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बुधवार, 11 जनवरी 2023

मंजिल और राहें

किसको पता था ,कि चलते चलते हम अपने मंजिल की राहो से ही भटक जायेगे ! बात उस समय की है जब हम अपनी मंजिल की खोज में हम अपने घर से निकले और चलते हुऐ हम चले जारहे थे कि हमें राहो में एक चौराहा मिला ,उसी चौराहे पर.नौ राहें थी,उनही राहो में मैं उलझ और भटक कर रह गये ,, उस नौ राहों वाले चौराहें पर न तो कोई दुकान थी और न ही उस चौराहे पर कोई बताने वाला कोई आदमी,, मैं नौ राहो वाले चौराहे पर .. उस मंजिल का पता किससे पूछे. जिस मंजिल पर मुझे जाना था ! मै तो वही पर भटक कर रह गया ! पर एक कहावत भी हैं ... ,,जहॉ चाह ,वहीं राह.. कहतें हैं कि खोजने पर .. भगवान भी मिल जातें हैं.. फिर वह तो मंजिल थी,, मै थोडी देर के लिए उसी नौ राहो वाले चौराहे पर बैठ गया.. और अपने मन को शॉत किया,, करीब दस मिनट बैठने के बाद मैने देखा कि सामने से एक बूढा, आदमी हाथ में लाठी लिए हुए पैदल हमारी ओर चला आ रहा था.. वह बूढा आदमी धीरे धीरे जब हमारे पास आया तब हमने उस बूढे आदमी से अपनी मंजिल का पता पूछा,उस भले बूढे आदमी ने हमें हमारे मंजिल तक जाने वाले राहों की पूरी जानकारी दी... मैने उस भले बूढे आदमी को धनवाद किया,और वहॉ सें अपनी मंजिल की राहों पर चल पडा,, धीरे धीरे उन राहों पर चलते चलते आखिर में हम अपनी मंजिल पर पहुंच ही गया,, ,,,tags..मंजिल एक कहानी #news#tags#viral#story #india#short#video #instagram#apps #viralshort #shortstory #blog#clicktechmoney #मंजिलऔरराहें

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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