पता कि वह , अंदर ही अंदर
कौन सी जंग लग रहा है।।
"तकलीफ देने वाले को भले ही भूल जाओ।
पर तकलीफ में साथ देने वाले को कभी न भूलना।।
'Reality"
आजकल लोग समझते कम
समझते ज्यादा है,
इसलिए तो रिस्ते सुलझते कम
उलझते ज्यादा है,,

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